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गैर की बांहों में : आकांक्षा

फ्रेंड्स
मैं आकांक्षा अग्रवाल, उम्र २० वर्ष, गोरा और छरहरा बदन, कद ५’६ इंच, सुडौल स्तन तो चूतड गोल और गद्देदार, जांघें चिकनी और उसके बीच चूत जिसकी फांकें थोड़ी मोटी, लालिमा लिए चूत के अनगिनत दीवाने लेकिन अभी तो सिर्फ विशाल ही उसे देख सका है, चूम सका है और उसका स्वाद ले चुका है और फिर मैं अमित खन्ना के साथ दोस्ती करने के फिराक में थी, उसका मोबाइल नम्बर भैया ने दिया तो मैं फेसबुक पर उसको फ्रेंडशिप रिक्वेस्ट भी भेजी और एक दिन बाद मैं कॉलेज में थी की एक अनजाने नंबर से कॉल आया लेकिन चूंकि मोबाइल साइलेंट मोड में थी इसलिए लंच टाईम में ही उस नंबर को देख पाई, दोस्तों के साथ कॉलेज केंटीन में कॉफी पीते हुए सोच रही थी की इस नंबर पर कॉल करूं या नहीं और कुछ देर में दुबारा कॉल आया तो मैं कॉल रिसीव कर ली ” हेलो
( वो बोला ) जी आकांक्षा जी हैं
( मैं बोली ) हां लेकिन तुम कौन
( वो बोला ) नहीं पहचान रही हैं, व्हाट्सएप पर मेरा न्यूड फोटो देखी होंगी
( मेरा दिमाग सन्न्न रह गया और मैं गुस्से में बोली ) जरूर तुमको कोई गलतफहमी है ” फिर कॉल डिस्कनेक्ट कर मोबाइल को साइलेंट मोड में डाल दी, शाम को घर वापस आई फिर विशाल के साथ चाय पी रही थी तो पूछ बैठी ” तुम अमित को मेरे बारे में बता चुके हो
( विशाल हंस दी ) क्यों बेबी क्या हुआ
( मैं बोली ) कॉल किया था और बोल रहा था की मेरा न्यूड फोटो कैसा लगा तो तुम ये भी बता दिए होगे कि मैं तुम्हारी बहन हूं
( वो मेरे जांघ पर हाथ रख बोला ) नो बेबी रिश्ता क्या है नहीं बताया लेकिन ये जरूर बता दिया की तेरे न्यूड फोटो एक लड़की को देखने दूंगा जोकि मेरे पड़ोस में रहती है ” और फिर मैं रात को खाना खाकर बेड पर लेट गई, रूम में नाईट बल्ब ऑन था तो मै करवट लिए लेटी हुई थी की आखिर अमित से क्या बात किया जाए और इतने में मेरे मोबाइल पर मैसेज आया तो मैं व्हाट्सएप पर देखी की उसी अनजान नंबर पर दो तीन फोटो आया है, मैं देखी की अमित का न्यूड फोटो है और मैं गुस्से में उसे ” इडियट और बेहूदा ” लिखकर भेज दी लेकिन वो तुरंत ही जवाब भेजा ” प्लीज अपना न्यूड फोटो भेज दो ना मैं तेरे फोटो को देख मास्टरबेशन करना चाहता हूं
( मैं लिखी ) सॉरी न्यूड फोटो क्या अपना फोटो भी नहीं भेजूंगी ” और फिर मैं मोबाइल ऑफ करके सो गई, उसके साथ चैट करना मुझे अच्छा लगा और फिर अगली सुबह मैं तैयार होकर कॉलेज के लिए निकली तो भैया ही मुझे कॉलेज छोड़ आए और मैं कॉलेज परिसर में घुसी ही थी की मेरा मोबाइल रिंग होने लगा, देखी तो अमित का कॉल है तो मैं रिशिभ कर ली ” हां अमित बोलो क्या बात है
( वो बोला ) आज क्या मुझसे मिलोगी
( मैं बोली ) ठीक है लेकिन एक शर्त पर
( वो बोला ) हां मुझे शर्त मंजूर है
( मैं हंस दी ) शर्त तो सुन लो, क्या है की तुमको मेरे सामने पब्लिक प्लेस पर न्यूड होना होगा
( वो बोला ) ये क्या बोल रही हो आकांक्षा, पहले मिलो तो सही
( मैं बोली ) ठीक है फिर कॉलेज के बाहर पिक करने आ जाओ ” फिर मैं कॉलेज परिसर से बाहर आ गई और अमित वहां बाईक से आया तो मैं उसे देखते ही पहचान गई, उसकी ओर बढ़ी तो वो मुझे देख मुस्कुराया ” आकांक्षा
( मैं बोली ) हां तुम अमित हो ना ” फिर मैं बाईक पर उसके पीछे बैठ गई और वो बाईक को मार्केट की ओर ले जा रहा था, मैं तो ब्लू रंग की लेगिंग्स और पीले रंग की टॉप्स पहन रखी थी और उसके पीछे बैठकर एक दो बार उसके पीठ से बूब्स सटाई, कुछ देर बाद दोनों लखनऊ के एक शॉपिंग मॉल में थे और मैं बाईक से उतर गई तो वो बाईक पार्क कर दिया फिर दोनों मॉल के कॉफी शॉप में चले गए, अमित ब्लैक रंग की जींस और व्हाइट रंग की टी शर्ट में था, लंबा कद तो देखने में हेंडसम और फिर दोनों कॉफी शॉप में बैठे तो वो पूछा ” कॉफी या फिर कुछ स्नैक्स भी
( मैं बोली ) कॉफी पियूंगी वैसे तुम मुझे पहचान कैसे गए
( वेटर आया तो अमित ) दो कोल्ड कॉफी, वो चला गया तो अमित बोला ” तुम किसी का इंतजार कर रही हो बस समझ गया की तुम आकांक्षा हो
( मैं हंस दी ) ओह मुझे लगता है की तुम मेरी फोटो देखे होगे
( अमित हंस दिया ) ओह बेबी क्या तुम बेकार की बात कर रही हो, मुझसे फ्रेंडशिप करोगी
( मैं हाथ बढ़ाई और दोनों हाथ मिलाए ) ओके अमित लेकिन तुम प्लीज विशाल से अब कुछ मत बताना
( वो हंस दिया ) क्यों उससे भी तेरी दोस्ती है
( मैं बोली ) पड़ोस में रहता है तो उसे जानती हूं ” दोनों कॉफी पिए फिर वो बोला ” तुम्हारी शर्त मुझे मंजूर है क्यों
( मैं झेंप गई ) ओह तो क्या यहां तुम न्यूड
( वो बोला ) नहीं लेकिन पब्लिक प्लेस में ही चलो ” मैं तो उससे शर्त लगाकर फंस गई और मैं बाईक पर बैठी, पूछी ” हम दोनों किधर जा रहे हैं
( वो बोला ) चलो तो सही वहां बहुत मजा आयेगा ” और फिर मैं उससे चिपककर बैठ गई, कुछ देर बाद गोमती नगर के ज्ञानेश्वर मिश्रा पार्क पहुंचे तो मैं समझ गई की अमित यहीं पर शर्त पूरा करेगा और दोनों पार्क में घुसे फिर अमित मेरा हाथ थाम लिया, मुझे भी अच्छा लगा और वो पार्क के उस छोर पर ले गया जिधर बड़े बड़े वृक्ष और पौधे थे, सुबह के ११:०० बजे थे और उधर कोई नहीं था, फिर दोनों घांस पर बैठे तो अमित मेरे बगल में बैठ पूछा ” क्यों ये भी तो पब्लिक प्लेस है
( मैं शर्म से लाल हो चुकी थी ) उहुंं यहां पब्लिक कहां है
( अमित मेरे कंधे में हाथ डाल गाल चूम लिया ) लेकिन है तो पब्लिक प्लेस ” और वो उठकर मेरे सामने खड़ा हो गया फिर जींस के बटन पर हाथ लगाया तो मेरी सांसें थम गई और मैं चेहरा फेर ली तो अमित जींस और चढ्ढी उतार बोला ” लो आकांक्षा ये देखो ” मैं भी अपने आपको रोक नहीं पाई फिर उसके अर्ध नग्न बदन को देखने लगी, उसकी मोटी जांघें तो टेनिस बॉल की तरह अंडकोष साथ ही लन्ड देख मन डोल गया और मैं बोली ” प्लीज अमित तुम शर्त जीत गए अब कपड़े पहन लो ” लेकिन वो मेरे बगल में उसी तरह बैठ गया और मेरे हाथ को पकड़ अपने लन्ड पर रखा मैं झट से हाथ हटाई ” सॉरी अमित प्लीज ” वो दुबारा मेरा हाथ पकड़े लन्ड पर लगाया और मैं उसके लन्ड को पकड़ सहलाने लगी फिर उसकी ओर चेहरा कि तो वो मेरे गर्दन में हाथ डाले ओंठ पर चुम्बन देने लगा, मैं भी उसकी बाहों में आकर उससे लिपट गई फिर दोनों एक दूसरे को चूमने लगे और अमित मेरे गाल चूमते हुए पीठ सहलाने लगा, अमित अब मेरे ओंठ को मुंह में भर चूसने लगा और मैं उसके लन्ड पकड़ सहलाने लगी और उसकी बांहों में सिमटकर मैं खुद को उसे सौंप दी, मेरी रसीली ओंठ उसके मुंह में था और अब मैं उसके चेहरे को पीछे कर ओंठ मुंह से निकाल ली फिर उसके कंधे पर सर रख बोली ” तुम तो बहुत जल्दी मुझे अपनी बाहों में ले लिए
( वो हंस दिया ) बेबी तुम खुद शर्त रख मुझे ऐसा करने का मौका दी ” और मैं अब चेहरा सीधा कर बोली ” अमित नाउ आई नीड प्राइवेट प्लेस
( वो पूछा ) क्यों डार्लिंग
( मैं बोली ) जो काम तुम पब्लिक प्लेस में किए वही काम प्राइवेट प्लेस में मैं करना चाहती हूं ” और दोनों पार्क से निकल गए तो अमित बाईक पर बैठने के पहले ही किसी से मोबाइल पर बातें करने लगा फिर हम दोनों वहां से निकल पड़े, आगे क्या हुआ अगले भाग का इंतजार कीजिए।

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