चचेरी बहन की पहल : चोद डाला (भाग – २)

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दोस्तों,
प्यार और सेक्स में सब कुछ जायज़ है, जैसा कि आप लोगो ने पढ़ा की कैसे मेरी चचेरी बहन रेखा अपने ४-५ दिन के प्रवास के दौरान मेरे संग शारीरिक सम्बन्ध बनाने से जरा भी नहीं हिचकिचाई, एक तरफ २० साल का लड़का जिसके कसरती बदन और सुडौल शरीर की ओर औरतें खींची चली आती है तो चचेरी बहन रेखा की कमसिन जवानी किसी भी मर्द के तन में आग लगाने के लिए काफी है, उसका गोरा मुखड़ा साथ ही सेक्सी स्लिम फिगर और चूचियों का खूबसूरत जोड़ा साथ ही चिकनी जांघें तो फूली हुई चुत की दोनों फांकें मानों ब्रेड पकोड़ा हो तो उसके गोल टाईट चूतड़ की उभार देखते बनती है। मेरे डैड और मॉम साथ ही दीदी बाहर गई हुई हैं तो घर में मेरे अकेलेपन को दूर करने के लिए मॉम ने रेखा को यहां रहने को बोला ताकि दोनों भाई बहन साथ रहकर अपने क्लासेज और खाना पीना साथ करें लेकिन यहां तो रेखा और राहुल पिछले छह माह से एक अनोखे बंधन में बंध चुके थे तो उनका भाई बहन का रिश्ता शारीरिक सम्बन्ध में बदल चुका था। रेखा के साथ राहुल का तीसरा दिन कुछ खास अच्छा नहीं रहा, दिन वो कॉलेज चली गई तो राहुल अपने घर की कामवाली बाई अनीता को ही चोदकर अपने आपको नियंत्रित किया फिर चौथे दिन……… मैं सुबह आठ बजे सोकर उठा तो फ्रेश होकर डायनिंग हॉल की ओर आया और बीते रात रेखा मेरे साथ जानबूझकर नहीं सोई थी तो उसका मेरे साथ थोड़ा मन मुटाव हो गया था, फिर मैं रेखा को देखने बगल के रूम गया तो वो अपने बेड पर नहीं थी और मैं ये समझकर की वो वाशरूम में फ्रेश हां रही है, वापस किचन आकर चाय बनाने लगा फिर थोड़ी देर बाद दो प्याला चाय लेकर डायनिंग हॉल आया और टेबल पर कप रखकर सोचा की फिर से रेखा को रूम में देखा जाए तो वहां नहीं थी और वाशरूम का दरवाजा तक खुला हुआ था, मैं बालकनी में आया तो देखा कि रेखा न्यूज पेपर पढ़ रही है, मैं मुस्कराया ” गुड मॉर्निंग मैडम, आप यहां हैं
( वो बोली ) बैठो चाय बनाती हूं
( मैं ) चाय का प्याला अंदर आपके इंतजार में है, ले आइए ” वो उठकर गई तो मैं वहीं कुर्सी पर बैठकर न्यूज पेपर पढ़ने लगा फिर रेखा चाय का प्याला को लेकर आई, मैं अब चाय की चुस्की लेता हुआ रेखा को भी घुर रहा था तो मेरी तिरछी नज़र उसके बूब्स पर ही बार बार जाती, वो पीले रंग कि नाईटी में सेक्सी लग रही थी तो डीप गले की वजह से उसके चूची के क्लीवेज साफ दिख रहे थे। कुछ देर बाद मैं पूछा ” कॉलेज जाना है
( वो हंसते हुए ) नहीं आज कोई क्लास नहीं है, क्यों तुम कालेज जा रहे हो
( मैं ) हां आज मेरा तीन जरूरी क्लासेस है ” उठकर अपने रूम गया फिर अपने वार्डरोब से कपड़ा निकालने लगा, वैसे मैं रेखा के मूड को भांप रहा था और मुझे कॉलेज जाने का कोई मूड ही नहीं था, पीछे मुड़कर देखा तो रेखा अपने कमर पर हाथ रखे खड़ी थी ” ओह तो आज मुझे घर में अकेले बोर होना पड़ेगा
( मैं ) तो तुम भी चलो ” तभी रेखा मेरे पास आकर मुझसे लिपट गई और बोली ” मुझे पता है कि तुम मुझसे नाराज़ हो
( मैं उसके गद्देदार चूतड़ पर हाथ फेरने लगा ) हां एक बार में दिल नहीं भरा तब तो दुबारा के लिए बोला
( वो मेरे गर्दन में बाहें डालकर ओंठ चूम ली ) तो क्या मेरी इच्छा का कोई मतलब नहीं, बहुत थकावट थीं राहुल
( मैं उसके चूतड़ सहलाने लगा ) ठीक है फिर आज का दिन एंज्वॉय करते हैं ” तो मेरा प्लान समझो कामयाब हो गया फिर मैं रेखा को लिए डायनिंग हॉल आया और वो मेरे जांघ पर अपनी चूतड रखकर मेरे कंधे में हाथ डाल दी तो मैं उसके पीठ सहलाता हुआ ओंठ पर चुम्बन देने लगा और वो झट से अपना मुंह खोलकर जीभ निकाल मेरे मुंह में घुसा दी तो उसकी जीभ चूसता हुआ मैं उसके नाईटी को जांघों से उपर करने लगा और रेखा की सेक्सी नाईटी थोड़ी ढीली थी, सो आराम से उसको जांघ पर बिठाए मैं जीभ चूस रहा था साथ ही उसके नाईटी को जांघों से ऊपर कर चुका था तो वो भी पल भर के लिए अपने चूतड़ को हवा में करके नाईटी को चूतड़ से ऊपर होने दी थी। पल भर बाद उसके जीभ छोड़कर उसे सोफ़ा पर बिठाया फिर उसकी नाईटी के डोरी को खोलकर तन से बाहर कर दिया, बूब्स तो नंगे थे लेकिन चुत पर बिकनी पहन रखी थी और मैं रेखा के चूची दबाते हुए उसके जांघ सहलाने लगा और अब उसकी कामुकता दिखने लगी तो वो मेरे बॉक्सर पर से ही लंड के उभार को पकड़ दबाने लगी तो मैं उसके गर्दन से छाती तक चूमने लगा और वो मेरे बॉक्सर ज्योंहि कमर से नीचे करने लगी, मैं बोला ” बेबी, कुछ देर में अनीता आ जाएगी, बेहतर होगा कि उसके जाने के बाद ही मजे लिया जाए
( वो शरमाने लगी ) तो फिर मुझे न्यूड क्यों किए
( मैं चूची पुचकारता हुआ ) बेबी तब तक तेरी दूध ही पियूंगा ” तो दोनों बेडरूम आए फिर रेखा बेड पर लेट गई तो उसकी बिकनी से चुत की उभार स्पष्ट थी पर फिलहाल उसके सीने पर झुककर चूची को मुंह में लिया और चूसने लगा तो मेरा हाथ उसके दोनों जांघों के बीच चुत पर था, उसकी छोटी सी चूची को मुंह में लिए चूसने लगा तो लंड महाराज अंदर टाईट हो रहे थे फिर वो मेरे पीठ सहलाने लगी ” उह ओह राहुल अब प्लीज़ दूसरी चूसो ना
( मैं चूची छोड़कर ) जरूर मेरी रानी ” फिर उसकी बाईं चूची को मुंह में भरकर चूसने लगा तो मेरे हाथ की दो उंगलियां उसकी बिकनी पर चुत को कुरेदने लगी और मैं चूची चूसता हुआ उंगली सहित बिकनी को ही छेद में घुसाने लगा, वो सिसक रही थी ” उह ओह आह अब पैंटी खोल डाल ही दो
( मैं चूची निकाल हंस दिया ) इतनी जल्दी क्या है सेक्सी, पहले गरम करूंगा फिर ठंडा ” तो मैं उसके पेट से लेकर कमर तक को चूमने लगा और वो अपने दोनों जांघ आपस में रगड़ रगड़कर कामुक हो रही थी।
रेखा की नग्न कसकर पकड़े जब मैं उसकी जाघें चूमने लगा तो वो अपने चूतड़ ही उपर उठाने लगी ” उह उई मां इतनी गुदगुदी होने लगी अब तो पेल दो
( मैं उसकी बिकनी का हुक खोलकर चुत नंगा किया ) बेबी पहले तेरी रानी को तो चूमकर लाल कर दूं फिर तू आईस क्रीम चाटेगी बेबी ” मैं रेखा की जांघें फैलाकर बुर पर चुम्बन देने लगा तो उसको समझो कोई बिजली का झटका दे रहा हो और मेरी उंगली उसकी चुत फैलाकर जीभ के लिए रास्ता साफ किया फिर कुत्ते की भांति उसकी चुत चाटता हुआ मस्त था। रेखा मेरे सर के पीछे हाथ लगाकर सिसक रही थी ” ओह जानू अब और नहीं, निकल जाएगा ” तो मैं उसके फुले हुए फांकों को ओंठो के बीच लेकर चूसने लगा और वो पनिया गई तो उसकी चुत छोड़कर उसके सामने लंड पकड़े खड़ा हुआ और रेखा मेरे लंड मुंह में निगल ली फिर मेरे कमर में हाथ डाले सर का तेज झटका देने लगी, मेरा लन्ड तो पहले से ही फुंफकार मार रहा था उस पर से इस चढ़ती जवानी की मुखमैथुन लंड को गरम कर रही थी, मैं ” उफ़ ओह रेखा और तेज चूस ना जल्दी ही झड़ जाऊंगा ” तो वो बैठी रही और मैं उसके बाल पकड़कर मुंह में ही लंड से चुदाई करने लगा तो एक डेढ़ मिनट में ही वीर्य स्खलित होकर उसके मुंह में गिरने लगा और वो गटागट वीर्य पीकर मेरा लन्ड छोड़ी…….. to be continued.

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