जिंदगी का सफर दीदी के साथ भाग 10

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मैं और मेरी प्यारी बीवी जो कुछ दिन पहले मेरी दीदी हुआ करती थी दोनों एक दूसरे का हाथ थामे हुए सागर किनारे की रेत पर चलते हुए अपने होटल की ओर वापस जा रहे थे अभी अभी हमने खुले आसमान के नीचे समंदर के किनारे चुदाई का आनंद लिया था और दोनों संतुष्ट थे अपने इस नए जीवन से कुछ दूर चलने के बाद लोग नजर आने लगे और रोशनी भी दिखने लगी रोशनी में मैंने दीदी के प्यारे से खूबसूरत चेहरे पर नजर डाली उनके गोर मुखड़े पर मेरे वीर्य के निशान मौजूद थे मैं दीदी को देख कर मुस्कुराने लगा तो दीदी भी मुस्कुरा दी और बोली क्या हुआ मैंने कहा दीदी तेरे फेस पर मेरे लौड़े का पानी लगा हुआ है दीदी ने हंसते हुए कहा तो क्या हो गया अपने पति के लौड़े का पानी चाहे जहां लगा कर घूमूँ ….. और फिर मैंने रुमाल निकाल कर दीदी का चेहरा पोंछ दिया ….. मैंने कहा दीदी तुम्हारी fantacy तो पूरी हो गयी आज कैसा लगा …. दीदी बोली सच मे बड़ा मजा आया इस तरह से सेक्स कर के ….. फिर कुछ सोचते हुए दीदी बोली संजू मैंने तुमसे वो वीडिओज़ और स्टोरीज मांगी थी मैं भी जानना चाहती हूं कि मेरे प्यारे पति की क्या ख्वाइशें हैं अपनी बीवी से ….. मैंने कहा बस आज ही सेंड कर दूंगा तुम्हे मेरी जान और फिर हम होटल पहुंच गए अपने रूम में आ कर मैं तो बिस्तर पर पसर गया और दीदी नहाने के लिए बाथरूम में चली गयी मैंने इंटरकॉम पर दो बियर का आर्डर दिया और अपना फोन निकाल कर कुछ पसंदीदा bdsm sex और light torture sex वीडिओज़ दीदी को व्हाट्सएप्प कर दिए इसके बाद मैंने एक सेक्स स्टोरी जिसमें एक भाई अपनी बहन को अपनी पालतू रण्डी बना कर चोदता है और उसे बेहद जलील करते हुए गालियां देते हुए डर्टी सेक्स करता है वो स्टोरी भी सेंड कर दी और तब तक बियर आ गयी तो मैं आराम से बियर की चुस्की लेते हुए सोचने लगा कि काश दीदी भी ये सब पसन्द करे और मेरे लंड को पूरे मज़े देने के लिए तैयार हो जाएं तो मज़ा आ जाये लाइफ का ….. हांलाकि दीदी ने अब तक जितना मज़ा दिया था वो किसी तरह से कम नही था पर सेक्स चीज ही ऐसी है कि बस ये दिल मांगे मोर … मेरी बियर खत्म होते तक दीदी बाहर आ गयी उन्होंने एक टॉवल लपेटा था और उनके बल गीले थे वो ऐसे ही आ कर मेरे पास बेड पर बैठ गयी और मेरे हाथ से बियर की कैन ले कर उसमे बची हुई दो तीन घूंट गटक गईं और बोली तेरे साथ मुझे भी पीने की आदत लग गयी है मैंने कहा तो क्या प्रॉब्लम है यार कौन सा हम दिन रात पीते हैं बाकी चोदने का मज़ा तो पीने के बाद ही आता है मेरी जान और दीदी की गर्दन में हाथ डाल कर उन्हें झुका कर उनके गुलाबी होठो को कस के चूस लिया ….. दीदी भी मेरे होठो को चूमते चाटते हुए बोली हां यार पीने के बाद तो चुदवाने में अलग ही मज़ा आता है ….. मैंने कहा दूसरी बियर उठा कर खोली और दो घूंट पी कर कैन दीदी को पकड़ाते हुए कहा लो मेरी चुदासी बीवी तुम ये खत्म करो मैं भी नहा कर आता हूँ फिर तेरी चूत का भोसड़ा बनाता हूँ रानी …. दीदी ने एक सिसकी ले कर नशीली आवाज़ में कहा ठीक है मेरे चोदू पति जल्दी आना मेरी चूत तुम्हारे सख्त लंड के इंतजार में पानी टपका रही है ….. मैंने उठ कर एक बार दीदी की चूची जोर से मसली और मुस्कुराते हुए बाथरूम में घुस गया ….. मुझे बाथरूम में लगभग आधा घंटा लगा और जब मैं नहा कर नंगा ही बाथरूम से निकला तो देखा दीदी अपने फ़ोन में लगी पड़ी हैं वो बेड पर पेट के बल पड़ी थी और उनकी गोरी चीकनी मखमली गांड़ एकदम नंगी मेरे सामने थी ….. मुझसे रहा नही गया और मैंने जा कर दीदी की टांगो के बीच के लेट कर उनके चूतड़ फैला दिए और झुक कर अपनी जीभ उनकी गांड़ के चिकने रसीले छेद पर फिराते हुए दीदी की गांड़ चाटने लगा दीदी मेरी इस हरकत से एकदम से गरमा गई और बोली संजू मैंने वीडिओज़ देख लिए हैं अब स्टोरी पढ़ रही हूं ….. और अब मैं समझ रही हूं तू क्या चाहता है ….. मैने गांड़ से जीभ हटा कर कहा समझ गयी हो तो क्या इरादा है फिर …. दीदी बोली मेरा इरादा अपने भाई की पालतू रांड बन कर रहने का है जिसका काम सिर्फ अपने मास्टर के लंड को खुश करना है उसके लिए मुझे कुछ भी क्यों ना करना पड़े मेरे मन मे लड्डू फूट पड़े मैंने कहा सच कह रही हो दीदी ….. दीदी उठ कर बैठ गईं और मेरी आँखों मे झांक कर ठरक भरी आवाज़ में बोली दीदी नहीं मेरे राजा अब मैं तेरी कुतिया हूँ तेरी लंड की गुलाम पालतू कुतिया …. आज से रुचि तेरी सेक्स स्लेव है संजू जैसे चाहे चोद अपनी इस रण्डी को मैंने कहा दीदी मैं कुछ सेक्स टॉयज का इंतजाम कर लूंगा अपनी फंतासी पूरी करने के लिए दीदी ने फौरन plz संजू दीदी मत बोल ना मैंने कहा फिर क्या बोलूं दीदी बोली जो तेरी मर्ज़ी हो वो बोल मैंने कहा गालियां दूंगा तो तुम्हे बुरा नही लगेगा ….. दीदी ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया उनकी चूचियाँ मेरे सीने से दब गई और वो मेरी गर्दन को चूमते हुए बोली संजू my love जितना तुमने मेरे लिए किया है शायद कोई अपनी पत्नी या प्रेमिका के लिए भी नही करता होगा बदले में अगर तुम थोड़ी सी खुशी चाहते हो मुझ्से तो इसमे बुरा लगने जैसी क्या बात है और गालियां कोई नई नही हैं मेरे लिए मैं जिस इंसान से नफरत करती थी जब उसकी गालियां सुनती थी तो तुमसे तो प्यार करती हूं मेरे राजा ….. अब मैं तुम्हारी मर्ज़ी का कर रही हूं तो तुम क्यों हिचक रहे हो मेरे पतिदेव ….. मैंने कहा रुचि बुरचोदी चल फिर मेरे लंड को आज ऐसा चूस जैसे कोई सड़कछाप रण्डी लौड़ा चूसती है ….. दीदी ने मेरी आँखों मे देखते हुए मेरा सख्त गरम लंड मुट्ठी में कस लिया और उसे मसलते हुए बोली जो हुक्म मेरे मालिक आप बस सोफे पर टांगे फैला कर बैठ जाओ फिर देखो इस कुतिया का कमाल मैं बेड से उठ कर सोफे पर आ कर बैठ गया दीदी बेड से उतरी और अपने घुटनों और हाथों पर कुतिया जैसी खड़ी हो गयी और फिर चार पैरों पर चलती हुई मेरे पास आई और झुक कर मेरे पैर के पंजे पर होठ रख दिये और फिर जीभ निकाल कर पूरे पैर के पंजे को चाटने लगी वो ये सब करते हुए एकटक मेरी ओर देख रही थी और eye contact के साथ ऐसे चाटते हुए वो बहोत सेक्सी लग रही थी मैं तो बस मस्ती में उड़ रहा था और फिर न जाने क्यों मैंने एक पैर उठा कर दीदी के मुह के आगे किया और कहा मुह खोल रुचि कुतिया दीदी ने झट से मुस्कुरा कर मुह खोला और मैंने पैर का पंजा उस रण्डी के मुह में घुसा दिया और वो छिनाल मज़े से मेरे पैर की उंगलियां चूसने लगी कुछ देर तक चुसवाने के बाद मैंने उसके मुह से पैर निकाला तो उसने अपनी जीभ मेरी बालों से भरी टांग पर रखी औरमेरी टांगो को चाटते हुए ऊपर जांघो तक आ गयी ….. वो जैसे जैसे ऊपर आ रही थी मेरे टांगे खुद ब खुद खुलती जा रही थी अब वो मेरी टांगो के बीच मे बैठी थी और मैंने अपने दोनों पैर उठा कर अपनी रुचि रण्डी के कंधों पर रख दिये ऐसा करने से मेरी गांड़ खुल गयी थी और दीदी मेरी गांड़ के छेद को गौर से देख रही थी मैंने कहा क्या हुआ साली रण्डी तो दीदी ने कहा बस सोच रही थी तुम्हारी गांड़ का स्वाद ले लूं मैंने कहा तो सोच क्यों रही है मादरचोद ले ले ना इतना सुनते ही दीदी ने झुक कर अपने होठ मेरी गांड़ के छेद पर रख दिये और जीभ से कुरेदते हुए मेरी गांड़ को चाटने लगी ….. दीदी ने अपने हाथों से गांड़ को अच्छे से फैला दिया और जीभ की नोक से रगड़ रगड़ कर गांड़ चाटे जा रही थी मैंने मस्ती में आंखे बंद कर ली और अपनी सगी रण्डी बहन से गांड़ चटवाने का सुख लेने लगा मेरा हाथ खुद ही लंड पर चला गया और मैं अपना लंड मुठियाने लगा ये देखते ही दीदी ने मेरा हाथ मेरे लंड से हटाया और गांड़ से मुह हटा कर लंड को मुह में भर कर दो तीन बार चूस कर गीला किया और फिर अपने एक हाथ पर थूक कर लंड पर अच्छे से थूक चुपड कर उसे सहलाते हुए वापस गांड़ चाटने लगी …… अब वो लंड को सख्ती से मुट्ठी में भर कर धीरे घिससे मारते हुए जीभ को गांड़ की दरार में ऊपर से नीचे तक फिराते हुए चाट रही थी 7-8 बार ऐसा करने के बाद वो मेरे फूले हुए टट्टे चाटने लगी और फिर बड़ा सा मुह खोल कर मेरे दोनों आंड मुह में भर कर चूसते हुए तेजी से मुठ मारने लगी ….. मेरे मुह से आह और सिसकियां फूटने लगी मैंने झड़ जाऊंगा बुरचोदी तो दीदी ने हाथ का मोशन स्लो कर लिया बोली इतनी जल्दी मत झड़ो राजा मज़ा लो अपनी रण्डी के बदन का जी भर के मज़ा लो … अभी तो सिर्फ गांड़ चाटी है …… और दीदी ने अपने होठों में सुपाड़े को जकड़ लिया और कुतिया जैसे जीभ निकाल कर लंड चाटने लगी सच मे दीदी आज मुझे और मेरे लंड को पागल कर रही थी …… और फिर मैंने अपना हाथ दीदी के सर पर रख कर उसके रेशमी बालों को मुट्ठी में भर लिया ….. और दीदी का सर अपने लंड पर दबाते हुए जड़ तक लंड उसके हलक में उतार दिया ….. और बोला …. ले साली भोसड़ी वाली रांड खा लंड बुरचोदी कुतिया aaaahhhhh चूस लंड बहन की लौड़ी मादरचोद रुचि और दीदी सर को तेज झटके देते हुए पागलों जैसे लौड़ा चूसने लगी ….. तभी कमरे का इण्टरकॉम बजा और दीदी रुक गयी मैं उठा और दीदी के बाल पकड़े हुए उन्हें बालो से खींच कर टेबल तक ले आया और इंटरकॉम उठा कर बात करने लगा रूम सर्विस की कॉल थी वो डिनर का आर्डर पूछ रहा था मैंने उसे व्हिस्की और खाने का आर्डर दिया ….. और दीदी के मुह में फिर से लंड पेल कर धक्के मारते हुए दीदी का मुह चोदने लगा ….. मैं फिर से झड़ने को हुआ तो दीदी के मुह से लंड निकाल लिया दीदी घुटनों पर बैठी मेरी ओर देख रही थी उनका चेहरा एकदम मासूम और सेक्सी लग रहा था तभी मैंने उनके गोर गाल पर हाथ फिराना शुरू किया और हाथ फिराते हुए एकदम से एक तेज थप्पड़ उनके गाल पर जमा दिया …. और पूछा कैसा लगा मेरी कुतिया ….. दीदी ने मुस्कुरा कर कहा बहोत अच्छा लगा राजा एक बार और मारो ना अपनी रण्डी को मैंने दूसरे गाल पर झुक कर थूक दिया और दीदी के गाल पर अपने हाथ से थूक मलते हुए एक और तेज झन्नाटेदार थप्पड़ लगा दिया दीदी का गाल एकदम से लाल हो गया और दीदी के मुह से सिसकारी निकल गयी जिसे सुन कर मेरा लंड और भी सख्त हो गया …… फिर दीदी अपने चार पैरों पर चलती हुई बेड तक गयी और बेड पर चढ़ कर कुतिया बनी हुई अपने हाथों से अपने चूतड़ फैला कर बोली आओ संजू अपनी रांड की गांड़ में पेल दो अपना सख्त गरम लौड़ा और मेरे चूतड़ों को थप्पड़ मारते हुए फाड़ दो अपनी कुतिया की गांड़ ….. आओ ना राजा ….. मैं उठ कर अपनी छिनाल दीदी के पास गया और उसके नंगे चूतड़ सहलाते हुए अपना सख्त गरम लौड़ा सहलाने लगा दीदी ने मुड़ कर मेरी ओर देखा और कामुक नजरो से मेरा लंड देखते हुए मुस्कुरा कर बोली क्या हुआ राजा अपनी रांड की गांड़ नही चोदोगे अपने मूसल जैसे लौड़े से मैंने दोनों हाथों से दीदी के चूतड़ फैलाये और झुक कर उसके गांड़ के कसे हुए नन्हे से गुलाबी छेद को चूम लिया और जीभ फिराते हुए चाटने लगा मेरी जीभ गांड़ पर महसूस करते ही दीदी की सांसे भारी होने लगी और उसने अपना सर बिस्तर पर टिका कर गांड़ और उभार दी और अपने हाथों से अपनी चूचियाँ मसलने लगी ये देख कर मेरा लंड एकदम झटके लेने लगा और मैंने खड़े हो कर दीदी की गांड़ के गीले छेद पर अपना सख्त चिकना सुपाड़ा टिकाया और खींच के एक थप्पड़ दीदी की गोरी गांड़ पर मारा कमरे में चटाक की आवाज़ गूंज गयी और दीदी के गले से एक तेज मस्ती भरी सिसकारी निकली और वो नशे और उत्तेजना में बोली अब पेल ना बहनचोद चोद दे अपनी रण्डी दीदी की गांड़ बना ले मुझे अपने लंड की गुलाम साले …… मैंने भी जोश में आ कर दीदी के बाल अपनी मुट्ठी में पकड़े और पूरी ताकत से अपनी ओर खींच कर एक तेज धक्का दिया और आधे से ज्यादा लौड़ा दीदी की कसी हुई गांड़ में घुसा दिया दीदी के मुह से एक तेज चीख निकली और वो एकदम दर्द से बिलबिला उठी उनकी हालत समझ कर मैं एकदम से रुक गया और उनकी कमर पर हाथ फिराते हुए उनकी पीठ को चूमने लगा वो एकदम से हांफने लगी थी और उनके चेहरे पर पसीना छलक आया था …… कुछ मिनट बाद वो बोली अब ठीक है संजू अब चोद मैंने धीरे से लंड बाहर खींचा और वापस पुश किया और धीरे धीरे धक्के देते हुए पूरा 8 इंच लौड़ा दीदी की गांड़ में भर दिया और फिर धक्कों की गति बढाते हुए चोदने लगा अपनी बहन की प्यारी गांड़ धीरे धीरे दीदी की गांड़ भी लंड की अभ्यस्त हो गयी और वो अपने चूतड़ हिला हिला कर अपनी गांड़ को लंड पर पटकने लगी ……. मेरा जोश बढ़ता जा रहा था और मैंने दीदी के चूतड़ों पर चपत मारते हुए पूरा जोर लगा के उनकी गांड़ पेलनी शुरू कर दी उधर दीदी ने अपना एक हाथ टांगों के बीच डाल कर अपनी चूत रगड़नी शुरू करी और मस्ती में बड़बड़ाने लगी ….. हाँ ऐसे ही चोद कस के चोद अपनी दीदी की गांड़ को फाड़ दे राजा अपने इस मस्त लंड से मेरी गांड़ को बना ले मुझे लंड की गुलाम चोद साले और तेज चोद ….. मैं ये सब सुन कर पागल से होने लगा और पागलों जैसे ही पूरी ताकत से अपनी कमर दीदी के नंगे चूतड़ों पर पटक पटक कर उसे कुतिया जैसे चोदे जा रहा था …… कोई 15 मिनिट तक तूफानी रफ्तार में दीदी की गांड़ चोदने के बाद दीदी का बदन अकड़ने लगा और वो चीखने सी लगी ….. आहहह संजू मेरे राजा मैं गयी बह गई मेरी चूत ….. और तेज धक्के लगा ….. ये सुनते ही मैंने झटके से गांड़ से लंड निकाल कर दीदी की बुर में पेल दिया और हुमच हुमच के 20-30शॉट मारे तो दीदी का बदन थरथराने लगा और वो झड़ने लगी उनकी बुर से रस के छींटे से उड़ रहे थे और आखिर में वो एकदम सुस्त सी हो कर बेसुध गिर गयी और मैं अपना लंड सहलाता हुआ दीदी की खुली हुई गांड़ देख रहा था जिसका मुह चुद चुद कर एक रुपये के सिक्के जितना खुल गया था ……. हांलाकि मैं झड़ा नही था पर फिर भी मुझे अभी उसे डिस्टर्ब करना ठीक नही लगा ….. और मैं वही दीदी के बगल में लेट कर उन्हें अपनी बाहों में जोर से कस लिया ….. मेरे स्पर्श से दीदी को थोड़ा सा होश से आया और उन्होंने भी मुझे ठीक से बाहों में भर लिया और मेरे होठो को मुह में भर कर चूस लिया ….. मेरा सख्त लंड उनके पेट पर अड़ा हुआ था मानो वही छेद कर के घुस जाना चाहता हो ….. दीदी बोली लगता है अभी और चुदवाना पड़ेगा …. मैंने कहा कोई नही थोड़ा आराम कर लो रिलैक्स हो लो रात अपनी है ….. दीदी बोली सच बताउं संजू आज जितना मज़ा कभी नही आया मुझे सेक्स में …. मैंने खुश होते हुए कहा सच दीदी मुझे भी आज बहोत मज़ा आया ऐसा सेक्स नॉर्मल सेक्स से ज्यादा मज़ेदार लगा मुझे ….. दीदी ने मेरा लंड मुट्ठी में भरते हुए कहा आज ये कुछ ज्यादा ही सख्त और मोटा महसूस हो रहा है मैंने कहा आज तुम दीदी नही रांड बनी हो ना इसलिए दीदी ने गोल गोल आंखे नचा कर कहा तू ऐसे ही रोज मुझे चोदना मैं सारी जिंदगी तेरी पालतू रांड कुतिया बनने के लिए तैयार हूं …… ढेर सारी बियर पीने की वजह से मुझे खड़े लंड पर भी जोर से पेशाब आ रहा था …… तो मैं उठने लगा पर दीदी ने मुझे नही छोड़ा और बोली क्या हुआ कहा जा रहे हो मैंने कहा दीदी छोड़ो न पेशाब करने जाना है दीदी ने ये सुन कर मुझे छोड़ तो दिया पर मेरे उठने से पहले ही खुद उठ गई और दौड़ कर बाथरूम में घुस गई मेरी कुछ समझ नही आया पर उन्होंने दरवाजा बंद नहीं किया था सो पीछे से मैं भी लंड हिलाते हुए बाथरूम में घुस आया ….. देखा तो दीदी कमोड के सामने बैठी हुई थी पंजो पर मैंने आंख के इशारे से उनसे पूछा कि क्या हुआ तो वो मुस्कुरा कर बोली ….. तुम्हे डर्टी सेक्स पसन्द है ना मेरे राजा …. मैंने कहा हां बता तो चुका हूं ….. दीदी बोली फिर आज मेरे बदन पर मूतो ना अपनी रण्डी दीदी को नहला दो अपने लंड के गरम मूत से और ये सुन कर मैं खुशी और आश्चर्य से भर गया मुझे अपने कानों पर यकीन नहीं हो रहा था हांलाकि ये भी मेरी एक ख्वाहिश थी पर दीदी खुद ये आफर करेंगी इसका मुझे यकीन नहीं हो रहा था पर जो भी हो रहा था वो मेरे लिए किसी सरप्राइज से कम नही था मैं दीदी के पास गया और लंड पकड़ कर उनके सीने पर मूतने लगा दीदी की गोरी चुचियों पर मेरे गरम की मूत की धार गिरने लगी और बहती हुई उनकी चूत से मेरा टपकने लगा तीन बियर का असर था कि पेशाब की धार रुक ही नही रही थी और दीदी जैसी सेक्सी और प्यासी नजरो से मुझे और मेरे लंड से निकलती पेशाब की धार को देख रही थीं एकदम से जा जाने मेरे मन मे क्या आया और मैंने लंड को पकड़ कर उसका डाइरेक्शन सीधा दीदी के मुह की ओर कर दिया और गरम मूत की धारा सीधा दीदी के चेहरे पर पड़ी दीदी अचानक हुए इस हमले से चौंक सी गयी और उन्होंने कुछ कहने को मुह खोला पर मुह खोलते ही धार सीधा उनके खुले हुए मुह में गिरने लगी ….. और फिर दीदी ने भी इस सब को एडजस्ट करते हुए अपने होठ आगे कर के लंड को मुह की गिरफ्त में ले लिया और चूसते हुए मेरा मूत पीने लगा कोई ग्लास भर मूत उन्हें पिलाने के बाद ही मेरा लंड रुका पर दीदी अब भी उसे सर हिलाते हुए चूसे जा रही थी ….. कुछ देर तक लंड चूसने के बाद उन्होंने उसे आज़ाद कर दिया और उठ खड़ी हुई और मैंने उन्हें बाहों में भर कर एक गर्म चुम्मा उनके रसीले होंठो पर जड़ दिया ….. फिर हम बाहर आ गए दीदी ने टॉवल से अपना बदन पोंछा और बोली इतना बुरा भी स्वाद नही था ….. मैंने कहा थैंक्स दीदी ….. उन्होंने पूछा किसलिए मैंने कहा मेरे लंड को इतने मज़े देने के लिए दीदी ने मुस्कुरा कर कहा ये भी तो मुझे कितने मज़े देता है जब दोनों एक दूसरे को मज़े देते हैं तो थैंक्स किस बात का ….. तभी डोरबेल बजी और मैंने जल्दी से टॉवल लपेट कर दीदी को बाथरूम में जाने का इशारा किया और वो बाथरूम में घुस गई मैंने दरवाजा खोला तो वेटर सामने था वो ड्रिंक और डिनर लगा कर चला गया दरवाजा बंद कर के मैंने दीदी को आवाज़ दी ….. पर वो नही आई मैंने कई आवाज़ें दी पर वो नही आई मैंने दरवाजे जा कर उसे पीटा और कहा दीदी क्या हुआ क्या कर रही हो अंदर से आवाज़ आयी यहां कोई दीदी नही है अब ….. मैंने एक सेकेंड सोचा कि इस बात का क्या मतलब और फिर मतलब समझते ही मैंने कहा ….. रुचि कुतिया बाहर आ जा भोसड़ी वाली और फौरन ही दरवाजा खुला दीदी एक बार फिर से नहा कर फ्रेश हो गयी थीं उसने बाहर आ कर कहा संजू अब दीदी मत बोला करो ना मुझे गालियां ज्यादा अच्छी लगती हैं सुनने में मैंने कहा ठीक है साली रांड चल अब खाना खाते हैं और फिर हमने दो दो pag व्हिस्की पी और शानदार डिनर किया ………

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