जिया की चढ़ती जवानी : भाग-८

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हैलो फ्रेंड्स,
बरसात की अंधेरी रात और मूसलाधार वर्षा हो रही है तभी मन मस्तिष्क कल्पना लोक में घूमने लगता है लेकिन हकीकत में यदि विपरीत लिंगों वाले सेक्स कर रहे हों तो फिर हकीकत में ही कल्पना सच हो जाती है, जिया अपने बेड पर नंगे लेटी हुई है तो उसके बड़े भैया नितिन उठकर वाशरूम गए और अब तो चूत पूरी तरह से गरम हो चुकी है तो बिना रस निकले चुदवाने में मजा भी नहीं है, नितिन बेड पर आए फिर मुझे देखते हुए बोले ” क्या कोई क्रीम या तेल चाहिए
( मैं हंस पड़ी ) उसकी क्या जरूरत
( नितिन बोला ) दरअसल मेरा लंड अभी टिकने वाला हैं, वो भी ७-८ मिनट तो बोलो
( मैं बोली ) वैसे ही मैं झड जाऊंगी बाकी तू और तेरा लंड जाने ” तो नितिन बेड पर आकर मुझे सहलाने लगे और फिर मेरी चूत को देखते हुए बोले की ” तू तो कद में छोटी है इसलिए तेरी चूत के दोनों फांक भी कम लंबे हैं
( मैं बोली ) नितिन तुम मेरे बुर की तारीफ करना छोड़ो और ये जान लो की अब जब भी मेरे पास आओगे तो कम से कम ठंडी बियर लेते आना, क्या समझे ” नितिन अच्मभित रह गया और फिर मेरी चूत में अपनी लम्बी उंगली घुसाए रगड़ने लगा तो जिया अब चूत का रस झडने के इंतजार में थी ताकि बुर की गरमी भी थोड़ी शांत हो जाए और रसीले चूत में लंड भी तो गपागप अंदर बाहर होता है, मैं अब ” उह आह अब चोद चोद ना प्लीज आह आहाहा निकल गया मेरे चूत से दुबारा रस निकल गया नितिन ‘ तो नितिन मेरे चूत से उंगली निकाला फिर बुर को फैलाए रस को चाटने लगा और मैं अब थोड़ी ढीली पड़ गई थी। जिया की जिंदगी में महीने भर में ही काफी परिवर्तन आया तो सेक्स करने की इच्छा जागने लगी और अब नितिन मेरे चूतड के नीचे तकिया डालकर मेरी जांघें सहला रहा था ” कामशास्त्र में लिखा है कि यदि लड़की के योनि को थोड़ा ऊपर कर चोदोगे तो उसको पूर्ण संतुष्टि मिलेगी
( मैं हस पड़ी ) सही कहा आपने लेकिन यदि दोनो की योनि एक ही श्रेणी की हो तो, यहां तो उल्टा है डियर ” और फिर नितिन मेरे चूत के छेद पर सुपाड़ा रगड़ने लगा तो लंड को जोर से अन्दर की ओर घुसाया, मैं तड़प कर रह गई लेकिन मुंह से आवाज तक नहीं निकलने दी, नितिन अब जोर से चोद दिया तो लगा कि कोई खरनजा बुर को चीर रहा हो और जिया चींखं पड़ी ” उह अब नहीं फाड़ देगा तो फिर कैसे चुद्वांगि ऊह प्लीज़ जरा धीरे ” फिर भी नितिन इतने टाईट चूत को केसे धीरे धीरे चोदता, वो गपागप लंड पेलते हुए मेरे स्तन पकड़ मसल रहा था तो मैं अब थोड़ी राहत महसूस करने लगी। चूत में लचक तो होती ही है इसलिए चुदवा चुदवाकर ढीली पड़ जाती है और नीलेश साथ ही अमित का लंड नितिन के लंड से छोटा और पतला था इसलिए भैया के लंड से चुदवाने में थोड़ी तकलीफ हो रही है, अब चूत में लंड तेजी से फिसलने लगा तो नितिन मेरे जिस्म पर सवार हुए चोदने लगा और अब जिया उसके बदन को पकड़े चूतड उछालने लगी तो भैया मेरे ओंठ चूम लिए ” तेरी शादी तक में मैं तुम्हें चुदक्क़ड बना दूंगा ” और वो चोदते हुए हांफने लगे, मेरी योनि का रस सूख चुका था तो अब असली चुदाई होने जा रही थी, गर्म चूत में लोहे के सलाख की तरह लंड बहुत मजा देता है और मैं अब चूतड उछालना छोड़ दी, वो मेरे ओंठ को मुंह में लेकर चूसने लग तो उनका लंड मेरी चूत में स्थिर था फिर ओंठ छोड़ चोदने लगे तो मैं उनके पीठ पर नाखून गड़ाने लगी, दूसरे चरण में ६-७ मिनट से वो चोदे जा रहे थे तो कहिए मैं १०-१२ मिनट से चुदवा चुदवाकर गर्म हो चुकी थी फिर वो १०-१२ तेज धक्का दिए और मेरी चूत में उनके लंड का रस निकलने लगा, चूत को शान्ति मिली तो भैया मेरे बदन पर से उतर अपना शॉर्ट्स पहन रूम चले गए तो मैं दरवाजा बंद कर फ्रेश हुई फिर नंगे ही सो गई।

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