दीदी की गांड़ चुदाई : भाग – २

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हैलो फ्रेंड्स,
कड़ाके कि ठंड में राहुल पूरी तरह से नग्न था तो दीदी दीपा लाल रंग के सेक्सी ड्रेस पहनकर मेरे छाती से जांघ तक को चूम चुकी थी और मेरा लन्ड टाईट होकर उसकी छेद में जाने को आतुर था, अब वो छेद बुर की होगी या गान्ड की ये तो दीपा ही तय करेगी लेकिन दो साल बाद दीपा की गर्म जवानी में तो उफान आ चुका था लेकिन उसकी चूत की ढिलाई निश्चित रूप से अधिक हो चुकी थी। बन्द कमरे में दीदी को लेकर बेड पर आया तो दोनों एक एक पैक लगाकर मस्त थे और दीदी अब मुझे लिटाकर मेरे ऊपर लेट गई लेकिन उसके चेहरे का रुख मेरे पैर की ओर था तो उसकी दोनों फैली हुई जांघों के बीच में और नीचे मेरा चेहरा तो मैं दीपा के ड्रेस को कमर तक करके उसके चूतड सहलाने लगा, दीदी के शर्त के अनुसार उनका कपड़ा बिना उतारे ही मुझे मजा लेना था और तभी दीपा के रसीले ओंठ का प्यार मेरे लंड को मिलने लगा तो राहुल उसके चूतड को चूमने लगा साथ ही उसके पैंटी को थोड़ा खिसका दिया, अब चूत और गांड़ का छेद नग्न था तो मैं सर उठाए उसकी गान्ड की छेद को जीभ से चाटने लगा और दीपा मेरे लंड को चूम चूमकर उसके सुपाड़ा को चाटने लगी, पांच साल की जिंदगी में वो शादी शुदा होकर भी गैर मर्द के साथ नहीं चुदाती है ये बात मान नहीं सकता था और तभी मेरा जीभ गान्ड की छेद में घुसने लगा तो उसको चाटता हुआ अब अपना लंड उसके मुंह में घुसने का एहसास कर रहा था। दीपा मेरे लंड को चूसने में मस्त थी तो मैं गान्ड छोड़कर उसके बुर की दोनों अलग फांकों के बीच जीभ रगड़ने लगा, तो दीदी अब मुंह का झटका देते हुए मेरे लंड को चूसने में मस्त थी और मेरा हाथ उनके चूतड़ की गोलाई को मापता हुआ बुर को चाटने में मस्त था, तभी दीपा मेरे लंड को मुंह से निकालकर उसपर जीभ फेरने लगी तो मैं उनके गुदाज बुर को चाट चाटकर मस्त हो चुका था और फिर वो कूत्ती रण्डी मेरे लंड पर जीभ फेरते हुए पल भर तक चाटी फिर उठकर वाशरूम चली गई तो मैं नंगे ही बेड पर से उठा और दूसरा ड्रिंक्स तैयार करने लगा तो पेट की भूख मानो ख़तम हो चुकी थी, फिर दोनों ग्लास में वाईन और कोल्ड ड्रिंक्स डालकर पीछे मुड़ा तो देखा कि दीपा नग्न अवस्था में चुपचाप खड़ी है ” लो, मुझे बोली कि बिना कपड़ा उतारे ही प्यार करो और खुद
( दीपा मुझे देख शरमाने लगी ) तो क्या कपड़ा पहनकर सो जाऊं ” मैं अपना ग्लास लेकर ड्रिंक्स पीने लगा तो दीपा भी मेरा साथ देने लगी, बेड के किनारे बैठकर दोनों शराब का आनंद ले रहे थे तो मैं उसके कंधे में हाथ डाले चेहरा चूम लिया ” अब मैं तेरे गान्ड की तेल मालिश करूंगा
( वो मेरे लंड को पकड़ सहलाने लगी ) और फिर मेरी गान्ड चोदेगा, क्यों
( मैं ) जरूर सेक्सी, तेरी मदमस्त चूतड़ देख तो पहले दिन से ही चोदना का मन कर रहा है ” कुछ देर बाद वाईन के नशे में दोनों मस्त थे तो दीपा बेड पर उल्टा लेटकर चूतड़ चमकाने लगी और मैं उसके गांड़ के पास एक तेल की शीशी लेकर बैठा, उसके कमर के नीचे तकिया डालकर उसके दोनों जांघों को फैलाकर चूत में उंगली घुसाने लगा तो गान्ड के छेद में तेल गिराकर एक उंगली अंदर करते हुए रगड़ने लगा, अब दीपा मुझे देखते हुए सिसकने लगी ” उह ओह अब राहुल डालो ना कितना इंतजार करवाओगे
( मैं बुर से उंगली निकाला ) ठीक है बेबी, तो तुम इस स्टाइल में ठीक हो या तकिया हटा दूं
( वो ) तकिया का क्या काम, वैसे भी मेरी मोटी गान्ड का छेद तेरे लंड के सामने ही तो है ” तो तकिया निकालकर अब उसके गान्ड के सामने घुटने के बल बैठ गया। मेरा लंड पूरी तरह से टाईट था तो उसको पकड़े अब गान्ड के छेद से सटाया फिर धीरे धीरे सुपाड़ा को अंदर पेल दिया, तो मेरा मूसल लंड दीदी की टाईट गान्ड में घुस रहा था लेकिन आधा लंड घुसते ही लगा मानो आगे रास्ता बंद है तो मैं उसके चूतड़ पर हाथ फेरते हुए थोड़ा सा लंड गान्ड से बाहर किया और एक जोर का धक्का दे मारा, मेरा २/३ लंड तो दीदी के गान्ड में था लेकिन वो जोर से चिल्ला उठी ” उई मां फाड़ दिया रे, हाई रे निख्ट्टु आह ” लेकिन अग्ला धक्का गान्ड में मानो मेरा पूरा लंड ही अंदर चला गया लेकिन मेरे लंड का हाल खराब था, आखिर संकीर्ण रास्ता में मोटा लन्ड फंसा हुआ था फिर भी मैं धीरे धीरे दीदी की गान्ड चोदने लगा तो थोड़ा रास्ता खुला हुआ लगा, फिर तो मैं तेज रफ्तार से दीपा की गान्ड चोद रहा था और वो बेड पर पट लेटकर अपने पैर को बिस्तर पर रगड़ने लगी। दीपा की गान्ड में मेरा लन्ड तेजी से अंदर बाहर होने लगा तो मानो लंड गान्ड के अंदर छिला गया हो, फिर भी गान्ड चोदने का मजा लेता हुआ उसको दे दनादन चोदने लगा और वो ” उह ओह फाड़ दिया बे हरामि, उह लहर रहा है ” तो मेरा भी लंड गान्ड की गर्मी से झुलस रहा था और फिर मैं २-३ मिनट तक दीदी की गान्ड चोदकर लंड को निकाल लिया, फिर वाशरूम जाकर मूतने लगा, लंड को पानी से धोकर वापस आया तो दीपा चित लेटी हुई थी ” साले तू अपनी दीदी की बुर को रसीला बना दिया
( मैं उसके कमर के पास बैठा ) लगता है जीजा तेरी गान्ड नहीं मारते
( दीपा ) साले के लंड की याद मत दिलाओ, जानवर की तरह मुझे हर रात नोचता खरोंचता है, कभी कभार गान्ड भी चोदता है ” तो मैं दीपा के रसीले चूत में लंड डाले चुदाई करने लगा और सच पूछो तो मेरा लंड भी दीदी की गान्ड में झुलस सा गया था तो रसीले चूत चोदता हुआ उनके जिस्म पर सवार हुआ फिर दीपा मुझे बाहों के घेरे में लेकर चूतड़ उछालने लगी तो मैं चुदाई का मज़ा लेते हुए उनकी बूब्स का दबाव अपनी छाती पर पा रहा था और दो मिनट की चुदाई के बाद बहन तेजी से गान्ड उछालने लगी तो भाई उसकी चूत की जबरदस्त चुदाई करने लगा और फिर मेरा लंड बुर के अंदर वीर्य स्खलित कर सुस्त पड़ गया तो मैं दीपा के जिस्म पर कुछ देर तक लेटा रहा।

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