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भाई – बहन का हमबिस्तर होना

डियर फ्रेंडस,
जिया अपने जवानी की दहलीज पर कदम रख चुकी है तो मेरा छोटा भाई अमित अभी मात्र १७ साल का है, कहिए तो टीनएजर है लेकिन आज रात जो हुआ और जो होनेवाला है उसे पढ़कर आप लोग असमंजस में पड़ जाएंगे, सोचने पर मजबूर हो जाएंगे की क्या भाई और बहन हमबिस्तर हो रहे हैं तो ये कलयुग की पराकाष्ठा है या फिर दोनों एक मात्र भाई – बहन है जिन्होंने शारीरिक संबंध बना लिया। जिया के नग्न बदन पर हाथ फेरते हुए अमित अपना सब्र खो बैठा फिर वो मेरे नाईटी को बाहों से निकाल मुझे नग्न कर दिया लेकिन मेरी चूत पेंटी के अंदर थी और फिलहाल तो उसे मैं अपनी चूत देखने नहीं देती, एक ओर तेज बारिश तो दूसरी ओर भाई के साथ बेड पर सेक्स को तड़पती जिया अब चुप नहीं रह पाई ” ओह अमित अब मेरी बूब्स चूसो ना
( वो हंसते हुए मेरे स्तन पर चेहरा किया ) जरूर वैसे भी पहली बार आपको नंगा देखा और
( मैं ) चुप रहो और याद रहे कि किसी को ये बात मालूम नहीं होना चाहिए ” तो वो मुंह खोल चूची अंदर लिया फिर चूसने लगा तो मैं अमित के पीठ सहलाने लगी साथ ही उसके दूसरे हाथ मेरी दाई चूची को पकड़ दबाए जा रहा था तो मैं उसके कमर पर हाथ रख उसके शॉर्ट्स को नीचे करने लगी, भाई चूची चूसता हुआ एक हाथ से अपने शॉर्ट्स को नीचे कर दिया तो उसका गोरा लंड मेरी आंखों के सामने था, मैं हाथ बढ़ाई फिर चूची चुस्वाते हुए लंड को सहलाने लगी। जिया हफ्ता भर में ही दूसरा लंड देख रही थी तो उसको मैं आहिस्ते आहिस्ते हिलाते हुए मस्त थी और अमित चूची को चूसे जा रहा था तो मुझे भी अब मजा आने लगा ” उई उह अह आॅच प्लीज़ चूसते रहो ” लेकिन अमित सिर्फ मेरी चूची ही नहीं चूस रहा था बल्कि मेरे जांघो के बीच हाथ लगाए बुर को पेंटी पर से ही रगड़ रहा था फिर उसने मेरी चूची मुंह से निकाला। जिया अपने सांसों को नियंत्रित करते हुए बेड पर लेटी हुई थी लेकिन १७ वर्षीय छोकरा मेरे दूसरे स्तन को पकड़ मुंह में लेकर चूसने लगा साथ ही मेरे कमर पर हाथ फेरते हुए इलास्टिक कमरबन्द पेंटी को नीचे करने लगा तो मैं अब ढीली पड़ चुकी थी और उसे छाती से लगाए स्तनपान कराते हुए खुद हाथ से पेंटी को नीचे करने लगी ” उह उहं मॉम अब खुजली हो रही है आह मेरी चूची चूस चूसकर तूने कड़ा कर दिया, आह निप्पल भी टाईट हो गया ” फिर भी अमित अपनी दीदी की चूची चूसता रहा और आखिरकार उसके बाल पकड़ मैंने उसके चेहरे को पीछे की ओर धकेला तो वो उठकर वाशरूम चला गया और मैं अपने घुटने में फंसी पेंटी बाहर कर नग्न हुई फिर उठकर वाशरूम गई तो अमित अपना लंड पानी से धो रहा था, मैं बोली ” साबुन से साफ कर ले ” और उसके सामने ही मैं टॉयलेट सीट पर बैठे मूतने लगी, फिर बुर को साबुन से साफ कर टॉवेल से पोंछ दी।
मौसम तो सुहाना था और मूसलाधार बारिश के कारण थोड़ा ठंड भी लग रहा था लेकिन जिस्म की गरमी अपने चरम पर थी, बेड पर आकर बैठी तो अमित लेटा हुआ था और वो भी कमर से टॉवेल लपेटे तो मैं अब बेशरम की तरह उसके टॉवेल को खींच उसके लंड को नंगा की फिर लंड को हाथ में पकड़ बोली ” तू रोज हत्थू मारता है
( वो ) नहीं दीदी कभी कभार
( मैं हंसने लगी ) दीदी गई तेल बेचने जिया बोल या बीबी ” फिर उसके लंड को ओंठ से चूमने लगी तो उसके लंड के आसपास झांट नोचने में मजा आने लगा, साले का लंड मुश्किल से ३-४ इंच का होगा और उसकी बड़ी बहन सुपाड़ा को ओंठो के बीच लेकर चूसते हुए झांटों के बीच उंगली घुमा रही थी तो वो मेरे चूची पर हाथ लगाए जोर जोर से मसलने लगा और तभी मैं पूरा मुंह खोले उसके पूरे लंड को ही मुंह के अंदर लिए चूसने लगी, वो तड़प उठा और खुद अपने चूतड़ को उपर नीचे करते हुए मेरी मुह को ही चोदने लगा, ये उम्मीद छोटे भाई से नहीं थी लेकिन वो अब मेरे सर पर हाथ रखे मुंह को तेजी से चोदे जा रहा था तो मैं उसके लंड मुंह में रखे मस्त थी फिर मुंह से थूक निकलने लगा और अमित के गिले लंड बाहर कर खुद बेड पर लेटी ” क्यों दीदी कि बुर नहीं चाटेगा
( वो मुझे बाहों में लेकर चूमने लगा ) सेक्सी हो तुम लेकिन एक बात बताऊं
( मै ) हां बोल अमित
( वो बोला ) आपको ना कभी कभार छुप कर ड्रेस बदलते देखा था
( मैं उसके कान पकड़ ऐंठ दी ) बदमाश तब तो मेरे नग्न बदन को याद कर लंड हिलाते भी होगे ” लेकिन वो चुप रहा और अब मेरे कमर के पास बैठा तो जिया जांघ पर जांघ चढ़ाए लेटी हुई अमित को देख रही थी तो वो मेरे जांघ को पकड़ फैलाना चाहा लेकिन मेरी पकड़ थोड़ी मजबूत थी, सो जांघ पर जांघ तो चूत छुपा हुआ और वो फिर मेरे जांघ पर हाथ फेरने लगा साथ ही झुककर दूसरे जांघ को चूम रहा था, अब तो मेरी पकड़ ढीली होने ही थी फिर भी उसके ओंठ का प्यार अपने चिकने जांघ पर सहती हुई जांघ पर जांघ चढ़ाए हुए थी और अमित अब एक हाथ मेरे पेट पर घुमा रहा था, खुद उसके हाथ पकड़ अपने बूब्स पर रख दी तो वो चूची दबाता हुआ मेरे जांघों को चूमने लगा और अब तो जिया ढीली पड़ गई। जिया की जांघें फैलने लगी तो भाई मेरे चूत को सहलाने लगा और अब तो दोनों जांघ पूरी तरह से फैलाकर मैं आहें भर रही थी ” ओह अमित प्लीज़ अब इसको चुमो ना
( वो मेरी चूत पर हाथ फेरने लगा ) किसको चूमना है बेबी
( मैं चेहरा फेरते हुए बोली ) मेरी चूत को चूम चाट साले ” और वो अपना चेहरा मेरी बुर पर लगाए ओंठ से बुर की मोटी फांकों को चूमने लगा, अब मैं अमित के लंड से चुदवाने को बेकरार थी लेकिन अभी तो अपनी योनि चुम्बन करवाने में मस्त थी, वो मेरे चूत को उंगली से फैलाकर जीभ को अंदर घुसाया फिर चाटता हुआ मेरे कमर पकड़े था तो मैं ” ओह प्लीज़ अमित तेजी से जीभ घुसा ना आह मेरी चूत कितनी गुदगुदी ” और तभी वो बुर में जीभ घुसाए लपलप चाटने लगा तो जिया अब बोल पड़ी ” ओह माई गॉड मेरी चूत से कितनी जल्दी रस निकाल दिए ” तो अमित जीभ निकाल कर उंगली से चूत कुरेदने लगा…. to be continued.

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