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मां और बेटी दोनों को रिझाया : भाग-४

हैलो दोस्तों,
राहुल मलहोत्रा का आप लोगो को नमस्कार, क्या एक शादीशुदा महिला अपने पति से संतुष्ट होकर भी गैर मर्दों की बाहों में समाने को तड़पती रहती है या ये उनका मृगतृष्णा है, मुझे नहीं मालूम लेकिन राहुल तो अविवाहित है और सरकारी नौकरी के लिए कोशिश कर रहा है साथ ही अपने जवानी के दिनों को एंजॉय कर रहा है तो पिछले भाग में आपने पढ़ा की कैसे एक डॉक्टर की बीबी और उसकी बेटी पर मेरी नजरें चली गई तो सप्ताह भर में ही वो औरत मेरे जाल में फंस चुदवा ली लेकिन क्या उसको मेरे जैसे जवान लौंडे की जरूरत नहीं थी। परमजीत रंधावा देखने में सुंदर तो ज़ुल्फ बॉब कट साथ ही लंबाई ५’६ इंच के आसपास तो चूचियां पपीते सामान छाती से लटकी हुई तो उसकी गोल गुंबदाकार नितम्ब और मेरी नजर तो उनके गान्ड पर ही थी, डिंपी को चोदते वक्त खास मजा नहीं आया था कारण की उसकी चूत चुदवा कर ढीली पड़ चुकी थी तो दूसरी ओर परमजीत की बेटी कामिनी मेरे चंगुल में नहीं आई थी। डिंपी की चुदाई के चार दिन बाद मुझे उसका कॉल आया तो जानबूझकर पहले तो मैंने कॉल रिसीव नहीं किया और उस वक़्त मैं अपने कोचिंग क्लास से ही निकल रहा था तो फिर मैं सर्वोदय नगर के एक वाईन शॉप से व्हिस्की की बोतल खरीदा फिर वहीं पर बने जगह पर कोल्ड ड्रिंक्स में मिलाकर पीने लगा तो डिंपी का फिर से कॉल आया और मैं कॉल रिसीव कर उससे बात करने लगा ” बोलिए डिंपी मैडम कैसी हैं
( वो बोली ) ठीक हूं और आज शाम तक बिलकुल अकेली और फ्री भी क्या दोनों मिल सकते हैं
( मैं मुस्कराया ) जरूर, आधे पौने घंटे में पहुंचता हूं ” तो मैं व्हिस्की पीकर नशे में चूर था और कुछ देर पास के एक पार्क में बैठा फिर बाईक स्टार्ट कर डाक्टर रंधावा के घर की ओर जाने लगा, उनके घर पहुंचा फिर बाहर ही टेरेस में बैठा तो कुछ देर के बाद घर की नौकरानी मेरे पास आई ” जी मैडम आपको बुला रही हूं ‘ तो मैं उठा और अंदर चला गया और परमजीत डायनिंग हॉल में बैठ मेरा इंतजार कर रही थी ” आओ राहुल ” फिर वो उठकर मेरे पास आई और लिपट गई ” ओह तुम तो पहले से ही पीकर मस्त हो, मेरा साथ कौन देगा
( मैं उसके चूतड को थपथपाया ) मैं साथ दूंगा मैडम ” तो मैं उसके गर्दन को चूमने लगा और उसके बदन से परफ्यूम की खुस्बु आ रही थी, डिंपी टॉप्स और स्कर्ट पहन रखी थी तो मैं उसके चेहरे को चूमता हुआ चूतड पर हाथ फेरने लगा और वो खुद शराब के नशे में धुत थी तो में उनके ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन देने लगा और वो मेरे ओंठ को मुंह में लिए चूसने लगी तो राहुल उसके स्कर्ट को कमर तक उठाए चूतड को सहलाने लगा, वैसे डिंपी पेंटी पहनी हुई थी लेकिन गान्ड के दरार में मैं उंगली रगड़ते हुए उसके चूत की ओर हाथ बढ़ा रहा था और फिर मेरे ओंठ मुंह से निकाली ” क्या डायनिंग हॉल में ही सब कुछ करोगे
( मै बोला ) आपकी जो मर्जी ” और दोनों बेडरूम चले गए।
परमजीत की सेक्सी जिस्म पर कपड़ा था तो उसके रूम घुसते ही वो मेरे शर्ट और जींस जल्दी में उतारने लगी लेकिन मैं उसके बड़े बड़े बूब्स को पकड़ा और दबाने लगा, दोनों हाथ में मुलायम बूब्स थे तो वो मेरे चढ्ढी – बन्नियान तक को उतार मुझे नंगा कर दी फिर बेड के किनारे पर बैठ मेरे सुस्त पड़े लंड को पकड़ बोली ” आज तुझे एक तोहफा दूंगी, क्या कबूल करोगे
( मैं बोला ) क्यों नहीं जो दीजियेगा वो स्वीकार करूंगा ” तो वो मुझे बेड पर लेटने को बोली फिर अपने मोबाइल लेकर किसी को कॉल करने लगी ” हां राधा, मेरे बेड रूम आ जाओ ” मैं कुछ नहीं बोला बल्कि उसके मेरे करीब आते ही उसको अपने बदन पर लिटा दिया तो वो मेरे ओंठ पर जीभ फेरते हुए मुंह में जीभ घुसाई तो मैं उसके जीभ चूसने लगा और तभी मुझे किसी के अंदर आने की आहट हुई तो डिंपी के जीभ निकालना चाहा लेकिन वो मेरे गर्दन के पीछे हाथ लगाए जीभ चुसवा रही थी और मेरे बदन पर लेटी हुई थी तो उसके स्कर्ट कमर तक किए मैं उसके चूतड़ सहलाने लगा, पल भर बाद डिंपी मेरे मुंह से जीभ निकाल बदन पर से उतरी तो मेरा लंड अर्ध रूप से टाईट था और रूम में खड़ी राधा बोली ” जी मैडम क्या कुछ काम है
( डिंपी उसको मुड़कर देखी ) बेवकूफ हो क्या, वहां क्या खड़ी हो चल अपने कपड़े उतार कर यहां आ ” तो राधा मुश्किल से २७-२८ साल की शादीशुदा महिला होगी जिसके नयन नक्श अच्छे थे तो कद ५’३ इंच और उसके गोल गोल चूची ब्लाऊज से थोड़े दिख रहे थे, अब वो रूम में खड़ी होकर अपने साड़ी, पेटीकोट और ब्लाऊज़ उतार नंगी हो गई तो डिंपी उसे बोली ” वाशरूम जाकर अपनी बुर को अच्छे से धो ले ” वो कमर बलखाते हुए चली गई तो परमजीत अपने टॉप्स और स्कर्ट खोल अर्धनग्न थी, पूछा ” आप अपनी कामवाली बाई को क्यों बुलाई साथ ही निर्वस्त्र होने का आदेश दी
( डिंपी मेरे लंड पकड़े सहलाते हुए बोली ) क्यों दो औरतों के साथ सेक्स करने में कोई तकलीफ़ हैं ” मैं कुछ नहीं बोला तो किंग साईज बेड पर नंगे लेटा हुआ था और राधा बेड पर आईं तो परमजीत बोली ” तू अब उसके लंड चूस, गान्ड चाट और मैं इससे चूत चटवा लूंगी ” तो राहुल के कमर के पास राधा बैठी हुई थी तो उसके मधयम आकार की चूचियां देख लंड टाईट होने लगा और वो अब लंड पकड़ झुकी फिर मुझसे नजरे मिलाते हुए लंड को चूमने लगी, राधा का छरहरा बदन साथ ही काले रंग कि निप्पल देख चूची चूसने का जी कर रहा था लेकिन वो मेरे लंड पर चुम्बन देते हुए जांघ सहलाने लगी और डिंपी मेरे चेहरे के उपर घुटनों के बल बैठी तो उसके मोटे चिकने जांघों के बीच और नीचे मेरा चेहरा था तो मैं अब उसके कमर में हाथ डाले चेहरा थोड़ा उपर किया फिर चूत को चूमने लगा। डिंपी की फैली हुई चूत साथ ही टाईट शिसनिका को अब ओंठ नहीं जीभ से ही प्यार किया का सकता है तो मै उसके चूत में जीभ घुसाए चाटने लगा और वो खुद उंगली से चूत फैलाए चटवाने लगी, मेरा लंड राधा मुंह में भर चूसने लगी तो राहुल चूत की गहराई तक जीभ घुसाता हुआ चाटने लगा…. to be continued.

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