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माया की गर्म जवानी : भाग ३

फ्रेंड्स
मैं माया शर्मा, उम्र ३६ वर्ष, लंबाई ५’६ इंच, गोरा बदन तो काली लंबी जुल्फें, बूब्स तो बड़े साईज के थे और चूतड गोल गद्देदार, चूत की फांकें मोटी और लालिमा लिए इस चूत में १५ साल से एक ही लन्ड घुस रहा था, मेरे पति की मेरे में रुचि नहीं के बराबर रही तो मैं गैर मर्द की तलाश में थी और मुझे अपार्टमेंट का एक लड़का मोहित मजा देने लगा तो मैं भी उसके साथ मजा लेने लगी। मेरा मायके रोहतक था जहां मेरे पापा, मम्मी और भैया भाभी रहते थे तो वहां भी अपार्टमेंट में ही पापा ने घर लिया था और मैं गर्मी की छुट्टी में उनके पास गई थी और फिर वहां पहुंची तो मम्मी और पापा के पांव छूकर आशीर्वाद लिए, साथ में मेरे दोनों बच्चे भी थे, शाम के वक्त पहुंची थी तो गर्मी से हालत खराब था और फिर मैं रूम में गई और फिर दरवाजा सटाए अपने सलवार और सूट को उतार बैग से नाईटी निकालने लगी, मैं तो सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी और बैग खोल नाईटी ढूंढ रही थी लेकिन मिल ही नहीं रहा था तो मैं दूसरे बैग को फर्श पर से उठाए बेड पर रखी और नाईटी ढूंढने लगी, इतने में दरवाजा खुलने की आहट हुई और मैं देखी तो मेरा छोटा भाई मोंटी था, मैं तो सहम कर नाईटी लिए वाशरूम में घुस गई और फिर दरवाजा बंद कर ब्रा पेंटी उतार नग्न अवस्था में फ्रेश होने लगी, स्नान करते समय मेरा ध्यान मोंटी पर था जोकि मुझसे उम्र में ६-७ साल छोटा था लेकिन शादीशुदा जिंदगी जी रहा था और मैं स्नान कर डाइनिंग हॉल में आई फिर सबके साथ बैठ चाय पीने लगी, मोंटी की नजर पहली बार मेरे छाती पर थी शायद मेरा नग्न बदन देख उसके अंदर की काम इच्छा जाग गई हो और मैं तो कुछ दिनों से ही गैर के संग हमबिस्तर होने लगी थी, मैं अब मॉम के साथ बैठकर बातें कर रही थी तो मोंटी वहां से उठकर चला गया और मैं किचन में कुछ काम करने गई तो मोंटी की बीबी ने मुझे काम करने से मना किया ” क्या दीदी आप तो कभी कभार आती हैं आराम कीजिए
( मैं उससे पूछी ) तुम दोनों कुछ अच्छी खबर नहीं सुना रहे हो
( वो झेंप गई ) बहुत जल्दी खुश खबरी सुना दूंगी ” मैं वहां से चली गई फिर डाइनिंग हॉल में बैठ टी वी देख रही थी और शाम के ०७:३० बजे होंगे तभी मोंटी घर आया फिर वो अपने रूम चला गया तो मैं अपने रूम गई कारण की दोनों बच्चे आकर टी वी पर अपने अपने एपिसोड देखने लगे, मैं लेटकर मोबाइल लिए उसमें एक प्रोग्राम युतुब पर देख रही थी तभी मोंटी रूम में आया और मेरे पांव के पास बैठ मेरे पांव को दबाने लगा ” अरे मोंटी ये क्या कर रहे हो
( मोंटी मेरे पैर को दबाने लगा और उसका स्पर्श मुझे अच्छा लग रहा था ) पांव दबा रहा हूं दीदी
( मैं एहसास कर रही थी की मोंटी का हाथ मेरी नाईटी के अंदर था और वो घुटनों के नीचे तक दबाए जा रहा था ) बस कर मोंटी और ऊपर तक नहीं
( वो चुप रहा लेकिन अपने हाथ से मेरे घुटनों के ऊपर के भाग को सहलाने लगा और मैं गर्म होने लगी ) आह ओह मोंटी मैं तेरे इरादे को समझ रही हूं प्लीज हाथ हटा ले ” और वो झट से अपना हाथ मेरी फैली हुई जांघों के बीच लगाए चूत को सहलाने लगा तो मैं उठकर उसका हाथ नाईटी के उपर से ही पकड़ ली ” नहीं मोंटी ये गलत है मैं तो तुम्हारी बड़ी बहन हूं
( मोंटी मेरी चूत की फांकों को उंगलियों के बीच लेकर दबा रहा था और वो अपना चेहरा मेरे पास कर ओंठ चूम लिया ) क्या दीदी तुम भी आदिम जमाने की बात कर रही हो, जीजू तो ना जाने कितनों के संग मजे ले लिए होंगे
( मैं हंस दी ) ठीक है तो रात को अपनी बीबी को अकेले छोड़ मेरे पास आ जाना ” और वो मेरी नाईटी से हाथ निकाल दिया फिर उठकर चला गया, मुझे भी तो मोंटी के साथ मजा ही आता और रात दस बजे तक खाना खाकर मैं अपने रूम आ गई, रूम के खिड़की के पास कूलर लगा हुआ था और दोनों बच्चे बेड पर सो गए तो मैं भी लेट गई, सोचने लगी कि मोंटी मेरा भाई होकर भी मेरे साथ सेक्स करना चाहता है यकीनन रिश्तों का कदर रही ही नहीं है और फिर कुछ देर में मेरी आंख लग गई।
मैं तो गहरी निंद्रा में सो रही थी की मुझे एहसास हुआ कि मैं नग्न अवस्था में हूं और मेरे बदन पर कोई लेटा हुआ है, अचानक से आंख खोली तो देखी की मोंटी मेरे जिस्म से नाईटी उतार मेरे चूची को चूसने में मस्त है तो मैं उसे देख मुस्कुराई फिर उसके बाल सहलाते हुए बोली ” कितने देर से दीदी को परेशान कर रहा है
( मोंटी चूची निकाल दिया ) अभी तो दो मिनट पहले आया हूं और देखा की आप नींद में हैं इसलिए नहीं जगाया और फिर ” मैं चुपचाप लेटी रही तो मोंटी मेरे चेहरे के ऊपर चेहरा किए चूमने लगा और मैं उसके गर्दन से चेहरा को चूमते हुए पीठ सहला रही थी फिर वो ओंठ पर चुम्बन दिया तो मैं बोली ” तू सही में बहुत बड़ा चोदूं है बीबी में मजा नहीं आता
( वो मेरे ओंठ चूम लिया ) हां उसकी अभी महिनवारी चल रही है ” फिर वो मेरे ओंठ को मुंह में लिए चूसने लगा तो मैं उसके पीठ पर नाखून गड़ाने लगी, मेरे जिस्म में काम की ज्वाला लगी हुई थी तो मोंटी अब ओंठ छोड़ पूछा ” क्यों अपनी चूत साफ रखती है
( मैं हंस दी ) खुद ही देख लो मोंटी ” और वो मेरे जांघों के बीच चेहरा किए चूत को देखने लगा, हाल में ही उसे हेयर रिमूवर क्रीम से साफ की थी फिर मोंटी चूत पर ओंठ रख चुम्बन देने लगा तो मुझे लगा की इसके साथ सेक्स करने में और भी मजा है, मेरी चूत को फैलाए उसमें जीभ घुसाया फिर कुत्ते की तरह चाटने लगा तो मैं आहें भर रही थी ” आह उह ओह मोंटी अब अपना औजार डाल ना
( वो जीभ निकाल बोला ) क्या माया डार्लिंग इतनी जल्दी क्या है आराम से मजा कर ” फिर वो बुर में उंगली डाल कुरेदने लगा और चूत के ऊपरी हिस्से को चाट रहा था, मेरी चूत से अब रस निकलने पर थी और चूत से रस निकलते ही मोंटी जीभ निकाल लिया फिर अपना लन्ड पकड़े मेरी चूत में घुसाने लगा, उसका लन्ड मोटा था और कड़ा भी तो पूरा लन्ड चूत में घुसते ही मुझे मजा आने लगा फिर वो धक्का देते हुए चोद रहा था, मैं तो मोंटी से चूदाई करा कर मस्त थी और वो मेरे ऊपर लेट गया तो मैं उसके ओंठ चूम ली फिर अपने चूतड को उछालना शुरू की तो मोंटी भी धक्का देते हुए चोद रहा था ” आहा उह ओह आआआआह्ह्हह और तेज चोद साले बहन अब तेरी रण्डी बन गई अपने दोस्तों को भी बुला और उससे भी चुदवाने का मौका दे
( वो मेरे ऊपर लेट चोदे जा रहा था ) हां साली रण्डी जरूर तुझे एक साथ दो तीन लन्ड खाने को मिलेगा ” मोंटी मेरे बदन पर लेट चोदे जा रहा था तो मैं उसके चेहरा को चूमते हुए चूतड उछाल उछाल कर चुदाने में मस्त थी फिर वो ” आहा ओह उह अब निकल जायेगा
( मैं बोली ) इतनी जल्दी तू साले मुझे संतुष्ट नहीं कर सका ” फिर उसके लन्ड से वीर्य स्खलित होकर चूत को गीला कर दिया, कुछ देर बाद वो मेरे ऊपर से हटा और चला गया तो मैं भी फ्रेश होकर सो गई।

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