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मेरी कामुक चाची – भाग 2

मेरी छोटी चाची मुझसे चुद चुकी थी लेकिन हमदोनो आराम से मजे लेना चाह्ते थे, जोकि घर मे सम्भव नही था ! इसलिए चाची और मैने एक प्लान बनाया, हम दोनो साथ ही एक होटेल मे रुकने वाले थे जबकी मै उनको उन्नाऊ छोड़ने के लिये निकला था ! एक रात होट्ल मे रुकने के बाद दोनो उन्नाऊ के लिये सुबह-2 निकलते, शाम 5:30 बजे हम दोनो घर से निकले और सिधे बस पकड़ने के लिये एक औटो बूक कर लिये, लेकिन औटो वाले को कुच्ह दुरी तय करने के बाद बोला….. ” ऐसा है भैया कोई होट्ल के पास रोक देना

(औटौ वाला) अभी खाना खाना है

(राहुल) नही रुकने के लिये होट्ल का एक कमरा चाहिये. ” वो हमदोनो को शक कि निगाह से देखने लगा और विजय नगर चौराहे से स्वरुप नगर की ओर मुड़ गया ! फ़िर हम दोनो एक होटल मे घुसे और कमरा खाली है कि नही, जानने के बाद औटोवाले को पैसा देकर छोड़ दिये !

होटल के स्वागत हाल मे चाची सोफ़ा पर बैठी हुई थी और मै रजिस्टर मे सारा ब्योरा भरकर पैसा दिया और फ़िर एक बेरा हमदोनो के सामान को लेकर एक कमरे कि ओर चल पड़ा ! होटेल के प्रथम मञिल के एक कमरे को बेरा खोला और सारा सामान रखकर चला गया, हमदोनो ड़्बल बेड़ के सुंदर से कमरे मे थे ! चाची दरवाजा को बंंद की और बाथरूम चली गयी, उनके बड़े से बैग को कमरे के कोने मे रखकर मै बेड़ पर बैठा था ! अब चाची कमरे मे आई, गुलाबी रंग़ के साड़ी, ब्लाउज और साया मे खुबसुरत लग रही थी, मेरे बगल मे बैठी हुई वो बोली….. “खाना का इंतजाम तो यहा होगा

(राहुल) जरुर. ” और मै चाची को चुमने लगा, दोनो बेड़ पर बैठे थे और मै चाची को अपने सीने से लगा कर गाल चुमने लगा ! पल भर बाद चाची को बिस्तर पर सुला कर मै अपने कपड़े को उत्तारने लगा और चाची मुझे देख मुस्कुराने लगी, अपना कपड़ा खोलकर पुरी तरह से नण्गा हो गया और बबिता के साड़ी को हटा दिया ! वो ब्लाउज और साया मे गरम जवानी लग रही थी, अब मै चाची के बदन पर सवार होकर उनके गाल और रसिले ओंठ को चुमने लगा, उनकी बड़ी -2 चुचि मेरे सिने से दब रही थी और मुझे काफ़ी मजा आ रहा था ! चाची मुझे कसकर पकड़ी हुई थी और मै चाची के मुह्न मे अपना लम्बा सा जिभ दे दिया और वो जिभ चुसते हुए मेरे बदन को सहलाने लगी ! अब चाची मेरे जिभ को निकाल दी तो मै उनके बदन के बगल मे बैठ्कर उनके चुची को मसलने लगा और बबीता खुद हि अपने ब्लाउज को उत्तार फ़ेंकी, उनके दो बड़े -2 स्तन मेरे सामने नग्न थे, ब्रा उनकी चुची का 1/3 हिस्सा ही धक पा रही थी !

चाची के सिने पर झुका और उनके स्तन को मुह्न मे भरकर चुभलाने लगा, उनकी बड़ी -2 चिकनी और मांसल चुची को चुसता हुआ द्सरी चुची को मसल रहा था ! वो गरम हो रही थी और मै उनके दुसरे स्तन को चुसने लगा, अब मेरा लंड़ पुरी तरह से गरम हो चुका था ! अब मै चाची के चिकने पेट को चुमता हुआ उनके गोलाई को मसलने लगा, उनके कमर पर चुम्बन देता हुआ साया के नाड़ा को खोल दिया और सर उपर करता हुआ उसके साया को कमर से निकाल दिया ! चाची के नग्न चिकने मोटे-2 जङ्हा आपस मे सटे हुए थे, मै झुककर बबिता के जाङ्ह को चुमने लगा और वो अपने जङ्हा को फ़लकाने लगी, अब बुर को देखता हुआ एक तकिआ उनके मांसल चुत्तर के निचे ड़ाला और अपना चेहरा उनके जङ्हा के बिच मे करके बुर को सुङ्हने लगा ! चाची की बुर को सुण्घता हुआ उसपर अब ओंठ घुमाने लगा, चुद्दक्कर चाची की चिक्नी बुर के रान फ़लके हुए थे और मै उङ्ली की मदद से उसके बुर को फ़लकाया, गुलाबी रंग़ कि भग्नासा मे अपना जिभ घुसाकर बुर चाट्ने लगा और उसके दोनो मोटे-2 जङ्हा को कसकर पकड़ रखा था ! चाची सिसकने लगी और मेरे बाल को थामे मेरा चेहरा अपनी चुत कि ओर ध्साने लगी जबकी मै कुत्ते कि तरह चाची की बुर को लपालप चाटता रहा, मेरे लंड़ मे खुजली होने लगी लेकिन मै बुर को चाटता रहा ! पल भर बाद बबिता चिखने लगी….. “अरे कुत्ते बुर को अब चुस ना आह्ह मेरी बुर पानी छोड़ने वाली है. ” मै बुर के रान को मुह्न मे लेकर चुसने लगा और उसकी बुर से पानी निकल आया, बुर को चाट कर रस का स्वाद लिया और बाथरूम चला गया !

पल भर बाद बबिता कमरे मे आकर बेड़ पर बैठी, उसके नग्न जिस्म देख चोदने का जी कर रहा था, लेकिन चुसे हुए लंड़ से चोदने का मजा अलग हि होता है ! बबिता बेशर्म औरत की तरह मुझे बेड़ पर धकेल दी और मेरे कमर के पास बैठ गयी, वो झुककर लंड़ को थामी और मुह्न मे भरकर चुसने लगी ! उसके बंद मुह्न मे मेरा खड़ा लंड़ था और वो चुसते रही, पल भर बाद मुह्न से लंड़ निकाल कर जिभ फ़ेरने लगी और मेरे लंड़ का हाल खराब हो रहा था, पल भर बाद वो मुखमैथुन करने लगी ! मै लेटा रहा और वो पल भर बाद बगल मे लेट गयी, मै उसके स्तन को मसलने लगा…. ” चुदना है या विर्यपान करना है

(बबिता) फ़िलहाल विर्यपान

(राहुल) ठीक है लेकिन तुम्हारे बुर पर तो कल बार थे

(बबिता) साफ़ करके तेरे पास आई ! ” अब मै बबिता के दोनो जङ्हा के बिच अपना लंड़ पकड़े बैठ गया और लंड़ को उसके बुर मे घुसा कर चुदाई शुरु कर दिया, उसके नग्न मखमली बदन पर सवारी करते हुए चोदने लगा तो वो अपने मांसल गांड़ को उपर निचे करते हुए चुदाई के मजे को दुना करने लगी ! मेरा लंंड़ बबिता की बुर मे तेजी से आ जा रही थी और वो चुदास की आग मे जलते हुए मेरे मुसल लंड़ से चुद रही थी ! 10 मिनट की चुदाई के बाद उसके बुर का रस गायब हो चुका था और बुर की आग मे बबिता जलने लगी…. “ऊह्ह ऊम्मम्म आह्हह्हह राहुल तुम तो चोदने मे एक्सपर्ट हो आह तुमहारा लंड़ भी मोटा और लम्बा है, आज रात भर मुझे चोदते रहो. ” लेकिन मै तो झड़्ने पर था और फ़िर मेरे लंड़ से विर्यपात हो गया ! दोनो एक दुसरे कि बाहो मे लिपटे रहे…….

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