मेरी बड़ी चाचि सुनिता – Dirty Sex Tales

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मेरे बड़े चाचा आजमगढ मे दरोगा थे, उनके साथ उनकि पत्नि और दो बच्चे रहते थे ! बात कुछ महिने पहले की है जब मै एक परिक्षा के सिलसिले मे आजमगढ पह्नचा, मेरी चाचि सुनिता 42-43 साल कि औरत है, जोकि छोटे से शहर मे रहने के बाब्जुद काफ़ी सज सवंर कर रह्ती थी ! मै शाम को जब उनके घर पर पहुंचा तो चाचि घर पर अकेली थी और वो मुझे देख काफ़ी खुश हुई, मै चाचि के पैर छुने के लिये झुकने वाला था की वो मेरे बदन पर हाथ लगाकर मुझे गले से लगा ली और मै अचम्भित रह गया, वो मेरे गाल को चुमकर बोली…… “मै तेरी देहाती चाचि नही हु बल्की माड़र्न खयालात की हु

(चाचि के बड़े-र स्तन छाति से चिपके हुए थे) जरुर चाचि. ” और वो मेरे से अलग होति उसके पहले उसके नितम्ब को सहला कर मैने अपना सोच जाहिर किया और चाचि मेरे सामने से अपने गांड़ मट्काते हुए किचन चली गयी !

सुनिता चाचि कुछ देर बाद दो कप काफ़ी लेकर आई और दोनो साथ बैठकर काफ़ी पीने लगे, मै पुच्हा….. “चाचा और दोनो भाई नही दिख रहे है

(चाचि) चाचा देर रात ही लौटते है और दोनो आज एक पार्टी मे गये है. ” मै सुनिता के नग्न मोटे-2 बाहो के साथ चुचि को भी देख रहा था, वो ड़ीप गले वाली ब्लाउज पहन रखी थी तो उनका पिठ पुरी तरह से नग्न था, उसके सिने पर साड़ी तो थी लेकिन चुचि का उपरी हिस्सा नग्न था और उनके नग्न मांसल पेट से लेकर नाभि तक को घुरता हुआ मै चाचि को रिझाने की कोशिश कर रहा था ! वो काफ़ी पीकर उठी और किचन चली गयी, मै उनके चुत्तर के फ़ांक को आपस मे टकराते देख गरम हो उठा ! घर पर कोई नही था और चाचि को चोदने को मै आतुर था लेकिन मन घबड़ा रहा था, तभी वो किचन से बाहर आई और बोली……. “तुम को थकावट होगी

(राहुल) हा चाचि लेकिन क्यो

(सुनिता) एक दो बियर की बोतल है पीना हो तो छत पर जाकर पीलो

(राहुल) लेकिन चाचि अकेले बियर पीना मुझे ठीक नही लगता

(सुनिता) अकेले, मै क्या तेरा चेहरा देखुण्गी, बियर मै भी पीती हु. ” और फ़िर दोनो छत पर चले गये ! छत पर दो बड़े-2 कमरे थे, चाचि के साथ एक कमरे मे बैठकर बियर पीने लगा, वो मेरे लंड़ के उभार को बरमुड़ा पर से ही देख रही थी, खैर दोनो बियर पीकर मस्त हो गये और चाचि तो मेरे बरमुड़ा पर हाथ रख दी, वो मेरे लंड़ के उभार को पकड़कर बोली…… “राहुल तुम तो जवान हो गया है रे

(राहुल) जरुर चाचि जवान तो हो गया हु लेकिन आप मेरे लंड़ के उभार को क्यो पकड़ रखी है. ” वो मेरे लंड़ के उभार को छोड़्कर बोली….. “लो अब तो ठीक है

(राहुल) आप भी ना, अरे आपको बरमुड़ा खोलने मे क्या परेशानी. ”

हमदोनो कमरे के ज़मीन पर गददे पर बैठे थे और बियर के नशे मे धुत चाचि मेरे बरमुड़ा को कमर से निकाल फ़ेंकी तो मै चाचि के साड़ी को उत्तारने लगा, चाचि बेशर्म औरत की तरह खुद ही अपने ब्लाउज और साया को निकाल दी ! उनके गदराए जिस्म पर एक ब्रा ही था तो मै चाचि को बिस्तर पर सुलाकर उसके ब्रा को खोल दिया तो सुनिता अपने दोनो जङ्हा को सटाए बुर को छिपा रही थी ! अब 44 साल की औरत के साथ मै नंग़ा था, उसके बदन पर औंध कर उसके रसिले ओंठ को चुसने लगा तो सुनिता अपने हाथ को मेरे बदन पर घुमा रही थी, वो अपने जिभ को मेरे मुह्न मे ड़ालकर मुझसे चिपकी रही तो मै सुनिता के जिस्म पर सवार होकर जिभ चुसता रहा ! मेरी चाचि कामुक औरत थी और वो मेरे गांड़ को सहलाते हुए जिभ चुसवाती रही, फ़िर मै सुनिता की जिभ को छोड़्कर उसके स्तन को थामा और जोर-2 से मसलने लगा, वो सिसक रही थी तो मै स्तन के घुंड़ी को जिभ से चाट्ने लगा ! पल भर बाद सुनिता के बदन को चुमता हुआ उसके जङ्हा को सहला रहा था, कमर चुमने के बाद एक तकिया उनके गांड़ के निचे लगा दिया और उनके दोनो जङ्हा को फ़ैलाकर बुर को निहारने लगा ! सुनिता चाचि की बुर ब्रेड़ पकोड़े की तरह फ़ुली हुई थी तो दोनो फ़ांक के बिच एक दुरी थी और फ़िर 44 साल की औरत की बुर ढीली और फ़ैली ना हो, ये सम्भव नही था ! मै उनके चिकने चुत के उपर चुम्बन देने लगा, तो चाचि खुद ही उंग़ली की मदद से चुत फ़ैला दी, मेरा जिभ बुर की गहराई को चाटने लगा तो वो सिसकने लगी…… “आह्हह ऊह्हह ऊम्मम्म राहुल अब बुर चोदो ना. ” लेकिन मै सुनिता की चुत के फ़ांक को मुह्न मे भर लिया और चुसने लगा ! मेरा लंड़ फ़नफ़ना रहा था तो मै बुर चुभलाने के बाद उठा और बाथरूम चला गया !

44 साल की मस्त औरत बेड़ पर कुत्तिया बनी हुई थी तो मै उसके गोल गुम्बदाकार चुत्तर के सामने लंड़ पकड़े बैठ गया, अब चाचि की चुत मे लंड़ पेलकर चुदाई करने लगा! उनकी चिकनी चुत मेरा पुरा लंड़ अंदर बाहर हो रहा था तो वो अब अपने नितम्ब को हिलाते हुए चुदाई का मजा ले रही थी, मेरा 7-8 इंच लम्बा और 2 इंच मोटा लंड़ उसकि ढीली बुर मे आ जा रही थी, लेकिन चाचि को मस्त करने के लिये मेरा लंड़ काफ़ि नही था, फ़िर भी बुर तो बुर होती है ! सुनिता की कमर को थामे मै तेज चुदाई कर रहा था तो उसके सिने से झुलते चुचि को मसलने लगा, वो भी अपने चुत्तर को हिला ड़ुलाकर मजे दे रही थी ! 10 मिनट कि चुदाई के बाद सुनिता की चुत गरम हो चुकी थी और वो चिंख पड़ी…… “ऊह्ह आह्हह राहुल और तेज चोदो ना मेरी बुर पानी फ़ेंकने वाली है. ” और फ़िर चाचि के गिले चुत से लंड़ बाहर निकालकर उसको चित लिटाया, अब झुककर बुर को चाट्ने लगा तो वो मस्ती मे पैर फ़ैलाये लेटी हुई थी ! अब मै चाचि की चुत्त मे अपना लंड़ पेलने लगा, आधा लंड़ उनके बुर मे गया था की मै तेज धक्का चुत मे दिया, मेरा लंड़ सुनिता की चुत मे था ! उसकी चुदाई करता हुआ बड़े-2 स्तन को दबाने लगा, अब उनके इसारे पर बदन पर सो गया और दे दनादन लंड़ पेलता रहा, पल भर बाद सुनिता अपने भारी भरकम चुत्तर को उपर निचे करने लगी, मेरा मुसल लंड़ बुर कि गहराई मे ना जाने किधर जा रहा था ! दोनो को काफ़ी मजा आने लगा और फ़िर चाचि की चुत आग हो गयी, मेरा लंड़ अब झड़ने के करीब था और मै चिंख पड़ा…….. “ऊह्हह्ह आह्हह्हह ये ले मेरा रस पीला अपनी बुर को. ” और फ़िर मेरा लंड़ बुर मे स्खलित हो गया !

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