मॉम के साथ हफ्ते भर की यात्रा : भाग – १५

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हैलो फ्रेंड्स,
राहुल फिलहाल लखनऊ में अपनी मॉम नेहा और बुआ बिनीता के साथ है तो मेरे फूफाजी ब्यस्त अधिकारी और उनका सात साल का लड़का स्कूल में पढ़ता है, एक सुबह जब फूफाजी ऑफिस और उनका बेटा स्कूल के लिए घर से निकल गया तो मैं मॉम के साथ घर में ही था तो मेरी बुआ पास के सब्जी मंडी चली गई और मॉम – बेटा का शारीरिक संबंध दो दिन से छुट्टी पर था। मेरी मॉम नेहा ४० साल की जवान औरत है, उसकी बड़ी बड़ी चूचियों की उफान जानलेवा है तो गोल गुंबदाकार गान्ड देखते बनती है साथ ही उनका गोरा चेहरा और चिकने मोटे जांघों को देख तो साठ साल के बूढ़े का भी लंड टाईट हो जाए। मॉम काले रंग की नाईटी पहने बालकनी में कुर्सी पर बैठी हुई थी तो फिलहाल घर में दोनों के सिवाय और कोई नहीं था तभी मैं उनके सामने जाकर कुर्सी पर बैठ गया, वो मेरी ओर नजर उठाकर देखती इससे पहले ही मैं उनके एक बूब्स को पकड़ जोर जोर से दबाने लगा ” ये क्या कर रहे हो हरामजादे ” तो मैं बूब्स छोड़कर उनके गाल सहलाने लगा ” क्यों तेरी चूत खुजला नहीं रही है ” वो चुप थी लेकिन मुस्कुराने लगी और मैं उनके चेहरे को चूमने लगा लेकिन यहां मजा नहीं आ रहा था, सो दोनों उठकर बेडरूम चले गए और मॉम बेड पर लेटकर अपने नाईटी की डोरी खोल दी तो उसको दोनों बाहों की ओर करके अपने नग्न बदन की नुमाइश करते हुए बोली ” ले यही चाहिए ना साले चोद अब
( मैं झुककर उसके गाल चूमने लगा ) चुदाई आखिरी में नाकि अभी समझी रण्डी ” तो उनके रसीले होठों को चूमने लगा और वो मेरे पीठ सहलाने लगी, अधेड़ उम्र की महिलाओं को बिना गर्म किए चोदने का आनंद ही बेकार है तो उसके ओंठ को मुंह में लेकर चूसने लगा और वो अब मुझे अपनी बाहों में जकड़े मेरे पीठ सहला रही थी तो मैं उनके गर्दन चूमने लगा और उसके संगमरमर सी बदन पर फिसलते हुए किस्स ले रहा था, साली के जिस्म में गजब सा नशा था तो मैं उनके छाती को चूमता हुआ चूचियों के साथ खेलने लगा, उसकी दोनों बड़ी बड़ी चूचियों को पकड़कर दबाने लगा तो मॉम मुझे देख मुस्कराने लगी फिर मैं उनके बाईं चूची को मुंह में लेकर चूसने लगा, वैसे साली रण्डी ३८ डी ब्रेसियर पहनकर चूचियों को शेप में रखती थी और तभी उसके चूची के अग्र भाग को चूसता हुआ मस्त था और लंड तो शॉर्ट्स में ही टाईट होने लगा फिर उसकी हाथ मेरे पीठ को सहला रही थी तो उसकी सेक्सी आवाज ” उह आह ओह राहुल बहुत खुजली हो रही है
( मैं बाईं चूची छोड़कर बोला ) ए साली इतना नखड़ा मत कर ” फिर उसकी दाईं चूची मुंह में लेकर चूसने लगा तो नेहा मेरे बनियान को उपर की ओर करते हुए नग्न पीठ सहलाने लगी, कुछ देर तक चूची को चूसता रहा फिर उठकर मॉम के नाईटी को बदन से निकाल फेंका। नेहा ४० साल की गदराई माल है तो उसके तन पर सिवाय एक पैंटी के कुछ और नहीं था, फिर मैं उसके सपाट पेट से लेकर नाभि तक को चूमने लगा और वो सिसकते रही ” उई आह इतनी खुजली हो रही है, कब चोदेगा बे कुत्ते
( मैं सर उठाकर बोला ) चोदूंगा तुझे आज दोपहर में वो भी वाशरूम में घुसा कर ” फिर उसके मोटे चिकने जांघों को सहलाता हुआ पैंटी पर उंगली रगड़ने लगा, मॉम की गद्देदार चूत की दोनों फांकों के बीच उंगली रगड़ता हुआ मस्त था और वो तड़प रही थी अब तो बिन पानी के मछली जैसे करने लगी, अपने पैर बेड पर रगड़ रही थी तो उसके केले के थंब से जांघ को झुककर चूमने लगा और वो मेरे हर चुम्बन पर ” उह ओह आह अब नहीं राहुल, प्लीज़ जल्दी चोदो कहीं बुआ आ गई तो सारा मुड़ खराब हो जाएगा ” फिर मैं मॉम के दूसरे जांघ को किस्स करने लगा और अब उनकी पेंटी की डोरी खोलकर बुर को नग्न कर दिया, बेशरम औरत की तरह अपने जांघें फैलाए बुर सहलाने लगी ” अब क्या कुत्ते की तरह चाटेगा ”
तो मैं मॉम की जांघों को पूरी तरह से फैलाए मुंह को बुर पर लगाया, फिर उसकी मानस्ल चूत को चूमने लगा, औरत की गाल हो या ओंठ बुर चूमने का आनंद ही अलग है और नेहा अपने चूतड़ को थोड़ा ऊपर उठाने लगी ” उह ओह राहुल जीभ नहीं बे, लौड़ा पेल ना ” तो उसके चूत को फैलाए जीभ अंदर किए चाटने लगा तो मानो दुनिया की सबसे स्वादिष्ट भोजन वहीं टिकी थी और कुत्ते की तरह तेजी से लपलप बुर चाट मस्त हो गया फिर झट से अपना शॉर्ट्स खोलकर लंड पकड़े मॉम के दोनों जांघों के बीच बैठ गया, साली २१-२२ साल से चुद्वाकर बुर को बंगाल की खाड़ी बना चुकी थी तो उसका जवान बेटा राहुल लंड को बुर में घुसा दिया फिर दे दनादन चुदाई करने लगा, कहो तो उस चूत की कर्ज अदा कर रहा था अपनी मॉम को चोद चोदकर तो मॉम सिसक रही थी ” उई आह ओह राहुल लेट मेरे जिस्म पर फिर देख तुझे अपने उपर लिटाकर कैसे चूतड़ उछालती हूं ” तो मैं मॉम के जिस्म पर लेटा फिर मॉम मुझे बाहों में लेकर ओंठ चूमने लगी और वो अपने चूतड़ उछालने लगी तो चुदाई का मजा दुना हो गया, मैं मॉम के बूब्स का दबाव अपनी छाती पर पाकर मस्त था और दोनों चुदाई में लिन थे तो सुबह सुबह बिना स्नान ध्यान किए भूखे पेट चुदाई रूपी भोजन मुझे रोज मिले तो मैं बेझिझक खाऊं और मॉम मेरे चेहरे को चूमने लगी ” रुकना मत साले मादरचोद, पनिया जाऊंगी तो भी पेलते रहना ” तो मैं मॉम की गर्म चूत को चोदने में मसगुल था और तभी मेरा लन्ड बुर के रज से लतपत हो गया, तो मैं मॉम के बदन से उतरकर उनको बेड पर ही डॉगी स्टाइल में किया फिर उनके मोटे गान्ड को चूमने लगा और लंड को पीछे की ओर से चूत में डालकर चुदाई शुरू कर दिया, बुआ अभी तक घर नहीं आई थी तो मॉम और बेटा का शारीरिक संबंध उफान पर था और मैं उसकी चूत चोदकर हांफने लगा ” उह ओह अबे रण्डी गान्ड हिला ना, मेरा लंड झड़ने को है ” फिर लंड से वीर्य स्खलित होकर उसकी चूत को गीला कर दिया और तभी मॉम आगे होकर बुर से लंड निकाली और लंड को चूसने लगी, वीर्य का स्वाद ले ली तो घर के मेन गेट पर लगी बेल की घंटी बजने लगी, मॉम वाशरूम में घुसी तो मैं तुरन्त ही शॉर्ट्स पहनकर दरवाजा खोलने गया।

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