मॉम के साथ हफ्ते भर की यात्रा : भाग – ११

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दोस्तों,
पिछले भाग में आपने पढ़ा कि कैसे बनारस यात्रा के आखिरी दिन सुबह सुबह ही मेरी सेक्सी मॉम नेहा मुझे अपनी बाहों में लेकर अपने काम को तृप्त करने लगी तो वो सिर्फ बिकनी पहने वाशरूम से बाहर निकली तो मेरा लंड खड़ा था और वो अब मेरे बगल में बैठकर बोली ” एक ड्रिंक्स मेरे लिए भी बनाओ
( मैं बियर उनकी गलास में डालने लगा ) तुम्हें डेली कितनी चुदाई चाहिए
( मॉम मेरे लंड पकड़ सहलाने लगी ) कम से कम दो चुदाई
( मैं नेहा के कंधे में हाथ डाले उनकी चूची को ही दबाने लगा ) ठीक है, वापस कानपुर चलो तो सही तेरे लिए दर्जनों मूसल लंड की व्यवस्था कर दूंगा
( मॉम बियर पीने लगी ) ओह मतलब तुम मुझे रण्डी समझते हो
( मैं उनके पैर के सामने बैठा ) चल अपनी चूतड सोफ़ा के किनारे कर ” नेहा दोनों जांघें फैलाकर ड्रिंक्स लेने लगी तो मैं उसकी बिकनी के हुक खोलकर चुत को नंगा कर उसके फांकों को अलग किया और उनके हाथ से गलास लेकर थोड़ा बियर उनकी चुत पर गिराकर हाथ से मालिश करने लगा तो वो मुझसे गलास लेकर बियर पीने लगी और उसकी चुत पर छोटे छोटे बार उग आए थे तो मैं अपना नाक उनकी चुत के अंदर घुसा दिया फिर सूंघने लगा तो मॉम मेरे बाल पकड़ ” उह ओह राहुल मर जाऊं तेरी इस अदा से आह अब और नहीं ” उनके चुत के छेद में कुछ देर नाक को रख सुंगध लिया था तो मन प्रसन्न हो उठा फिर चुत पर किस्स करता हुआ उनके बूब्स पकड़ दबाने लगा तो नेहा कोई बीस साल की लौंडिया तो है नहीं की इतनी सी हरकत से गरम हो उठे, तो उनका बेटा उंगली से चुत फैलाकर पूरा जीभ अंदर घुसाने लगा और अंदर ही जीभ को घुमाने लगा तो समझो उसकी काम की ज्वाला भड़क उठी ” ओह राहुल उह काश तुम मेरे बेटा नहीं बल्कि आशिक होते, ओह उई मां मर गई कितनी खुजली होने लगी ” लेकिन राहुल उनकी चुत चाटने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा था और अपनी मॉम की चुत चाट चाटकर उनके बुर को रसीला बनाना चाह रहा था ताकि चुदाई का असली मजा ले सके, वो अब मेरे सर पर हाथ रखे मेरे चेहरा को ही बुर में ठूंस रही थी लेकिन कुछ भी अंदर घुस पाना नामुमकिन था सिवाय लंड के तो मेरा जीभ अब थक सा गया और मैं बुर से जीभ निकालकर उसके जांघ सहलाने लगा ” तो बोल मेरी सेक्सी रण्डी कितने रुपए लेगी मेरे दोस्तों से चुदने का
( मॉम हंसने लगी ) चल अब बुर को खूब एंजॉय कर चूस उसे, हां तेरे दोस्त से महंगे गिफ्ट लेकर ही अपनी बदन दूंगी ” मैं नेहा की फांकों को ओंठ के बीच लेकर चूसने लगा तो एक हाथ उनके स्तन को पुचकारने लगा, वो दोनो जांघें फैलाकर ऐसे बैठी थी मानो किसी घोड़े का लंड आसानी से हजम कर ले तो वो सिसकने लगी ” उह ओह आह मां मार डाला राहुल हुआ अब निकलेगा ” तो मेरे मुंह में रज की धार निकल पड़ी और मैं तुरन्त ही कुत्ते की भांति जीभ से लपलप उसकी चुत चाटकर रस का स्वाद लिया।
नेहा की चुदासी चुत और मेरा तमतमाया लंड का मिलन कोई पहली बार तो नहीं होने वाला था लेकिन हरेक सेक्स सेशन को हम दोनों एक नए अंदाज़ में करते थे तो नेहा तुरन्त ही सोफ़ा पर डॉगी स्टाइल में हो गई तो उसका चेहरा सोफ़ा की बैक की ओर था और चूतड़ मेरे चेहरे के सामने फिर मैं नेहा की गद्देदार गान्ड को सहलाने लगा तो एक हाथ से लंड पकड़े चुत में घुसाने लगा, जिसको एक २१ साल की बेटी और एक २० साल का बेटा हो उसकी चुत का क्या हाल हो सकता है आप अंदाज़ लगा सकते हैं, तो नेहा की ढीली चुत में पूरा लंड एक ही सांस में डालकर धीरे धीरे चोदना शुरू किया तो वो पीछे मुड़कर बोली ” जरा अपने जवानी की ताकत तो दिखा ” मैं मॉम की रसीली चुत को देर तक चोदना चाहता था, इसलिए धीरे धीरे ही चुदाई का मजा ले / दे रहा था तो नेहा खुद ही अपने चूतड़ को आगे पीछे करते हुए मेरे कामग्नी को भड़का दी फिर राहुल उनकी चुत में चूतड़ की ओर से लंड डाले तेज गति से चुदाई करने लगा तो नेहा चुद्दकड औरत की तरह अपनी कमर हिलाते हुए चूतड़ को वेग में आगे पीछे करके मस्त चुदाई का आनंद लेने लगी और राहुल दे दनादन लंड पेलता हुआ अपनी मॉम की बुर को चोद रहा था लेकिन ३-४ मिनट की चुदाई से चुत का रस वाष्प बनकर उड़ चुका था तो बुर के अंदर अब गर्मी होने लगी थी ” उह ओह उई राहुल चोदो चोदो रे, पूरे गति से ” तो मैं मॉम की चुत में अब धीरे धीरे चुदाई करता हुआ उसके चूतड पर जोर जोर से थप्पड़ मारने लगा तो गोरा चमड़ा थप्पड़ खाकर लाल होने लगा, राहुल चोद चोदकर हांफने लगा और अब लंड से जल प्रस्फुटित होने को था ” अबे साली चुड्डक़ड्ड चूतड़ हिला ना तेरा चुत वीर्य से लबालब भरने को है ” और लंड से वीर्य का फव्वारा निकलकर उसकी चुत को गीला साथ ही ठंडा कर दिया तो नेहा पल भर बाद मेरा लंड मुंह में लेकर चूसने लगी फिर वीर्य का स्वाद चख कर वाशरूम भागी……… to be continued.

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