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मॉम को ड्राइवर के साथ सेक्स करते देखी

हेलो फ्रेंड्स
मैं आकांक्षा अग्रवाल, उम्र २० वर्ष लेकिन ये वाक्या मेरी मॉम विशाखा की है जो अपने तन की प्यास बुझाने के लिए गैर मर्दों के साथ शारीरिक संबंध बनाया करती थीं और उन्हें इससे कोई फर्क भी नहीं पड़ता की उनकी बेटी आकांक्षा और बेटा विशाल इस संदर्भ में क्या सोचेगा, मैं उस दिन कॉलेज से जल्दी आ गई थी तो घर में कामवाली बाई तारा काम कर रही थी और मुझे देख पूछी ” आज जल्दी कॉलेज से आ गईं
( मैं बोली ) हां आज क्लास ऑफ था इसलिए ” फिर मैं अपने रूम गई और कपड़ा बदलने लगी, मॉम घर में ही थी लेकिन उनके रूम का दरवाजा बंद दिखा फिर मैं शॉर्ट्स और टी शर्ट पहन डाइनिंग हॉल आई और तारा को आवाज दी ” जी मैडम
( मैं बोली ) एक कप कॉफी बना दो ” मौसम तो ठंड की थी और नवंबर के महीने में थोड़ी बहुत ठंड हो रखी थी, मैं अब डाइनिंग हॉल में बैठ कॉफी पीने लगी लेकिन मॉम के रूम का दरवाजा बंद देख शक हुआ इसलिए उठकर घर के पीछे बागान की ओर गई जिधर उनके रूम की खिड़की खुलती थी और ऐसे मौसम में ए सी ऑन कर खिड़की बंद रखी होगी उम्मीद नहीं था और मैं खिड़की के पास खड़ी हुई और रूम में देखी तो आंखें खुली की खुली रह गई, मेरी मॉम विशाखा बेड पर नंगे लेटी थी तो उनके साथ बेड पर कार का ड्राइवर गिरीश था, दो बच्चे की मां विशाखा जोकि ४३-४४ साल की शादीशुदा महिला थी अपने से कम उम्र के मर्द के साथ सेक्स कर रही थी और वो भी ड्राइवर के साथ, मैं सोची की क्यों ना लाइव पोर्न देखा जाए। मॉम का नंगा खूबसूरत बदन तो गिरीश मॉम के गाल को चूम रहा था साथ ही उनकी बड़ी बड़ी चूचियां पकड़ दबाए जा रहा था, वो ३५-३६ साल का होगा और उसका काला मोटा लन्ड देख मन डोल गया, मॉम के चेहरे को चूमता हुआ चूची को दबाने में मस्त था तो विशाखा उसके लन्ड पकड़े सहला रही थी, मैं तो कॉलेज से आकर केमिसोल पहने खड़ी थी और गिरीश मॉम की चूची को मुंह में लिए चूसने लगा तो मैं उन्हें देखते हुए पैर थोड़ा फैलाई फिर हाथ को केमीसोल में डाल चूत को पेंटी पर से सहलाने लगी, मॉम तो लेटकर चूची चुसवाने में मस्त थी और उसे छाती से लगाए सिसक रही थी ” आह ओह उह आआआआह्हह्ह् गिरीश बहुत खुजला रही है
( गिरीश चूची मुंह से निकाल उसके गाल चूम लिया ) तो क्या करूं मेम साहब अभी धैर्य रखिए फिर तो खुजली मिटा ही दूंगा ” फिर वो मॉम की दूसरी चूची को मुंह में भर चूसने लगा तो मैं अपने पैंटी के किनारे से चूत में उंगली घुसाई फिर चूत कुरेदते हुए मॉम की लाईव सेक्स शो देखने लगी, उनकी मोटी चिकनी जांघें तो गिरीश का मोटा काला लन्ड देख मेरे मुंह में पानी भर गया की काश उसका लन्ड मैं चूस पाती, मॉम तो बेड पर जांघों को रगड़ते हुए सिसक रही थी ” आहा ओह उह उई आआआआह्ह्हह गिरीश अब चोद दो ना
( गिरीश चूची मुंह से निकाल लिया ) पहले आपकी चूत को चाटूंगा फिर चूदाई ” और वो मॉम के सपाट पेट से लेकर कमर तक को चूम रहा था तो मॉम जांघों को फैलाकर चूत सहलाने लगी, गिरीश मॉम का हाथ हटाया फिर जांघो के बीच चेहरा किए चूत चूमने लगा, बेड पर जिस दिशा में वो लेटी थी मैं आराम से उन दोनों के हरकत को देख सकती थी और मैं चूत में उंगली डाल कुरेदते हुए मस्त थी, मॉम की लालिमा लिए चूत को वो चूमता रहा फिर मॉम खुद उंगली से फैलाई तो गिरीश उसमें जीभ घुसाए चाटने लगा और विशाखा ” आह ओह उह उफ आआआह्हह्हह इतनी गुदगुदी हो रही है डियर अब चोद कर मस्त कर दो ना, मैं बुर से उंगली निकाली फिर बागान में बैठकर मूतने लगी और वापस खिड़की के पास आकर खड़ी हुई तो मॉम बेड पर लेटी हुई थी और गिरीश उनके मुंह के पास बैठ उनके मुंह में ही लन्ड घुसाए चुसवा रहा था तो विशाखा कोहनी के बल अपने अपने चेहरा को ऊपर किए लन्ड चूसने में मस्त थी, मॉम तो अक्सर क्लब में रात बिताती थी और वहां मर्दों के साथ शारीरिक संबंध बनाकर अपने तन की आग बुझाती थी लेकिन वो ड्राइवर को भी अपने जिस्म सौंप देगी उम्मीद नहीं थी और मॉम का चेहरा लन्ड चूस चूसकर लाल हो चुका था तो मैं पेंटी तक खोल रखी थी फिर से उंगली घुसाई और चूत को कुरेदने लगी तो गिरीश अपना लन्ड मुंह से निकाल दिया ” मैडम अभी फ्रेश होकर आया ” वो उठकर वाशरूम चला गया तो मैं मॉम को नंगे देख रही थी और अब मुझे भी उनके साथ मजा करने की इच्छा हो रही थी तो मैं घर के अंदर आई, तारा किचन में खाना बना रही थी और मैं अपने रूम गई फिर बेड पर लेटकर मॉम को कॉल की, वो कॉल रिशीभ की ” हां बोलो आकांक्षा
( मॉम की आवाज से बहुत कुछ समझ आ रहा था ) आप अपने बंद कमरे में क्या कर रही हैं
( मॉम बोली ) तुम क्या कॉलेज से आ गई
( मैं बोली ) हां क्या आप दरवाजा खोलेंगी
( मॉम बोली ) सॉरी आकांक्षा आधे घंटे बाद ही ” फिर वो कॉल डिस्कनेक्ट कर दी तो मैं समझ गई की मॉम गिरीश के साथ जो संबंध बना रही है उसे गुप्त ही रखना चाहती है फिर मैं रूम से निकली और बागान की ओर चली गई, खिड़की के पास खड़ी होकर अंदर देखने लगी तो मॉम बेड पर डॉगी स्टाइल में हुए चूत चूदाई का आनंद ले रही थी और गिरीश का लंबा मोटा काला लन्ड चूत के अंदर बाहर हो रहा था तो मॉम चूतड को हिलाते हुए चूदाई में मस्त थी ” आहा ओह उह उई और तेज चोद चोद साले कुत्ते फिर
( गिरीश मॉम के सीने से लटकते चूची को पकड़ दबाने लगा और धकाधक चूदाई कर रहा था ) लगता है आकांक्षा बिटिया का कॉल था, वो भी अब जवानी के दहलीज पर कदम रख चुकी है
( मॉम पीछे मुड़कर बोली ) उधर ध्यान भी मत देना क्या समझे जो मिल रहा है ना साले सबके नसीब में नहीं होता ” और गिरीश चोदता हुआ मस्त था तो मैं चूत में उंगली डाल कुरेदने लगी, अपनी मॉम की चूदाई को देखते हुए चूत में उंगली कर रही थी और वो चूतड हिलाते हुए चुदाने में मस्त थी ” आह ओह उह बुर का कचूमर निकाल दिए गिरीश
( वो चोदता हुआ हांफने लगा ) हां मैडम क्या करूं लन्ड ही मोटा है
( मॉम बोली ) तारा बहुत किस्मत वाली है वैसे उसको बहुत दर्द होता होगा
( गिरीश बोला ) नहीं मैडम वो चुदासी औरत है, दरअसल ड्राइवर गिरीश की बीबी तारा ही घर का काम करती थी और दोनों आउटहाउस में रहते थे, अब गिरीश चोदता हुआ बोल पड़ा ” आह उह ओह अब मेरा रस निकला ” तो मॉम की चूत वीर्य से लबालब हो गई और मेरी चूत भी रसीली फिर मैं वहां से अपने रूम गई और फ्रेश हुई, दोपहर के ०२:३० बजे होंगे की मॉम मुझे आवाज दी और दोनों साथ में खाना खाने लगे, तारा खाना परोस किचन की ओर गई तो मैं पूछी ” क्या मॉम तारा को आप दोनों के बारे में मालूम होगा तो कितना बुरा लगेगा
( मॉम मुंह चमकाते हुए बोली ) रहने दे चुपचाप खाना खा ” फिर दोनों खाना खाए और अपने अपने रूम चले गए।

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