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राखी के साथ मौज-मस्ती – Dirty Sex Tales

मेरी चचेरी बहन रेखा कानपुर एक हफ़्ते के लिये आयी हुई थी, उसकी माने तो वो अपने कौमार्य को भंग़ नही होने दी थी ! पहला दिन हमदोनो एक दुसरे के साथ 2-3 घंटा बिताए, उसको मेरे साथ काम क्रिया करने मे मजा आया था ! अगले सुबह उसको साथ लेकर फ़िर से निकल पड़े, आज वो बाइक पर मुझसे चिपककर बैठी थी, जान बुझकर अपने चुचि को मेरे पिठ से रगड़्ने लगी और उसका हाथ मेरे कमर पर था लेकिन वो हाथ को मेरे लंड़ के उभार पर भी घुमा रही थी, आज रेखा को लेकर कानपुर श्हर से बाहर निकल गये ! हमदोनो देल्ही मुख्य मार्ग पर थे, फिर मै एक कच्ची सड़्क पर उतर गया और पल भर बाद दोनो एक नदी के किनारे थे !

सुबह का 11:00 बज रहा था और दोनो बाइक से उतरकर घास पर बैठ गये लेकिन पल भर मे ही रेखा बोली….. ” मै अभी आती हू, तुम बैठे रहना

(राहुल) ठीक है. ” और वो थोड़ी दुरी पर जाकर मेरी ओर पल्टी और अपने स्कर्ट को उपर करके ज़मीन पर बैठ गयी, एक दुरी से ही सही लेकिन उसका चुत्तर दिख रहा था, वो अपने चड़्ही को खोलकर मुत रही थी ! फिर वो मेरे करीब आकर बैठ गयी, मै उसको अपने गोद मे बिठाकर उसके चुचि को मसल्ने लगा, उसका चेहरा सामने कि ओर था और मेरे गोद मे चुत्तर रखकर मस्ती मे वो बैठी थी, मेरा लंड़ जिंस मे कड़ा हो चुका था और उस्के चुचि को दबाते-2 मै उसको अपने गोद से उतार दिया, मेरे करीब वो बैठी थी और रेखा अपना हाथ मेरे जिंस पर लगा दी ! मै अपना जिंस खोलकर कच्हा भी उतार दिया, अब 7-8 इंच लम्बा मुसल लंड़ रेखा के सामने था, वो लंड़ को पकड़ कर मेरे करीब आई और एक कामुक लड़्की की तरह मुझे चुम्बन देने लगी ! रेखा के हरकत से मै खुश था और वो मेरे मुह्न मे अपना जिभ भरकर चुस्वाने लगी, मुझे काफ़ि मजा आने लगा और रेखा जिभ निकालकर मुझे बोली….. ” राहुल तुम खड़े हो जाओ. ” मै ज़मीन पर खड़ा हुआ तो रेखा अपने घुटने के बल मेरे सामने हो गयी, अब लंड़ को पकड़ कर उसके सुपाड़े को अपने ओंठ पर रगड़्ने लगी, मेरा हाल खराब होने लगा लेकिन वो मेरे 2/3 लंड़ को अपने मुह्न मे भर ली! रेखा अपने चेहरा का झट्का मेरे लंड़ को मुह्न मे भरकर देने लगी, एक दिन मे रेखा इतने मजे से मुख्मैथुन करेगी, पता नही पहले से तो खेली खाइ नही है, खैर वो मेरे लंड़ को मुह्न से निकालकर जिभ से चाट्ने लगी और मेरे झांट मे उंग़ली घुमा रही थी ! अब दोनो अलग हुए.

रेखा मेरे पास बैठ्कर बोली…. ” राहुल हमदोनो गलत तो कर रहे है लेकिन मजा भी तो आता है

(राहुल) रेखा जवानी का मजा सबको लेना चाहिए. ” आज रेखा गरम जवानी की तरह पेश आ रही थी ! वो बाइक के पास खड़ी हो गयी और मै इशारा समझते हुए उसके सामने बैठ गया और वो खुद अपने स्कर्ट को कमर तक करके टांग़ फ़लकाये खड़ी थी ! मै उसके चड़्ही को निकाल दिया और उसकी खुब्सुरत बुर चमक रही थी, मै दोनो रान को अलग किया और जिभ घुसाने लगा, उसके चुत को चाटते हुए नितम्ब को सहला रहा था ! रेखा के गुम्बदाकार गांड़ किसी भी लंड़ को खड़ा करने के लिये काफ़ि थे, उसके बुर को अपने जिभ से चोद्ता हुआ मस्त हो रहा था, तभी उसकी बुर ने रस फ़ेंका और मै उसको चाटा, फ़िर दोनो ज़मीन पर बैठ गये, वो मेरे लंड़ को पकड़ कर बोली…… ” आज चोदोगे क्या

(राहुल) नही रेखा अभी नही, आ मेरा लंड़ चुस. ” और मै खड़ा था तो वो सामने घुटने के बल थी, लंड़ को मुह्न मे लेकर चुसने लगी और मै उसके बाल को कसकर पकड़ रखा था, अब अपने लंड़ से रेखा के मुह्न को चोदने लगा, उसके गले तक मेरे लंड़ का सुपाड़ा जा रहा था, 5-7 मिनट तक उसके मुख को चोदा और वो लंड़ को फ़िर से चाटने लगी, अब मै अपना लंड़ पकड़्कर हिलाने लगा और वो मुह्न खोले विर्य का इंतजार करने लगी! मै जोर से चिंखा….. “ले बे रांड़ पी मेरा विर्य. ” और विर्यपात हो गया, रेखा विर्यपान कर ली और हमदोनो वापस घर आ गये!

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