Skip to content

रानी भाभी की सहेली किरन

इनदिनो रानी भाभी के साथ चुदाई का मजा ले रहा था ! रानी भाभी अब बेशर्म की तरह मेरे साथ काम वासना मे लिन रहा करती थी, एक शाम रानी भाभी से सन्योग वश बजार मे मुलाकात हो गयी, उनके साथ एक शादी शुदा महिला भी थी, जोकि रानि से 2-3 साल उम्र मे बड़ी होगी. रानी ने मेरा परिचय उससे कराया…… “ये राहुल है, मेरे पड़ोस मे रहता है समझी किरन

(किरन मुस्कुराई) हाय राहुल मिलकर बहुत खुशी हुए पास मे ही रह्ती हु, कभी समय निकाल कर घर आओ

(राहुल) जरुर किरन दिदि. ” वो मेरे मुह्न से दिदि शब्द सुनकर अचंभित हो गयी और फ़िर मै अपने घर कि ओर बाइक से चल पड़ा, सन्योग से किरन दुबारा मिल गयी, वो रिक्शा से अपने घर की ओर जा रही थी ! मुझे देखकर मुह्न फ़ेर ली तो मै अपना बाइक आगे जाकर रोक दिया और जैसे ही रिक्शा आया, मै किरन को देख मुस्कुराते हुए बोला…… ” किरन जी यदी आपको कोई दिक्कत नही हो तो मै आपको बाइक से घर छोड़ सकता हु. ”

किरन मेरे बाइक पर बैठ गयी और मै उनके घर की ओर चल पड़ा, रास्ते मे वो बोली….. “तुम रानी को कबसे जानते हो

(राहुल) जब से मेरे घर के पास ड़ेरा ली है

(किरन) ओह मेरा अपना घर है और मै दो बच्चे के संग़ रह्ती हु

(राहुल) और आपके पति

(किरन) वो हफ़्ते दस दिन मे आते है, उनकी नौकरी अलीगढ मे है. ” और पल भर बाद किरन का घर आ गया, वो बाइक से उतरी तो मै बोला….. “चलता हु किरन जी

(किरन) अरे पहली बार आये है कम से कम एक चाय तो पी लिजिये, फ़िर जाना ! ” तो मै किरन के साथ उसके घर के अंदर गया, हाल मे सोफ़ा पर बैठा हुआ उसके पिच्हले भाग को घुरने लगा, वो किचन मे चाय बना रही थी और मै उसके चुत्तर जोकि साड़ी मे था को घुर रहा था! सच पुच्हो तो औरत की नितम्ब देखकर लंड़ खड़ा हो जाता है, वो पल भर बाद मेरे पास चाय लेकर आई और झुककर चाय का कप मुझे हाथ मे दी, लेकिन उसकी चुची ब्लाउज साड़ी रहते हुए भी मेरी आंखो के सामने झुल रहे थे, मै उसके चुची को घुरने लगा तो किरन चाय का कप टेबल पर रख कर मेरे पास मे बैठ गयी ! किरन साड़ी, बिन बाहो के ब्लाउज और साया पहनकर टाईट माल लग रही थी, दोनो चाय पीते हुए एक दुसरे से नज़र मिला रहे थे! लग रहा था मानो हमदोनो पुराने आशिक थे और किरन चाय का कप रखकर मेरी ओर पुरी तरह से खिसक गयी ! उसकी बाहो से मेरी बाह्न रगड़ खा रही थी, मै सिधे उठ खड़ा हुआ और किरन बैठे-2 मेरे कलाई को थाम ली……. “राहुल थोड़ी देर और बैठो ना

(राहुल) फ़िलहाल जाता हु फ़िर आउंग़ा. ” लेकिन किरन मेरी कलाई को थामे उठ खड़ी हुई और मुझ्से लिपट गयी !

किरन मेरे से चिपके खड़ी थी और मै उसके ओंठ का एह्सास अपने गर्दन पर पा रहा था, वो बेतहाशा चुम्बन मुझे देने लगी तो मेरा हाथ उनके मांसल चुत्तर को सहलाने लगा! उसके नग्न पिठ से लेकर गांड़ के उभार तक को सहलाता हुआ उसके गाल को चुमने लगा और वो मेरी बाहो मे सिमट गयी थी! अब दोनो एक दुसरे के ओंठ को चुमने लगे, पल भर बाद हमदोनो उसके बेड़ पर थे! वो बेड़ पर लेटे हुए खुद ही अपने साड़ी के पल्लु को छाती पर से उतार दी और मै किरन के उपर झुककर उसके गाल और ओंठ को चुमने लगा, किरन की रसिली ओंठ चुसने लगा और एक स्तन को जोर-2 से दबा रहा था ! किरन अपने जिभ को मुह्न से निकाल मेरे ओंंठ को चाट्ने लगी और मै उसके जिभ को मुह्न मे लेकर चुसने लगा, किरन को करवट किया और उसके ब्लाउज के ड़ोरी को खोल दिया! अब मै किरन के बगल मे बैठ्कर उसके साड़ी और ब्लाउज को निकाल दिया, उजले ब्रा मे दो कैद चुचि बाहर आने को बेताब थे, मै उनके ब्रा को भी निकाल फ़ेंका और दो नग्न चुची मेरे सामने थे! अब झुककर एक स्तन चुसने लगा तो दुसरे को दबा रहा था, किरन तड़पने लगी और मै उसके दोनो चुचि को बारी -2 से चुसकर लाल कर दिया, अपने उङ्ली से चुचि के घुंड़ी को मसलने लगा तो वो अपने जङ्हा को आपस मे रगड़कर मस्त थी !

अब मै अपना कपड़ा खोलने लगा तो किरन शर्माने लगी, उसके साया का नाड़ा खोला और साया को उसके कमर और चुत्तर से बाहर कर दिया! किरन की नग्न जवानी मेरे सामने थी और मै उसको निहारता हुआ एक तकिया उसके चुत्तर के अंदर ड़ाला, दोनो जङ्हा को एक दुसरे पर चढाकर बुर को छुपा रही थी ! मै झुककर किरन के सपाट पेट और कमर को चुमने लगा तो मेरा लंड़ चड़्ही के अंदर फ़नफ़ना रहा था! अब किरन के चिकने और मोटे-2 जाङ्ह को चुमता हुआ दोनो पैर को दो दिशा मे करने लगा ! वो सिसकते हुए अपने बुर को सहलाने लगी और दोनो पैर के बिच बैठे मै झुका और बुर को चुमने लगा! किरन 30 साल कि मस्त माल थी, गोरा रंग़, सेक्सी चुची, गहरी नाभि और बुर तो लालिमा लिये चमक रही थी! मै उसके बुर पर चुम्बन देता हुआ दोनो जङ्हा को कसकर थामे हुए था, उसकी चुत कि दरार मे जिभ रगड़्ने लगा तो किरन अपने उङ्ली की मदद से बुर को फ़लकाने लगी, अब मेरा जिभ बुर मे घुसने लगा और उसको चाटता हुआ मै चोदने को आतुर था, तभी किरन मेरे बाल को कसकर पकड़ ली और सिसकने लगी…… “ऊह्ह आह्ह उम्मम्मम राहुल बुर चुस ना अह्हह्ह. ” और मै बुर के दोनो फ़ांक को एक करके मुह्न मे लिया और चुभलाता हुआ चुची को मसलने लगा! पल भर बाद किरन मुझे छोड़ कर बाथरूम भागी !

मेरा लंड़ पुरी तरह से चोदने को आतुर था और वो मुझे बिस्तर पर लेटाकर मेरे चड़्ही को खोल दी अब उसके सामने मेरा फ़ौलादी लंंड़ था! किरन बिना शर्म के लंड़ थामे झुकी और उसके सुपाड़ा को अपने ओंठ और गाल पर रगड़ने लगी! वो लंड़ को सुङ्हते हुए सुपाड़ा को अपने मुह्न मे भर ली और धीरे-2 मेरा पुरा मुसल लंड़ मुह्न मे भरकर चुसने लगी, वो मुझसे नज़र मिलाते हुए मुखमैथुन करने लगी और मेरा हाल खराब हो रहा था! किरन अपने मुह्न का झट्का लंड़ पर दे देकर लंड़ चुभला रही थी, पल भर बाद वो लंड़ को मुह्न से निकाल जिभ से चाट्ने लगी और मेरे सुपाड़ा पर जिभ फ़ेरते हुए लंड़ को हिला भी रही थी, पल भर बाद दुबारा लंड़ को मुह्न मे ली तो मै उसके बाल को कसकर पकड़ा और निचे से हि उसके मुह्न मे लंड़ पेलकर चोदंने लगा, 4-5 मिनट तक किरन की मुह्न को लंड़ से चोदा और फ़िर चिंख पड़ा……. “किरन आह्हह्ह ऊम्मम्मम मेरा लंड़ झड़ने वाला है” लेकिन वो विर्यपान करके मस्त हो गयी…. फ़िर मै अपने घर चला गया !

This story रानी भाभी की सहेली किरन appeared first on new sex story dot com

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments