शादीशुदा चचेरी बहन से मुलाकात : भाग – २

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हैलो दोस्तों,
बेड पर मेरी चचेरी बहन रेखा ब्लाऊज और पेटीकोट पहने बैठी हुई थी तो उसके बूब्स को पकड़ दबाने लगा, रेखा की शादी ८-९ महीने पहले हुई है तो इस बीच उसका बदन पहले से थोड़ा भरा हुआ हो चुका है साथ ही बूब्स का आकार बढ़ चुका है तो चूतड़ थोड़ी भारी भरकम हो चुकी है और तभी रेखा अपने जवानी की आग में जलते हुए मुझे बेड पर धकेल दी तो मैं टॉवेल पहने बेड पर गिर गया और वो मुझे देखते हुए अपने ब्लाऊज की हूक पर हाथ लगाई, मेरी तो समझो जान ही निकलने लगी और तुरन्त ही रेखा के दोनों स्तन ब्रा से भी बाहर आ गए। रेखा अब मेरे चेहरे के उपर अपने बूब्स किए लेट गई तो मैं उसके सीने से लटकते स्तन को पकड़ मुहं खोला और उसके चूची लेकर चूसने लगा लेकिन पूरी चूची मुंह में लेकर चूस पाना मुश्किल था और लेटे हुए रेखा की चूची चूस रहा था तो दूसरा स्तन पकड़कर पुचकारने लगा, लग रहा था कि चूची दूध से लबालब हो और रेखा मेरे सर के नीचे हाथ लगाकर चेहरा को उपर की ओर किए स्तनपान कराते हुए सिसक रही थी ” उह उई मां और तेज चूस ना राहुल ऊं तेरी याद आज हकीकत बन गई
( मैं उसकी चूची मुंह से निकालकर ) बेबी तेरा बदन शादी के बाद निखर सा गया है ” वो शर्म के मारे चेहरा फेर ली तो मैं उसकी बाईं चूची मुंह में लेकर चूसने लगा, टॉवेल के अंदर लंड टाईट हो चुका था तो उसके चीखने बदन मेरे ऊपर थे और उसकी पीठ सहलाते हुआ चूची चूसने लगा तो रेखा खुद से पेटीकोट की डोरी खोलकर पैर की ओर कर दी और मेरे बदन पर २३-२४ साल की जवान शादीशुदा लड़की नंगी लेटी हुई थी, मेरा हाथ उसके गोल गुंबदाकार चूतड़ सहलाने लगा तो वो ” ओह उह मेरी चूत में कितनी गुदगुदी हो रही है ” तो उसकी बूब्स चूसकर छोड़ा, रेखा मेरे बगल में बैठकर मेरा टॉवेल उतार दी तो मेरा लंड उसके हाथ में था जिसे वो धीरे धीरे ऊपर नीचे करते हुए टाईट करने लगी और मैं अब उठकर बैठा और रेखा को लिटाकर चूत चाटने की सोचने लगा तभी रेखा की मोबाइल बज उठी, वो कॉल रिसीव की ” हां जी बोलिए, आपके साले साहब एग्जाम देकर आ चुके हैं और खाना खाकर आराम कर रहे हैं, ठीक है ” फिर मैं उसके दोनों जांघों को दो दिशा में करने लगा, वो पल भर विरोध की तो ताकत लगाकर जांघ को फैलाया, रेखा की चूत के उपर बार नहीं थे तो दोनों फांकें अब भी सटी हुई लग रही थी साथ ही बुर की चमक मानो किसी हीरे की तरह हो तो फांकें गद्देदार थी और मैं झट से अपना मुंह बुर पर लगाया फिर बुर को चूमने लगा तो रेखा ” उह ओह राहुल चाटो ना डियर आह तेरे जीजा तो बस डालकर हिलाना जानते हैं उन्हें तो काम क्रिया का कोई ज्ञान ही नहीं ” फिर मैं रेखा की चूत चूमकर बुर को फैलाया तो उसकी शिष्निका नाक की भांति टाईट थी और राहुल अपनी जीभ से उसे चाटने लगा तो उसकी फैली चूत में उंगली घुसाने लगा, रेखा की चूत चुदाई कोई खास नहीं हुई थी तो उसकी चूत को उंगली से कुरेदता हुआ चाटते रहा और वो अपने नितम्ब को उपर करते हुए ” उह ओह राहुल बहुत मजा आ रहा है, जीभ से चाट ना कुत्ते ” तो उसकी बुर से उंगली निकाला फिर उसमें जीभ डाल कर चाटने लगा और मेरा ६-७ इंच लम्बा लंड चुदाई को तरस रहा था लेकिन बिना रेखा की बुर को रसीला किए चोदने का जी नहीं कर रहा था तो लपलप जीभ डाले चूत को चाटता रहा फिर उसके गद्देदार फांकों को ओंठ के बीच लेकर चूसने लगा तो रेखा ” उई मां मर गई रे, आह छोड़ ना चूसना अब चोद चोद साले ” फिर भी मैं उसकी चूत चूसता रहा और कुछ देर के बाद वो मेरे सर को पीछे धकेलकर बुर को मेरे मुंह से बाहर निकाल ली तो मैं उसकी चूत को फैलाए उसमें उंगली घुसाने लगा फिर उंगली से चूत चोदता हुआ उसके पेट से लेकर जांघ सहलाने लगा और वो ” ओह आह उह अब नहीं निकल जाएगी आह अब झड़ा रे कुत्ते ” तो राहुल तुरन्त ही उंगली निकालकर बुर को मुंह में लिए चूसने लगा और मुझे बहन की चूत के रस का स्वाद मिला, फिर मैं वाशरूम जाकर मूतने लगा और फ्रेश होकर वापस आया तो रेखा महारानी की तरह बेड पर लेटी हुई थी तो उसके दोनों नग्न चिकने जांघ एक दूसरे पर थे और मेरा लंड अब चुदाई को तरस रहा था तो रेखा मुस्कुराकर बोली ” मजे कर साले, तेरे जीजा रात ९-१० बजे तक आएंगे
( मैं ) ये तो जीजा बोलते तो मजा आता क्यों चुदककड़ साली ” फिर मैं उसके कमर के पास बैठकर उसके जांघ पर हाथ फेरने लगा तो मेरे हाथ के छुअन से उसके जांघों के बीच की दूरी बढ़ने लगी तो उसके दोनों जांघों को फैलाकर चूत को सहलाने लगा और रेखा बेशर्म की तरह टांग फैलाए लेटी रही और मैं अपना लंड पकड़े उसकी जांघों के बीच बैठा फिर सुपाड़ा को चूत के छेद पर रखकर धीरे से अन्दर पेल दिया और उसके बुर में मेरा सुपाड़ा सहित आधा लंड अंदर घुस चुका था तो रेखा मुझसे नजर मिलते हुए आंख मारी और मैं उसकी कमर पकड़कर जोर का धक्का बुर में दे मारा और रेखा चिल्ला पड़ी ” बाप रे फाड़ दिया मेरी बुर
( मैं उसकी चूत में लंड पेलता हुआ चुदाई कर रहा था ) सो क्या बेबी, पिछले ८-९ महीने से तेरे पति तेरी चूत की आरती उतारते हैं ” और मैं उसके जिस्म पर ओंध्कर दे दनादन चुदाई करने लगा तो रेखा मेरे बदन को बाहों में लिए ओंठ चूम ली ” बहुत मजा आ रहा है राहुल
( मैं उसके गाल चूमने लगा ) बेबी अब अपनी चूतड़ तो उछालो साली ” और रेखा अपने चूतड़ उछालने लगी तो मेरे नग्न छाती से उसकी चूचियां रगड़ खाने लगी तो दोनों के कमर में घर्षण होने लगा और मैं रेखा की चुदाई करता हुआ पुरानी यादों को ताजा कर रहा था। कुछ देर बाद रेखा की रसीली चूत गर्म होकर मेरे लंड को झुलसाने लगी तो रेखा किसी खेली खाई औरत की तरह चूतड़ उछालते हुए मजा दे रही थी, मैं उसे चोद चोदकर हांफने लगा तो रेखा ” ओह राहुल प्लीज़ अब और नहीं जल्दी रस गिराओ ना ” लेकिन मैं तो चुदाई के चरम पर था, वो अपनी गान्ड फिर से उछालने लगी और ५-६ मिनट की चुदाई का अंत हो गया तो लंड वीर्य का फव्वारा बुर में छोड़ दिया….. दोनों कुछ देर बाद अलग हुए तो वो कपड़ा पहनकर नीचे गई फिर राहुल भी फ्रेश होकर खाना खाया और आराम करने लगा।

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