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शीला की जवानी : भाग १२

फ्रेंड्स
मैं शीला यादव, उम्र ३२ वर्ष तो कद ५’६ इंच, गोरा बदन साथ ही चूचियां मानों पपीते की तरह सीने से लटकी हुई, गोल और गद्देदार चूतड साथ ही मोटी चिकनी जांघें और उसके बीच चूत जिसकी फांकें मोटी तो लालिमा लिए चूत की गहराई और मैं तो दस साल से अपने पति के साथ शारीरिक संबंध बनाती आई हूं लेकिन मायके आई फिर वहां हरीश जोकि हम लोगों की खेती बाड़ी का ध्यान रखता है उसके साथ बिस्तर गर्म कर ली और फिर देवर जी भी मेरे जिस्म का आनंद लेने लगे लेकिन मुझे तो अब गैर मर्दों के साथ सेक्स करने में मजा आने लगा तो मैं वापस आरा आते ही देवर जी को बोली ” देवर जी आप अपने दोस्तों से मिलवाने वाले थे कब मिलवा रहे हैं
( देवर जी हंस दिए ) भाभी मेरे दोस्त तो पटना में रहते हैं बोलिए तो किसी से बात करूं ताकि वो एक दो दिन के लिए होटल में आकर रुके और फिर आप
( मैं बोली ) ठीक है आप बात कीजिए फिर मैं कब आना है बताती हूं ” और शाम के वक्त प्रेम घूमने के लिए निकला तो मैं खाना बनाने में लग गई, कुछ देर के बाद प्रेम वापस आया और बोला ” भाभी मेरे लिए एक कप कॉफी बना दीजिए
( मैं किचन में थी ) ठीक है ” फिर मैं कॉफी बनाई और प्रेम को देने गई तो वो शायद रूम में था, ज्योंहि रूम के अंदर गई तो वो कपड़ा बदल रहा था, उसका लंबा मोटा लन्ड देख मुंह में पानी भर गया और वो जल्दी में शॉर्ट्स पहन लिया फिर कॉफी का प्याला मेरे हाथ से ले लिया तो मैं किचन दुबारा गई और बाकी काम निपटाने लगी, शाम के ०७:०० बजे होंगे फिर मेरे पति भी वापस ऑफिस से आए तो उन्हें चाय बनाकर दी और रूम जाकर अपना कपड़ा बदलने लगी, साड़ी ब्लाउज और पेटीकोट उतार नाईटी पहन ली फिर डाइनिंग हॉल में बैठ पति से बातें करने लगी और रात दस बजे तक हम लोग खाना खा लिए फिर मैं अपने बेडरूम में जाकर लेट गई, बेटा रवि सो चुका था और देखी तो पति भी मुंह फेरकर सो गए और उनके साथ तो दो महीने से शारीरिक संबंध नहीं बना था, फिर मैं बेड पर छटपट करती रही और आखिर में एक घंटे बाद रूम से निकल देवर जी के रूम गई तो वो भी गहरी निंद्रा में थे और मैं उनके पैर के पास बैठ उनके शॉर्ट्स के ऊपर से ही लन्ड के उभार को सहलाने लगी फिर भी उनकी नींद नहीं टूटी तो मैं प्रेम के शॉर्ट्स को कमर से नीचे करने लगी और उसे पैर से निकाल उसके निचले भाग को नंगा कर लन्ड पकड़ सहलाने लगी, प्रेम तो गहरी निंद्रा में था और मैं उसके लन्ड को पकड़ हिलाने लगी फिर उसे मुंह में भर चूसने लगी, उसका लन्ड मेरी मुंह में टाईट हो रहा था और मैं उसकी ओर देखी तो उसकी आंखें खुल चुकी थी, मैं बेशर्म की तरह सर का झटका देते हुए मुखमैथुन करने लगी तो प्रेम हाथ बढ़ाए मेरे चूची को नाईटी पर से पकड़ दबाने लगा और मैं कुछ देर तक लन्ड को मुंह में भर चूसती रही फिर लन्ड मुंह से निकाल दी तो वो उठकर बैठा, शॉर्ट्स पहन रूम से निकल गया तो मैं बेड पर लेट गई।
देवर जी फ्रेश होकर आए फिर दरवाजा बंद कर मेरे बगल में बैठ गए, मेरे बूब्स की गोलाई को नाईटी के उपर से ही पकड़ दबाने लगे फिर पूछे ” लगता है बहुत खुजली हो रही है
( मैं शर्म के मारे चुप रही और उनके शॉर्ट्स पर से लन्ड पकड़े सहलाने लगी ) क्यों भाभी लगता है जल्दी ही आपके लिए कुछ करना होगा ” और फिर प्रेम मेरे नाईटी को उतार नंगा कर दिए तो मैं जांघ पर जांघ चढ़ाए लेटी थी और वो शॉर्ट्स उतार नग्न अवस्था में होकर मेरे ऊपर लेट गए, मेरे खूबसूरत जिस्म पर लेटकर मेरे रसीले ओंठ को चूमने लगे तो मैं उनके गाल चूमते हुए लन्ड चुभने का एहसास जांघो के बीच पा रही थी और फिर वो मेरे ओंठ मुंह में भर चूसने लगे तो मैं उनके पीठ से लेकर चूतड तक पर हाथ फेरने लगी और फिर मुंह से ओंठ निकाल ली तो देवर जी बोले ” अब मुंह में जीभ घुसाइए तो सही ” वो मुंह खोले तो मैं अपनी जीभ उनके मुंह में डाल दी, वो मेरे जीभ चूस रहे थे तो मेरी बूब्स उनकी छाती से रगड़ खा रही थी और प्रेम मेरे गर्दन के नीचे हाथ लगाए मेरे चेहरे को थोड़ा उपर कर रखा था ताकि मेरी जीभ पूरी तरह से उसके मुंह में रहे जिसे वो चूसने में मस्त था और मेरे बदन में तो आग लगी हुई थी साथ ही चूत में गुदगुदी होने लगी तो मैं प्रेम का चेहरा पीछे कर जीभ मुंह से निकाल दी और वो मेरे बदन पर से उतरकर छाती के पास बैठा फिर चूची को पकड़ दबाने लगा, मैं आहें भरने लगी ” आह ओह उह उई आआआआह्ह्ह्ह प्रेम अब चूसो ना ” तो प्रेम मेरे सीने पर चेहरा लगाए मुंह में चूची को भरा फिर चूसना शुरु किया, मेरी चूचियां बड़ी बड़ी थी और उसके मुंह में २/३ हिस्सा था जिसे वो चूसता हुआ दूसरे स्तन को पकड़ दबाने लगा, मैं तो जांघ को जांघ से रगड़ने लगी और बुर से रस निकलने पर था तभी प्रेम चूची मुंह से निकाल लिया और मेरे पेट से लेकर कमर तक को चूमने लगा और मैं ” आह ओह उह मेरी चूत से रस निकल गई ” बुर से रस निकलने लगा और प्रेम मेरे कमर तक को चूम जांघो को फैलाया फिर बुर पर उंगली फेरने लगा ” ओह लगता है मुन्नी लॉलीपॉप खाने के लिए रो रही है अभी खिलाता हूं
( मैं चुप रही और देवर जी मेरी चूत में लन्ड घुसाने लगे ) उह आउच आराम से डाल ना फाड़ देगा क्या ” और उसका लन्ड मेरी चूत में था, प्रेम बैठकर धक्का देते हुए चूदाई करने लगा तो मैं लेटकर मस्त थी।
प्रेम मेरे बदन पर लेटकर चोद रहा था और मैं उसके गाल चूमने लगी साथ ही उसके पीठ पर नाखून गड़ा रही थी तो प्रेम मेरे ओंठ चूम लिया ” भाभी चूतड तो उछालिए ना
( मैं उसके ओंठ पर चुम्बन दी ) भाभी नहीं शीला बोलो प्रेम ” फिर मैं चूतड उछालना शुरू की तो वो धक्का देता हुआ चोदे जा रहा था, मेरी चूत तो रसीली थी इसलिए उसका लन्ड गपागप अंदर बाहर हो रहा था और मैं चूतड उछाल उछाल कर चुदाने में मस्त थी ” आह ओह उह और तेज चोद ना प्रेम मजा आ रहा है
( प्रेम मेरे ऊपर से उतर गया ) चल अब डॉगी स्टाइल में हो जा ” और मैं बेड पर कोहनी और घुटनों के बल हुई तो प्रेम मेरे जांघो को फैलाया फिर लन्ड को चूत में घुसाने लगा, उसका १४ सेंटीमीटर लंबा और ६ सेंटीमीटर मोटा लन्ड मेरी चूत में था, वो मेरी कमर को पकड़े धक्का देने लगा तो मैं चूतड को हिलाते हुए चुदाने लगी, मेरी छाती से लटके स्तन को वो पकड़ दबाने लगा और मेरी चूत तो आग की भट्टी बन चुकी थी ” आह ओह उई देवर जी और तेज चोदिए ना
( प्रेम धकाधक चूदाई करता हुआ मेरे पीठ सहलाने लगा ) शीला तुझे अब एक साथ दो तीन लन्ड चाहिए तब ही तो तेरी चूत की खुजली शांत होगी ” मैं चूतड को स्थिर किए चुदाने में मस्त थी तो प्रेम चोदे जा रहा था और अब चूत को वीर्य की जरूरत थी इसलिए मैं दुबारा चूतड हिलाने लगी, प्रेम तो चोदते हुए हांफने लगा और फिर वो बोल पड़ा ” आह ओह मेरा निकल गया डार्लिंग ” फिर उसके लन्ड से वीर्य स्खलित होकर मेरी चूत को गीला कर दिया तो मैं कुछ देर वैसे ही रही फिर दोनों अलग हुए तो मैं टॉवल से चूत को साफ की फिर नाईटी पहने फ्रेश होने गई, उसके बाद अपने रूम में जाकर सो गई।

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