गुप्ता जी के कारनामे भाग 6

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सुनीता को देख कर अंकिता चुपचाप उठ कर अपनी कुर्सी पर जा बैठी और वो दोनो नाश्ता करने लगे और फिर राजीव भी आ गया उसने दोनो को गुड मॉर्निंग बोला और नाश्ता करने लगा नाश्ता करते हुए उसने कहा पापा मैंने फ्रेंड्स से बात की थी 2 लाख डोनेशन और साल की 3 लाख 1 साल की फीस एक साथ जमा करने पर तुरंत एडमिशन मिल जाएगा…. पीयूष ने कहा ठीक है और होस्टल का क्या रहा राजीव ने बताया कि उसके फ्रेंड ने कहा है कि वो अपना रूम शेयर कर लेगा आधा खर्चा उसे देना पड़ेगा पीयूष ने कहा ठीक है अगर तुम चाहो तो दिल्ली जा कर खुद ही सब सेटल कर लो पैसे मैं दे दूंगा या फिर मैं खुद साथ चल कर सब सेटल करवा दूँ राजीव ने कहा पापा आप बस पैसे देते जाना बाकी सब मैं खुद हैंडल कर लूंगा पीयूष ने कहा ठीक है तो तुम कब निकल रहे हो दिल्ली राजीव ने कहा कल सुबह ही निकल रहा हूँ पीयूष ने कहा ठीक है एटीएम तो है ही तुम्हारे पास मैं तुम्हारे एकाउंट में आज ही दो लाख रुपये डाल दूंगा बाकी कॉलेज की फीस और डोनेशन वगैरह तुम वहां जा कर मुझे डिटेल भेज देना तो मै पैसा ट्रांसफर कर दूंगा कॉलेज के एकाउंट में राजीव ने कहा ठीक है पापा….. पीयूष ने कहा मैं तुम्हारी ट्रेन की टिकट भी बुक करवा दूंगा आज काफी सारे काम थे तो पीयूष ने नाश्ता खत्म करते हुए अपना बैग उठाया और बच्चों को बाय बोल कर आज 9 बजे ही घर से निकल पड़ा वो सब से पहले सक्सेना के घर पहुंचा और उस से मिल कर बात की सक्सेना ने कहा कि वो अपने भतीजे रजत को आज ही भेज देगा और वो आज से ही उसका काम सम्हाल लेगा और उसने शहर से लगी हुई ही 5 एकड़ जमीन भी देखी है जो कि सस्ते रेट पर मिल रही है सिर्फ 1 करोड़ में और बाकी पैसे से वो उसमे आलीशान बिल्डिंग बनवा कर शादियों का शूटिंग आदि के लिए किराए पर उठा कर लाखों रुपये कमा सकता है उस प्रोपर्टी से भी पीयूष ने कहा ठीक है आज ही वो जमीन दिखा दो मुझे ये सब बातें करते हुए ही रजत वहाँ आ गया अभी 9:30 ही हुए थे सक्सेना ने रजत का परिचय पीयूष से करवाया रजत ने पीयूष से नमस्ते की और विश्वास के साथ बोला सर आप चिंता ना करें आज से आप अपने शोरूम की ओर से निश्चिंत रहें बस आज का दिन मुझे थोड़ा सा समझना पड़ेगा आपके शोरूम का काम और कल से आपकी छुट्टी पीयूष ने कहा ठीक है चलो तुम्हे काम समझा देता हूँ और हां अगर तुमने शोरूम को अच्छे से सम्हाल लिया और जितना प्रॉफिट मुझे हो रहा थ उस से ज्यादा कमा कर दिया तो तुम्हारी सैलेरी कुछ ही महीने में 50 हजार तक या उस से भी ज्यादा हो जाएगी रजत भी सुन कर उत्साह से भर गया और उठ खड़ा हुआ और बोला चलिए सर मैं आपकी उम्मीदों से कहीं ज्यादा कर के दिखाऊंगा….. सक्सेना ने कहा ठीक है तुम लोग जाओ पीयूष मैं तुम्हे शाम को वो प्रोपर्टी दिखाने ले चलूंगा फिर वो दोनों शोरूम के लिए निकल पड़े पीयूष ने कार में बैठ कर अपने बैग से शोरूम की चाभियाँ निकाली और रजत के हाथों में देते हुए बोला ये लो रजत और याद रखना सालों से मेरे शोरूम का शटर सुबह 10 बजे खुल जाता है और रात 10 बजे बंद होता है इसमें एक मिनट भी ऊपर नीचे नही किया मैंने कभी रजत ने चाभियाँ लेते हुए कहा सर आप निश्चिंत रहें कल से शोरूम 9:30 पर खुलेगा और 10 बजे बंद होगा फिर वो दोनों शोरूम आ गए पार्किंग में कार लगा कर वो दोनों शटर के पास आये स्टाफ में से 4 लोग आ चुके थे रजत ने चाभी स्टाफ को दी और शटर उठने लगे रजत और पीयूष अंदर आये पीयूष ने सब से रजत का परिचय कराया और बताया कि आज से वो ही उसकी जगह यहां का काम देखेगा फिर पीयूष अपने केबिन में आ गया अगरबत्ती जला कर वो कुर्सी पर बैठा और रजत बाहर स्टाफ के काम करने का तरीका समझ रहा था और अपने हिसाब से जरूरी निर्देश भी देता जा रहा था अब सारा स्टाफ आ चुका था सिवा रोजी के रजत स्टाफ को निर्देश दे कर एक कांउटर पर बैठ गया ग्राहक आने लगे थे और दुकानदारी चलने लगी थी रजत सब वाच कर रहा था….. पीयूष अंदर से ही रजत की कार्य प्रणाली देख रहा था और संतुष्ट भी था इतनी देर में ही रजत ने कुछ ऐसे काम किये थे जो पीयूष को खुश कर गए थे…… जब 11 बजे तक रोजी नही आई तो पीयूष ने उसे कॉल की दो बार घंटी गयी पर उसने कॉल नही ली…. पीयूष ने फिर अपने ट्रैवेल एजेंट को कॉल कर राजीव के लिए दिल्ली की ac first class की टिकट बुक कर दी और उसके एकाउंट में दो लाख रुपये भी डाल दिये….. फिर वो बैठा बैठा अंकिता के बारे में सोचने लगा सुबह स्कूल ड्रेस में वो कितनी सेक्सी दिख रही थी…. और उसके लंड में तनाव आने लगा तभी रजत ने केबिन के दरवाजे पर नॉक किया पीयूष ने उसे आने के लिए कहा। तो वो अंदर आ गया और सामने पड़ी कुर्सी पर बैठ कर बोला बाहर का तो सब मैं समझ गया अब बाकी का भी समझा दीजिये पीयूष ने कहा तुम्हे बस रोज आ कर ये देखना होगा शोरूम में क्या माल शार्ट है उसके आर्डर देने होंगे और माल आने पर बिल वगैरह चेक करने की जिम्मेवारी तुम पर होगी और बाकी सारा काम तो ऑनलाइन ही है दुकान में माल का स्टॉक इस लैपटॉप पर फीड रहता है तो स्टाफ द्वारा कोई चोरी या गड़बड़ी करने के संभावना कम ही है फिर भी नजर रखनी पड़ेगी और पार्टियों का पेमेंट रोज आने वाले कैश से करते रहना बस इतना सब करना होगा तुम्हे रजत बोला ठीक है सर मैं सब समझ गया फिर पीयूष लैपटॉप पर कुछ समझाने लगे किस किस जगह से क्या आर्डर करना है और पेमेंट का प्रोसेस क्या है वो सब समझ कर रजत ने पूछा सर अगर मैं इन लोगों के अलावा कुछ नई जगह से नए प्रोडक्ट मगवाऊं और शोरूम में नई वैराइटी ला कर सेल बढ़ाऊ तो आपको कोई प्रॉब्लम तो नही होगी पीयूष ने सोचते हुए कहा देखो रजत मैंने बड़ी मेहनत कर के अपने शोरूम को शहर के टॉप 5 में शामिल किया है अगर तुम अपने बुद्धि से इसे और आगे ले जाते हो तो ये अच्छी बात है तुम्हारे लिए भी मेरे लिए मैं महीने में सारा खर्च निकालने के बाद 3 से 4 लाख रुपये कमा रहा था इस से अगर तुम इनकम बढ़ाते हो 4 लाख से ऊपर होने वाली इनकम में से 10% तुम्हारा बोनस होगा ये सुन कर रजत ने खुशी से उछलते हुए कहा बस सर आपने मेरे हाथ खोल दिये अब आप देखिए मैं कैसे दोनो हाथों से पैसे बटोरता हूँ अपने लिए भी और आपके लिए भी ऐसी ही बातों में उन दोनों का टाइम बीत रहा था पर पीयूष को रोजी की याद आ रही थी…….
पर आज कहाँ थी रोजी असल मे रोजी सुनीता से एक दो बार मिली थी पीयूष के ही घर पर और उनमें कुछ बात चीत भी हुई थी बातों बातों में रोजी ने सुनीता के घर का पता पूछ लिया था और वो सुबह तैयार हो कर शोरूम आने की जगह सीधा सुनीता के घर पहुंच गई थी उस वक़्त सुनीता बस काम पर निकलने ही वाली थी रोजी ने उसके घर का दरवाजा खटखटाया सुनीता ने दरवाज़ा खोला रोजी को देख कर वो चौंक गई…… सुनीता का पति मजदूरी पर जा चुका था और वो आज खास तरीके से सज संवर रही थी कल पीयूष के दिये पैसों से वो दो सेक्सी फिटिंग वाले सलवार सूट लायी थी और ढेर सारे क्रीम पाउडर लिपस्टिक बिंदी वगैरह कुछ आर्टिफिशियल ज्वेलरी भी खरीदी थी उसने और वो एक सस्ते पार्लर में भी गयी थी जहां उसने ब्लीचिंग फेसियल और वैक्सिंग करवाई थी इतना सब करने में 5000 में से अब 2-3 सौ ही उसके पास बचे थे पर वो ये सोच रही थी कि अगर आज पीयूष ने उसे चोद लिया तो शायद और पैसे मिल जाएं यही सब सोचते हुए वो सज संवर रही थी तभी दरवाज़े पर दस्तक हुई सुनीता ने सोचा कौन टपक पड़ा अब और उठ कर दरवाज़ा खोला रोजी को देख कर उसके मन मे कई सवाल आने लगे रोजी बोली अंदर आ जाऊं सुनीता किनारे हटती हुई बोली हां आ जाओ रोजी अंदर आ कर पड़ी हुई चारपाई पर बैठ गयी सुनीता भी आ कर उसके पास खड़ी हो गयी और सवालिया नजरो से उसकी ओर देखने लगी रोजी ने कहा देखो सुनीता मैं यहां तुमसे कुछ बात करने आई हूं पर वादा करो ये बातें हमारे बीच ही रहेगी और इसमें तुम्हारा काफी फायदा है पैसे भी भरपूर मिलेंगे तुम्हारी गरीबी दूर होगी और सुख से रह पाओगी सुनीता ने कहा इस सब के लिए मुझे क्या करना होगा रोजी ने गहरी सांस ले कर कहा तुम्हे पीयूष सर से चुदवाना होगा सुनीता ने कुछ पल सोच कर कहा तुम भी तो चुदवाती हो न साहब से रोजी ने मुस्कुराते हुए कहा हाँ मैं उनकी पहली पसंद हूँ वो तो मेरे साथ बहोत मज़े करते हैं पर अब वो चाहते हैं कि तुम्हारे साथ भी वो सब करें जो मेरे साथ करते हैं मैं उन्हें बिना बताए यहां आयी हूँ ताकि तुम्हे समझा सकूं की इस मौके का फायदा उठा कर कैसे तुम पीयूष की मदद ले कर अपने दुख दर्द खत्म कर सकती हो सुनीता को उसकी बात एकदम ठीक लग रही थी वो रोजी के पास बैठ गयी और कल परसों में हुई घटनाओ के बारे में बताने लगी और ये भी की कैसे पीयूष ने उसे पैसे दिए और उस पैसे का क्या उपयोग कर के वो आज खुद ही पीयूष के अहसान का बदला उस से चुदवा कर चुकाने की सोच चुकी है ये सुन कर रोजी खुश हो गयी उसे खास मेहनत नही करनी पड़ रही थी उसने सुनीता का हाथ पकड़ कर कहा देखो सुनीता सिर्फ चुदवाना और बात है पर आदमी को अपना गुलाम बनाना और बात है ताकि वो आंख मूंदकर औरत की हर बात मान ले सुनीता ने कहा मैं कोशिश करूंगी की साहब जो करना चाहें उन्हें करने दूँ रोजी ने कहा इसके अलावा एक और काम कर सकती हो तुम सुनीता ने कहा बोलो मैं कुछ भी करूंगी रोजी ने उसे समझाते हुए कहा मर्दो को बेशर्म औरतें ज्यादा पसंद होती हैं जो खुद अपनी तरफ से ना सिर्फ चुदवाने के लिए बल्कि नए नए तरीके से चुदवाने के लिए और चुदाई में कुछ नया कुछ अलग कुछ हट के करने की पहल करें जैसे कि मर्द की गांड चाटना उसका मूत पीना उसके बदन से खेलना और अपने बदन से खेलने का पूरा मौका देना सुनीता को सब समझ आता जा रहा था ऐसे लगभग 1 घंटे तक दोनों बातें करती रही फिर रोजी ने कहा तुम एक काम करना आज साहब को आने हिसाब से खुश कर के उनसे एक स्मार्टफोन ले लेना उसके बाद कि ट्रेनिंग मैं तुम्हे फ़ोन पर दे दूंगी और किसी ना किसी दिन हम दोनो एक साथ नंगी हो के पीयूष के लौड़े का मज़ा लेना है सुनीता ने खयालों में खोते हुए कहा कितना मस्त लौड़ा है ना साहब का काला लंबा मोटा सख्त चूत में जायेगा तो मज़ा आ जायेगा रोजी खड़ी होती हुई बोली तो जा ना आज ही ले ले चूत में उनका लौड़ा और बनवा ले अपनी बुर का भोसड़ा साली रांड सुनीता ऐसे भाषा सुन कर थोड़ी सकपका गयी हांलाकि उसके लिए ये नया नही था पर पढ़े लिखे सभ्य लोगों के मुह से उसने ये कभी नही सुना था तो वो हैरानी से रोजी का मुह देखने लगी रोजी हंसती हुई बोली साहब को चुदाई के टाइम ऐसे ही बातें करना पसंद है तो आदत डाल लें इसकी बुरचोदी सुनीता आश्चर्य से बोली तुम्हे भी ऐसे गाली दे के बात करते हैं क्या रोजी ने आंखे घुमा कर कहा और क्या मुझे तो माँ की लोड़ी कुतिया भोसड़ी वाली ना जाने क्या क्या कहते हैं सुनीता की बुर गीली हो गई ये सब सुन के उसे अच्छा लग रहा था…… वो चारपाई से उठी और बोली अब मैं चलती हूँ देर हो रही और उसे लगने लगा था जल्दी ही वो भी अपनी सैलेरी बढ़वा कर सिर्फ साहब के घर खाना बनाएगी और मज़े से साहब के लंड के मज़े लेगी…… रोजी अब शो रूम के लिए निकल पड़ी और सुनीता पीयूष के घर की ओर……..
to be continued……

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