चचेरी बहन की पहल : चोद डाला (भाग – ५)

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फ्रेंड्स,
कभी कोई लड़की या औरत आपको खुद से पहल कर शारीरिक संबंध नहीं बनाती तो हमारे समाज के आधुनिक परिवेश में आज भी लड़कों को लौंडिया के पीछे जाना होता है और काफी मेहनत मस्कत के बाद ही लड़कियां सेक्स को राजी होती है तो ओरल सेक्स की सीमा वो तय करके हम लड़कों को अपने नियंत्रण में रखती है फिर वो भी अपने आपको काबू में नहीं रख पाती तो फिर सहवास जैसी क्रिया जन्म लेती है तो आपने पढ़ा कि राहुल ( २० वर्ष ) और रेखा ( १९ साल ) दोनों फिलहाल एक ही घर के अंदर हैं तो दोनों सुबह सुबह उठते ही काम वासना की दुनिया में खो गए, बीते दिन की छुट्टी के बाद रेखा कुछ अधिक ही कामुक हो चुकी थी तो दोनों मुखमैथुन का आनंद लेकर फिलहाल बेड पर लेट गए। रेखा के नग्न जिस्म की आग मुझे जला रही थी तो उसके बूब्स चूसने के बाद उसको लाल कर चुका था, चुत को अपने मुंह का प्यार दिया तो वो मेरा लंड चूस चूसकर पूरी तरह से टाईट कर दी और अब चुदाई की आग दोनों को तडपाने लगी तो रेखा ” टुडे ” गोली कि स्ट्रीप लेकर ही लेटी थी लेकिन नग्न जिस्म पर चादर डाल तन को छिपा रखी थी लेकिन दोनों को अब संभोग सुख का आनंद लेना था।
मैं रेखा की छाती पर हाथ लगाकर चादर को नीचे कर दिया तो नग्न काम की मूर्त मुझे तिरछी नजरों से देखने लगी और अपने हाथ बढ़ाकर मुझे दवाई की स्ट्रीप दी तो मैं उसके जांघों को फैलाकर चुत पर हाथ फेरने लगा, एक उंगली से चुत को फैलाया फिर लंबी सी गोली को छेद में डाल कर उंगली से उसे अंदर करने लगा फिर उसके चेहरा पर झुककर रसीले होंठ को मुंह में लिए चूसने लगा तो रेखा मेरे नीचे के भाग जोकि घुटने के बल थी, हाथ बढ़ाकर लंड को पकड़ हिलाने लगी वैसे भी एक बार वीर्यपतन होने के बाद सेकेंड राउंड लंड झडने में टाईम लेता है तो उसके ओंठ छोड़कर चूची को पकड़ दबाने लगा फिर वो दोनों पैर बेड पर रगड़ रगड़कर अपने जिस्म की आग को शांत कर रही थी, दो मिनट का वक़्त जब चुत के अंदर दवाई पिघलकर काम करने लगती है तो मैं उसके बिकनी लाईन को जीभ से चाटने लगा और रेखा ” उई उफ़ राहुल अब चाटना छोड़ प्लीज़ चोद मुझे
( में दूसरे जांघ पकड़कर ) मैडम थोड़ा दवाई को तो पिघलने दो पता चला बिन ब्याही मां बन गई
( वो चेहरा फेरकर शरमाने लगी ) छिः ऐसी बात मेरा भाई कर रहा है
( मैं उसकी दूसरे बिकनी लाईन को चाटने लगा ) हां रे बहनचोद भाई से और क्या चाहिए तुम्हें ” फिर उसकी जांघों के बीच लंड पकड़े बैठा, तो चुत से सफेद द्रव्य जैसा निकलने लगा, दवाई पूरी तरह से पिघल कर अब चुत से बाहर निकलने लगा था तो मैं सुपाड़ा को अंदर पेले लंड को चिपचिपे चुत में घुसाने लगा और आधा लंड तो एक ही सांस में अंदर थी तो वो मेरे तेज झटके का इंतजार कर रही थी और फिर उसकी चुत में तेज धक्का मारकर पूरा लंड अंदर डाले चुदाई शुरू किया तो रेखा की टाईट बुर चोदने का आनंद ही अलग था और वो सिसक रही थी ” उह ओह आह मजा आने लगा देते रहो राहुल ”
रेखा के चुत में दवाई की चिपचिपाहट मेरे लन्ड के लिए चिकनाहट का काम कर रही थी तो मेरा पूरा लंड उसकी चुत में जाकर उसकी चुदासी चुत को मस्त करने लगा, रेखा मुझसे ही अपने चुत की सील तुड़वाई थी तो मेरा लंड अंदर तेज रफ्तार से दौड़ लगा रहा था और रेखा का गोरा मुखड़ा लाल हो चुका था तो वो अब ” उई मां मजा दे ना आह और जोर से चोद प्लीज़ अब मेरे पर चढ़कर पेल ना ” तो मैं पल भर के लिए रुका फिर उसके बदन पर सवार होकर दे दनादन चुदाई करने लगा और रेखा मेरे पीठ सहलाते हुए खुद को चुदक्कड़ लड़की की श्रेणी दिलाने खातिर अपनी चूतड़ ही उछालने लगी। मेरे लिए ये एक सुखद एहसास था तो उसके गद्देदार गान्ड उपर नीचे होते हुए चुदाई का लुफ्त उठा रहे थे तो उसके दोनों बूब्स मेरी छाती से रागड़न खा कर मुझे उत्तेजित करने लगे फिर वो अपने चूतड़ को स्थिर करके मेरे ओंठ चूम ली ” अब बुर में लहर होने लगी है
( मैं चुदाई करता हुआ ) हां बेबी, बिना गर्मी और उमस के बारिश कहीं होती है ” वो चुपचाप मेरे बदन के नीचे लेटे चुदवाने लगी पर लंड कि गर्मी अधिक देर तक कायम रहना कठिन है और फिर इस जगह पर ही हर पुरुष औरतों के सामने हार जाता है, ठीक वैसा ही हुआ तो मेरा लंड ज्योंहि वीर्य स्खलित करने लगा मैं और जोर का ८-१० धक्का दिया तो लंड अंदर ही निढाल हो गया और वो मेरे ओंठ चूम ली ” हॉट बॉय लव यू जान “…….

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