चचेरी बहन : गांव में सहवास (भाग ३)

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फ्रेंड्स
राहुल का पैतृक गांव आना एक अच्छा योग था आखिर एक शादीशुदा महिला के साथ सेक्स का मौका मिला और वो भी खूबसूरत साथ ही कामुकता से युक्त भले भी मेरे बड़े अंकल की बेटी हो लेकिन पहले तो एक औरत वो भी अपने चाल ढाल से मुझे बता दी की मैं तो टांगें चिहारने को तेयार हूं और फिर मुझे क्या दिक्कत, मैं भी उसकी ओर खींचा हुआ चला गया तो दोनो के बीच जिस्मानी ताल्लुकात बन गए, मुझसे उम्र में भले छोटी थी लेकिन चुद्दक्कड़ किस्म की लौंडिया और मैं फिलहाल उसको बेड पर ही डॉगी स्टाइल में कर उसके गोल गद्देदार गांड़ के सामने लन्ड पकड़े बैठ गया। रिमझिम का पति प्राइवेट नौकरी में था तो बेचारी आर्थिक तंगी से गुजरती रहती थी और कभी कभार मेरे घर पर आई तो कुछ ना कुछ गिफ्ट उसे दे दिया करता था और अब मैं रिमझिम की बूर में सुपाड़ा घुसाया फिर धीरे से लन्ड को बूर में चांपने लगा, २/३ लन्ड तो बूर हजम कर गई और मैं उसके कमर पकड़े धक्का देकर चोदने लगा तो वो पीछे मुडकर देखी फिर अपने चूतड को हिलाना शुरू की और दोनो सम्भोग क्रिया में लीन थे की मेरा हाथ रह रहकर उसके सीने से लगे स्तन को पकड़ दबा देता और मध्यरात्रि में सम्भोग क्रिया का आनंद लेते हुए मस्त था तो रिमझिम अपने चूतड को हिलाते हुए चुदाई के आनंद को दुना कर रहीं थी।
मैं उसे डॉगी स्टाइल में किए उसकी चूतड की ओर से लन्ड डाले चोदे जा रहा था तो वो अपने चूतड को हिलाते हुए मस्त थी, पीछे मुडकर बोली ” और तेज मेरे सैंया चोद चोद कर बूर का कचूमर निकाल दे
( मैं उसके सीने से लगे चूची पकड़े धकाधक चुदाई कर रहा था ) दो साल से साली बूर कुटवा रही है अब क्या कचूमर निकालूंगा
( वो हंस दी ) मेरी शादी के पहले मुझे क्यों नही फंसाया
( मेरा लन्ड गपागप अंदर बाहर होने लगा ) ध्यान ही नही दिया समझ नही था की मेरी छोटी बहन सेक्स में परिपक्व हो चुकी है, कितनों का लौड़ा हजम की हो ” वो चुप रही और मेरा लन्ड उसकी बूर को आग की भट्टी बना चुका था तो मैं चोदते हुए इसकी गांड़ की सोच रहा था और तभी रिमझिम आहें भरने लगी ” उह ओह आह अब दुबारा रस निकलेगा मेरी जान
( मैं तेजी से चोदता हुआ ) तो फिर पोजीशन बदलना होगा डार्लिंग ” और मेरे सात आठ धक्के के बाद बूर से पानी निकलने लगा तो मैं लन्ड को बूर से बाहर कर शॉर्ट्स पहना फिर बाथरूम चला गया।
रिमझिम अपने जिस्म को ढकने के लिए पेटीकोट छाती से बांधने लगी तो मैं फ्रेश होकर आया, पिछले ६-७ मिनट से उसकी चुत चोदे जा रहा था तो अब उसकी बूर में रस गिराकर सम्भोग क्रिया का अंत करना था, वो बेड पर लेटी हुई थी तो मैं उसके बूब्स पर हाथ लगाए दबाने लगा और उसके पेटीकोट को कमर तक करके जांघो को फैलाया, अब मैं शॉर्ट्स उतारकर लन्ड को पकड़े बूर पर रगड़ने लगा फिर सुपाड़ा घुसाकर बोला ” कल रात तुम लहंगा चोली पहनकर शादी में शरीक होना
( ये कहते हुए तेज धक्का बूर में दिया ) ओह आउच समझ गई
( मैं पूरे गति से बूर चोदता हुआ बूब्स दबाने लगा ) तो शादी के दरम्यान हम दोनो वहां भी रहेंगे और साथ ही गोदाम की ओर जाकर मजा भी करेंगे ” वो चूतड उपर नीचे करने लगी तो मैं उसके पेटीकोट के नाड़ा को खोल गर्दन से बाहर कर दिया और रिमझिम के नग्न जिस्म पर सवार होकर चुदाई करने लगा, वो मेरे ओंठ चूमते हुए मस्त थी तो उसका पति नींद की दवाई खाकर सोया था और फिर रिमझिम मेरे कमर को कसकर पकड़े चूतड उछालना शुरू की तो मुझे भी अब लन्ड के ढीले होने की उम्मीद थी ” उह ओह और तेज चोद साले बहन को चोद चोदकर रण्डी बना दे
( मैं चोदता हुआ हांफने लगा ) अब घूमने फिरने शहर तो आ फिर तुझे आराम से चोदूंगा ” और उसकी चिकनाहट भरी बूर में लन्ड रगड़ा दिए जा रहा था तो उसकी बूर फिलहाल रसीली थी, उसको चोदकर दो बार रसीला कर चुका था तो वो चूतड स्थिर कर कामुकता वश मेरे पीठ पर नाखून गड़ाने लगी तो मैं अब चोदता हुआ थकान महसूस करने लगा ” उह ओह तेरी बूर कितनी रसीली है डार्लिंग पहले तो तेरे नग्न जिस्म याद करके मूठ मारता था
( वो बोली ) मेरी नजर भी आप पर रहती थी लेकिन मुझे पता था कि आप मेरे साथ शारीरिक संबंध कभी नही बनाओगे ” और मैं अब ७-८ धक्के देकर बूर में वीर्य गिरा दिया और उसके बूर में लन्ड डाले उसके बदन पर लेटा रहा फिर दोनो एक दूसरे से अलग हुए और वो अपना कपड़ा पहन बेडरूम चली गई तो मैं भी फ्रेश होकर सो गया।

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