जिया की कमसिन जवानी : भाग-२

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दोस्तों,
पिछले भाग के आगे…. जिया और रोहित बेड पर अर्ध नग्न अवस्था में लेटे हुए थे तो मेरी नजर रह रहकर उसके चढ्ढी पर चली जाती और लंड का उभार देख मुंह में पानी आने लगा लेकिन ये धोंचू तो एक दूरी बनाए बेड पर लेटे मुझे सिर्फ देख रहा था तो जिया और रोहित एक दूसरे की ओर करवट किए लेटे हुए थे, जिया की दोनों चूचियां ब्रा से बाहर निकल रही थी तो मेरे गोरे जिस्म को ताड़ता हुआ अब वो थोड़ा करीब आया, मेरी तो सांसे थम सी गई और अब मैं चाहकर भी पीछे नहीं हट सकती थी कारण की बेड के एक किनारे तक जा चुकी थी और फिर दीवार ही था तो मैं उसके चेहरे की ओर देख पूछी ” तुम्हारे मन में भी वही चल रहा है क्या
( रोहित ) मुझे कैसे पता कि तुम क्या सोच रही हो
( मैं शरमाते हुए बोली ) जब इतने करीब आ ही गए हैं तो फिर कैसी संकोच ” ये कहते हुए मैं उससे लिपट गई तो रितेश मेरे बदन को अपने बदन से चिपका लिया और दोनों एक दूसरे के छाती से चिपके हुए थे, मैं चूचियां उसके छाती से रगड़ने लगी तो रोहित अब मेरे चूतड सहलाने लगा और दोनों चुम्बन क्रिया में लिफ्त हो गए। जिया हमेशा से ही लड़कों पर हावी होना चाहती थी तो ज्योंहि दोनों के ओंठ का मिलन हुआ मैं उसे चित कर उसके उपर लेट गई, रोहित मेरे नीचे लेटा हुआ मेरे नग्न पीठ से लेकर चूतड तक को सहलाने लगा और मैं उसके ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन दी फिर ओंठ मुंह में लिए चूसने लगी तो वो मेरे चूतड पर से पेंटी हटाने लगा और जिया उसके ओंठ छोड़कर बोली ” डियर मैं वो तुम्हें देने वाली नहीं हूं वो भी सिर्फ प्यार से
( वो मेरे पीठ पर हाथ फेरते हुए ब्रा का हुक खोला ) क्यों बेबी तो फिर गिफ्ट में क्या चाहिए
( मैं हंस दी ) गिफ्ट लूंगी तो घर वाले तरह तरह के सवाल करेंगे बेहतर है की गिफ्ट की जगह पैसा ही दे दो
( वो मेरे ब्रा को बाहों से निकालने लगा ) अच्छा तो कितना पैसा दूं
( मैं उसके ओंठ पर उंगली फेरते हुए बोली ) कोई रण्डी तो नहीं की मेरे जिस्न का रेट है बाकी तुम समझो ” वो मेरे ब्रा हटाकर अब ओंठ को मुंह में लिए चूसने लगा तो जिया झट से ओंठ निकाल उसके मुंह में जीभ घुसाए चुसवा रही थी और उसका हाथ मेरे पेंटी को चूतड के बीचोबीच कर चुका था लेकिन जब तक इससे ५-७ हजार रूपए नहीं निकलवा लेती तब तक इसे अपने चूत सुंघने तक नहीं दूं और वो जीभ चूसता हुआ मेरे नग्न बदन सहला रहा था, उसका लंड मेरी कमर के पास रगड़ खा रही थी लेकिन चढ्ढी में थी फिर वो जीभ निकाल मुझे बदन पर से हटाया और अर्ध नग्न अवस्था में ही बेड से उतर अपने जींस के पॉकेट से पर्स निकाल मेरे पास आया, मैं तो उसके कसरती बदन ही देख आकर्षित हो चुकी थी और वो मुझे पर्स थमाकर बोला ‘ गिफ्ट के लिए जितना निकालना है निकाल लो ” मैं बेड पर बैठे हुए उसके पर्स से पांच हजार रूपए निकाल ली फिर बोली ” गिफ्ट के लिए ले ली सिर्फ पांच हजार ‘ वो पर्स बेड के कोने में रख मेरे चूची को पकड़ दबाने लगा तो जिया जानती थी कि अगर मुफ्त में सालों को अपना बदन नोचने को दूंगी तो ये जब मन करेगा रूम बुक कराकर मुझे चोद डालेंगे तो पैसा पॉकेट मनी के लिए भी जरूरी था। मैं अब रितेश के छाती सहलाते हुए उसके चढ्ढी को उतारने लगी और वो खुशी से झूम उठा, उसका लंड मेरे भाई के लंड से छोटा था लेकिन नीलेश के लंड से थोड़ा लम्बा और मोटा भी, जिया उसके लंड पकड़ सहलाने लगी तो रितेश मुझे लिटाया फिर मेरी चूची को पकड़ मुंह में लिए चूसने लगा, अब तो काम की ज्वाला तड़पा रही थी तो वो आराम से मेरे स्तन चूस रहा था।
जिया इतनी भी खूबसूरत नहीं की हैंडसम और रईस घर के लड़के उसके गान्ड के पीछे चक्कर काटें लेकिन हूं तो बीस साल की लौंडिया ही और लड़के तो चूचियों, चूतड और चूत के दीवाने होते ही हैं तो अपने छाती से लगाए स्तनपान करा रही थी और उसका लंड अब फुंफकार रहा था, मेरी सांसे तेज होने लगी तो चूत में थोड़ी कोताहल मचने लगी ” ओह उह उई दूध पी रहे हो क्या जो चूसे जा रहे हो
( वो चूची मुंह से निकाला ) जरूर पीऊंगा बेबी, बस तुमसे शादी हो जाए और फिर बच्चा पैदा करते ही दूध तो निकलेगा ही ” मैं शरमा कर अपनी आंखें बन्द कर ली और रोहित मेरे दूसरे स्तन को पकड़ उसे जीभ से चाटने लगा साथ ही दूसरा हाथ लगाकर मेरी पेंटी कमर से नीचे कर दिया तो जिया खुद ही अपने पैर से पेंटी निकाल दीं। रोहित मेरे नग्न पेट से कमर तक को चूमता हुआ अपना हाथ मेरी जांघ पर फेरने लगा, चूंकि मैं जांघें सटाए चूत छुपा रही थी तो वो मेरे जांघ फैलाकर चूत को छूना चाहता था, पल भर के बाद वो मेरे चिकने जांघ को ही चूमने लगा तो मेरी चूत की कुलबुलाहट और बदन में सिहरन ने मुझे ढीला कर दिया और वो जांघें चूम चूमकर मेरी जांघें को फैला दिया फिर मेरी चूत को ध्यान से देखता हुआ मुस्कराया और मैं शर्म के मारे हशेली से चूत ढक दी लेकिन वो मेरे हाथ को ही चूमने लगा फिर जिया की हाथ चूत पर से हट गई तो वो मेरे चूत पर नाक लगाए सुंघने लगा साथ ही मेरे कमर से पेट तक पर हाथ फेरने लगा, ये साला तो मेरे चूत में नाक ही घुसाए रगड़ने लगा ” ओह उह रोहित ये क्या कर रहे हो आह इतनी गुदगुदी बुर में ” वो नाक की जगह अब जीभ से चूत चाटने लगा तो उसकी उंगलियां मेरे चूत फैलाए हुए थी और अब जिया अपने क्लेशमेट के साथ सेक्स करते हुए मस्त थी…. to be continued.

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