दीदी की सहेली – Dirty Sex Tales

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दोस्तों,
मेरी बड़ी बहन दीपा की शादी के ३-४ साल हो चुके थे तो उसकी कई सहेलियां अब भी कानपुर में ही रहती थीं तो उनकी एक सहेली उज्मा नकवी जोकि दीदी की हमउम्र थी कि खूबसूरती वाकई काबिले तारीफ़ थी, उसके लंबे कद ( ५’६ इंच ) तो गोरा लम्बा चेहरा साथ ही सुराहीनुमा गर्दन तो दोनों बूब्स मानो नारंगी के आकार के साथ ही काली लंबी जुल्फें और उनके गद्देदार चूतड तो उनकी शादी कानपुर के ही एक बिजनेसमैन से हुई थी और वो गोविंदपुरी मुहल्ले में रहती थी तो उनसे कई बार मुलाकात हो चुकी थी और एक दोपहर जब मैं अपने किसी काम से गोविंदपुरी मार्केट गया था वहां उजमा नकवी से मेरी भेंट हो गई और वो सलवार सूट में बेहद ही खूबसूरत दिख रही थी ” अरे राहुल तुम यहां
( मैं ) हां दीदी वो कुछ काम था इसलिए आया हूं
( वो मेरे हाथ थाम ली ) चल कॉफी पीते हैं ” और दोनों मार्केट के एक कॉफी शॉप चले गए, वहां कॉफी का ऑर्डर किए फिर दोनों बाते करने लगे ” तो तेरी दीदी का क्या हाल समाचार है
( मैं ) ठीक है आपसे बात नहीं होती क्या
( वो ) होती है राहुल ” और मेरी गंदी नजर उनके उफान लेती चूचियों पर चली जा रही थी तो वो मेरी नजर को भांप चुकी थी, कॉफी पीते हुए दोनों एक दूसरे को घुर रहे थे तो आज के पहले कभी भी इनसे इस क़दर नयन मटका नहीं हुआ था तो मैं पूछा ” आपको घर छोड़ दूं
( उजमा ) क्यों नहीं ” फिर वो मेरे साथ बाईक पर बैठी तो दोनों पैर एक ही दिशा में किए हुए लेकिन अपने मुलायम चूची मेरे से पीठ पर दबाते हुए और फिर उनका एक हाथ मेरे कमर से थोड़ा उपर था तो मैं उनकी मुलायम चूची का एहसास पीठ पर ले रहा था और फिर गोविंदपुरी के चौराहे पर पहुंच पूछा ” अब किधर चलना है दीदी
( वो बोली ) दाहिने ओर चलो ” तो कुछ देर बाद उनके घर के सामने उनको छोड़ा तो वो बोली ” पहली बार आए हो कम से कम चाय तो पीकर जाओ ” मैं उनके प्रस्ताव को नहीं ठुकरा सका और उनके साथ घर गया तो उनकी सासू मां दरवाजा खोली और उजमा मुझे डायनिंग हॉल में बैठने को बोली तो मैं उनकी सासू को हाथ जोड़कर प्रणाम किया फिर वहीं बैठा रहा तो उजमा कुछ पल बाद मेरे पास प्लेट लेकर आई उसमें नाश्ता था साथ में कॉफी और सासू मां उठकर वहां से चली गई तो मैं कॉफी पीने लगा और उजमा मेरे पास बैठी थी ” थोड़ा स्नेक्स भी लो
( मैं ) घर से नाश्ता करके निकला हूं तो यहां आपकी सासू मां और कौन रहते हैं
( वो मेरे कंधे पर हाथ रख दी तो मेरा दिमाग उड़ गया और उसकी दाईं चूची मेरी बांह से सट रही थी ) ससुर जी का तो इंतकाल हो चुका है और एक छोटी ननद यहां रहती है ” तो कॉफी पीकर ज्योंहि कप रखा उजमा मेरे कंधे में हाथ डाले मेरे चेहरे को अपनी ओर करके मेरे गाल चूम ली और मैं हड़बड़ा कर थोड़ा दूर हो गया ” उजमा ये क्या है, घर में सासू जी तो तुम शादी शुदा फिर ” वो मेरे करीब खिसक कर मेरे कंधे में फिर से अपनी बाहें डाली और ओंठ पर ही ओंठ रख चुम्बन देने लगी फिर बोली ” क्यों तेरी दीदी इधर इधर मुंह नहीं मारती ” मैं कुछ नहीं बोला बल्कि उसके लालिमा लिए ओंठ पर चुम्बन देने लगा और दोनों सोफ़ा पर ही एक दूसरे से लिपटे एक दूसरे को चूमने लगे, उजमा तुरंत ही मेरे मुंह में अपनी जीभ डालकर चुसवा रही थी तो मैं उसके एक बूब्स पकड़ दबाने लगा और सोचने लगा कि संयोगवश दोनों की मुलाकात इतनी जल्दी सेक्स में बदल जाएगी, यकीनन मुझे उसके ओंठ चूसने में मजा आ रहा था तो उजमा मेरे जींस पर से ही लंड के उभार को सहलाने लगी और फिर उसके ओंठ को मुंह से निकाला तो वो मुझे देखते हुए बोली ” ऐसा है कि तुम घर के पीछे के बागान में जाओ फिर सासू को लगेगा कि तुम चले गए हो ” तो मुझे भी उजमा के साथ सेक्स करने का जी हो चुका था, घर के मेन गेट से निकला फिर उसके इशारे पर घर के पीछे चला गया तो वहीं एक फूल के क्यारी पर बैठ सोचने लगा कि अब उजमा इधर कब आएगी और कुछ देर बाद उजमा बागान में आईं फिर वो मुझे अपने बेडरूम लेती गई, उसके रूम का एक दरवाजा पीछे की ओर खुलता था। उजमा दरवाजा बंद की फिर मेरे से लिपट चूमने लगी तो उसके चिकने चूतड़ को मैं सलवार पर से ही सहलाने लगा और कामुकता वश वो मेरे शर्ट उतार दी साथ में जींस भी तो मैं उसके सलवार के नाड़े को खोल निचला हिस्सा नंगा कर दिया। बन्द रूम में दोनों अर्ध नग्न थे तो उजमा मेरे चढ्ढी पर से ही लंड के उभार को पकड़ दबाने लगी और उसके मध्यम आकार की चूचियां मैं दबाता हुआ मस्त था तो उजमा और राहुल दोनों बेड पर आ गए फिर उसको लिटाकर मैं उसके गर्दन से लेकर छाती तक को चूमने लगा साथ ही उसकी चूची दबा रहा था तो वो मेरे पीठ पर हाथ फेरते हुए बनियान उतार दी और मैं उसके बूब्स की गोलाई को दबाता हुआ ब्रा का हुक खोल चूचियों को नंगा किया। दो जवान जिस्म बेड पर नंगे थे तो उजमा की चूची पकड़ मैं चेहरा झुकाया फिर चूची मुंह में लिए चूसने लगा तो वो मेरे पीठ सहलाते हुए चूतड पर से चढ्ढी हटाने लगी, मेरा सुस्त पड़ा लंड अब टाईट होने लगा तो दीदी की सहेली कि चूची चूसने में बहुत मजा आ रहा था और वो मुझे छाती से लगाए मस्त थी और फिर उजमा की चूची मुंह से निकाल दिया… to be continued.

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