देवर और भाभी का प्यार : भाग २

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फ्रेंड्स
पिछले भाग के आगे… मोंटी मेरे साथ काम क्रिया में लिप्त था तो मैं रेणु उसके लन्ड चूसकर चूत चटवाई फिर उससे चुदाने लगी, मेरे पति मेरे साथ हर आसन में संभोग किया करते थे ताकि दोनों को मजा अधिक मिले, कभी बिस्तर पर लिटाकर वो अपना लिंग मेरे योनि में डालते थे तो कभी डॉगी स्टाइल में तो कभी लन्ड पर बिठाकर ही तो कभी घोड़ी बनाकर और मैं अपने देवर के साथ लेटकर चुदाई फिर डॉगी स्टाइल में फिर थोड़ी थकान महसूस की, मैं लेटी हुई थी तो मोंटी मेरे बगल में लेट मेरे चूची को पकड़ मुंह में भर चूसने लगा और उसका हाथ मेरे गोल गद्देदार गांड़ पर घूम रहा था, मैं सिसक रही थी ” आह ओह मोंटी अब घुआओ ना लेकिन तेरे लन्ड पर बैठकर ही चुदाऊंगी ” फिर मैं उठकर बैठी तो मोंटी भी बैठ गया और खुद दोनों पैर सीधा कर बोला ” आइए महारानी जी बैठिए अपने आसन पर
( मैं शर्मिंदिगी महुदुस करते हुए उससे चेहरा फेर ली फिर उसके गोद में जांघों को फैलाकर बैठी तो मेरा दोनों हाथ उसके कंधे पर था ) बैठ गई मोंटी अब तो पोजिशन ठीक है ना
( वो मेरे कमर पकड़ मेरे शरीर को संतुलित किया तो मैं खुद लन्ड पकड़े अपनी चूत में घुसाने लगी ) हां डार्लिंग अब तो आपको गोद में बिठाकर ही चोदूंगा वो भी तब तक जब तक मेरा लन्ड सुस्त ना पड़ जाए ” मैं चुप रही और अपने गोल गद्देदार नितंब को नीचे की ओर करने लगी तभी मोंटी नीचे से जोर का धक्का देकर पूरा लन्ड अंदर घुसेड़ दिया और मैं उसके कंधे पर सर रखे चिल्ला पड़ी ” उई मां फट गई मेरी ” और वो नीचे से धक्का देता हुआ चोदने लगा तो मैं अपने चूतड को नीचे ऊपर करते हुए चुदाई का मजा ले रही थी, मेरी थोड़ी ढीली बूर में उसका लन्ड पूरी तरह से फिट था और मुझे उसके लन्ड के धक्का सा काफी आनंद आने लगा तो मैं चेहरा उसके सामने किए चूतड उछालती रही और उसके ओंठ चूम पूछी ” क्यों मेरे राजा महारानी की चूत कैसी है
( मोंटी धक्का देता हुआ मुझे बाहों में लिया हुआ था जिससे मेरी चूचियां उसके छाती से रगड़ खा रही थी ) बिल्कुल ही नशीली मुझे नहीं लगता की तेरी ननद की चूत भी इतनी नशीली होगी
( मैं तो चूतड ऊपर नीचे करते हुए चुदवा रही थी ) अच्छा तो मेरी ननद इशिता को तुम नंगा देख चुके हो ” लेकिन वो चुप रहा और नीचे से धक्का देता हुआ चोदता रहा तो मैं भी चूतड उछाल उछाल कर उसके लन्ड पर बैठ चुदाने का मजा ले रही थी फिर मेरी चूत तो आग की भट्टी हो गई लेकिन मोंटी धकाधक चुदाई करने में मस्त था, मैं अब चूतड स्थिर किए उसके धक्के सहने लगी तो मोंटी मेरे गाल चूम पूछा ” क्यों डार्रलिंग साथ निभाने में अक्षम हो क्या
( मैं उसके कंधे पर सर रख दी ) अब कमर में दर्द हो रहा है इसलिए स्थिर कर चुदवा रही हूं ” तो मोंटी धक्का देना बंद कर दिया और मैं उसके गोद से उतर बिस्तर पर बैठी फिर नंगे ही रूम से निकल वाशरूम चली गई, इतनी रात कौन देखने वाला था और फिर फ्रेश होकर आई तो मोंटी बेड पर लेटा हुआ था और मुझे देख पूछा ” अब किस स्टाइल में भाभी जान
( मैं उसके कमर के पास बैठ लन्ड पकड़ सहलाने लगी ) तुम तो पूरा बल लगाकर चोदते हो और मेरी कोमल चूत जल्द ही गर्म हो जाती है, वैसे कितने देर तक टिकोगे
( मोंटी बोला ) ये मैं नहीं बता सकता वैसे भी बीयर पीने के बाद मैं देर तक टिकता हूं ”
मैं मोंटी के लन्ड पकड़े सहलाने लगी फिर चेहरा झुकाए लन्ड को मुंह में लिए चूसने लगी तो मोंटी हाथ बढ़ाकर मेरे चूची को पकड़ पुचकारने लगा और मैं उसके लन्ड मुंह में भर चूसते हुए सर का झटका देने लगी, मुखमैथुन करने में जो आनंद है वो तो चुदाई में भी नहीं और मोंटी मेरे चूची पुचकारते हुए ” आह ओह आआआअह भाभी अब लन्ड खुजलाने लगा प्लीज छोड़िए तब आपको चोदूंगा ” मैं लन्ड चुस्ती रही फिर मुंह से निकाल दी और बोली ” अब घोड़ी बनती हूं और तुम घुड़सवारी करना
( मोंटी हंस दिया ) जरूर मेरी जान ” फिर मैं बेड पर से उतरकर दीवार के सहारे खड़ी हो गई तो मोंटी मेरे पीछे खड़ा था, मेरे जांघो को फैलाया फिर लन्ड को चूतड की ओर से घुसाने लगा, उसका कड़ा लन्ड मुझे पसंद था और वो आधा लन्ड घुसाने के बाद कमर पकड़ा फिर धक्का देकर चोदने लगा तो मैं ” आह आउच लन्ड तो साले घोड़ा का लगता है
( मोंटी मेरे कमर पकड़ धकाधक चुदाई करने लगा ) हां सेक्सी, तेरी चूत भी काफी हॉट है ” फिर रूम में सन्नाटा सा पसरा हुआ था और उसका हरेक धक्का मेरे चूत को गर्म कर रहा था जबकि मैं जल्दी पानी नहीं छोड़ती थी फिर भी मोंटी के साथ सेक्स करते वक्त बूर से रस जल्दी ही निकलने लगता था, अब मैं भी अपने चूतड को हिलाने लगी तो मोंटी पूरे गति से चोदने में मस्त था और मुझे पता था की उसका लन्ड जल्द ही वीर्य स्खलित करेगा आखिर १०-१२ मिनटों से वो मुझे चोदे जा रहा था, अब मेरे पूरे बदन में आग सी लगी हुई थी तो मोंटी चोदता हुआ ” आह ओह उह रेणु तेरी गांड़ भी चोदूंगा तू साली बच्चा पैदा करने के बाद भी इतनी हॉट है
( मैं पीछे मुड़कर देखी ) ओह लगता है देवर जी और भी शादीशुदा महिला के साथ हमबिस्तर हुए हैं ” लेकिन मोंटी चुप रहा और चोदता हुआ मेरे बूब्स दबा रहा था, उसका लन्ड तो बूर में खंजर की तरह चुभने लगा और फिर मोंटी भी धक्का देता हुआ हांफने लगा सो मैं भी तेजी से चूतड को हिलाने लगी और वो ” आह ओह उह आआआआह्हह अब मेरा निकला मेरी जान ” फिर उसके लन्ड से वीर्य निकल मेरी चूत को गीला कर दिया, मैं कुछ देर वैसे रही फिर लन्ड को मोंटी चूत से निकाला तो मैं नंगे ही वाशरूम गई और फ्रेश हो ली, थोड़ी देर बाद दोनों साथ में खाना खाए फिर मैं नीचे अपने रूम में सोने चली गई, मोंटी के साथ मेरा शारीरिक संबंध बन चुका था और इसका मुझे अब कोई अफसोस तक नहीं था फिर आगे ससुराल में मेरे साथ क्या क्या हुआ, अगले भाग में।

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