पति के संग संभोग : भाग-३

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दोस्तों,
दीपा के जिस्म की तेल मालिश हो चुकी थी तो नमन का लंड चूसकर मजा आ गया था और शादी के बाद आज पहली बार मेरी चूत पर पति ने मुंह लगाया तो मैं अब उठकर अपने पेटीकोट को सीने से बांधने की सोचने लगी कि नमन मेरा हाथ पकड़ साया छीन लिया फिर बोला ” जाकर फ्रेश हो ले फिर तेरी चुदाई करूंगा ” और मैं नंगे ही वाशरूम घुसी फिर फ्रेश होकर अब किचन की ओर गई, सुबह के ११:१५ बजे थे तो पेट में भी आग लगी थी तो एक ग्लास दूध पीकर बाहर निकली तो नमन अपने कमर से टॉवेल लपेटकर बैठा हुआ ड्रिंक्स ले रहा था। पति के सामने इतने दिनों में झिझक समाप्त नहीं हुई थी फिर भी उनके सामने नंगे ही रहना था तो अब आकर उनके सामने बैठी और वो मुझे देख पूछे ” कभी वाईन या व्हिस्की पी हो
( मैं शरमाते हुए बोली ) दो चार बार बियर पियी हूं
( वो ड्रिंक्स लेते हुए मेरे जांघ पर हाथ फेरने लगे ) पहले पता होता तो तेरे लिए केंटीन से ले आता
( मैं ) नहीं कोई जरूरत नहीं ” तो नमन व्हिस्की पीकर मुझे लिटा दिए और मैं लेटी हुई उनके चुदाई प्रारंभ का इंतजार करने लगी, तभी मेरे जांघों को अलग करके पूरी तरह से फैला दिए और चूत को सहलाने लगे ” ये बता दीपा की कॉलेज लाइफ में कोई बॉय फ्रेंड या आशिक
( मैं चेहरा फेर शरमाने लगी ) नहीं, कुछ लड़के तो मेरे पीछे लट्टू थे लेकिन मैं उधर ध्यान नहीं दी ” और अब नमन अपने टॉवेल को हटाकर अपना लंड पकड़ा फिर बुर के मुहाने पर सुपाड़ा रख अंदर करने लगा, धीरे धीरे उसका १/३ लंड अंदर घुस चुका था तो अब उनके तेज धक्के का इंतजार था और तभी नमन मेरी कमर पर हाथ रख जोर का धक्का लगा दिया तो दीपा चींखं उठी ” उई मां फाड़ दिया ओह कितना मोटा है तेरा लंड
( नमन चोदने लगा और बूब्स पकड़ दबाने लगा ) अरे साली, चुदाई का आनंद हर लड़की मोटे लंड से ही लेना चाहती है आराम से चुदाई करवा ” तो उसकी लंड का एहसास मेरे रसीले चूत को होने लगा और मैं टांग फैलाए बुर बिचकाए चुद्वाती हुई मस्त थी, दीपा के जीवन में उसके छोटे भाई के सिवाय कोई दूसरा आशिक नहीं था तो उससे शारीरिक संबंध बनाकर मुझे कभी अफसोस नहीं हुआ, भले ही उम्र में छोटा है पर काम क्रिया में अव्वल तो नमन अब चोद चोदकर बुर को गर्म कर चुका था और मेरे ऊपर झुककर चोदने लगा तो मैं उसके पीठ सहलाते हुए ओंठ चूमने लगी, मेरे स्तन उसकी छाती से दबने लगे तो वो चोदता हुआ बोला ” बेबी जरा चूतड़ उछाल उछाल कर चुदाई का आनंद दे ना
( मैं ) फिर कभी तेरे बदन को ऊपर लिटाए चूतड़ उछालने में कमर की हाल खराब हो जाती है ” लेकिन तभी वो धक्का देना बंद कर दिया और उसके जिद्द के सामने मैं ढीली पड़ गई, अब उसको बाहों के घेरे में लिए अपने गद्देदार चूतड़ को उपर नीचे कर चुदवाने लगी तो वो भी पूरे गति के साथ मुझे चोद रहा था, मेरी चूत की हाल खराब थी एक तो अंदर की गर्मी उसपर से ४-५ मिनट से लगातार मूसल लंड का वार सहना तो पल भर तक चूतड़ उछाली फिर रुक गई तो नमन मेरे बुर से लंड निकाल उठा और वाशरूम चला गया।
दीपा की बुर को पल भर के लिए आराम मिला लेकिन नमन बिना वीर्यपात कराए मानने वाला में से नहीं था, तो उसके वापस आते ही बोली ” डियर अंदर कुछ तेल या क्रीम लगाकर ही शुरू होना ” वो नंगे ही रेफ्रिजरेटर की ओर गया तो वापस फिर से बटर की टिकिया लेकर आया और मेरे जांघों के बीच बैठकर मुझे इशारा किया तो मैं उंगली की मदद से बुर फैला दी और नमन बटर की टिकिया को दांतों के बीच लेकर काटा फिर उसको मेरी बुर में घुसेड़ दिया, अब आधा टुकड़ा वो चटाई पर रख उंगली को चूत में घुसाने लगा और मेरे बुर की गर्मी से बटर पिघलने लगी फिर वो बैठकर अपना टाईट लंड चूत में घुसाने लगा तो पूरा लंड चूत आराम से निगल गई। दीपा के चूत में पिछले दो साल से लंड घुस रहा था तो अब चुदाई करता हुआ मेरा पति मेरे बूब्स को ही दबाने लगा और मेरे बदन में आग लगी हुई थी तो उसके लंड की दहाड़ से ही बुर की गर्मी शांत होती। नमन अब मेरे ऊपर सवार होकर चोदने लगा तो मैं उसके पीठ सहलाने लगी और अब बेबस लड़की की तरह अपने पति के नीचे पड़ी हुई थी तो मानो चूत ७-८ मिनट से लंड का धक्का सह सहकर शून्य सी लगने लगी और मैं ” ओह आह नमन प्लीज़ बस करो अब बर्दास्त नहीं होता जल्दी बुर की आग को शांत करो
( वो चोद चोदकर हांफने लगा ) कुछ पल की बात है रानी फिर बुर की आग ठंडी पड़ जाएगी ” और ८-१० धक्का देकर उसका लंड वीर्य स्खलित कर दिया तो मेरी बुर में लंड का सफेद चिपचिपा वीर्य भर कर बाहर निकलने लगा और नमन मेरे तन पर बुर में लंड डाले लेटा रहा तो मैं थकावट के मारे अब स्नान करना चाहती थी, सो पति से चुदाई रण्डी मत कहना, मेरे बदन को याद कर लंड को नहीं झड़ना, तेरे पास क्या चूत की कमी है दोस्तों कितनी लड़कियों लंड के लिए तरसती है यारों ” …..

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