पति से गान्ड चुदाई : भाग-२

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दोस्तों,
दीपा अपने पति के संग दिन में ही तेल मालिश करवा कर चुदाई का मजा ली थी तो रात को गान्ड की सील तुड़वा कर मजे लेना चाहती थी, मैं २२ साल की कमसिन जवानी हूं तो मेरे खूबसूरत जिस्म पर चूचियां मानो नारंगी के जोड़े हों तो गान्ड उम्र के हिसाब से थोड़ी अधिक गद्देदार साथ ही चूत की फांकें मोटी तो शादी के पहले ही मेरे बदन के साथ मेरा छोटा भाई खेल चुका था, उसने मेरे चूत की झिल्लियों को तोड़ा फिर मेरी गान्ड भी चोदने को आतुर था लेकिन ये मैं अपने पति के लिए बचा कर रखी थी तो फिलहाल मेरे स्मार्ट पति नमन मेरे पैर के पास बैठे हुए हैं और वो २७-२८ साल के स्मार्ट मर्द हैं तो उनका कसरती बदन साथ ही मोटा और लम्बा लंड मुझे बहुत भाता है और वो मेरी जमकर चुदाई करते हैं। मैं बेड पर घुटने और कोहनी के बल हो गई तो नमन एक प्लेट में बटर की टिकिया और एक तेल की शीशी लेकर बैठा हुआ मेरे चूतड़ को सहलाने लगा फिर मेरे कमर पर हाथ लगाकर मेरे चूतड़ को थोड़ा और नीचे कर दिया तो मेरी जांघें पूरी तरह से फैल गई, अब मुड़कर देखी तो वो मेरी गान्ड के दरार में बटर रगड़ने लगा और मैं उसके जीभ का एहसास अपने चूत पर पा रही थी, मेरे चूत को वो सहलाते हुए अब गान्ड के दरार को चाटने लगे तो यों कहिए कि बटर गान्ड मसाला का आनंद ले रहे थे फिर उनकी एक उंगली मेरी चूत में चली गई और मेरी गान्ड की छेद को जीभ से चाटते हुए बुर में उंगली रगड़ने लगे तो मैं सिसकने लगी ” उह ओह उई नमन प्लीज़ अब चोदो ना
( वो गान्ड के छेद में बटर का टुकड़ा घुसाने लगा ) साली अब तेरी बुर तो ढीली पड़ गई है, हां गान्ड टाईट है और आज तेरी गान्ड चोदकर फाडुंगा ” मैं डॉगी स्टाइल में थी तो गान्ड में बटर घुसेड़ वो कुत्ते की तरह जीभ से चाटने लगा लेकिन चूत को कुरेद कुरेद कर गर्म कर चुका था, पल भर बाद वो चाटना छोड़ दिया फिर अपना लंड पकड़े बैठा हुए मेरी चूत में लंड पेलने लगा और मैं समझ गई कि मेरी चुदाई के साथ साथ नमन गान्ड चोदेगा, अब उसका मोटा कड़ा लंड चूत में घा तो वो चुदाई करता हुआ मेरी चूची को पकड़ दबाने लगा और फिलहाल मैं चुदासी औरत की तरह चुदाई का आनंद लेने लगी फिर अपने कमर को स्प्रिंग की तरह हिलाने लगी तो संभोग सुख का आनंद दोनों ले रहे थे, उसका ८-९ इंच लम्बा लंड मेरी मां की चूत को भी लहराने के लिए काफी था तो उसका खरणजा मेरी बुर की गहराई को चोद चोदकर गर्म कर चुका था तो मैं चीख पड़ी ” ओह आह नमन निकल गई मेरी चूत की रस ” तो बुर से रज की धार छूट पड़ी फिर मैं चित होकर लेटी तो नमन मेरी गान्ड के नीचे तकिया डालकर अपना चेहरा बुर पर लगाया और दीपा अपने दोनों पैर हवा में उठाए उससे बुर चटवाने लगी और वो बुर का नमकीन कसाई पानी का स्वाद लेकर मुंह उपर किया, अब मेरे दोनों छेद काफी उपर थे तो नमन मेरी गान्ड के छेद पर सुपाड़ा रखकर अंदर घुसाने लगे और मैं पहली बार गान्ड मरवाने जा रही थी तो भगवान को याद कर दर्द सहने को तैयार थी। नमन अपना आधा लंड एक ही सांस में गान्ड में घुसेड़ दिया फिर वो मेरे दोनों पैर जोकि हवा में थे को कंधे पर रख जोर का धक्का गान्ड में दे मारा, गान्ड की चिकनाहट के होते भी मैं लोहे कि सलाख सी लंड के घुसते ही चिल्ला पड़ी ” उई मां फाड़ दिया आह निकाल ले रे निक्खतू आह कितना मोटा लंड है बे कुत्ते
( वो गान्ड में लंड पेलता हुआ मस्त था ) ओह आज तो शुरुवात है जानेमन अभी गान्ड के छेद को ढीला करने में चार पांच दिन तक गान्ड चोदना होगा ” और गान्ड के अंदर बटर की चिपचिपाहट समाप्त हो गई तो २-३ मिनट गान्ड चोदने के बाद अंदर मानो आग की भट्टी हो चुकी थी और मेरी एक बूब्स को पकड़ दबाता हुआ वो हांफने लगा, हे भगवान कब इनके लंड से वीर्य स्खलित होगा, काश जल्दी झड़ जाए ताकि गान्ड चुदाई का आनंद भी मिले और दर्द भी ना हो, लेकिन यहां तो नमन गान्ड को बेरहम इंसान की तरह चोदने में मस्त था ” उह ओह अब चोदो ना प्लीज
( वो अपना पसीना पोंछ बोला ) चोद तो रहा हूं बेबी
( मैं ) मेरी बुर चोद ना, गान्ड तो फट चुकी है ” फिर शायद वो गान्ड की गर्मी से निजात पाने के लिए अपना लंड निकाला और वाशरूम चला गया तो मैं अब राहत की सांस ले रही थी, लेकिन मेरे गान्ड के अंदर की लहर के साथ ऐसा लग रहा था मानो मेरे दोनों जांघ शून्य पड़ चुके हों और मुझे तेज मूत भी लगी थी।
दीपा बिस्तर पर से लड़खड़ाते हुए उठी फिर वाशरूम की ओर गई, एक ओर गान्ड में तेज लहर हो रहो थी तो दूसरी ओर सीधा पैर जमीन पर नहीं रखा जा रहा था, अंदर घुसी और बैठकर छर छर मूतने लगी तो नमन हाथ मुंह धोकर बाहर निकला और मैं बुर को पानी से धोकर बाहर आई फिर बेड पर जाकर लेट गई, अब नमन मेरे चूची को पकड़ दबाने लगा साथ ही झुककर चेहरा चूमता हुआ बोला ” अब तेरी गान्ड को तेल पिलाकर चोदूंगा जानेमन
( मैं उनसे विनती करने लगी ) प्लीज़ बुर चोदो ना गान्ड में बहुत जलन हो रही है, अब वो जांघों को सहलाने लगे तो दोनों जांघों को फैलाकर चूत चमकाने लगी, उनके सामने मेरे चूत थी फिर वो लंड पकड़े मेरे रसीले चूत में लंड घुसाने लगे तो दे दनादन चोदने लगे और मेरे बदन पर लेटे तो मुझे शकुन मिला की चलो गान्ड चुदाई से अभी तो बची फिर उनको बाहों के घेरे में लिए अपने गद्देदार गान्ड को उछालने लगी और वो मुझे चोदते हुए हांफने लगे, उनका लंड ९-१० मिनट तक बुर में टिकता था लेकिन इसमें ६-७ मिनट तो गान्ड में ही लंड पेले थे, मैं चूतड़ उछालते हुए सातवें आसमान में थी और नमन चोदता हुआ मेरा ओंठ चूम लिया ” ओह ये ले साली अब लंड का रस बुर में लेकर मस्त हो जा ” और मैं इशारे से उन्हें चोदते रहने को बोली लेकिन लंड चाहे लम्बा हो या छोटा, पतला हो या मोटा सबकी औकात चूत में फीकी पड़ जाती है और नमन के लंड से गर्म चिपचिपा वीर्य मेरे बुर को शांत कर बाहर भी निकलने लगा तो मैं उनके उठते ही लंड को पकड़ चूसने लगी और वीर्य का रसपान कर मस्त हो उठी लेकिन ये तो इंटरवल हुआ, मेरा पति अभी और चोदेगा….. to be continued.

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