पुरानी यादें रानी के साथ दूसरी बार

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बहुत तेज़ बारिश होने लगी, मैंने दरवाज़ा खोला तो देख की रानी भीग चुकी थी, उसका गुलाबी सूट उसके गदराए बदन से चिपक गया था, वो अंदर आई ” साहिल एक तौलिया दे दो ” , मैंने उसे अपना तौलिया दे दिया ” जाओ मेरे कमरे में सुखा लो ” , वो मेरे कमरे में चली गई और दरवाज़ा बंद कर लिया, थोड़ी देर में वो बाहर आई ” साहिल तुम्हारे पास कोई पुराने कपड़े है तो दे दो, तब तक इन्हे सूखा लूंगी ” , मैंने उसे अपनी एक टी शर्ट और पजामा दे दिया ” आंटी मेरे पास तो यही है, देख लो अगर काम चले तो ” , वो कमरे में चली गई, थोड़ी देर बाद वो बदल के आई, और उसे देख मैं दंग रह गया, उसने ब्रा बही पहनी थी और उसके खड़े निप्पल टी शर्ट में साफ़ दिख रहे थे, उसने अपने कपड़े सुखाने के लिए डाल दिए, मैंने भी शॉर्ट्स के नीचे कुछ नहीं पहना था, उसने मेरा खड़ाहोता हुआ लण्ड देखा और दुपट्टा ओढ़ लिया और किचन में काम करने चली गई, अब मेरा मन बैचैन होने लगा, मुझे उसकी चूत मारनी थी, मैं किचन में गया और उसे पीछे से जकड लिया ” आंटी तुम बहुत सुन्दर लग रही हो ” , वो मेरा हाथ छुटाने लगी ” नहीं साहिल हम दोनों ने माना था की अब नहीं होगा ऐसा कुछ ” , मैं उसकी गर्दन चूमने लगा ” आंटी जब एक बार हो गया तो क्यों रुके? अब होने दो ना ” , उसने मेरा हाथ छुड़ा दिया ” नहीं साहिल ये हम दोनों के लिए अच्छा है, कल रात भर मैं सो नहीं पाई ” , मैं उसके पास गया और उसके कमर में हाथ डाल दिया और उसके रसीले होटों को चूमने के लिए आगे बड़ा, उसने मुँह फेर लिया ” साहिल मान जाओ नहीं ये सही नहीं है ” मैंने ज़बरदस्ती उसके होंठ चूम लिए, वो सहम सी गई ” हऐ साहिल ये क्या कर दिया तुमने? ” , मैंने उसे बाहों में उठा लिया ” आंटी अब सब भूल जाओ ” , वो मना कर रही थी ” साहिल छोड़ो मुझे, ये सब सही नहीं है ” मैं उसे उठाकर अपने कमरे में ले गया और अपने बिस्तर पे लेता दिया ” आंटी अब सब सही है, होने दो जो हो रहा है ” , मैंने अपनी टी शर्ट उतार दी, और उसके पास बैठ गया और उसकी मांसल जांघो को सहलाया ” क्यों मना कर रही हो? कल अच्छा नहीं लगा? ” , वो उठ के बैठ गई और उसने मेरे हाथ पर अपना हाथ रख दिया ” इतना अच्छा मुझे आज तक नहीं लगा, पर साहिल तुम बहुत छोटे हो मुझसे ” , मैंने उसके गाल सहलाए ” सही कहूं तो, तुम पहली हो जिसके इतने करीब गया हूँ, और मुझे बहुत अच्छा लगा तुम्हारे साथ ” , वो पिघल सी गई, और उसने मेरे कंधे पे सर रख दिया ” ओह्ह्ह साहिल ये क्या हो गया मुझसे? आज तक जो चीज़ मैंने दबा के रखी थी वो तुम्हारे साथ एक बारी में बाहर आ गई ” मैं उसकी तारक बड़ा और उसके रसीले होटों को चूम लिया ” आंटी सारी चिंता छोड़ दो, सब ठीक है ” , उसकी आँखे नम हो गई ” पता है साहिल रमेश ( उसका पति ) का किसी और के साथ चक्कर चल रहा है, और वो मुझे बिलकुल पार नहीं करता ” , मैंने उसे गले लगा लिया ” आंटी जितना मुझसे हो पाएगा उतना मैं करूँगा तुमसे प्यार ” , मैंने उसके होंठ चूमे और उसने भी मेरा भरपूर साथ दिया, मैंने उसे लेटा दिया और ताबड़तोड़ उसे चूमने लगा और वो मुझे, उसने मेरा हाथ लेकर अपने मुम्मो पे रख दिया, मैंने उसके मुम्मो को पकड़ लिया ” आंटी तुम्हारे ये मुम्मे मुझे बहुत अच्छे लगते है ” , मैंने उसकी टी शर्ट में हाथ डाल दिया और उसके मोटे मुम्मो को सहलाने लगा, वो आहें भरने लगी ” अह्ह्ह साहिल तुम्हारे छूने से मुझे कुछ हो रहा है हहहह आह्हः सससस ” , मैंने उसकी टी शर्ट उतार दी, और उसके मुम्मो को चूसने लगा, वो तड़प उठी ” अह्ह्ह्ह माँ ” , मैं उसके गदराए बदन को चूमने लगा और धीरे धीरे नीचे गया, मैंने उसके पाजाम नीचे सरकाया, और नज़ारा देख मज़ा आ गया, वो अपनी झांटे साफ़ कर के आई थी, मैंने उसको छूआ ” आंटी तुम तो चिकनी होकर आई हो? ” वो शर्मा गई ” हाँ साहिल तुम्हारे लिए, और मुझे आंटी नहीं रानी बुलाओ ” , मैंने उसका पेट चूमा ” रानी जब इतनी तैयारी से आई हो तो ना नुकुर क्यों कर रही थी? ” उसने लम्बी सांस बहरी ” हहहसाहिल मैं रात बाहर सोचती रही, की यहाँ अब काम करूँ की नहीं ” , मैंने उसका पजामा उतारना शुरु किया ” फिर क्या सोचा तुमने? ” , उसने पैर उठा लिए ” आज आई हूँ ना? ये जानते हुए की मैं अपने आप को रोक नहीं पाउंगी ” , मैंने उसकी जाःगु को चूमना शुरू किया ” ओह्ह्ह रानी, अब मुझे ऐसा बना दो की मैं तुम्हे हमेशा खुश कर सकू ” . मैंने उसकी टाँगे फैलाई और उसकी चूत की दरार में जॉब फेरी, वो तड़प उठी ” अह्ह्ह साहिल हटो, वहां कौन मुँह लगाता है छी ” , मैंने फिर से किया ” रानी मुझे अच्छा लग रहा है, तुम्हारी खुशबू मुझे पागल कर रही है ” , मैंने अपनी शॉर्ट्स उतार दी और फिर से उसकी चूत चाटने लगा, वो ज़ोर ज़ोर से आहे भर रही थी ” अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह साहिल बस करो हहहह हो जाएगा मुझे सससस, आज तक नहीं हुआ मेरे साथ ये अह्ह्ह्ह हहहह ” , मैंने चाट चाट के उसकी चूत गीली कर दी थी, मैंने धीरे से उसकी चूत में एक ऊँगली घुसा दी और आए पीछे करने लगा, वो मानो पागल से हो गई, उसका शरीर कांपने लगा, उसकी साँसे भारी होने लगी, मैंने पहली बार की औरत को, ऐसी हालत में देखा था, मैं उसके छोले को हिलाता रहा और वो एक ज़ोर की चीख के साथ झड़ गई, उसने मेरा हाथ रोक दिया ” साहिल बस ” , मैं उसके बगल में लेट गया ” रानी अच्छा लगा ” , हम्म्म साहिल मुझे आज तक इतना अच्छा कभी नहीं लगा, मुझे किये हुए ही कम से कम तीन साल हो गए ” , मैंने उसके गदराई हुए बदन को सेहला रहा था ” क्यों अंकल नहीं करते क्या? ” , उसने कोई जवाब नहीं दिया, मैंने उसका हाथ अपने लण्ड पे रख दिया, उसने मुझे हाथ लगाया ” हऐ साहिल तुम्हारा कितना कैड़ा हो रहा है ” , मैंने उसके मुम्मे को चूमा ” रानी इसे मुँह में लो ना ” , वो घिन्नया गई ” छी साहिल इसे भी कोई मुँह में लेता है? ” , मैंने उसे मनाया ” रानी करके तो देखो बस थोड़ी देर ” , वो बैठ गई और मेरा लण्ड सहलाने लगी ” तुम्हारा टोपा कितना मोटा है ” उसके हाथ लगते ही मेरा लण्ड और तन गया. मुझे डर था की कहीं मेरा जल्दी न छूट जाए ” रानी कल डालते ही निकल गया था, आज भी न हो जाए ऐसा! ” वो हंस पड़ी ” ओह हो साहिल तुम सोचते बहुत हो, एक दो बारी में आदत पड़ जाएगी ” , मैंने उसके तने हुए निप्पल को हलके से दबाया ” इसका मतलब हम ये करते रहेंगे? ” , वो मुस्कुराई ” तुम्हे क्या लगता है अब ये सब नहीं होगा? बस ध्यान रहे की किसी को भनक भी नहीं लगनी चाइये ” वो मेरे लण्ड को देख रही थी ” साहिल आज पहली बार मैं मुँह में लेने जा रही हूँ, सिर्फ तुम्हारे लिए ” , वो झुकी और उसने मेरा सुपाड़ा मुँह में भर लिया, उसके गरम मुँह ने में आहें छूटा दी ” अह्ह्ह आंटी पहली बार किसी ने मेरा लण्ड मुँह में लिया है बहुत अच्छा लग रहा है आह्हः करते रहो हहहहह ” , मैं बहुत उत्तेजित हो गया और अपने आप को रोक नहीं पाया ” ओह्ह्ह्ह आंटी मेरा छूट रहा है अह्ह्ह हहहह आह्हः ” मैंने उसका सर पकड़ के दबा लिया और माल उसके मुँह में हे छूट गया, पहले तो वो छटपटाई, फिर उसने बड़े प्यार से मुँह में ही झाड़ दिया और वो भाग के बाथरूम में चली गई, वो मुँह धो कर आई ” साहिल बता तो देते, छूट रहा है मुँह भर दिया तुमने ” मैं उठा और उसके गले लग गया ” आंटी बहुत मज़ा आया, पहली बार किसी ने ऐसा किया मेरे साथ ” वो भी मुझसे लिपट गई ” साहिल मेरे साथ भी पहली बार हुआ है ” उसके शरीर की गर्मी से मेरा लण्ड फिर खड़ा होने लगा, उसने नीचे देखा ” तुम तो फिर से तैयार हो रहे हो! ” मैंने उसके रसीले होंठ चूमे ” आंटी तुम हो ही ऐसी की तुम्हे देख कर फिर मन कर गया ” वो मुझे बिस्तर तक ले गई ” साहिल अब उतावला नहीं होना, आराम से कोई जल्दी नहीं है, मैं कहीं नहीं जा रही ” , वो लेट गई और मैं उसके साथ लेट गया और उसके होटों को चूमने लगा, उसने भी मुझे आगोश में भर लिया और चूमने लगी, उसके शरीर से लगा लग के मेरा लण्ड पूरा खाद अहो गया था, उसने मुझे खींचा ” ऊपर आ जाओ ” , मैं उसके ऊपर आ गया, उसने अपने पैर फैला किया और मेरा लण्ड अपनी चूत पे लगा दिया ” अब प्यार से इसे अन्दर करो ” , मैंने जल्दबाज़ी में झटका लगाया और मेरा टोपा उसकी नरम गीली चूत में घुस गया, वो चिल्ला पड़ी ” हऐ साहिल धीरे अह्ह्ह ” , मुझे भी चिरमिराहट लग रही थी ” आंटी हल्का दर्द सा हो रहा है ” , मैंने लण्ड बाहर निकाला टी देखा मेरे टोपे के निचले हिस्से से खून बह रहा था, वो उठ कर बैठ गई ” सही में तुम्हारा पहली बार है! ” रुको एक मिनट, वो बर्फ का ठण्ड पानी लेकर आई. और एक कपडा बिहगों के लण्ड पे लपेट दिया ” अभी ठीक हो जाएगा, अब तुम लड़के से आदमी बन गए ” , मुझे मज़ा आने लगा ” आंटी तुम्हारी जब सील टूटी थी, तब तुम्हे कैसा लगा था, मुझे तो बहुत मज़ा आ रहा है ” , वो मुस्कुराई ” ठीख ठाक था कुछ ख़ास नहीं, पर तुम्हारे साथ कल बहुत अलग लगा ” , मैंने उसे लेटा दिया और उसके ऊपर आ गया ” आंटी तुम मुझे अच्छी लगने लगी हो ” मैंने उसके होटों को चूमा और मेरा लण्ड अपने आप से ही उसकी चूत पे लग गया ” वो धीरे से बोली ” अह्ह्ह साहिल डालो अन्दर ” , मैंने हल्का सा ज़ोर दिया और मेरा सुपाड़ा उसकी गीली चूत को फैलता हुआ अन्दर घुस गया, उसने ज़ोर की आह भरी ” अह्ह्ह्ह साहिल और अन्दर करो पूरा ” , मैंने और अन्दर डाला, और जैसे वो बोलती रही वैसे उसे चोदता रहा, और इस बार मुझे बहुत मज़ा आने लगा, वो आँखे बंद करके चुदने का मज़ा ले रही थी, मेरी स्पीड बढ़ने लगी, वो समझ गई ” साहिल अभी नहीं, रुक जाओ निकालो बाहर ” , मैं हट गया ” क्या हुआ? ” , उसने अपना पसीना पोछा ” तुम झड़ जाओगे थोड़ी देर रुक जाओ ” , मैंने उसके मोठे मुम्मो को सहलाया ” रानी ऐसा नहीं हो सकता की तुम एक रात मेरे साथ रहो? ” , वो हंस पड़ी ” वाह बीटा एक ही बार में रात बिताने पे आ गए, तुम तो बड़े नटखट हो ” , मैंने उसके मुम्मे पे मुँह लगा दिया और चूसने लगा, वो तुर्रंत ही आहे बाहरने लगी ” अह्ह्ह्ह हहहह सससस साहिल दोनों को करो अह्ह्ह ” , मैं उसके ऊपर चढ़ गया और उसके मुम्मे पीने लगा मेरा लैंड उसकी छूट से रगड़ रहा था, उसने मेरा टोपा अपनी चूत पे लगा दिया और मेरे चूतड़ों पे हल्का सा ज़ोर दिया, मैंने धकेला और लैंड उन्स्की गीली चूत में उतर गया, वो हल्का सा चीखी ” अह्ह्ह्ह साहिल पूरा अंदर तक लगाओ हऐ कितना मज़बूत और कैड़ा है तुम्हारा, मेरा अंग अंग खिला गया, करो साहिल आगे पीछे, चोदो ठीख से अह्ह्ह्ह ” मैं अब उसे ढंग से चोद रहा था और मुझे बहुत अच्छा लग रहा था, उसने मेरे होंठ अपने होंटो से पकड़ लिए और चूसने लगी, वो इतनी गीली हो चुकी थिस के कमरा खच खच की आवाज़ से गूंज रहा था, हम दोनों पसीना पसीना हो गए थे और थोड़ी ही देर में मैं झड़ने लगा और दो तीन ज़ोर के झटके मार के उसकी चूत में अपना माल छोड़ दिया, और मेरे झड़ने के साथ ही वो नहीं झड़ने लगी, उसने मुझे कास के पकड़ लिया और मेरे होटों को चूसने लगी, वो कांपने लगी और ज़ोर ज़ोर से उलटे झटके देने लगी, हम काफी देर वैसे ही लेटे रहे, मेरा मन अभी भरा नहीं था, मैंने उसके होंटो को चूमा ” रानी एक बार और हो जाए ” , वो उठ गई ” नहीं रे बाबा आज के लिए बहुत है, अभी काम भी पड़ा है ” , मैंने उसकी पीठ सहलाई ” रानी शायद मम्मी पापा शनिवार को एक शादी में जाएंगे और सोमवार को लौटेंगे, क्या तुम आओगी? ”

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वो कपड़े पहनने लगी ” साहिल अगर जीजी कहेंगी तो मैं आ सकती हूँ, चलो देखती हूँ क्या कर सकती हूँ, पर साहिल अब तुम्हे कंडोम लाकर रखने पड़ेंगे, तुम बड़े हो गए हो कुछ और ना हो जाए! ”

उसने जल्दी जल्दी काम ख़तम किया, तब तक उसके कपड़े भी सूख चुके थे, उसने मेरे कहने पे मेरे सामने कपड़े बदले, और मेरा लण्ड खड़ा करके चली गई…

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