बुआ ने दिखाई जन्नत : उसका सैर किया

Posted on

हैलो फ्रेंड्स,
राहुल मल्होत्रा की चुदाई यात्रा दो साल पहले शुरू हुई तो मेरे चुदाई की आग मॉम से शुरू होकर बहन दीपा, बुआ बिनीता, चचेरी बहन रेखा, पड़ोस की आंटी, नौकरानी अनीता तक को झुलसा दी पर ऐसी आग किसी भी लड़की और औरत के लिए वरदान ही तो है। एक ओर मेरी बड़ी दीदी दीपा मात्र १९ साल की अवस्था में अपने से दो साल छोटे भाई राहुल से चुत की सील तुड़वाई तो मॉम की चुत तो मानो कोई रहस्यमय गुफा हो पर बुआ बिनीता २८-२९ साल की सेक्सी और हॉट लेडी है उनके चूचियों कि उफान देख तो मेरा लंड टाईट ही हो जाता है लेकिन उनकी खरबूजे की तरह गोल चूतड़ और उसके दोनों फांकों की लचक, टकराकर मानो किसी बूढ़े के लंड को भी टाईट कर दे और उनकी मस्त चुत, जिसको वो बार फ्री रखती हैं साथ ही दोनों मोटे फांकों की चमक मानो कोई चमकती चांदनी की रात लेकिन वहां तो सिर्फ और सिर्फ अंधकार ही है यदि चुत की गहराई आपकी लंड मापने लगे, असंभव साथ ही चुदाई करते वक़्त या करवाते वक़्त सिर्फ संभोग सुख का आनंद लिया जाता है ना कि मर्द अपने लंड को उस रहस्म्यी गुफे में आते जाते अंदर देख सकता है। राहुल अपनी बहन दीपा के घर में उसके साथ है तो जीजा जी हफ्ता भर के लिए बाहर गए हुए हैं साथ ही मेरी बुआ जोकि लखनऊ में रहती थी उनके पति का तबादला दिल्ली हो चुका है तो मैं दिल्ली के आर्मी केंट में जीजा के फ्लैट पर दो दिन लगातार रहा और इस बीच दीपा और राहुल के जिस्मानी सम्बन्ध का पुनर्जन्म हुआ लेकिन दो दिन में ही दोनों को एक दूसरे के साथ उबन सी होने लगी और मेरी बुआ बिनीता का फोन भी कई दफे आ चुका था ताकि मैं उनसे जाकर मिल सकूं।
बुआ का फ्लैट रोहिणी के सेक्टर २२ में था तो दीदी आर्मी केंट में रहती हैं, दोनों के बीच दूरी तकरीबन १८-१९ किलोमीटर होगी तो दिल्ली मेट्रो से वहां पहुंचना थोड़ा आसान था, अगले सुबह उठकर फ्रेश हुआ और स्नान करके नाश्ता किया फिर ०९:१५ बजे के आसपास दीदी के घर से बाहर निकलने लगा तो दीदी ” देर ही सही लेकिन रात को आ जाना
( मैं मुस्कराया ) हां, शाम के सात बजे तक में यही हूं ” फिर वहां से निकलकर नजदीक के मेट्रो स्टेशन से ट्रेन पकड़ा और लगभग डेढ़ घंटे में रोहणी के सेक्टर २२ पहुंचा, बुआ के फ्लैट में दाखिला के लिए उनके सोसायटी गेट पर ही रजिस्टर में एंट्री करनी पड़ी फिर उनके फ्लैट के मेन गेट पर पहुंच डोर बेल बजाने लगा, पल भर बाद बुआ मुस्कुराते हुए दरवाजा खोली ” आओ राहुल, तुम तो पिछले तीन दिन से यहीं हो फिर भी आने कि फुर्सत तक नहीं मिली
( मैं उनको देख हंसने लगा ) क्या बुआ, तीन दिन बाद ही सही आ तो गया, कितनी दूरी है दोनों के फ्लैट में
( बुआ ) सो क्या, हमेशा अपनी बहन की गान्ड के पीछे ही घूमते रहोगे
( मैं वहीं एक कुर्सी पर बैठकर सैंडल खोला ) जल्दी से एक टेस्टी कॉफी बनाइए ” बुआ मेरे सामने से चूतड मटकाते हुए चली गई, सुबह के ११:०० बज चुके थे तो घर में फूफा जी और इनके बेटा के दिखने का कोई आसार नहीं था, वो ऑफिस तो बच्चा स्कूल गया होगा और मुझे बुआ की मदमस्त जवानी का रस पीकर ही वापस जीजा के घर जाना था। पल भर बाद बुआ कॉफी का दो कप लेकर आई तो उनके बूब्स के क्लीवेज मुझे कुछ पल तक देखने का मौका मिला आखिर झुककर टेबल पर वो कप को रखीं तो उनकी सेक्सी बदन साड़ी, पेटीकोट और ब्लाऊज में छिपी हुई थी, मेरे बगल में बैठकर कॉफी पीते हुए बोली ” तब खाली हाथ आए, ना कोई बैग साथ में है जिसमें कपड़ा वैगरः हो
( मैं ) दीदी अकेली है, शाम तक उनके घर लौटना है ” तो बिनीता कुछ नहीं बोली बल्कि खुद ही कॉफी पीते हुए अपने साड़ी का पल्लू सीने से नीचे गिरा दी ” देख इधर, क्या इसमें तेरी रुचि ख़तम हो चुकी है
( मैं झट से उनके बूब्स पकड़ दबाने लगा ) इसका दूध पीना है बेबी
( वो बेशर्म की तरह मुझे देखते हुए ) तो खोलकर शुरू हो जा, अभी इससे दूध निकलता है
( मैं उनके बूब्स पर से हाथ हटाकर उनके साड़ी को कमर से खोलने लगा ) पहले बिनीता बेबी को न्यूड तो देखूं ” तो दोनों खाली कप रखकर एक दूसरे से लिपट गए, बिनीता की साड़ी खुल चुकी थी तो उसे अपनी जांघ पर बिठाकर पीठ पर हाथ लगाए उसके चेहरा को चुम्बन देने लगा तो बुआ किसी बेश्या की तरह खुद ही अपने ओंठ मेरे ओंठ से रगड़ते हुए मुझे रिझाने लगी फिर मेरा मुंह खुला तो बिनीता अपनी ओंठ की जगह लंबी जीभ घुसा दी और उसकी जीभ चूसता हुआ पीठ सहलाने लगा तो उसकी सांसें तेज हो चुकी थी और एक बूब्स तो मेरे छाती से रगड़ खा रहा था, आखिर में ब्लाऊज की डोरी खोलकर उसके जीभ को मुंह से बाहर किया तो बिनीता अपने ब्लाऊज बाहों से निकाल चूचियों का दीदार कराई लेकिन ब्रा तो चूची को कैद किए हुए था।
बिनीता का अर्ध नग्न शरीर मुझे तडपाने लगी तो मैं उनके ब्रा खोलकर नग्न चूची को पकड़ मसलने लगा और वो नीर्लज औरत मेरे जांघ से उठकर खड़ी हुई फिर अपने कमर पर हाथ रखे पेटीकोट के नाड़ा को खींच दी, पल भर में पेटीकोट जमीन पर तो मेरी आंखों के सामने फूली हुई चुत और मैं बैठे हुए अपना शर्ट उतार दिया फिर खड़ा होकर जींस खोलने लगा तो मेरे गर्दन में हाथ डाले बुआ मेरे चेहरा को झुकाई तो मेरा मुंह उनके स्तन पर था और वो मेरे मुंह में चूची घुसा दी, फिर उनकी चूची चूसने लगा तो बिनीता खुद मेरे जींस को उतार कर मेरे कच्छा को नीचे करने लगी। अभी बुआ के फ्लैट में घुसे १० मिनट हुआ होगा और दो बदन नग्न थे तो उनके चूची को खड़े होकर चूसता हुआ उनके हाथ का स्पर्श अपने लंड पर पा रहा था, बुआ मेरे पीठ पर हाथ फेरने लगी और जोर जोर से लंड हिलाते हुए ” साले तेरे लंड से चुदाई पिछले छह महीने से नहीं हुई है, ओह आह चूची छोड़ ” तो मैं उनकी चूची छोड़कर उनको सोफ़ा पर बिठाया तो वो खुद टांग फैलाए चुत चमकाने लगी और मैं जांघों के बीच चेहरा लगाकर चुत को किस्स करने लगा तो बिनीता मेरे बाल सहला रही थी, उनके मोटे चिकने जांघ पर हाथ फेरता हुआ चुत को फैलाया तो साली की फैली चुत ने पूरा जीभ अंदर ले लिया और उसको चाटते हुए मैं अब उसकी मध्यम आकार की चूची दबाने लगा तो वो दोनों जांघें फैलाए सोफ़ा के किनारे चूतड़ किए बैठी थी ” उह ओह राहुल, कितने महीने बाद मेरे चुत पर किसी ने मुंह लगाया है
( मैं चाटना छोड़ा ) क्यों बे साली, और किससे चुद्वाती है
( बुआ हंसने लगी ) चल पहले मेरी चुत गीली करके चोद फिर बातें करना ” तो मैं बुआ की चुत के अन्दर जीभ डालकर चाटता रहा और उसकी चूची को भी पुचकार रहा था, तभी बुर से पानी निकलने लगा तो चाटकर उठा और बिनीता की सेक्सी अदा देखने लायक थी। वो खड़ी हो गई फिर अपना बदन मेरे सामने किए आगे रखे कुर्सी के हैंडल पर हाथ लगाकर घोड़ी बन गई तो मैं उसकी चूतड़ के सामने खड़ा था। बिनीता के नग्न बदन को दोनों पैर के सहारे वो भी आगे की ओर झुकी हुई पाकर मैं अपना लंड पकड़े उसकी चुत में घुसाने लगा तो आधा लंड तो आसानी से गीली चुत में था फिर उनके कमर को पकड़े जोरदार धक्का चुत में दे दिया तो उनकी सेक्सी आवाज ” ओह आह देते रह मेरे हॉट बॉय, आह बहुत मजा आ रहा है ” तो मैं उनके गान्ड के सामने खड़े होकर चुत को चोदने लगा तो समझो मेरी मंशा उनसे मिलने की पूरी हो गई और पल भर बाद वो अपने चूतड़ को हिलाने लगी तो मैं चोद चोदकर चुत को आग का दरिया बना चुका था तो बिनीता के सीने से झूलते चूची को मसलते हुए मैं तेज चुदाई कर रहा था और वो मुड़कर सिसक रही थी ” उह ओह आह आते के साथ चोदने लगे, चोदु हो तो तेरे जैसा
( मैं चोदता हुआ हांफने लगा ) हां साली तुम तो चुदवाने कि जगह मुझे भजन सुना रही थी, साली चुद्दकड़ ” और दोनों के कमर की लचक कुछ अधिक थी तो बुआ को काफी दिनों के बाद चोदकर मजा आ रहा था, फिलहाल बुर कि गर्मी मेरे लंड को और गर्म करने लगी तो ६-७ मिनट की चुदाई के बाद मैं वीर्यपात करा दिया ” उह ये लो डार्लिंग ” तो बुआ लंडचत औरत थी तुरन्त मेरा लन्ड चूसकर वीर्य का स्वाद ली फिर………।

This story बुआ ने दिखाई जन्नत : उसका सैर किया appeared first on new sex story dot com