भाई संग मस्ती – Dirty Sex Tales

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दोस्तों
किसी इंसान के लिए मां, बाप, भाई, बहन और सारे रिश्तेदार कितने भावनात्मक लगाव से एक बंधन में होते हैं लेकिन क्या कोई ये सोचता है कि पुरुष और औरत के बीच आकर्षण हमेशा से बनी हुई है, हर दिन न्यूज पढ़ते हैं तो लगता है कि मानवता का विनाश हो रहा है या कहिए हो चुका है तभी तो एक बाप अपनी बेटी के साथ घिनौनी हरकतें करने से बाज नहीं आता, एक भाई अपनी बहन को नंगा देख कल्पना लोक में खो जाता है की काश ये खुद से पहल करे और दोनो सेक्स करें लेकिन आपसी रजामंदी से शारीरिक संबंध बनाना गलत नहीं है बल्कि जबरदस्ती यौन शौषण गुनाह है। मैं दीपा जयसवाल, उम्र २८ वर्ष तो एक दो साल के बच्चे की मां हूं, अपने जिस्म को फिट रखने के लिए कसरत तक करती हूं, मेरे पति आर्मी में ऑफिसर हैं साथ ही मुझे काफी वक्त देते हैं लेकिन मैं छह साल पहले जब सुहागसेज पर गई थी तो मैं पहले से ही हर काम कर्मों से वाकिफ थी, पहले तो सहेलियों ने रंगीन कहानियां सुनाकर मुझे कामुक किया तो मेरा छोटा भाई राहुल ही मेरे साथ सेक्स कर लिया, पहली बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाना मेरी भूल थी या उसकी जबरदस्ती लेकिन वो सिर्फ मेरे गुप्तांगों के साथ ओरल सेक्स तक ही किया, मेरी चूत को चूमा, चाटा साथ ही मेरी बूब्स को खूब मसला और चूसा तो बदन के हरेक अंग को किस्स किया लेकिन मेरी बुर की झिल्ली को उसने नही तोड़ा तो दीपा पहले तो आत्मग्लानि महसूस करने लगी लेकिन फिर दोनो ने ओरल सेक्स किया और मेरी हिम्मत बढ़ती गई साथ ही भूल गई की राहुल मेरा भाई है, अब तो उसका लन्ड ही मुझे जागते सोते दिखता और मैं चाहकर भी अपने मन को नियंत्रित नही कर पाई फिर दोनों के बीच संभोग क्रिया तक हुआ, राहुल का कोई दोष नही था लेकिन मेरी काम इच्छा काफी बढ़ चुकी थी इसलिए अपनी बुर की झिल्ली तुड़वाने के बाद भी दुबारा खुद से ही उसके पास गई, अब मेरे खूबसूरत जिस्म, लंबाई ५ फिट ६ इंच, गोल टाईट बूब्स साथ ही सपाट पेट से लेकर पतली कमर और चिकने जांघो के बीच मेरी लालिमा लिए चूत को देख राहुल बेबस था और उसने भी मेरे अंगों के साथ खूब मस्ती किया लेकिन मैं अब मॉडर्न सोच की लड़की हो चुकी थी जिसे शादी के पहले ही काम कला में निपुण होना था, राहुल और उसका दोस्त भी मुझे जमकर भोगा लेकिन मजा दोनो ने लिया और फिर शादी के बंधन में बंधकर मैं विवेक की बीबी बनकर रह गई, आर्मी केंट में अकेलापन मुझे काटने को दौड़ता था तो वहीं विवेक के कुछ दोस्तों से मुलाकात हुई तो अब विवेक से छुपकर उनकी बाहों में ही सुख काटने लगी, लेकिन आग अगर लगी है तो धुंआ जरूर होगा फिर विवेक का बदलता सोच और वाईफ स्वैपिंग से लेकर ग्रुप सेक्स, मेरी भूख काम क्रिया से नही भरने वाली फिर भी संतुष्ट तो होती हूं। विवेक का तबादला दानापुर केंट हो गया तो मैं कुछ दिन वहां रहकर अपने मायके कानपुर आ गई, साल डेढ़ साल से मॉम, डैड से मुलाकात नहीं थी तो राहुल के साथ कुछ वक्त बिताकर पुरानी यादों को ताजा कर पाती। मैं सुबह सुबह कानपुर पहुंची तो राहुल कानपुर सेंट्रल पर मुझे लेने आया था, ट्रेन रुकते ही वो सीधे ए सी सेकंड क्लास में आया तो मैं तब तक सारा सामान समेटकर बच्चे को गोद में ले रखी थी, राहुल ने मेरे दोनो बैग को उठाया फिर हमलोग ट्रेन से उतरे, राहुल एक कुली को बुलाया फिर टैक्सी स्टैंड से टैक्सी बुक करके घर चल पड़ी, मैं कुर्ती साथ ही लेगिंग्स पहन रखी थी जोकि काफी चुस्त थी लेकिन अब तो घर पहुंचकर कपड़ा बदलना ही था, राहुल मेरे बगल में बैठा हुआ मेरे बूब्स को कोहनी से सटा रहा था तो मैं एक बार उसकी ओर मुस्कुरा कर देखी ” और राहुल सब लोग ठीक हैं
( राहुल ) हां और तुम्हारा हालचाल
( मैं हंस दी ) इसको संभालने में ही लगी रहती हूं ” फिर घर पहुंची और फ्रेश होकर कपड़ा बदली, मायके में थी इसलिए आराम से नाईट गाऊन पहन ली तो जानबूझकर गुप्तांगों को नग्न रखी, सबलोग साथ में चाय पी रहे थे तो मॉम उठकर गई, फिर पापा भी चले गए तो बाबू आराम से सो रहा था और राहुल पूछ बैठा ” कब तक रुकने का प्लान है
( मैं अंगड़ाई लेते हुए बोली ) अभी तो आई हूं राहुल, चलती हूं मुझे नींद आ रही है ” मैं उसके सामने से ही कमर बलखाते हुए रूम में आई फिर बेड पर लेट गई, सुबह के ०७:३० बजे थे और अपने तन पर एक चादर डाल कब गहरी निद्रा में चली गई, पता भी नही चला और फिर नींद में ही मुझे लगा मानो कोई मेरे बदन को प्यार कर रहा है, यह एक सपना था या हकीकत आगे आपलोग जान पाएंगे। मैं चादर में सिमटी हुई लेटी हुई हूं तो मेरे नाईट गाऊन कि डोरी खोलकर मेरे बूब्स को कोई चूम रहा है तो मुंह में लिए चूसे जा रहा है और मैं उत्तेजना वश अपने पैर को बिस्तर पर रगड़ने लगी, थोड़ी देर बाद मेरी बूब्स कोई चूसने में मस्त था तो एक उंगली बुर में घुसाए रगड़ रहा था और मेरी आंखें खुली तो अपने करीब राहुल को देख दिमाग सन्न रह गया, मेरे जगते ही वो बुर से उंगली निकाल उठा ” अबे बुद्धू जब आराम से तुम्हें देते रहती हूं फिर नींद में ही शुरू हो गई मां देख ली ना
( राहुल बोला ) वो मंदिर गई हैं और डैड ऑफिस ” तो फिर मैं उसके कलाई को थामकर अपनी ओर खींच ली तो राहुल मेरे बदन को बाहों में लिए चेहरा चूमने लगा, नाईट गाऊन की डोरी खुली हुई थी तो मेरी चूचियां उफान ले रही थी और मैं उसके गाल चूमने लगी तो राहुल मेरे बदन पर सवार होकर मेरे रसीले ओंठ को चूमने लगा, मैं उसके पीठ सहलाते हुए उसके पेंट को नीचे कर दी और वो हड़बड़ी में ही नंगा होकर मेरे रसीले ओंठो को चूसने लगा, अब मैं दीवार की ओर नजर की तो सुबह के ०९:५५ बजे थे और अब मुझे बाबू को दूध भी पिलाना था। मोहित मेरे रसीले ओंठ चूसता हुआ मेरे दाहिने बूब्स को दबाए जा रहा था तो मैं उसके गांड़ पर हाथ फेरने लगी, कुछ देर में ही मेरी वेजिना खुजलाने लगी तो सिसकियां भरते हुए उसके बाल पकड़ चेहरा पीछे कर दी ” ओह उई मां बहुत खुजली हो रही है प्लीज तुम हटो तो बाबू को दूध पिलाऊं
( राहुल मेरे जिस्म पर से उतर गया ) तो मेरे सामने ही ओइलाओं, मैं दूसरे बूब्स चूसकर दूध का स्वाद लूंगा ” और अब मैं अपने बेटे को गोद में लिए स्तनपान कराने लगी तो राहुल अपने कमर में टॉवेल लपेट मेरे दाहिने चूची को मुंह में लिए चूसने लगा, एक ओर बेटा मेरा दूध पी रहा था तो दूसरी ओर भाई लेकिन क्या फर्क पड़ता, दोनो को छाती से लगाए स्तनपान करा रही थी तो बुर में भी गुगुदाहट होने लगी, बाबू रात भर ट्रेन में जगा हुआ था इसलिए आराम से सो रहा था फिर उसको बिस्तर पर लिटाई और राहुल के साथ अगले एक घंटे तक सेक्स का आनंद ली…. to be continued.

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