मां और बेटी दोनों को रिझाया : भाग-१४

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फ्रेंडस,
राहुल कच्ची कली दीपाली की चूत का सील तोड़ने में लगा हुआ था तो उसके रूम में आते ही मैं उठकर वाशरूम चला गया फिर फ्रेश होकर रूम आया तो वो लेटी हुई थी, मुझे देख बोली ” अंदर से ब्लड भी आया था
( मैं मुस्कराया ) हां सेक्सी तेरी चूत की झिल्ली फटने की निशानी है वैसे भी आज भर इसे एक दर्द समझ लो फिर अगली बार से काफी मजा आएगा
( वो इशारे से मुझे बुलाई ) वो तो है डियर अब क्या और कुछ करोगे या फिर प्रवचन ही देते रहोगे ” मैं उठकर होटल के इंटरकॉम पर कॉल किया फिर लंच का ऑर्डर देने लगा साथ ही मख्खन और ब्रेड तुरन्त भेजने को बोला फिर दीपाली को बोला ” डोर बेल बजेगा तो तुम वाशरूम चली जाना ” और मैं अपना चढ्ढी पहन टॉवेल को कमर से लपेट लिया साथ ही बनियान पहन लिया, कुछ पल में डोर बेल बजने लगा तो दीपाली अपने बेबी डॉल ड्रेस लिए वाशरूम चली गई और मैं दरवाजा खोला तो वही लड़का खड़ा था, अंदर आकर प्लेट रखा फिर पूछा ” सर खाना कितनी देर में भेजूंगा
( मैं ) डेढ़ घंटे के बाद ” वो चला गया तो मैं दरवाजा बंद कर धीरे से आवाज दिया ” दीपाली अंदर आ जाओ ” फिर वो अंदर आईं तो उसके जिस्म पर बेबी डोल ड्रेस था और वो बेड पर आकर लेट गई, मैं बेड पर आया तो मख्खन की टिकिया लिए उसके कमर के पास बैठा फिर ड्रेस को उपर किए चूत देखने लगा, उस पर पेंटी नहीं पहनी थी तो उसके चूतड के नीचे एक तकिया लगाया फिर बटर की टिकिया को चूत पर रगड़ने लगा साथ ही हाथ को जांघो पर फेर रहा था, अब मक्खन की टिकिया को दांतों के बीच लिए उसे काटा फिर चूत को उंगली से फैलाकर उसमें बटर घुसाने लगा, धीरे से मक्खन की टिकिया चूत में घुसाया फिर अपना चढ्ढी और टॉवेल हटाया तो वो जांघें फैलाए लेटी थी। राहुल का लंड उसकी चूत पर था तो सुपाड़ा अंदर घुसाया फिर धीरे से लंड को अंदर पेलने लगा, दीपाली का गोरा चेहरा कामुकता वश लाल ही चुका था तो राहुल सब्र बनाए लंड को अंदर घुसाने लगा लेकिन आधा लंड घुसते ही मुझे आगे का रास्ता तंग लगा, सो जोर से चोद दिया और वो चिहुंक पड़ी ” उफ़ ये लंड है या कोई लोहे कि रॉड आह धीरे चोद बे ” लेकिन दूसरा धक्का देते ही पूरा लंड उसकी चूत में था तो मैं दे दनादन चोदता हुआ मस्त था, वैसे भी दीपाली के जिस्म के अनुसार उसकी चूत की फांकें लंबी थी तो गहराई अधिक और इस श्रेणी की लड़कियां लबे और मोटे लंड से ही संतुष्ट होती है तो गपागप लंड अंदर बाहर होने लगा तो उसकी आंखें बन्द थी ” उई सी इस आह राहुल सही में अगली बार दोनों के बीच ये क्रिया सुखद होगी
( मैं उसपर सवार हुआ ) हां बेबी, पहले तो चार पांच बार चुदवा ले फिर हम दोनों चुदाई के तेरहों आसन में मजा लेंगे
( वो मेरे पीठ सहलाने लगी ) ओह तुम तो कामसूत्र के ज्ञाता हो ” लेकिन मैं चुपचाप उसे चोदता रहा तो दीपाली मेरे कमर में हाथ डाले ओंठ गाल चूमने लगी, उम्मीद तो नहीं थी की पहली चुदाई में चूतड उछालेगी और वो मेरे बदन से लिपटे चुदवाने का लुफ्त उठा रही थी तो दीपाली की मॉम को चोदकर जो नीरसता मेरे मन में आईं थी उसमें इसने जान फूंक दी और उसके दोनों बूब्स मेरे छाती से रगड़ खा रहे थे तो दो जिस्मों का मिलन कामुकता से भरपूर थी, उसकी चूत से रस की धार निकल पड़ी तो १८ साल की लौंडिया का ढीला पड़ना लाजिमी था और अब मैं चोदता हुआ हांफने लगा तो वो ” ओह तुम चोदे जा रहे हो प्लीज़ अब बस करो डियर
( मैं ) हां बेबी, आब मेरा भी झड़ा ” तो मेरे लंड से उसकी चूत में वीर्य की धार निकल पड़ी और दोनों एक दूसरे से लिपटे लेटे रहे, कुछ देर के बाद दोनों अलग हुए फिर फ्रेश हुए और साथ स्नान भी किए, साथ ही लंच कर दो घंटे तक आराम किए फिर वापस अपने अपने घर चले गए।

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