मां, बेटी और मामा : रतिक्रिया का आनंद ५

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फ्रेंड्स
मैं मामा से चुदाई को आतुर थी तो बूर से रस निकलते ही थोड़ी ढीली पड़ गई, मामा का सुस्त पड़ा लन्ड अर्ध रूप से टाईट था तो मां छत पर वापस आई वो भी साड़ी पहने, जिस कदर उनके डीप गले वाली ब्लाउज से बूब्स का ऊपरी हिस्सा दिख रहा था साथ ही उनके गोल गुंबदाकार चूतड जिसके भाग खरबूजे की फांक की तरह थी यकीनन उनका इस वक्त सज संवर कर आना चुदवाने की तैयारी थी लेकिन अभी तो मुझे मामा का लन्ड चाहिए था, मामा उठकर एक सिगरेट फूंकने लगे तो उनका लन्ड पकड़ मैं सहलाने लगी और एक हाथ बढाकर मां की चूची ब्लाउज पर से दबाने लगी ” क्यों इतनी रात को सज संवर कर किधर चली
( मां साड़ी के पल्लू को नीचे कर दी ) क्या कहूं जिया, लगा की भाई ने मुझे संतुष्ट कर दिया है लेकिन बेड पर जाते ही चूत दुबारा से खुजलाने लगी
( मामा अपनी दीदी की गाल चूमने लगा तो मैं उनसे सिगरेट लेकर फूंकने लगी ) तो कल तेरी बारी आएगी, मुझे भी तो मामा का फौलादी लन्ड चाहिए क्यों मामा
( मामा बोले ) ओह जिया तुमको ही मैं चोदूंगा, रेणु बस हम दोनो को हेल्प करेगी ” और फिर मामा चटाई पर लेट गए और मैं उनके लन्ड को पकड़ हिलाने लगी, लन्ड कुछ हद तक कड़ा महसूस हो रहा था तो मैं अब सर झुकाए लन्ड को मुंह में भर ली फिर चूसने लगी लेकिन मां तो अपना चेहरा झुकाए समर के ओंठ और गाल की चूम रही थी और समर उसके ब्लाउज पर से ही चूची को पकड़ दबाने लगा, साली दुबारा लौड़ा खाने आ गई तो मैं लन्ड चूसते हुए मां की ओर देख रही थी जोकि मामा के चेहरे के ऊपर अपनी छाती कर दी तो समर उनके ब्लाउज की डोरी खोलकर चुचियों को आजाद कर दिया, ब्रेसीयर तो नही पहनी थी सो नग्न वक्षस्थल को उसके मुंह के ऊपर की और मामा उनकी चूची पकड़ मुंह में अगला हिस्सा लेकर चूसने लगे, उनकी चूचियां पके हुए पपीते की तरह थी तो मामा के मुंह के ऊपर सीने को किए स्तनपान कराने लगी और मामा के लन्ड को मैं मुंह से निकाल उसको जीभ से चाटने लगी तो समर उनके पीठ पर हाथ दिए चूची को चूसने में लीन थे। मैं लन्ड चाटकर उनके सामने बैठी रही तो देखी की मां की साड़ी कमर से पेटीकोट में बंधी हुई है और मुझे बदमाशी सूझी तो मैं मां के पीछे बैठकर उनके कमर पर हाथ लगाई फिर साड़ी की गांठ खोलकर उसको बदन से निकालने लगी, तभी मामा मां की बाईं चूची मुंह से निकाल उसके दोनो बूब्स पकड़ दबाने लगे और मां पीछे मुड़कर बोली ” क्यों छोरी मुझे नंगा कर रही है ” मैं अब उनके पेटीकोट के नाड़ा को खोल उनके कमर से नीचे कर नंगा कर दी तो मामा बोले ” रेणु तुम जरा हटो तो पहले तेरी बेटी को चोदकर तृप्त करता हूं फिर तेरी गांड़ चोदूंगा ” और मामा मुझे चटाई पर लेटने को बोले, वो मेरी जांघो को फैलाकर लन्ड पकड़े बैठे थे तो मां पेटीकोट पांव से निकाल पूरी तरह नंगी थी, मुझे देख मुस्कुराई तो मामा सुपाड़ा को चूत में घुसाकर अंदर लन्ड को पेलने लगे, उनका आधा लन्ड बूर में गया था की मेरी बूर का हाल खराब हो गया लेकिन यहां तो दर्द में ही मस्ती है जिसको सहते हुए एंजॉय करना होता है, मेरे चेहरे को देखते हुए मां बोली ” लगता है तुम्हें लन्ड से दर्द हो रहा है
( इतने में मामा धक्का मारे ) उह आह फट गई मेरी बूर आराम से चोद साले ” लेकिन मामा का लन्ड तो रफ्तार में चूत चोद रहा था और मेरी मुंह से मीठी कराह निकल रही थी ” उह उई सी आह फाड़ो तब भी चुदवाना है ओह बूर से तो खून निकाल देगा
( मामा बैठे हुए चोद रहे थे तो मां मेरी ओंठ को चूमने लगी ) अधिक दर्द है तो तेरी मां चुदाई को आतुर है
( मैं बोली ) नो मॉम चोदने दो आखिर जल्द ही ये काम रोज रात करना होगा ” और मैं मां के ओंठ को जीभ से चाटने लगी तो मामा घुटनो के बल हुए चोदने में लीन थे और मां मेरे जीभ मुंह में लिए चूसने लगे तो उनका हाथ मेरी चूची को दबा रही थी और मैं उनके बूब्स को पकड़ पुचकारने में मस्त थी। मामा का फौलादी लन्ड गपागप अंदर बाहर हो रहा था लेकिन मैं रसीले चूत में लन्ड का धक्का सहते हुए मस्त हो रही थी और इतने में मां मेरे मुंह के ऊपर टांगे चिहारे बैठ गई तो मेरे मुंह पर उनकी बूर थी, मोटी मोटी बूर की फांकों के बीच चौड़ी दरार और मैं अब मां की कमर में हाथ डाले बूर को चूमने लगी, मां जानबूझकर चूतड थोड़ा नीचे कर दी, साली की बूर में मेरा नाक घुस गया तो अंदर की गंध लेते हुए मैं मां के कमर को पकड़े चूतड थोड़ा ऊपर की फिर बूर को उंगलियों से फैलाकर जीभ से चाटने लगी, मामा चोदता हुआ मस्त था ” साली तेरी बूर में तो नशा है
( मां चेहरा पीछे की ) क्यों मेरी बूर से मन ऊब गया ” मामा चुप रहा और जिया जीभ से मां की बूर को चोद रही थी और मामा का लौड़ा मेरी बूर को आग की भट्टी बना चुका था तो मैं जीभ बाहर कर बोली ” अब हटो मां मुझे चुदवाने में दिक्कत हो रही है ” और फिर मां हटी तो मैं बोली ” मामा थोड़ा ब्रेक फिर अलग स्टाइल में ” और वो लन्ड चूत से निकाल दिया तो मैं किसी तरह उठकर छत के किनारे गई फिर छर छर मूतने लगी, बूर में तो मामा पांच मिनट तक लगातार धक्का दिए थे और मैं आकर चटाई पर बैठी तो मां पूछी ” यदि ब्रेक चाहती हो तो मुझे दो चार मिनट चुदने दो
( मैं बोली ) ठीक है लेकिन अबकी बार मेरी बूर में ही वीर्य झड़ना चाहिए ” मां अब चटाई पर घुटनो के बल हुई तो मैं उनके बगल में लेटकर उनके चूची को पकड़ दबाने लगी, मामा मां की जांघो को फैलाकर लन्ड पकड़े बैठे फिर पूछे ” डार्लिंग तुम्हारी गांड़ को चोदूं
( मां बोली ) तो फिर गांड़ में वीर्य झाड़ना होगा ” मामा लन्ड पकड़ उसकी बूर में घुसाए और धकाधक चुदाई करने लगे तो मां चूतड को हिलाने लगी ” अगली बार तेरी गांड़ ही चोदूंगा रेणु ” और मां अपनी चूतड को हिलाते हुए मस्ती में चुदाई करवा रही थी, ये चुदाई का क्रम चलता रहेगा, अगले भाग में!

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