मामा और भांजी की प्रेम कहानी : भाग ४

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मामा समर के साथ रूम आई तो वो दरवाजा बंद करके मेरे कुर्ती को गले से निकाल दिए तो मैं अब ग्लास में व्हिस्की डालने लगी तो समर उसमें कोल्ड ड्रिंक्स मिलाकर बोले ” इस पैक को पीकर तू गर्म हो जायेगी
( मैं समर के लन्ड को लुंगी पर से ही पकड़ बोली ) वो तो मैं हमेशा ही गर्म रहती हूं क्यों
( वो मुझे बेड पर बिठाकर लुंगी उतार फेंके ) तो फिर छत पर चलकर सिगरेट फूंकते हुए मेरे सिगार से बुर पेलवाना
( मैं व्हिस्की पीने लगी ) अरे मामा तेरे जैसे कितने चोदू को देख ली हूं बस तेरा औजार ही मोटा है लेकिन कितने देर तक खेत की जुताई कर पाओगे वक्त बताएगा ” समर मेरी चूची को दबाता हुआ ड्रिंक्स ले रहा था और मैं तो दूसरा पैक पीते ही टल्ली हो गई, आंखों के सामने मोटा लन्ड ही स्वर्ग सा लगने लगा तो मन मस्तिष्क से डर और लज्जा गायब हो गई। मैं बिस्तर पर नग्न अवस्था में लेटती लेकिन समर गर्भ निरोधक दवाई मेरे हाथ में दे दिया और साथ में एक ग्लास पानी भी तो मैं उसे खाकर बेड पर लेट गई, समर अब मेरे बुर का भर्ता बनाने वाला था तो जिया कितने लड़कों के संग सहवास का आनंद लेकर अनुभवी चुदक्कड हो चुकी थी और अब समर मेरे पैर के पास बैठ गया और मैं खुद ही जांघें फैलाकर बोली ” समर तुमसे मैं झूठ बोली
( समर मेरे जांघ पर हाथ फेरने लगा ) अच्छा वो क्या
( मैं बोली ) मैं अपने बुर की झिल्ली पहले ही तुड़वा चुकी हूं हां अपनी बहन से मत बताना वरना मेरा कॉलेज जाना बंद कर देगी
( समर मेरी बुर को सहलाने लगा ) नही बताऊंगा लेकिन तू मेरा लन्ड जिस कदर चूस ली ना मैं समझ गया की तू दस घाट का पानी पी चुकी है ” और फिर समर मेरे बुर में उंगली घुसाए रगड़ने लगा, फिलहाल तो बुर गर्म और ड्राई थी और उसकी उंगली की रगड़ बहुत जल्द बुर को गीला कर देती, आराम से बेड पर लेटे हुए चूची भी दबवाने का मजा ले रही थी और उसकी उंगली गचागच अंदर बाहर होकर बुर को मस्त कर रही थी ” उह आह मामा मेरी बुर को चाटो ना रस झड़ने पर है ” और समर फिर मेरी चूतड के नीचे तकिया डालकर उंगली की जगह जीभ घुसाया और चाटने लगा तो मैं नशे में झूमते हुए सिसक रही थी ” ओह उह उई बुर में इतनी खुजली चाट चाट साले मुफ्त में सबको जिया की जिस्म नही मिलती ” मामा बुर चाट चाटकर उसे रसीला बना दिया और जीभ से रस को चाटकर बोला ” अब तू आराम से चुदाई का मजा ले
( मैं बोली ) तेरी भांजी हूं और तेरा लौड़ा मोटा है इसलिए आराम से चोदना, वैसे तेरी बहन की बुर भी मस्त है
( समर हंस दिया ) सही में उसकी बुर देख मन किया की चोद दूं लेकिन यदि उस बीच उसकी नींद खुल जाती तो मेरा क्या हाल होता
( मामा सुपाड़ा को बुर के दरार में रगड़ रहे थे ) काहे अफसोस करते हो मामा कल रात नींद की दो गोली खीला दूंगी वैसे भी तेरी बहन इधर उधर मुंह मारती है ” और तभी उसका लन्ड मेरी बुर में घुसा तो मुझे मजा आया लेकिन ज्योंहि उसने जोर से धक्का मारा मेरी तो हाल खराब हो गई ” ओह समर निकाल ले अपना लन्ड मेरी बुर तो ककड़ी की तरह फट रही है
( समर मेरे मुंह पर हाथ रख फिर से धक्का मारा ) उई मर गई तेरा लन्ड तो गधे का मालूम पड़ता है ” लेकिन मेरी चिंख उनके हाथ की वजह से धीमी हो गई और नशे में झूमते हुए मैं उसके मूसल लन्ड से चुदवाने लगी, समर जैसा देहाती जवान से कभी चुदाई का आनंद नही ली थी और उसका लन्ड पूरी तरह से बुर में घुस चुका था तो दर्द के साथ मजा भी आने लगा ” अरे निखट्टू धीरे चोद ना तेरी बहन की बुर नही है
( समर घुटने के बल बैठे हुए धक्का दे रहा था ) तेरी जवानी की जाम पीकर मजा आ गया साली रण्डी ” और समर मुझे चोदता हुआ मेरे उपर सवार हो गया तो मैं नशे में होने के कारण बुर के दर्द को आसानी से सह रही थी, उसके पीठ पर नाखून गड़ाते हुए उसके चेहरे को चूमने लगी तो उसकी चौड़ी छाती से मेरी चूचियां दब रही थी, मैं उसके निचे लेटे हुए मूसल लन्ड से चुदवा रही थी तो समर के चुदाई की रफ्तार थोड़ी कम हुई और मैं अब दर्द की जगह मस्ती में चुदवाने लगी तो उसके कमर को थामकर चूतड उछालना शुरू की, समर मेरे ओंठ चूमने लगा ” वाह जिया तू तो बेड पर एक्सपर्ट हो चुकी है
( मैं चूतड उछालते हुए बोली ) समर तेरे मोटे लन्ड से काहे का डर, दर्जनों लड़के मेरे ऊपर सवार हो चुके हैं बस देर तक चोदना ताकि संतुष्टि मिले ” और अब चूतड स्थिर किए चुदवा रही थी की बुर की गर्मी चरम पर थी और समर का लन्ड मेरी कोमल बुर में दनादन अंदर बाहर होने लगा तो मैं उसके गाल चूम ली ” मामा अब भांजी को थोड़ा रेस्ट दो फिर नए स्टाइल में चुदाई होगी ” मामा चार पांच मिनट चोदकर हांफने लगे फिर मेरी बुर से लन्ड निकाल बेड पर बैठे तो मैं किसी तरह उठकर बैठी, मेरे कमर से जांघ तक दर्द था तो बुर में लहर, समर लुंगी पहन टॉर्च उठाया तो मैं बोली ” रुको यार मैं भी तेरे साथ मूतने जाऊंगी ” कुर्ती पहन ली फिर उठकर पैर जमीन पर रखी तो लगा की बुर का कचूमर निकल चुका है और फिर दोनो रूम से निकले तो मामा टॉर्च जलाया फिर मैं बाथरूम में टॉयलेट सीट पर बैठकर कुर्ती को कमर तक उठाई और मूतने लगी, समर मेरी बुर पर टॉर्च की रोशनी मार रहा था ” देखो साले अपनी बहन की बुर तो देखे ही भांजी तक को चोद दिए ” ऐसा सोचते हुए मूतने लगी फिर उठकर बाहर निकली और मामा लुंगी उठाए लन्ड पकड़े मूतने लगा तो मैं बगल में खड़ी होकर उसका लन्ड पकड़ ली ” चल ना अपनी दीदी को भी चोद ही ले ” और फिर दोनो अपनी योनि को पानी से धोकर रूम आए।
जिया की बुर से एक बार रस निकल चुका था तो शाम को ओरल सेक्स के दौरान दो दो बार, थकावट तो थी लेकिन नशे में चूर जिया अपनी बुर चुदाई को दुबारा आतुर थी तो समर अब मुझे पलंग पर कोहनी और घुटनों के बल किया तो मैं डॉगी स्टाइल में पीछे मुड़कर देखी तो समर अपना लन्ड पकड़े बुर में घुसा रहा था और मैं बोली ” क्यों कैसा लगा मेरी पोजीशन, इस स्टाइल में तेरा पूरा लन्ड बुर के अंदर तक घुसकर मजा देगा
( उसका आधा लन्ड अंदर था और वो एक धक्का देकर पूरा लन्ड घुसेड़ दिया ) उई आराम से तेरी भांजी हूं साले ” और समर मेरी चूतड की ओर से लन्ड अंदर बाहर करता हुआ चोद रहा था तो मैं बुर की गर्मी से परेशान थी और पीछे मुड़कर उसे देखी फिर चूतड को हिलाना शुरू की तो मामा का लन्ड मेरी बुर में खरंजा सामान चुभ रहा था और इसी चुभन के खातिर तो लड़कियां और औरतें मर्दों /लड़कों के संग सहवास करती है। समर मेरी चूची पर हाथ लगाया फिर उसे दबाता हुआ चोदे जा रहा था, उसकी कमर मेरे चूतड से टकराकर घर्षण पैदा कर रही थी तो जिया चूतड को स्प्रिंग की तरह हिलाते हुए बोल पड़ी ” ओह ओह जोर से मार धक्का मेरी बुर रस छोड़ने पर है ” और रस तो निकल गया लेकिन समर की चुदाई जारी रही, फचफ्च की आवाज कमरे में हो रही थी तो मैं चूतड स्थिर किए बोली ” थोड़ा रेस्ट मिलेगा समर
( वो धक्का देता रहा ) बस रानी मेरी लन्ड से वीर्य झड़ने को है ” और आठ दस धक्का दिया की मेरी बुर वीर्य से लबालब हो गई और मैं जांघें सटाए लन्ड को कुछ देर बुर में रखी ” मामा मोटा है लेकिन इतनी देर की चुदाई से मेरा क्या होगा
( मामा लन्ड निकाला ) कोई बात नही अब कल तुझे पेलूंगा ” फिर दोनो फ्रेश हुए, खाना खाए और मैं मां के साथ बिस्तर पर सो गई।

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