मॉम और पड़ोस का लड़का : भाग-२

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प्रिय मित्रों,
ये एक अनोखी प्राकृतिक क्रिया है जोकि विपरीत लिंगों के बीच होता है, मर्द और औरत के बीच शारीरिक सम्बन्ध और फिर तन की भूख दोनों मिटाते हैं साथ ही नई पीढ़ी के लिए कोशिश करते हैं तो मेरी मॉम रेखा दो बच्चों की मां है, एक मैं दीपा जोकि १७ वर्ष की है तो दूसरा उनका बेटा राहुल जोकि मुझसे उम्र में दो साल छोटा है फिर भी जवानी के हरपल को मॉम एंजॉय करती है। मैं मासिक क्रिया शुरू होने के कारण कॉलेज से जल्दी ही घर लौट आईं फिर अपनी मॉम को बेड पर पड़ोस के लड़के राकेश के साथ सेक्स करते देखी, उम्मीद नहीं थी कि मेरी मॉम जोकि अनुशासन प्रिय है वो गैर मर्द के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाती होगी, वैसे राकेश उनसे उम्र में ७-८ साल छोटा होगा लेकिन जवानी की उफान संभालते हुए औरतों की पैर फिसल ही जाती है और मेरी मॉम फिलहाल बेड पर लेटी हुई थी तो राकेश उनके जांघों को फैलाकर झुका फिर बुर को चूमने लगा तो मेरी नजर उसके टाईट लंड पर थी जिसे देखते हुए मैं अपनी चूची को टॉप्स पर से ही मसलने लगी। मॉम की नग्न खूबसूरत जिस्म को सहलाता हुआ राकेश बुर को चूम रहा था तो निश्चित रूप से औरत के तन की सबसे कोमल अंग पर ओंठ का प्यार उसे तड़पाने लगी और वो अपने चूतड़ ऊपर उठाते हुए आहें भर रही थी ” उह ओह राकेश अब छोड़ ना चूमना बस चाट मेरी चूत को
( वो हंसता हुआ बोला ) हां मेरी रानी ” फिर वो मॉम के चूत को फल्का कर जीभ घुसाए चाटने लगा, मॉम की कमर के नीचे तकिया लगाकर राकेश उनके चूतड को उपर रख दिया था ताकि चूत चाटने में दिक्कत नहीं हो तो मॉम के गोरे पकोड़े समान चूत को देख समझ पा रही थी कि आखिर आज भी वो देर तक वाशरूम में क्यों रहती है, बुर बार रहित था तो राकेश उनकी बुर को लपलप चाटता हुआ चूची को दबाने लगा ” ओह उह राकेश खुजली से जान निकल रही है प्लीज़ अब चोदो ना
( राकेश बुर से जीभ निकाल बोला ) आज तुझे चुदाई की जल्दी पड़ी है ” फिर राकेश मॉम के गद्देदार फांकों को मुंह में लेकर चूसने लगा साथ ही कमर को कसकर पकड़े हुआ था तो मॉम का गोरा मुखड़ा लाल हो चुका था, अपने चूतड को उपर उठाए चूत चुसवा रही थी तो राकेश उनकी बुर को लेमनचुस की तरह चूसने में मस्त था, इधर मैं अपने टॉप्स को गले से बाहर कर चूची को दबाने लगी तो लाईव सेक्स देखते हुए मस्त थी, पल भर बाद मॉम उसके बाल को पकड़ चेहरा को पीछे की ओर धकेल दी फिर नंगे ही वाशरूम चली गई तो राकेश भी उनके पीछे गया, साला का लंड पूरी तरह से लंबवत था तो मैं उसके लंड को देख सोचने लगी कि काश इससे मैं चुदवा लूं तो मज़ा आ जाए लेकिन अगर पेट से हो गई तो समझो बिन ब्याही मां बनूंगी और मॉम डैड से लताड़ भी पड़ेगी।
दोनों वाशरूम से बाहर निकले तो मॉम उससे लिपटकर उसके चेहरा को चूमने लगी और फिर ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन दी तो राकेश मॉम के एक पैर को पलंग के किनारे पर रख जांघों को फैला दिया, इधर मॉम राकेश के ओंठ मुंह में लिए चूसने लगी तो राकेश खड़े खड़े रेखा की चुदाई में लग गया। अपना लंबा मोटा लंड पकड़ लिया फिर उसकी चूत में घुसाने लगा तो खसखसाता हुआ उसका आधा लंड बुर में था, फिर मॉम के एक जांघ जोकि पलंग पर थे पर अपना जांघ रखा और उसके पीठ सहलाते हुए नीचे से ही धक्का लगा दिया, मॉम जैसी चुद्दकड़ औरत को भला इस लंड से क्या दिक्कत और वो खड़े खड़े चुदवा रही थी तो दोनों के नग्न बदन आपस में रगड़ खाने लगे, मॉम की गोल मुलायम चूची उसके छाती से रगड़ खाने लगी तो कमर आपस में टकरा रहे थे और राकेश का लंड गपागप चूत के अंदर बाहर हो रहा था। मॉम उसके ओंठ छोड़कर चुदाई में मस्त थी तो उनकी बेटी अपने दोनो चूची को खुद से ही दबाते हुए सेक्स का लाईव शो देख रही थी। राकेश भले ही मॉम से उम्र में छोटा था लेकिन कसरती बदन और स्मार्ट तो मॉम अब सिसकने लगी ” ओह उई राकेश बहुत मजा आ रहा है, दिन भर चोद ना तेरे लंड का जवाब नहीं
( राकेश चोदता हुआ हांफने लगा ) जरूर लेकिन कब दीपा को चोदने देगी
( मॉम मुस्कुराई ) अबे साले वो तो बच्ची है उसपर क्या ध्यान देता है
( मॉम अब उसे धकेल चूत से लंड निकाल दी ) उसके चूत की सील तोड़नी है ” और अब मॉम बेड पर लेटकर चूत सहलाने लगी और राकेश भूखे भेड़िए की तरह मॉम पर टूट पड़ा, उसके जांघों के बीच बैठकर लंड को चूत में पेला फिर बैठे हुए में चोदता हुआ चूची दबाने लगा और मेरी मॉम ” आ अब लेट ना जरा चूतड तो उछाल उछालकर चुदाने का मजा लूं ” तो राकेश मॉम के जिस्म पर सवार होकर चोद रहा था तो मेरी रण्डी मॉम अपने चूतड को उछालना शुरू की, वो राकेश के कमर पर हाथ लगाए अपने सेक्सी चूतड को उपर नीचे कर रही थी तो वो मॉम के ओंठ चूमता हुआ पुरजोर गति से चुदाई करने में मस्त था और मेरी मॉम तो आखिर मॉम ही थी जोकि इधर उधर भी मुंह मारने लगी थी ” ओह आह लहर रही है जान अब बस भी करो
( राकेश चोदता हुआ हांफने लगा ) जल्दी झाडूंगा तो कहोगी संतुष्ट नहीं किए ” तो मैं चूची को पकड़ दबाने में लीन थी और कुछ देर के बाद राकेश बोल पड़ा ” आह अब झड़ने पर है साली
( मॉम गांड़ उछालने में मस्त थी ) हां ७-८ मिनट तो चोदे अब क्या है ” फिर राकेश स्थिर हो गया, मॉम की चूत पर नजर गई तो सफेद चिपचिपा वीर्य उनके चूत से बाहर निकल रहा था और राकेश मॉम के बदन पर कुछ देर लेटा रहा तो मैं अपने रूम जाकर फ्रेश हुई फिर बेड पर आराम करने लगी।

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