मौसी स्नेहा की गांड़ चुदाई : भाग-२

Posted on

हैलो दोस्तों,
राहुल का लंड मौसी के मुंह का प्यार पाकर पूरी तरह से फुंफकारने लगा तो मैं पहले वाशरूम जाकर मूतने लगा फिर फ्रेश होकर बाहर आया लेकिन पूरी तरह से नंगा था, स्नेहा सोफ़ा पर सर पीछे की ओर किए बैठी हुई थी तो उनके दोनों मध्यम आकार की चूचियां साथ में मोटी चिकनी जांघों सहित मुरब्बे की तरह फूली हुई चूत देख मन चोदने का होने लगा, लेकिन राहुल बिना बुर चाटे किसी लड़की या औरत की चुदाई नहीं करता था और आज तो स्नेहा मौसी को दिन में ही चोदा था फिर उनकी टाईट गान्ड को चोदने से मुझे कौन रोकता, मैं मौसी के पैर के पास बैठकर उनके जांघ सहलाने लगा तो वो समझदार औरत की तरह अपने चूतड़ को सोफ़ा के किनारे किए दोनों पैर सोफ़ा पर रख ली वो भी घुटना मोड़कर तो स्नेहा की चूत की छेद पूरी तरह से खुल गई और मैं उनके चूत पर हाथ फेरता हुआ उनको देखा तो वो शरमाते हुए बोली ” ऊहन अब देर काहे का चाट ना
( मैं उनकी बुर में एक साथ दो उंगली पेलकर रगड़ने लगा ) जरूर सेक्सी लेकिन तेरी बुर का हाल देख कर लगता है कि मौसा के अलावे भी कोई तेरा आशिक है ” वो अपने चेहरे को फेर ली और मैं उनके बुर को उंगली से कुरेदता हुआ जांघ को जीभ से चाटने लगा साथ ही एक हाथ से उनकी बूब्स पकड़ दबाने लगा तो वो सेक्सी आवाज ” उई मां अब कितनी देर करोगे डियर चोद ना ” तो उनके चूत से उंगली निकालकर उसको फैलाया फिर उसमे थूककर जीभ से चाटने लगा और उसकी जांघ सहलाता हुआ मस्त था और वो मेरे बाल पर हाथ फेरने लगी तो उनके चूत की गहराई में पूरा जीभ घुसाए चाटने लगा और स्नेहा तो मेरे सर को बुर की ओर ऐसे धंसाने लगी मानो बुर में ही सर घुसेड़ लेगी, फिर मैं उनकी जीभ के दोनों फांक को ओंठ के बीच लेकर चूसने लगा और वो खुद अपने स्तन दबाते हुए आहें भर रही थी, अब मैं उनकी बुर मुंह से निकालने पर था कि वो चिंकह उठी ” उह ओह राहुल अब निकला ” पल भर उसकी चूत चूसा फिर बुर का रस पीकर मस्त हो उठा, अब स्नेहा को मैं सोफ़ा पर पट लिटाया तो वो समझ गई कि गान्ड चुदाई होने वाली है, उठकर एक तेल की शीशी लाया फिर उनके गान्ड पर तेल लगाकर मालिश करने लगा तो वो मुझे देख बोली ” चल ना बेड पर ही चोदना ” तो दोनों उठकर रूम गए और मौसी नंगे ही अपने बेटा को देखने अपने रूम घुसी। स्नेहा आकर बेड पर लेटी तो उसके गान्ड के दरार और छेद में तेल डालकर उंगली रगड़ने लगा और वो बोली ” थोड़ी मालिश अपने लौड़े की भी कर ले
( मैं ) ओह मतलब पूरी चिकनाहट के साथ गान्ड चुद्वाएगी ” राहुल उसकी गान्ड में उंगली पेलता हुआ अपने लंड पर भी तेल लगाकर मालिश करने लगा तो मौसी अब डॉगी स्टाइल में हो गई, उसके चूतड के सामने बैठकर लंड को थामे उसके गान्ड की छेद में घुसाया फिर धीरे धीरे आधा लंड गुदाज गान्ड में पेलकर कमर थामा और जोर का धक्का दे मारा, भले ही मौसी गांडु किस्म की औरत है फिर भी गान्ड की छेद बुर इतनी तो ढीली नहीं हो सकती, सो मेरे पूरे लंड गान्ड में घुसते ही चिल्ला उठी ” उई आराम से चोद साले
( मैं चिकने गान्ड में गपागप लंड पेलता हुआ मस्त था ) बेबी, इतनी जल्दी चीखने लगी
( वो मुड़कर देखी फिर कमर हिलाने लगी ) अबे साले कुत्ते, देखूं जरा तेरे लंड में कितने देर तक अंदर टिकने की क्षमता है ” और वो अपने चूतड़ आगे पीछे करते हुए गान्ड चुदाई का आनंद ले रही थी तो मैं उनके एक बूब्स दबाने लगा और सही में गान्ड की छेद में टिकना आसान काम नहीं होता आखिर बुर की तरह ना तो इससे रस निकलती है और ना ही इसमें उतनी लोच होती है, सो लंड के धक्के से गान्ड में गर्मी होने लगी तो मेरा लंड अब बिना ब्रेक के देर तक चोद नहीं सकता था, सो लंड निकाल वाशरूम गया और फिर फ्रेश होकर आया तो मौसी नंगे बेड पर लेटी हुई थी साथ ही उसका दोनों पैर पूरी तरह से फैला हुआ था तो वो मुझे देख बोली ” अगर दुबारा डालना है तो रेफ्रिजरेटर से एक बटर कि टिकिया लेते आ ” मैं पहले मौसी के रूम की ओर जाकर उनके बेटा को देखा तो वो गहरी नींद में सो रहा था फिर वापस बटर की टिकिया लेकर आया और मौसी के गद्देदार गान्ड के नीचे एक तकिया लगा दिया तो उसके गान्ड की छेद अब स्पष्ट थी और मैं झुककर उसको चूमने लगा फिर बटर की टिकिया को छेद में घुसाना शुरु किया, आधा टिकिया अंदर गया कि मैं जीभ से गान्ड के छेद के बाहरी हिस्से को चाटने लगा और फिर उसके अंदर बाकी बचे बटर घुसा दिया तो मौसी बोली ” अब सीधे पेल समझे ” लेकिन मैं पल बजे के लिए लंड को ब्रेक देना चाहता था, झुककर उसकी गान्ड के छेद में जीभ घुसाए चाटने लगा तो बटर का स्वाद भी मिला और उसके गान्ड की गर्मी में बटर पिघल चुका था तो मैं इसी स्टाइल में उसकी गान्ड चोदने के लिए लंड पकड़ा फिर गान्ड में लंड घुसाने लगा तो स्नेहा अपने चूतड़ को तकिया के किनारे रख अपने दोनों पैर हवा में लहराते हुए गान्ड को थोड़ा ऊपर कर रखी थी। राहुल अपना पूरा लंड घुसाने के बाद उसके दोनों पैर को कंधे पर रखा और दे दनादन गान्ड चोदने लगा तो वो मस्त हो रही थी ” बहुत खूब, और जोर चोद तू तो मुझसे ८-९ साल छोटा है
( मैं उनके गान्ड में लंड चोदते हुए मस्त था ) जल्दी झडूंगा तो नामर्द कहोगी क्या
( वो ) तू तो मस्त चुदाई किया और आज कितने महीनों बाद मेरे गान्ड की मस्त चुदाई हो रही है ” तो मैं मौसी को ६-७ मिनट से चोद रहा था और अब चोद चोदकर हांफने लगा और उसका चेहरा भी लाल हो चुका था तो मेरा लंड चिकने गांड़ में तेज गति से फिसलते हुए चुदाई कर रहा था और फिर मैं चिंक्ख पड़ा ” उह ओह अब झड़ेगा साली ले पिला अपने गान्ड को मेरे लंड का वीर्य ” तो लंड स्नेहा की गांड़ में वीर्यपात कराके ठंडा पड़ गया फिर दोनों बारी बारी से फ्रेश होकर साथ खाना खाए।

This story मौसी स्नेहा की गांड़ चुदाई : भाग-२ appeared first on new sex story dot com