सहेली के पति संग सेक्स : भाग-२

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फ्रेंडस,
दीपा अपनी सहेली रागिनी के पति विवेक के साथ कानपुर बाहरी इलाके में थी तो समझो कि मैं सिर्फ ब्लाऊज में खड़ी थी और कमर से पेटीकोट उतार फैंकी थी साथ ही साड़ी तन से गायब था, अब मेरी चूत रानी ने रज छोड़ दिया तो मैं कामुकता वश कार के पिछले गेट को खोली फिर अंदर जाकर बैठ गई साथ ही अपने ब्लाऊज और ब्रा को हटाकर नग्न हो गई तो विवेक कार के अंदर आया और अपना शर्ट उतार नंगा हो गया साथ ही कार का गेट लगाकर ए सी ऑन कर दिया, उसके स्विफ्ट डिजायर कार के सीट पर मैं जांघे फैलाकर लेटी तो विवेक मेरे जांघों के बीच घुटने के बल बैठ गया फिर अपने लंड को पकड़ सुपाड़ा को चूत में घुसाने लगा तो मेरी चूत पहले से ही रस से भरी हुई थी और तभी विवेक मेरे कमर को पकड़ जोर का धक्का दे दिया, चूत में उसका लंड घुस चुका था लेकिन शायद पूरी तरह से नहीं इसलिए विवेक थोड़ा लंड बाहर की ओर खींचा फिर जोर से धक्का दे मारा और मैं चींख़ पड़ी ” उई मां मर गई, फाड़ दिया
( विवेक गपागप लंड पेलता हुआ चोद रहा था ) चार साल से तो चूत कुटवा रही है कुत्ति रण्डी फट गई चुप रह ” और वो मेरी एक स्तन पकड़ दबाने लगा साथ ही मेरी चूत चुदाई कर रहा था, उसके लंड की दीवानी दीपा रह रहकर चूतड को उपर उच्काने लगी और विवेक चुदाई करने में मस्त था, मेरी चूत की गहराई तक सुपाड़ा जाकर टकरा रहा था तो मैं बोली ” विवेक थोड़ा पोजीशन बदलने दो ” तो वो रुका और मैं कामुकता वश कार के गेट खोलकर बाहर निकली और प्राकृतिक छटा के बीच चुदाने को तड़प उठी तो विवेक झट से बाहर आया और मुझे घांस पर ही डॉगी स्टाइल में कर मेरी चूतड के सामने बैठा। दीपा पीछे मुड़कर देखी तो विवेक झुककर मेरी गोल गुंबदाकार गान्ड को चूमने लगा और मैं बोली ” क्यों विवेक गान्ड पर तेरी नजर पड़ गई है क्या
( वो मेरे गान्ड के छेद को फैलाकर जीभ से चाटते हुए रुका ) जानू जरूर अभी तो तू कानपुर में ही है एक दिन तेरी गान्ड आराम से चोदूंगा ” फिर वो मेरी गान्ड के छेद में थूक डाला और जीभ से चाटने लगा वैसे भी गान्ड चोद चोदकर मेरे पति उसको थोड़ा ढीला कर चुके थे तो उनके सीनियर गुरदीप ने भी मेरी गान्ड चोदी थी फिलहाल तो विवेक गांड़ को चाटने में मस्त था और तभी वो मेरी गान्ड छोड़कर लंड पकड़े चूत में पेलने लगा, इस एहसास के लिए तो हर लड़की और औरत तड़पती है तो पल भर की खुशी कहीं से भी लेने की कोशिश करती है और दीपा जैसी चुदक्क़ड लड़की तो लंड की भूखी है, सो उसका लंड घुसते ही तसल्ली मिली और वो तेज धक्का देता हुआ मेरे सीने से लगे स्तन को दबाने लगा तो मैं चूतड हिलाते हुए चुदाने लगी, उसके तेज धक्के से बुर का हाल खास्ता था तो मेरी चूची दबा दबाकर लाल कर चुका था। विवेक मुस्किल से २८-२९ साल का जवान है तो उसके कसरती बदन और चौड़े छाती को देख कोई भी लड़की उसकी ओर आकर्षित हो सकती है साथ ही गोरा रंग, तो मैं चूत की गर्मी से परेशान था लेकिन विवेक चोदने में लीन था और मैं सिसकने में ” ओह आह जलन हो रही है, प्लीज़ जल्दी रस झाड़ो ना
( विवेक चोदता हुआ हांफने लगा ) बेबी बस कुछ मिनट में बुर तेरी शांत पड़ जाएगी ” और उसकी तेज चुदाई से मैं काफी खुश थी तो वो मुझे पिछले ८-९ मिनट से चोदने में लगा हुआ था, कुछ देर बाद वो चींखा ” उह ओह बेबी ये ले पीला अपने चूत को वीर्य ” तो उसके लंड से गर्म सफेद चिपचिपा वीर्य निकल पड़ा और मेरी गर्म चूत को गीला कर संतुष्ट कर दिया, फिर उसने लंड निकाला और मैं पानी की बोतल लेकर अपने चूत को साफ की फिर साड़ी, पेटीकोट और ब्लाऊज़ पहन थोड़े देर बैठी तो विवेक भी अपना कपड़ा पहन लिया और फिर दोनों अपने घर चले गए।

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