सहेली के भाई संग काम क्रीड़ा : भाग-२

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डियर फ्रेंडस,
दीपा की चढ़ती जवानी में आग लगी हुई थी तो फिलहाल होटल के रूम में मैं नग्न अवस्था में टांगें चिहारे सोफ़ा पर बैठी हुई हूं तो रितेश मेरे सामने जमीन पर बैठकर ड्रिंक्स ले रहा है साथ ही मेरी गुलाबी चूत की गहराई तक को जीभ से चाटने में मस्त है और मैं आहें भरते हुए चूची मसलवाने का आनंद लेते हुए उसके बाल सहला रही हूं तो रितेश की जीभ बुर को चाट चटकर मस्त कर दी, अब वो मेरे गद्देदार चूत को मुंह में लिए चूसने लगा साथ ही चूची को पुचकार रहा था तो मेरी नजर रितेश के टाईट लंड पर थी और अब मेरे चूत की खुजली बढ़ती जा रही थी ” ओह उई मां मर गई प्लीज़ अब चूत चाटना छोड़ दे ना बस चोद मुझे रितेश ” तो वो मेरी फांकों को चूसता हुआ मुझे पूरी तरह से गरम कर चुका था और अचानक से मेरी चूत रज की धार छोड़ दी तो बुर की गर्मी शांत हुई साथ ही वो रस को पीकर चूत में भरे रज को चाटने लगा फिर वाशरूम चला गया। दीपा दो पैक व्हिस्की पीकर नशे में झूम रही थी साथ ही एक सिगरेट जलाकर पीने लगी फिर उठी और वाशरूम घुसी तो रितेश बाहर आया, अब फ्रेश हुई और वापस बेड पर आकर लेट गई तो रितेश मेरे करीब बैठा फिर झुककर मेरी चूची को पकड़ लिया और अपने मुंह में लिए चूसने लगा तो मैं उसके बाल सहला रही थी, कुछ देर तक मेरी चूची चूसते हुए दूसरे स्तन को दबाया फिर मेरे बूब्स दबाता हुआ मेरी निपुल को जीभ से चाटने लगा और मैं अब चुदाई के लिए तड़प रही थी और रितेश मेरे कमर तक चूम लिया फिर मेरी जांघों को फैलाकर बुर को चूमा और अब मेरी दोनों जांघों के बीच घुटने के बल बैठ लंड पकड़े सुपाड़ा को छेद पर रखा फिर धीरे से सुपाड़ा पेल कर लंड को अंदर घुसाने लगा, मेरी थोड़ी फैली बुर में उसका लंड घुस रहा था तो मैं सांस थामे हुए तेज धक्का के इंतजार में मर रही थी, तभी जोर से रितेश ने धक्का दिया और मेरी चूची को पकड़ मसलने लगा तो मेरी चूत में उसका लंड था। रितेश मेरी उम्र का था तो उसके कड़े लंड से चुदाई का आनंद लेते हुए मस्त थी, अब मुझे दे दनादन चोदता हुआ मेरे ऊपर सवार हुआ फिर चोदता हुआ मेरे गाल चूमने लगा तो दीपा उसके कमर को कसकर पकड़े अपने गद्देदार चूतड को उछालने लगी और दोनों चुदाई में मस्त थे, मेरी चिकनी और रसीली चूत में लंड का तेज धक्का घर्षण पैदा कर मजा देने लगा तो मैं उसको अपने जिस्म पर लिटाए हुए चूतड को उछालती रही फिर मेरे बुर की गर्मी बढ़ने लगी और मैं रितेश के कसरती बदन को अपने तन पर लिए चूतड उछाल उछालकर हांफने लगी तो रितेश मुझे ३-४ मिनट तक चोद चोदकर हांफता हुआ मेरे तन पर से उतर गया फिर लंड चूत से बाहर निकाले वाशरूम चला गया, मेरी बुर का कचूमर निकल चुका था तो मैं चुदक्क़ड दीपा बेड पर से उठी फिर वाशरूम नंगे ही जाने लगी। रितेश हाथ मुंह धो रहा था तो मैं पहले तो बैठकर छर छर मूतने लगी फिर फ्रेश हुई, रितेश बेड पर लेटा हुआ था तो उसका मूसल लंड फुंफकार रहा था और उसको देख मैं क्या मेरी मम्मी भी चूद्वाने को तड़प उठती, मैं उसके कमर के पास बैठ उसके लंड को पकड़ी फिर मुंह में लिए चूसने लगी लेकिन रितेश से दो दफे चुदाने के बाद पता था कि ये भी देर तक चूत में टिकता है और मुखमैथुन करते हुए मैं अपने चूची रितेश से मसलवा रही थी, कुछ देर बाद बुर की खुजली बढ़ने लगी तो मैं अब उसके बगल में डॉगी स्टाइल में होकर बोली ” चल रितेश अब चुदाई शुरू कर ” तो वो मेरे गान्ड के सामने बैठा और पीछे मुड़कर देखी तो रितेश अपना लंड पकड़े चूत में घुसा रहा था, मेरे कमर को पकड़े जोर का धक्का दे दिया तो उसका लंड पूरी तरह से बुर में घुस चुदाई करने लगा और मैं अपने चूतड को हिलाते हुए चुदाई का मजा दुना करने लगी दूसरी ओर वो मेरे छाती से लटकते चूची पकड़ मसलता हुआ चुदाई कर रहा था तो दीपा आहें भर रही थी ” उह ओह मजा आ गया, चोद साले तेरी बहन से मस्त माल हूं
( रितेश ) बेबी एक बार तेरी दोस्त को नग्न देखा घा
( मैं ) तो पटककर चोद देता साली को ” लेकिन रितेश चोदता हुआ मस्त था और मैं अपने चूतड स्थिर किए चुदाई कराने लगी, बुर की आग अब चरम पर थी तो रितेश चोदता हुआ चिंखा ” ओह आह ये ले साली रण्डी आह निकला ” फिर तो मेरी चूत वीर्य से लबालब हो गई और दीपा चूतड आगे कर लंड को बाहर की फिर बेड पर ही लेट गई लेकिन रितेश मेरे चेहरे के बगल में बैठकर मेरा गाल सहलाते हुए मेरे मुंह में ही लंड डाल दिया तो मैं उसके वीर्य का स्वाद लेकर मस्त हो गई, चुदाई तो जीवन का अभिन्न अंग है और चढ़ती जवानी में ही हम सबों की पूछ है बाकी मेरी बुढ़िया मॉम को कौन घांस डालेगा।

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