बच्चे की चाहत – Dirty Sex Tales

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लक्ष्मी रानी नाम की शादी शिवपुर नाम के गांव में होती है। लक्ष्मी को बोहोत दयालु और धार्मिक स्त्री है। लक्ष्मी के मायके में उसके माँ बाप दोनों गुजर जाते है बुड्ढे मामाजी उसकी शादी पास के गांव के किसान बद्री के साथ करते है। शादी के वक़्त लक्ष्मी की उम्र २७ साल थी। लक्ष्मी की बात करू तो सावला पर आकर्षक बदन। ३६ की छाती, २४ का पेट कमर ३६ की ऐसा बदन था। बद्री बिलकुल उसके लायक नहीं था। कला कलूटा बिलकुल दुबला पतला। उम्र होगी ३६ साल। और आदते हर रोज़ दारु पीना। गांव में झगड़े करना। शादी के बाद लक्ष्मी घर का और खेती का सारा काम करती थी। रात को बद्री दारु पीके आता था और अपनी नुन्नी लक्ष्मी के चुत में हिलाके के सो जाता था। कभी उसको चुदाई क्या होती हुई समज नहीं आ रहा था।
ऐसे ३ साल गुजर गए। गांव की औरते लक्ष्मी को ताने देने लगी कोई उसे बांज कोई कलमुही ये गालिया देने लगी। कोई उसे अपने घर भी नहीं बुलाता था। बद्री एक दिन शराब पिके आता है। लक्ष्मी उसे कहती है ” सुनिएजी, अपनी शादी को ३ साल हो गए। अभी तक कोई बच्चा क्यों नहीं हुआ, लोग मुझे कुलटा, बाँझ कहने लगे है? ” बद्री ” में क्या करू तेरी कोख ही बांज है में क्या कर सकता हु ” . लक्ष्मी ” क्या हम शहर जाके इलाज……… ” . ये सुनके बद्री उसे थप्पड़ मार ते हुए ” पैसे क्या तेरा बाप देगा? ” …… मार खाके लक्ष्मी चुप हो जाती है। पड़ोसकी उसकी सहेली सुषमा उसको शहर के सरकारी अस्पताल में डॉक्टर को दिखती है। उसके सारे रिपोर्ट नार्मल थे। डॉक्टर उसे सलाह देते है अपने पति की जाँच कराये। ये बात बद्री को बोलने की लक्ष्मी की हिम्मत नहीं होती। सुषमा लक्ष्मी को हनुमान पहाड़ के बाबा के पास लेके जाती है.
बाबा ” बोलो बेटी समस्या क्या है ” .
सुषमा ” बाबाजी इसे बच्चा नहीं हो रहे शादी को ३ साल हो गए ” .
बाबा सोचते हुए ” एक काम करो बीटा हर सोमवार नंगे और भीगे बदन शिव लिंग पे पानी चढाव तो काम हो जायेगा ” .
लक्ष्मी ” लेकिन नंगे बदन…….. ”
बाबा ” एक काम करो एक सूती साडी बांध लो ” .
लक्ष्मी ” ठीक है, कितने दिन करना पड़ेगा? ”
बाबा ” १०८ सोमवार ” .
लक्ष्मी सोचते हुए घर लोटती है। कूच समाज नहीं आता। फिर तैय करती है सुबह ४ बजे जब कोई नहीं होता तब नदी पर स्नान करके मंदिर जाउंगी। सबेरे ४ बजे लक्ष्मी नदी पर आती है अपने सारे कपडे उतार कर ठन्डे पानी में नहाती है। फिर एक सफ़ेद पतली साडी बांध कर नदी के बाहर आने लगती है तो पैर पत्थर पे से फिसलता है तो उस्मान जो उसी गांव में रहता है वो पकड़ता है। उस्मान ४० साल का पहलवान आदमी था। पहलवानी के कारन अभीतक शादी नहीं की थी। उस्मान ” अरे बहन इतने सबेरे ठण्ड में नहाने क्यों आयी? ” लक्ष्मी ” भाई पूजा करने जाना है ” . लक्ष्मी निकल जाती है। शिवलिंग की पूजा करके घर के काम में जुट जाती है। दूसरे सोमवार वापस तलाव के वहा आके पुरे कपडे उतरती है। उस्मान पानी में से बाहर आता है। सामने लक्ष्मी पूरी नंगी कड़ी थी। सावला बदन कड़क बूब्स। हलके बालो वाली चुत। उस्मान कहता रहता है। लक्ष्मी शर्मजाती है। उफिर कैसे आपको ४ बच्चे हुए ” .
सुषमा ” अरे भला हो मस्तान चाचा का जो मेरी चुत आज भी चोदते है ” . लक्ष्मी ” है राम, गाँव के बाहर जो चाय का ठेला चलाते है वो मस्तान चाचा? ”
सुषमा ” हां वही, पर किसी को मत बत्ता, तुझे मेरी कसम ” .
लक्ष्मी ” तेरा पति वो कूच नहीं कहता ” .
सुषमा ” उन्हें, इसके बारे में मालूम नहीं है ” .
लक्ष्मी ” ऐसा मर्द कहा से लाऊ? ”
सुषमा ” देख ले कोई हट्टा कट्टा इंसान, फिर अपने चुत और मुम्मो के दर्शन से फासले ” .
लक्ष्मी बोहोत सोचने के बाद उसे उस्मान का नाम मन में आता है।
दूसरे दिन लक्ष्मी सबेरे ४ बजे एक पॉलिसी ओढ़नी लपेटती है। ओढ़नी छोटी और पतली होने के कारन। सिर्फ जांघ तक और उप्पर बड़ी मुश्किल से निप्पल्स तक आती है. तलाव के यहाँ जातेहि उस्मान उसे मिलता है। दोनों कूछ बात करके एक पत्थर के यहाँ जाते है नहाने। लक्ष्मी अपनी ओढ़नी उत्तार ती है। अब पराये मर्द के सामने पूरी नंगी थी। उस्मान ” भाभी आज पूरी नंगी होक नहाओगी क्या? ” . लक्ष्मी ” पहनने को कूछ नहीं था तो ओढ़नी बांध के आयी. वो भी भीग गयी तो मेरा नंगा बदन सारे गाओ को दिख जायेगा। लोग मेरी चुत और बूब्स देख के मुठ मारेंगे। क्या पता कोई मुझे पकड़ के अपना लंड मेरी चुत में डालके मुझे चोद दे। ” . उस्मान का भाभी के नंगा बदन और गन्दी बातो के वजह से लंड टाइट होता है ” मेरे सामने भी तो आप भी तो नंगी हो? ” लक्ष्मी ” आपने कई बार मेरा गिला नंगा बदन देखा है। जिसमे मेरी चुत और बूब्स अच्छे से देखे है, अब आपके सामने नंगे होने में क्या शरम ” . उस्मान अपना पायजामा और सलवार उतरता है अब वो सिर्फ लंगोट में था लंगोट में उसका लंड पुरे जोश से दोल रहा था। लक्ष्मी और उस्मान पानी के तरफ बढ़ते है। जाते वक्त उस्मान लक्ष्मी के कमर में हाथ डालके घूमना शुरू करता है। पानी में उत्तर कर दोनों पत्थर के यहाँ बैठ के नहाने लगते है। उस्मान लक्ष्मी कंधे हाथ रख के निचे वाले बूब्स पे जान भुज के टच कर रहा था। लक्ष्मी ” आपकी कल शादी होती है तो अपनी बेगम को कैसे खुश करोगे? ” उस्मान ” उसे कपडे, गहने लाके दूंगा ” . लक्ष्मी ” अरे बाबा, उसको जिस्म का सुख कैसे दोगे ” . उस्मान लक्ष्मी का दाया बूब्स दबाते हुए ” आप ही बताओ ” . उस्मान लक्ष्मी के निप्पल मरोड़ते हुए लक्ष्मी ” अह्ह्ह्ह तुम्हारा लंगोट तो उतरो ” एक झटके में उस्मान लंगोट उतारता है। उसका ९ इंच का लंड डोल रहा था। लक्ष्मी के दोनों बूब्स दबाते हुए उस्मान ” अब मेरी बीवी क्या करेगी? ” लक्ष्मी उस्मान का लंड हाथ में लेके हिला रही थी। फिर उस्मान का लंड मुँह में लेके चूसना शुरू करती है उस्मान ” ऊऊऊ ऊओईई ईईईई ईईईई इम्मम्म म्मम माँ आह कर रहा था ” . १० मिनट बाद लक्ष्मी अपनी टाँगे फेलाके उस्मान को इशारा किया उस्मान अपनी जीभ लक्ष्मी के दाने पे रगड़ रहा था। फिर चुत में डालके चूसना शुरू किया लक्ष्मी ” ऊऊऊओ उईईई ईईई आह उस्मान… मजा आ रहा है… ” . ५ मिनट बाद लक्ष्मी अपना पानी उस्मान के मुँह में छोड़ती है। तलाव के पास एक झोपड़े में उस्मान मुझे गोदी में उठा के लेके जाता है। चारपाई पे लिटा के घोड़ी बनता है फिर लक्ष्मी की गांड के छेद पे जीभ लगाके चाटना शुरू करता है लक्ष्मी ” अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ये कहा से सीखा मजा आ रहा है ” . फिर अपने लंड पे थूक लगाके चुत में पेलना शुरू करता है। चुत वर्जिन होने के कारन खून निकलना शुरू होता है। उस्मान बगल में पड़े कपडे से लंड पे पड़ा और चुत का खून साफ़ करता है। और वापस लंड पेलना शुरू करता है वहा लक्ष्मी ” ” आह्ह्ह्ह आ… माँ…. मार्र…. गइइइइ….. ओह्ह्हो….. उस्मान जी…. इतना दमदार चुदाई मेरी पहले कभी नहीं हुई थी…. अब इस से ज्यादा मुझे दर्द हो रहा है…. ”लक्ष्मी की ज़ोरदार छिखो भारी आवाज़ों से पूरा सन्नाटे भरा माहौल गुंज उठा. फिर सीधा करके वापस पेल दिया ” आइइइइइइइइ मर गाउईईई ाआऊवो ” फिर उस्मान ने लक्ष्मी को अपने उप्पर लेके उसे उठक बैठक लगायी २ घंटे छोड़ने के बाद। लक्ष्मी को सीधा करके उस्मान ” ( लक्ष्मी के गोरे बूब्स को अपने मज़बुत पंजो में जकड रखा था और छुडाई करते हुए ) : उह्ह्ह्ह…. उह्ह्ह्ह….. आआआआह….. ओह्ह्ह्ह….. बास.. ये आखिरी बार है…। लक्ष्मी… इसके बाद तो जाएंगे हम…. आआह…. आपकी चुत ने मेरे लंड को इस कदर पागल कर दिया है की… आआह… आपकी चुत से लंड निकालने का मन ही नहीं… करता है…। दिल करता है… बस आपकी चुत चोदता ही जाऊ ” फिर उस्मान गुरते हुए ” आआआआउउउउउउउउ ” वीर्य की पिचकारी लक्ष्मी के चुत में छोड़ता है। फिर थोड़ी देर लेट के दो नो कपडे पहन के घर जाते है लक्ष्मी का पति बद्री आज देर हुई लक्ष्मी ” हां मंदिर में भीड़ थी ” . बद्री ” ये लंगड़ा के क्यों चल रही हो? ” लक्ष्मी मन में ( २ घंटे मुसल जैसे लंड से चुदने के बाद सीधा कैसे चलूंगी ) वो पैर फिसल गया ” .
फिर जभी मौका मिलता उस्मान लक्ष्मी को सुन सान जगह पे ले जाके चोद देता. २ महीने बाद लक्ष्मी को मासिक माह नहीं आता। गांव का डॉक्टर बताता है की वो माँ बनने वाली है. सब खुश होते है.

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