उत्तेजना और कामवासना भाग – 1

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मेरा नाम श्रुति है। मेरी उम्र २३ साल है। मेरी शादी हामिद से १ साल पहले हुई थी। हमारी अन्तर रिलिजन मैररज थी। में और मेरी माँ कमला देवी शादी के पहले रहते थे। सगे सम्भंदियो बोहोत भला बुरा कहा लेकिन माँ ने हिमत करके हमारी शादी की। ससुराल में इनके सौतेले पापा ही है। उनकी माँ ने दूसरी शादी की थी। हम उनको अब्बू ही कहते है। उनका नाम नईम है। दिखने में हटे कटे और फिट है. उनका स्वाभाव भी अच्छा था। मेरी तो बोहोत रेस्पेक्ट करते थे। मेरे पति भी उनकी बोहोत रेस्पेक्ट करते थे।
कुछ दिन से एक अजीब घटना हो रही थी। मेरी पेंटी गायब हो रही थी।

मेने सोचा मेरी पेंटी से किसी को क्या काम. मेने दोपहर को छत पे पानी के टंकी के पीछे छुप के कपड़ो पे नज़र रख रही थी। इतने में सिर्फ vip शॉर्ट में अब्बू आये इधर उधर देखा, मेरी पेंटी उठाई निचे जाने लगे में उनके पीछे चुपके चुपके चल ने लगी। दरवाजा ठीक से बंद नहीं था मेने अंदर झाँका तो वो पुरे नंगे थे। कटीला बदन, उनकी जांघ और पैरो की मसल्स कमल के दिख रहे थे.. फिर पेंटी सुंग के अपने ९ इंच लंड पे रख के मुठ मरना शुरू करते है। कूच आवाजे आती है ” आआह्ह्ह्हह……. चुत में गया ” . १० मिनट बाद सारा वीर्य मेरी पेंटी में था। पूरी पेंटि भर गयी थी। अचानक मेरा कुण्डी पे लगता है और अब्बू मेरी तरफ देखते है। में उठ के उनके पास जाती हु। उनके लंड के उप्पर की पेंटी निकलती हु। अब्बू को ” ये क्या किया मेरी पेंट के उप्पर ” . अब्बू चुप चाप सर झुकाके खड़े थे। में उनका लंड हाथ में लाइट हुए ” इसको मेरी चुत चाहिए ” . अब्बू की हिम्मत दुगनी होती है मुझे अपनी और खिंच ते हुए ” बरसोंसे ये लंड चुत के लिए तरस गया था ” . उस वक्त में टी-शर्ट और शॉर्ट में थी। शॉर्ट उतारते हुए ” ये लो मेरी चुत ” . उन्होंने मेरी टी -शर्ट भी उत्तरी हम दोनों अब पुरे नंगे थे। दो नो एक दूसरे को किस और स्मूच कर रहे थे। फिर में घुटनो पे आके। उनका लंड मुँह में लेके चूस रही थे। फिर लंड उप्पर करके गोटे मुँह में लिए. उन्होंने मुझे लिटा के मेरी गांड के निचे तकिया रखा और छूट चूसना शुरू किया। में ” अअअअअअअ।…….. अब्बू कितना मज़ा आ रहा है। ”
अब्बू ” तेरा शोहर तुझे चोदता नहीं क्या? ”
में ” वो तो चोदता है लेकिन ससुर के लंड के निचे आना बड़ा मजेदार है ” .
अब्बू आमने लंड पे थूक लगाके मेरी चुत में पेलना शुरू किया। आधा लंड अंदर जाके में ” आआआआ।…….. उईईईईई।……… क्या मस्त लंड हे आपका मजा आगया ” . मेरी चूचिया दबाते हुए ” हूउउउउउउ।…… क्या मस्त चुत है ” . फिर मुझे घोड़ी बनाके चोद रहे थे।. थोड़ी देर बाद अचानक स्पीड बढ़ाते है। अब्बू ” बहु मेरा छूटने वाला है कहा डालू। में अपनी चुचे उनके लंड के पास लेके आती हु गुराते हु वो अपनी की वीर्य धार मेरे चुचो और मुँह पर छोड़ते है। फिर वो अपनी शॉर्ट पहनते है। में भी टी शर्ट और शॉर्ट पहनती हु। वो मेरी गांड पे हाथ घुमाते हुए रूम के बहार आते है। तो सामने हामिद खड़ा था। में और अब्बू दर गए मेरे होतो पे और मुँह पे वीर्य था। हामिद ” श्रुती, अब्बू ये क्या? ” में ” हामिद, अपने अब्बू का खयाल रखना हम दोनों की जिम्मेदारी है। तुमने सोचा तुम्हारी माँ गुजर जाने के बाद कैसे उन्होंने दिन गुजारे, में आने के बाद उनकी प्यास जाग उठी। इसलिए मेरी जिम्मेदारी बनती है की मेरी चुत चोदने को दू। तो क्या बुरा किया? ” . हामिद सोचते हुए ” अब्बू मुझे माफ़ कीजिये मेने आप के और श्रुति के रिश्ते को गलत समझा ” . में ” इसमें माफ़ी मांगने जरुरत नहीं है। और अब्बू आप भी लंड की भूक मिटाने मुठ मत मारा करो कभी भी आपका मन करे तो मेरी चुदाई करो। ” अब्बू मेरी गांड मसलते हुए ” श्रुति तू सच मुच की घर की मालकिन हो ” .
दूसरे दिन में कपडे सुखाने डाल रही थी तो पीछे अब्बू आ गए में उनके लंड को दबाते हुए ” बोलिये अब्बू, ( हसते हुए ) लेनी है क्या मेरी? ” अब्बू ” श्रुति तेरी जैसी बहु किस्मत वालो को मिलती है, मेरी वजह तेरी और हामिद की जिंदगी ख़राब नहीं होनी चाहिए। मेरी फ़िकर छोड़ दो तुम अपनी और हामिद की फिकर करो ” . ये बोलके चले जाते है।

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