रानी की जवानी : भाग ३

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रानी, उम्र २४ वर्ष तो कद ५’४ इंच, गोरा बदन और लंबी काली जुल्फें साथ ही बूब्स की साइज तो मध्यम थी जिसके ऊपर ३४ सी साईज की ब्रा पहनती थी साथ ही चिकने जांघ और बुर की फांकें मोटी तो दरार स्पष्ट, आखिर डेढ़ साल शादी के हुए थे तो हब्बी रोमांटिक किस्म का था और मेरी गोल गद्देदार चूतड की फांकें जब मेरे चलने पर आपस में टकराती तो यकीनन किसी भी मर्द का लन्ड टनटना उठता। मैं अपने हब्बी के साथ नोएडा में रहती थी तो वो दिन भर तो घर से बाहर ही होते थे और मैं दिन में तन्हा रहती थी सिर्फ दो बार कामवाली बाई आकर घरेलू काम काज निपटा कर जाती थी, अपार्टमेंट के छठे मंजिल पर हमदोनो रहते थे और सामने ही एक लड़का रहता था जोकि शायद कॉलेज में पढ़ता था, उससे कभी कभार पार्क में भेंट हुई थी तो वो लड़का मुझे जब भी देखता उसकी नजरें बिल्कुल ही भूखे भेड़िए की तरह मेरे बदन पर होती और एक सुबह मेरे हब्बी ऑफिस के लिए निकल रहे थे तो मैं उन्हें फ्लैट के दरवाजा तक छोड़ने गई और वो जब आगे बढ़ गए तो मेरी नजर उस लड़के पर पड़ी जोकि उसी वक्त अपने फ्लैट में घुस रहा था लेकिन मेरे रुके कदम के कारण वो भी अपने दरवाजा पर रुक गया। उस लड़का का नाम अमर था, मुझे देखता हुआ पूछा ” कोई बात है भाभी
( मैं उसको देखते हुए बोली ) हां वक्त मिले तो आना ” ये कहते हुए अंदर चली गई, दरवाजा को सिर्फ सटाई और सोफा पर आकर बैठ गई, अमर २१-२२ साल का लड़का था जिसके लंबे कद साथ ही चौड़ी छाती तो गोरा रंग मुझे काफी आकर्षित करती और फिर मैं तो फिलहाल नाईट गाऊन में ही सोफा पर बैठी हुई सोच रही थी की आखिर उसे बुलाकर भूल तो नहीं की, अब तो हब्बी के कारण मुझे गैर मर्दों के साथ शारीरिक संबंध बनाने का चस्का लग चुका था तो चंदन हो या दोनो डिलीवरी बॉय सबके साथ मैं एंजॉय की लेकिन ये पड़ोस में अपने मम्मी, पापा, भाई और बहन के साथ रहता है तो क्या इसके साथ शारीरिक संबंध बनाना ठीक होगा, यही सोच रही थी की डोर बेल बजने लगा और मैं सोफा पर बैठे हुए ही बोली ” दरवाजा खुला है अंदर आ जाओ ” अभी तो कामवाली के आने का वक्त हुआ नही था फिर कौन है? चेहरा पीछे की तो अमर था, वो चप्पल खोलकर मेरे सामने वाले सोफे पर बैठ गया ” बोलिए भाभी कोई खास बात
( मैं उसको देखते हुए पूछी ) एक बात सच सच बताओ
( अमर ) जी पूछिए
( मैं ) तुम जब भी मुझे देखते हो पता नही मुझे क्यों लगता है कि तेरी कुछ चाहत है
( उसका चेहरा लाल हो गया और वो सर झुकाए बोला ) जी, क्या बोलूं बोलने में असहज महसूस कर रहा हूं
( मैं उठकर उसके बगल में बैठी और उसके कंधे पर हाथ रख दी ) इतना झिझक क्यों दिल की बात बता दो
( वो मेरी ओर चेहरा किया ) आप तो सब कुछ समझती हो फिर क्यों मेरे से सुनना चाहती हो
( मैं उसके कंधे पर हाथ रख अपनी बूब्स उसके शरीर से दबा रही थी ) बता भी दो शायद तेरी इच्छा मैं पूरी कर सकूं
( वो मेरी ओर चेहरा किया ) दरअसल आपकी खूबसूरती और आपके बदन को देख कल्पना करता हूं की आप……. ” मैं उसके चेहरे पर चुम्बन दी फिर बोली ” तुम्हारी चाहत मैं आज पूरी कर दूंगी लेकिन ग्यारह बजे के बाद सबसे नजर बचाकर मेरे यहां आना ” वो उठा फिर चला गया तो मैं थोड़ी देर बाद कामवाली के आते ही स्नान करने चली गई फिर अपने बदन को अच्छे से साफ की, वैसे भी बुर हो या कांख उसपर बाल हमेशा शेव कर चिकना रखती तो स्नान करके निकली फिर आसमानी रंग की साड़ी, पेटीकोट और ब्लाऊज़ पहन ली, इस ड्रेस में महिलाएं बहुत ही सेक्सी और हॉट दिखती है तो मेरा फिगर ३४-२६-३६ की थी साथ ही मुझे बिस्तर पर मर्दों के संग सेक्स करने की आदत सी लग गई थी। मैं डाइनिंग हॉल आई फिर नाश्ता करने लगी तो कामवाली पूछी ” मैडम सब्जी क्या काट दूं
( मैं बोली ) रहने दो, आज खाना बाहर से मंगा कर खा लूंगी ” और वो जब चली गई तो मैं दरवाजा बंद कर बेडरूम में जाकर लेट गई, अभी तो १०:३० बजे थे और लेटे लेटे अमर को कॉल की ” हां भाभी बोलिए
( मैं बोली ) आओगे तो व्हिस्की और सिगरेट की पैकेट ले आना और कोल्ड ड्रिंक्स भी ” वो हामी भर दिया फिर मैं डाइनिंग हॉल में टी वी ऑन करके देखने लगी, आधे घंटे बाद डोर बेल बजा तो मैं उठकर दरवाजा खोलने गई तो अमर हाथ में एक पोलिबेग लिए खड़ा था, वो अंदर आया तो मैं दरवाजा बंद की फिर वो सोफा पर बैठ गया और टेबल पर पोलीबेग रख दिया तो मैं किचन गई और दो ग्लास लेकर आई, उसके बगल में सोफा पर बैठी फिर अमर पोलिबेग से एक व्हिस्की की बोतल को निकाला तो मैं बोली ” पटियाला पैक बनाओ
( वो ग्लास में व्हिस्की डालने लगा तो मैं एक सिगरेट लिए बालकनी चली गई, सिगरेट फूंकने लगी ) भाभी ड्रिंक्स तैयार है
( मैं वहीं कुर्सी पर बैठी ) यहीं लेकर आ जाओ ” वैसे भी बालकनी की ओर बड़ा सा मैदान था तो कोई भी हम दोनो को देख नही सकता था, वो आकर कुर्सी पर बैठा फिर ग्लास मैं उससे ली और दोनों ग्लास आपस में टकराकर ” चियर्स फॉर फ्रेंडशिप ” और मैं व्हिस्की पीते हुए सिगरेट फूंक रही थी तो अमर मेरे ठीक सामने कुर्सी पर बैठा हुआ मेरे बूब्स को घूर रहा था, मैं सिगरेट के बट्स को फेंक बोली ” कितने शर्मीले हो डियर, इसे हटाकर देखो
( वो मेरे साड़ी के पल्लू को नीचे कर उफान लेती चुचियों को देखने लगा ) भाभी जान आपकी बूब्स बहुत प्यारी है ” मैं उसके हाथ पकड़ अपने बूब्स पर लगा दी ” आराम से दबाओ डियर वैसे निशा की चूची भी कम मस्त नही है
( अमर मेरी चूची को दबाता हुआ ड्रिंक्स ले रहा था ) सही बोलीं लेकिन मेरी बहन निशा का कैरेक्टर थोड़ा ढीला है
( मैं ग्लास फर्श पर रख अपना हाथ पीठ पर लगाई और ब्लाउज की हूक खोल दी ) हां तो अपने बॉय फ्रेंड से चुसवाती होगी तब तो इस उम्र में चूचियां इतनी बड़ी हो गई है तुम उसको नंगा देखा है की नही ” तो वो मेरे ब्लाउज को निकाला फिर बूब्स को ब्रा पर से ही पकड़े दबाने लगा और मैं उसके पेंट पर से ही लन्ड के उभार को सहलाने लगी, तभी अमर मेरी ब्रा खोल दिया और नग्न स्तनों को पकड़ दबाने लगा और मैं उसके पेंट के जिप को खोल दी तो वो मेरे करीब खिसका फिर मेरे चेहरे को चूमने लगा ” रूम चलें
( मैं उसके पेंट के बटन खोल दी ) यहां क्या दिक्कत है बोलो ” और वो भी अपना पैंट उतार दिया, मेरी चूचियों को मुंह में लेने के लिए तड़प रहा था तो मैं बोली ” रूको यहीं पर चटाई लगाती हूं ” और मैं अपने साड़ी को सीने पर रख अंदर गई फिर एक चटाई लाकर बालकनी में बिछाई साथ ही दो तकिया तो अमर मेरे सामने चटाई पर बैठा फिर मेरे साड़ी को कमर से खोलने लगा तो मैं खुद साड़ी हटाई और सिर्फ पेटीकोट पहने बैठी हुई थी और अमर के शर्ट को उतार कर उसे चढ्ढी और बनियान में कर दी, अब मुझे उसने लिटाया फिर मैं तकिया पर सर रख लेट गई और अमर मेरे ऊपर सवार हुए गाल चूमने लगा तो मैं उसके बदन को सहलाने लगी और उसके चेहरे को चूमने लगी, बदन पर लड़का सवार हो तो कितना मजा आता है सबोंको पता है फिर वो मेरे ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन देने लगा तो मैं उसके गर्दन में हाथ डाल दी फिर अपने गुलाबी ओंठ को उसके मुंह में डालकर चुसाने लगी। अमर का गठीला बदन मेरे चिकने बदन के ऊपर था फिर मैं उसके पीठ पर हाथ फेरते हुए ओंठ को मुंह से निकाली और जीभ निकाल उसके ओंठ को चाटने लगी तो वो मेरे जीभ मुंह में लिए चूसने लगा और फ्रेंच किस्स में मुझे बहुत मजा आने लगा। मैं कुछ पल बाद जीभ उसके मुंह से बाहर की फिर अमर मेरे गर्दन चूमते हुए चूची को दबाने लगा, मेरे लिए सेक्स कोई नया नहीं था बल्कि डेढ़ साल में ही मेरे हब्बी ने मुझे पोर्न वीडियो दिखाकर फिर काम क्रिया के हरेक आसन को सिखाकर मुझे काम कला में निपुण बना दिया था, मेरे चूची को पकड़ अमर उसके अग्र भाग को मुंह में लिए चूसने लगा तो दूसरे स्तन को पकड़ मसलने लगा, मैं उसके गाल सहलाई और मेरे इशारे को समझते हुए वो मेरे चूची मुंह में भर चूसने लगा, पता नही चूची चुसवाते हुए बुर में क्यों खुजली होने लगती है और मैं काम की प्यासी औरत पड़ोस के एक लड़के जोकि मुझसे उम्र में तीन चार साल छोटा होगा के साथ जिस्म की प्यास बुझाने लगी, मैं आहें भरते हुए उसे छाती से लगाए स्तनपान करा रही थी ” उह आह ओह प्लीज बूब्स पर दांत मत गड़ाओ ” तो अमर चूची मुंह से निकाल दिया फिर दूसरे बूब्स को मुंह में लेकर चूसने लगा, मैं उसके पीठ को सहलाते हुए उसके टाईट लन्ड का एहसास बुर पर पा रही थी, वो भले ही जांघिया पहन रखा था फिर भी लन्ड की अकड़ बुर को मीठी एहसास दे रही थी तो मैं अब बुर की खुजलाहट से परेशान होकर उसके मुंह से चुघी निकाली फिर अमर मेरे जिस्म पर से हटा और मेरे सपाट पेट से कमर तक को चूमने लगा, मेरी जांघें फैली हुई थी तो उसका एक हाथ मेरी बुर को सहला रहा था, मेरे कमर पर पेटीकोट सिमटा हुआ था तो मैं उसकी डोरी खोलकर पांव से बाहर कर दी और अमर तो मेरे जांघ को चूमता हुआ मस्त था। रानी की बुर को वो सहला रहा था तो मैं बोली ” डियर प्लीज अपना लन्ड भी तो दिखा दो ” वो मेरी जांघों को चूमकर चेहरा ऊपर किया फिर मेरे चेहरे के पास आकर बैठा और जांघिया को नीचे खड़का कर लन्ड बाहर किया तो मेरी आंखें उसके लन्ड देख चौंधियां गई, उसे हाथ में लेकर बोली ” वाह तेरा लौड़ा तो उनसे भी मस्त है जरूर इसे बुर की पानी पिला रहा होगा
( वो मेरे चेहरे को सहलाने लगा ) नही डार्लिंग, निशा को नंगा देखा हूं ये भी मालूम है की वो अपने बॉय फ्रेंड के साथ चुदाई कराती है लेकिन मेरी तकदीर कहां की कोई लड़की या औरत मुझे अपना जिस्म दे दे
( मैं उसके लन्ड को हिलाने लगी ) मैं तेरे लन्ड को हर हफ्ता जरूर मौका दूंगी ” फिर मैं उसे लिटाई और उसके कमर के पास बैठकर लन्ड को चूमने लगी तो वो लेटे हुए मेरे बूब्स पकड़ दबाने लगा, लन्ड ७ इंच लंबी होगी तो रंग गेहूंवा साथ ही गोल मांसल सुपाड़ा जिसे मुंह में लिए चूसने लगी तो वो मेरे चूची को दबाता हुआ बोला ” रानी मेरे ऊपर डॉगी स्टाइल में हो जाओ लेकिन मेरे चेहरे के ऊपर चूतड करके लेटना ” मैं समझ गई की दोनो एक दूसरे के योनि को चूमेंगे और चाटेंगे, इसलिए अमर के बदन पर डॉगी स्टाइल में हुई तो मेरी चूतड उसके मुंह के ठीक ऊपर था और उसका चेहरा मेरी जांघों के बीच, मैं मुंह खोल कर लन्ड अन्दर ली फिर चूसना शुरू की तो वो मेरे कमर में हाथ डाले बुर को चाटने लगा, जांघें फैली हुई थी तो बुर का मुहाना मेरा फैला हुआ था जिसमें वो जीभ घुसाए चाटना शुरू किया तो मैं मुंह में लन्ड लिए चेहरा को ऊपर नीचे करते हुए मुखमैथुन का आनंद लेने लगी, उसकी उंगलियां मेरी बुर को फैलाए जीभ से लपलप चाटे जा रहा था तो मैं उसके लन्ड को चूसने में मस्त थी फिर मेरी बुर को छोड़कर वो मेरी गांड़ के दरार को चाटना शुरू किया और मैं उसके लन्ड को मुंह से निकाली फिर जीभ से चाटने लगी, कसम से मेरे हब्बी का लन्ड हो या चंदन का दोनो के लन्ड से काफी लंबा और मोटा फिर मैं उसके बदन पर से उतर गई और वाशरूम चली गई तो फ्रेश होकर डाइनिंग हॉल आई, पेटीकोट लेकर अपने छाती के ऊपर से बांध ली फिर सोफा पर बैठ गई और ड्रिंक्स बनाने लगी तो अमर भी फ्रेश होकर कमर से टॉवल लपेट लिया और मेरे बगल मे बैठकर सिगरेट फूंकने लगा तो दोनो व्हिस्की पीने लगे फिर क्या हुआ, अगले भाग में।

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