Aunty Ke Sath Jabardasti – Dirty Sex Tales

Posted on

बात उस बार की है, जब मेरे माता पिता बाहर मेरी मामी की बेटी की शादी में गए थे। उस दिन मेरे मान में वासना की एक लहर सी उठी थी। मेरे मौहल्ले में एक आंटी रहती थी। वे मेरी मां और मेरा परिवार से ताल्लुक रखती थी। वे कुछ 40 वर्ष की रही होंगी और तो और उनका एक 8 वर्ष का पुत्र भी था जो काफी बड़ी जैसा वैवाहर करता था। वे पूरा रूडी वादी था। शायद उस दिन मेरे मन में कामना की बिजली सी दौड़ उठी थी। मेरे मन के सामने अलग अलग चलचित्र दौड़ रहे थे। मेरी मां ने थोड़ी दिन पहले उन्हें फोन करके घर आने का निमंत्रण दिया था। उन्होंने कहा था जब उनके पास समय होगा तब वह हमारे घर हो आयेंगी। असल में वे काम काजी महिला थी, उनके पति की थोड़े दिन पहले बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी। और अब वह अकेले रहती थी। मैं उनके बारे में ही सोच कर अपना लिंग हिला रहा था और अपने यौन जीवन के मजे ले रहा था। सोच रहा था, कि जब में उन्हें निर्वस्त्र करके उनके लिंग में अपना लिंग डालूंगा, उनके चीखने की आवाज से मेरे लालची मन को कितनी शांति मिलती। मैं पूरा निर्वस्त्र, घर में अकेला अपने जीवन के सुख ले रहा था। तब मेरे दरवाजे पर खट -खटाहट की आवाज आई जब मैने चुपके से झांक कर देखा तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था। बाहर वही आंटी सूट और लेगी में दुपट्टा डालकर किसी कच्ची फूल की तरह इंतजार कर रही थी की कोई दरवाजा खोले। मैंने कपड़े पहने पर मैने अपने अंग वस्त्र पहनना भूल गया और वह सोफे पर ही पड़े रहे। मैंने दरवाजा खोला पर मेरा लिंग बहुत बड़ा हों गया था करीब 11 इंच का, और पता नही आंटी की नजर उस पर ही गई और वह शर्मा गई। मैने आंटी से कहा आइए अंदर आइए, और वह अंदर आ गई। जब वहां उन्होंने मेरे अंग वस्त्र और कंप्यूटर पे चल रही वीडियो देखी जो की सुग्मम नही थी वो देख ली। वो और में थोड़ा शर्मा गए, वह थोड़ा हंसी और वहीं बाजू पर बैठ गईं। मैंने वो सब साफ किया और उनको ग्लास में पानी परोसा। उन्होंने कहा ” मम्मी नही है? ” , मैने कहा ” मेरी बहन की शादी के कार्यक्रम में गईं हैं। उन्होंने कहा ” अच्छा! ” , मैंने कहा ” आपको कोई जरुरी काम था? ” , उन्होंने कहाा नहीीं बस बैैैैठने के लिए आती थी ” । वो जाने लगी मैंने कहा आंटी दो मिनट एक बात कहनी थीं। उन्होंने हस्ते हुए कहा, ” स्वर में कहा हां बोलो क्या बात है ” । मैं उनके बाजू में जाकर बैठा और उनका हाट पकड़ लिया। ये बात उनको थोड़ी अजीब सी लग रही थी। वह थोड़ी डर सी रहीं थीं। मैने उनका हाट अपने हाथ में लेकर कहा, ” आंटी देखो अंकल जो हैं वो इस दुनिया में नहीं हैं। अब वो ही थे जो इस दुनिया में आपको मन चाहा सुख दे सकते थे। अब वो तो नही हैं, और में भी बच्चे से जवान होने की उमर में आ गया हूं, तो मेरा शरीर चीख चीख के वासना को पूरा करनी की मांग कर रही है। ये उमर बड़ी खराब है, न तो शादी के बाद बीवी के अंग से अंग मिलने का मौका मिलता है, और न ही किसी लड़की को निर्वस्त्र करने का। बस अपने हाट से ही काम चलाना पड़ता है। इसमें आप थोड़ी मदद कर देती तो आपके लिए भी अच्छा रहता और मेरे लिए भी। ” ये सुनकर उनको इतना गुस्सा आया और उन्होंने मुझे गाल में एक चपत लगा दी। एक तो शरीर में आग लगी है ऊपर से ये अपनी पतली से सूट से अपने संग प्रदर्शन का खेल दूसरों को दिखा कर लुभा रही थी। मुझे तो बस अब अपने आप को पूरे तरीके से संतुष्ट करना था। मैने होस को दिया। मैने गुस्से में उसके बाल पकड़ लिए और कहा ” साली! जितना तेरेको अच्छे से बात करो उतना बनती है। ” मैं उसे अपने सायंकक्ष में ले गया और पहले उसे लिया दिया। वो डर के मारे पीछे खिसकते जा रही थी, मैने उसकी लेगी पकड़ी और खींच दी। बस वहीं से वारदात शुरू हुई और वो मेरी सामने अपने नीचे के संग वस्त्र अपनी पैंटी में मेरे सामने थी मैने उसका पूरा सूट उतारा, उसने मना तो बहूत किया लेकिन मैने एक न सुनी। उसको पूरे संग वस्त्र में किया और फिर, उसके बाल पकड़ के अपने लिंग को चूमने को बोला उसने मना किया पर मैं नहीं माना मैने एक थप्पड़ गाल पर लगाया और मेरे लिंग पूरा उसके मुंह पर ठूंस दिया वो खराश लेती रही पर में नहीं रुका। मैने उसके संग वस्त्र उतार दिए और वो पूरी निर्वस्त्र थी। अब मुझसे रुका नहीं गया और मैने उसके लिंग में मापने बड़े लिंग जो की अब उसको देख कर 14 इंच का हो चुका था। वो डाल दिया वो रोटी रही और बहुत दर्द में थीं पर में नहीं रुका, बाद में जब मेरी गर्मी थोड़ी शांत हुई मैं उसके अंदर ही अपना सफेद घड़ा वीर्य निकल दिया। उसने कहा ऐसे क्यों किया एक तो मैं विद्या और ऊपर से अब तुम्हारा कलंक मुझ पर लग गया। मैने उसे तुरंत ₹5000 निकल कर दिए और कहा, ” मेरे पापा और मम्मी कल आयेंगे तू चाहे तो अपने बेटे को भी यह बुला ले वो भी थोड़ा मजा कर लेगा। पर में तुझे कल तक ही छोड़ूंगा। ” बस फिर क्या था उसे मैने सुबह तक पेला और जब सुबह हुई तो उसकी आंखें रो रो कर लाल और उसकी लिंग भी लाल हो गई थी जो की मेरे वीर्य से भरी हुई थी। मैने उसको दो महीने तक देखा शायद वो गर्भवती हो गई थी और फिर उसके बाद वो शर्म के कारण यहां से चली गई और फिर कभी शर्म के कारण नहीं दिखी।

This content appeared first on new sex story .com

– Vasna Kunj

“ये एक काल्पनिक कहानी है इसे सही न समझें”

This story Aunty Ke Sath Jabardasti appeared first on dirtysextales.com