मामा और भांजी की प्रेम कहानी : भाग ५

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जिया अपने मामा समर के साथ रात को चुदाई फिर तो थकावट के मारे मैं सोई रही और आखिर में मां मुझे आकर उठाई ” और कितनी देर तक सोएगी पता नही रात को क्या कर रही थी,
मेरी आंखें खुली तो मैं उठकर बैठी ” क्या मां यहां कौन सी क्लास मेरी छूट रही है आराम से सोने तो दे
( मां हंसने लगी ) सुबह के ०९:३० बजे हैं उठ फिर फ्रेश हो ले ” मैं उठी फिर सीधे बाथरूम गई तो मुझे कहीं मामा नही दिखे और मैं फ्रेश होकर चाय पी ली तो मां बोली ” मैं नानी के साथ पास के एक मंदिर जा रही हूं तुम चलोगी या फिर घर पर ही रहोगी
( मैं बोली ) मैं घर पर ही रहूंगी लेकिन अभी तक मामा नही दिखे
( नानी बोली ) वो गांव में ही कहीं होगा थोड़ी देर में आ ही जायेगा ” मैं अपना कपड़ा बैग से निकाली फिर स्नान करने के लिए जाने लगी, बाथरूम के सामने ही एक चापानल था तो वही पर लकड़ी से घेर कर पर्दा डाल उसे स्नानागार बनाया गया था, मैं बरामदे पर बैठी हुई थी की मां नानी के साथ फूल की डाली लिए घर से निकलने लगी और बोली ” स्नान करके नाश्ता कर लेना ” और मेरे नाना जी अखबार पढ़ते हुए पूछे ” तुम्हें घर में अकेले डर तो नही लगेगा
( मैं बोली ) नही डरूंगी क्यों, आप कहीं जा रहे हो ” वो उठकर कुर्ता पहने फिर घर से निकल गए, मैं सोची की जाकर स्नान कर लिया जाए तो फिर सोची की मामा का इंतजार किया जाए, वैसे भी उस स्नान घर में स्नान करने का मजा ही अलग आता आखिर उधर बागान तो कोई देखने वाला नही और खुले में स्नान करने का मौका मिलता ही कहां है। मैं चाय बनाने लगी तभी किसी की आहट सुनाई दी और मैं रसोई घर से निकल बाहर गई तो मामा थे, मुझे झोला थमाए ” इसमें सब्जी है, मां क्या मंदिर गई
( मैं बोली ) हां चाय बना रही हूं फिर मैं स्नान करने जाऊंगी आपकी राह देख रही थी ” मामा मुझे एक नजर गौर से देखे फिर बोले ” हां हां चाय पिलाओ फिर जाकर स्नान कर लो तब तक जरा अखबार पढ़ लूं ” फिर मैं रसोई घर गई और चाय बनाई, लाकर समर को दी फिर उनके पास ही बैठकर चाय पीने लगी, फिलहाल तो मैं नाइटी पहने बैठी थी और ज्योंहि मैं उठी, मामा मुझे कप थमाए और बोले ” जाकर स्नान कर लो तब तक तेरे लिए अंडा की भुजिया बनाता हूं
( मैं हंस दी ) वाह आप तो खाना भी पकाने जानते हैं ” फिर मैं कप रखकर अपना कपड़ा ली और स्नान करने चली गई, वहां का पर्दा खींचकर टॉप्स और स्कर्ट टंगनी पर रखी फिर चापानल चलाते हुए दो बाल्टी पानी भरी, अब मैं वहीं पड़े साबुन को पास में रखी और नाईटी उतारकर नंगी हुई, फर्श पर बैठकर लोटा से पानी बदन पर गिराते हुए शरीर को भिगोने लगी तो मेरी आंखें बंद थी और पूरा जिस्म भींगा हुआ, आंखें खोल साबुन ली फिर अपने चेहरे से गर्दन तक लगाई और ज्योंहि बूब्स पर साबुन रगड़ना शुरू की की मेरा चेहरा दूसरी दिशा में घूमा और मेरा मामा पर्दा को थोड़ा खिसकाकर मुझे नग्न अवस्था में देख रहा था, मैं पल भर के लिए तो झेंप गई लेकिन फिर मामा की ओर देख बोली ” क्या छुप छुपकर देख रहे हो आकर साथ में स्नान ही कर लो ” मामा मेरे जवाब सुनते ही वहां से खिसक गए तो मैं पूरे बदन पर साबुन लगाकर शरीर को रगड़ने लगी और इस फिराक में थी की कहीं मामा आ गया तो थोडा बहुत जिस्म की मालिश उससे करवा लुंगी, वैसे भी मेरे पर वो फिदा था और अब मैं अपने बुर जोकि रात को ही उनके लन्ड का वीर्य पीकर चिपचिपा हो गई थी को साफ करने के लिए उस पर साबुन लगाई फिर उंगलियों से बुर को साफ करने लगी इतने में समर एक तौलिया लपेटे वहां पहुंचा और मैं उठकर खड़ी हो गई तो उसकी नजर मेरी बुर पर थी, मैं जांघो को सटाए बुर छुपाने लगी और उसके नग्न चौड़ी छाती को सहलाते हुए तोलिया को कमर से खींच डाली फिर उसके लन्ड देख खिलखिलाकर हंस पड़ी ” ओह मामा तू भी नंगा और मैं भी क्या यहीं पर फिर से ” और मैं उससे लिपट कर उसके बदन सहलाने लगी तो उसका हाथ मेरे चूतड पर था, जिया का नंगा जिस्म साबुन के झाग में लिपटा हुआ था तो मैं उससे लिपटकर उसके गाल चूमने लगी और समर मेरे चूतड को सहलाते हुए पीछे की ओर से ही बुर में एक उंगली घुसा दिए, अब दोनो एक दूसरे के चेहरे को चूम रहे थे तो मैं अपनी चुचियों को उसकी छाती से रगड़ रही थी, ज्योंहि ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन दिया मैं उसके मुंह में ही ओंठ घुसाई फिर क्या था, समर मेरे ओंठ चूसते हुए बुर में उंगली करने लगे और जिया तो कामना की देवी थी जोकि लड़कों और मर्दों के संग सेक्स काफी रुचि से करती थी, मामा ज्योंहि मेरे ओंठ को मुंह से निकाल दिए मैं झट से उनके मुंह में अपनी जीभ घुसाई फिर तो मामा जीभ चूसने में मस्त हो गए। जिया उनसे लिपटे हुए जीभ चुस्वाने में लीन थी तो वो मेरी बुर में उंगली करने में मस्त था और उसका लन्ड मेरी जांघो के बीच था और कुछ देर बाद वो जीभ छोड़ कर मुझसे दूर खड़े हुए, मैं बोली ” तुमको स्नान करवा दूं या तुम खुद करोगे
( वो थोड़ा झुका और तन पर पानी डालने लगा तो मैं उसके लन्ड को पकड़ घुटनों के बल बैठ गई ) अब तो तेरा लन्ड चबाकर खा जाऊंगी फिर तू अंडा की भुजिया तलते रहना ” और समर खड़े खड़े अपने बदन को पानी से भिगोया फिर साबुन मुझसे लेकर अपने बदन पर लगाने लगा तो मैं उसके लन्ड मुंह में लिए चूसने लगी और चेहरा हिलाते हुए मुखमैथुन करते हुए मस्त होने लगी, समर अब साबुन फर्श पर गिराया फिर मेरे बाल को कसकर पकड़े मुंह में लन्ड का धक्का देने लगा। जिया घुटनों के बल बैठी हुई थी तो उसका जिस्म साबुन के झाग में लिपटा हुआ और मामा मेरे मुंह में लन्ड का धक्का देते हुए मजा दे रहे थे, मैं भींगे जिस्म के कारण रह रहकर थरथ्रा रही थी लेकिन मुखचुदाई कराते हुए काम की ज्वाला में जल भी रही थी तभी मामा मुंह से लन्ड बाहर किए फिर मैं खड़ी हो गई और उनके बदन पर हाथ फेरते हुए बोली ” जो करना है जल्दी करो कहीं इस बीच मां मंदिर से आ गई तो
( समर मेरी बूब्स दबाने लगा ) अभी आने में एक घंटा है ” और दोनो फर्श पर बैठ स्नान करने लगे, मैं पैर के बल बैठी हुई थी तो समर मेरी बुर में उंगली करने लगा और मैं उसके लन्ड को पकड़ हिलाते हुए स्नान कर रही थी, दोनो एक एक हाथ से पानी लिए स्नान कर रहे थे तो दूसरे हाथ से एक दूसरे की योनि को कुरेदने में या हिलाने में लगे हुए थे, एक साथ स्नान करने में आनंद आ रहा था। दोनो का बदन अब साफ था तो मैं समर का हाथ पकड़ बुर से उंगली निकाल दी और उठना चाही तो वो मेरी कमर में हाथ डाले मुझे अपनी मोटी जांघो पर बिठा लिए तो मैं उनके कंधे में बांह डाले ओंठ चूम ली ” क्यों समर अंडा भुजिया नही खाने दोगे
( वो मेरे बूब्स पकड़ बोला ) जरा दूध पी लूं फिर खाना ” और मामा के जांघ पर चूतड रखे बैठी थी की वो थोड़ा सर झुकाए तो मैं थोड़ा चूतड को ऊपर की और फिर मेरी बाईं चूची मुंह में लिए वो चूसने लगे तो मैं उनके गाल चूमने लगी तो समर चूची को चूसता हुआ मेरे पीठ सहला रहा था, एक तो नंगा बदन साथ ही खुले स्थान पर स्नान और अब गर्म जवानी की उफान कहिए तो मामा मेरे जिस्म का दीवाना हो चुका था और मैं अब उनके चेहरे को पीछे धकेल चूची को मुंह से निकाली और उठकर बदन को टॉवेल से पोंछने लगी तो मामा बोला ” क्या बेबी बीच में ही मुड़ किरकिरा कर दी
( मैं झट से स्कर्ट टॉप्स पहन ली भले ही ब्रा और पेंटी नहीं पहनी थी ) समर मुझे थोड़ी ठंड लग रही थी बाकी घर के अंदर भी तो नाश्ता करके दूध पिला सकती हूं ” दोनो बरामदे पर आए फिर मैं रशोई घर घुसी और दो प्लेट में ब्रेड और अंडा का भुजिया ले आए, मामा को एक प्लेट दी फिर दोनो बैठकर खाने लगें तो समर पूछा ” तू कितने दिनों से मजे ले रही है
( मैं हंस दी ) क्या समर तुम भी ना, रात को दरअसल व्हिस्की चढ़ गई थी और इसलिए अनाप शनाप बोले जा रही थी कल रात ही आपने वो किया जो आज तक किसी ने नहीं किया था
( मामा बोले ) तू जवान है साथ ही देखने में सुंदर, शादी के लिए लड़के तेरे पापा ढूंढ रहे हैं की नही
( मैं हंस दी ) मेरे समझ से नही लेकिन फिलहाल शादी का मुड़ भी नही है ” समर प्लेट मेरे हाथ से लिया फिर किचन की ओर चला गया, मैं स्कर्ट तो पहनी थी लेकिन अंदर पेंटी नही था, चाहती थी की योनि को स्वच्छ हवा मिले और समर उधर से आकर मेरे बगल में बैठा ” चलोगी गोदाम की ओर
( मैं शरमा गई ) मामा दिन में नही रात की लहर तो गई नही है और आप फिर से, मेरे समझ से आज की रात आप दीदी को ले ही लें ” समर झेंप गया ” उहूँ मुझे तेरी जैसी जवान चाहिए ना की तेरी मॉम की तरह बूढ़ी, चालीस साल की उम्र साथ ही सब कुछ ढीलाढाला उसपर से चोरी पकड़ी गई तो
( मैं समर के कंधे में हाथ डालकर गाल चूम ली ) ओह मतलब की मैं चालीस साल की जब होऊंगी तब आप मेरी ओर नजर नहीं डालोगे ” समर कुछ बोलने की बजाय मेरे चूची को पकड़ दबाने लगा, मैं उनके लुंगी के ऊपर से ही लन्ड के उभार को पकड़ दबाने लगी, उनका कड़ा हाथ मेरी चूची को दबाए जा रहा था तो मैं अब उनके लुंगी की गांठ खोल दी फिर क्या था, धीरे से लुंगी नीचे कर उनके ८ इंच लंबे और ढाई इंच मोटे लन्ड को पकड़ सहलाने लगी ” मामू सिर्फ संभोग ही सेक्स नहीं और भी तरीके से मजे ले सकते हैं ” फिर तो समर मुझे गोद में लिए रूम घुसा फिर बेड पर लिटाया तो मेरा स्कर्ट ऊपर की ओर आ गया, जब तक उसको निचे करती समर का ध्यान मेरी बुर पर पड़ चुका था और वो मेरा हाथ हटाते हुए स्कर्ट को कमर तक कर दिया ” जिस पर ध्यान नहीं देना चाहता हूं वही तुम बार बार दिखा देती हो ” मैं क्या बोलती, चुपचाप लेटी रही फिर समर मेरे कमर के पास बैठकर बुर को सहलाने लगा, बोला ” उधर से तकिया देना
( मैं तकिया दे दी ) क्या समर दिन में ही शुरू हो गए, इस बीच वो लोग आ गईं तो समझना ” फिलहाल तो जांघों को फैलाए मैं लेटी रही और समर मेरी बुर पर ओंठ रख चुम्बन देने लगा, थोड़ा बहुत गर्म तो उसके साथ स्नान करते हुए हो ही गई थी और अब उसके ओंठ का प्यार पाकर बुर खुजलाने लगा। मामा आगे क्या किया…. to be continued.

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