मामा और भांजी की प्रेम कहानी : भाग २

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जिया अपने नानी घर में थी तो मुझ पर मेरे छोटे मामा समर की ही नजर पड़ गई, बेचारे कुंवारे थे तो मैं अपनी मां के साथ वहां कुछ दिनो के लिए गई थी और उन्होंने मेरे बुर को बाथरूम में नंगा क्या देखा मुझसे ही गंदी हरकतें करने लगे लेकिन जिया मामा के दिमाग में चल रही बातों से अवगत थी इसलिए उनके साथ आम के बगीचे की ओर आई फिर तो वही होना था जो दोनो की इच्छा थी, मेरी बुर से रस निकलते ही वो अब उठे और बोले ” तुम लेटी रहो मैं तुरंत आता हूं
( मैं उठकर बैठी ) लेकिन अकेले मुझे छोड़कर कहां जा रहे हैं ” वो बिना कुछ बोले, पैजामा और बनियान पहने फिर निकल गए और मैं उस गोदाम में नंगी घूमने लगी, कुछ देर के बाद मामा समर आए फिर दरवाजा बंद करके धीमे स्वर में बोलने लगे ” जिया तुम किधर हो
( मैं तो जानबूझकर अनाज की बोरी के पीछे छिपी हुई थी, चुप रही और वो परेशान थे ) ओह जिया तुम प्लीज इधर आओ ” फिर मैं उनको पीछे की ओर से आकर पकड़ ली, मेरा हाथ उनके पैजामा के नाडा पर गया तो अपनी गोल और मुलायम चुचियों को उनके पीठ पर रगड़ने लगी, पैजामा का नाडा खुलते ही वो नंगे हो गए तो मैं झट से उनकी ओर होकर लन्ड थाम ली और वो मेरे चेहरे को चूमने लगे ” बहुत तड़पा रही है जान
( मैं उनके लन्ड को हिलाने लगी ) मामा दूध पीकर घर चलो फिर आगे क्या करना है सोचूंगी ” तो समर मुझे गोद में लेकर चौकी पर लिटाया फिर मेरे ऊपर सवार होकर चूची को मुंह में ले लिया, मेरी चूचियां उतनी भी बड़ी नही थी की मामा के मुंह में पूरी तरह से घुस ना सके और वो तो चूची चूसने में मस्त थे, उनका मोटा लंबा लन्ड जांघो के बीच ठोकर मार रहा था लेकिन बिना गर्भ निरोधक दवाई या कंडोम का इस्तेमाल किए संभोग क्रिया करना खतरे से खाली नहीं था, उन्हें छाती से लगाए स्तनपान करा रही थी और बुर की खुजली से परेशान होकर सिसकने लगी ” ओह उह अब छोड़ो डियर प्लीज ” तो समर चूची को चूस चूसकर लाल कर दिया फिर दूसरी चूची को मुंह में लिए चूसने लगा तो मैं सोची की समर का लन्ड मुंह में लेकर वीर्यपात करा दूंगी और उनके पीठ को सहलाते हुए चूची चुसवाने का आनंद लेने लगी की बुर का मुहाना पूरी तरह से फैलकर लन्ड के लिए तड़पने लगा, मैं सिसकियां भरने लगी ” अरे निखट्टू छोड़ चूची को लौड़ा चूस दूंगी तो तेरा मन प्रसन्न हो जाएगा
( वो चूची मुंह से निकाला ) लेकिन जिया बुर चोदने नही देगी
( मैं चेहरा फेरते हुए बोली ) दूंगी लेकिन रात को वो भी एक दवाई लाकर दोगे तब ” और मैं उसको लेटने को बोली फिर उसका मूसल लन्ड पकड़े चूमने लगी, सुपाड़ा को नाक से लगाए सूंघने लगी तो समर पूछा ” तुम आज तक चुदवाने का मजा नही ली हो
( मैं बोली ) उहुँ सिर्फ आर्टिफिसिल पेनिस से ही मजा ली हूं ” और पूरा मुंह खोलकर उसके आधा से अधिक लन्ड को निगल गई, फिर मुखमैथुन का मजा ले रही थी, समर का लन्ड मोटा और लोहे की तरह कड़ा था जिसे चूसने में मज़ा आ रहा था तो मेरी बुर रानी चुदाई को तरस रही थी और फिर समर मेरे बाल पकड़े चूतड को ऊपर नीचे करते हुए मुख चुदाई करने लगा, मैं अधिक देर बर्दास्त नही कर सकी फिर लन्ड को मुंह से निकाल बोली ” अब हाथ से हिलाकर रस गिरा दूं
( समर बोला ) क्यों चूसने का मन नहीं कर रहा, चूस फिर रात को तेरी चुदाई करूंगा ”
जिया अब समर को लिटाई फिर कमर के पास बैठकर लन्ड पकड़ी, साला का लन्ड पूरी तरह से टाईट था और मेरी जैसी चुदासी लौंडिया इसको मुंह में लेने से कैसे बाज आती, अब मैं लन्ड का सुपाड़ा मुंह में लिए चूसने लगी तो हाथ उनके कमर पर था और धीरे धीरे चेहरा को निचे किए आधा से अधिक लन्ड मुंह में भर ली फिर चूसने लगी लेकिन चेहरा को स्थिर रखे हुए थी ताकि साले का लन्ड जल्द झड़ जाए और कुछ देर चूसी थी की समर मेरे सर पर हाथ फेरने लगा फिर मेरी लंबी जुल्फों को कसकर पकड़ा और कमर ऊपर नीचे करते हुए मुंह को चोदने लगा, मैं तो मस्ती में झूम रही थी की वो सिसकने लगे ” ओह बेबी तुम तो कमाल की छोकरी है, इस कदर लन्ड तो ब्लू फिल्म में चूसते देखा लेकिन तू तो सही में ” और जैसे ही मेरे मुंह से लार टपकने लगा मैं उसके लन्ड मुंह से निकाल दी, अब उसे पकड़कर हिलाना शुरू की तो समर भी उठकर बैठ गया और मेरी चूंची को दबाते हुए बोला ” मेरी भांजी बीयर या दारू लेती है क्या
( मैं लन्ड हिलाते हुए उनके गाल चूम ली ) जब लन्ड को मुंह में ले रही हूं तो दारू में क्या दिक्कत, आज रात दारू पिला दो तो बुर चुदवा ही लूं ” और फिर उसके छाती को सहलाते हुए ओंठ चूमने लगी और समर ” उह उई आज रात बहन को नींद की गोली देकर सुला दूंगा और तुझे चोदूंगा
( मैं अब लन्ड के सामने झुकी ) ओह चुदाई के लिए इतने बेताब हो ” फिर मुंह में लन्ड भरकर चूसने लगी लेकिन चेहरा हिलाते हुए मुखमैथुन का आनंद ले रही थी और मामा मेरे स्तन को दबाते हुए मस्त थे, मजा तो आ रहा था लेकिन साले का लन्ड मुंह में ही खल्लास करके चूसना छोड़ूंगी, मामा का लौड़ा मुंह में फूलकर कुप्पा हो चुका था और मैं क्या मेरी मां की बुर चोदकर भी रुला देता और अनायास मुझे मुंह में वीर्य का स्वाद मिला जिसे प्री कम कहते हैं तो मैं और तेजी से लन्ड चूसने लगी फिर तो उसके लन्ड से वीर्य का फव्वारा ही मुंह मे निकल पड़ा और मैं रस पी गई, मुंह साले के लन्ड से चिपचिपा हो गया तो लन्ड निकाल बाल्टी से पानी ली फिर कुल्ला करके मुंह धो ली, थकावट तो थी ही लेकिन मेरे चंचल मन में कुछ ख्याल आया और मैं अपना कपड़ा पहनते हुए मामा को बोली ” समर आज रात अपनी बहन को नींद की दवाई खिलाकर चोद ही दो
( वो अपना कपड़ा पहन रहा था ) लेकिन जिया वो मेरी बहन है
( मैं बोली ) अच्छा तो बहन को छूट और भांजी को लूट, मामा नींद की दवाई खिलाकर बुर देखना फिर सोचा जाएगा ” और दोनो गोदाम से निकल गए तो समर पूछा ” रात के लिए व्हिस्की और दवाई चाहिए क्यों ” फिर दोनो घर पहुंचे तो मां मुझे देख पूछी ” गोदाम कैसा था बेटी
( मैं बोली ) लंबा और मोटा नही नही चौड़ी है, क्यों आपको भी देखना है ” और फिर मैं जाकर रूम में आराम करने लगी

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