मां और बेटी दोनों को रिझाया : भाग २०

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फ्रेंड्स
राहुल परमजीत रंधावा की बुर चूदाई कर शांत बैठा हुआ था तो वो वाशरूम फ्रेश होने गई थी, मैं एक पैक बनाया और फिर सिगरेट सुलगाए वाईन का मजा लेने लगा तो परमजीत वाशरूम से एक ड्रेस पहने निकली जोकि उनके तन की खूबसूरती बढ़ा रहा था ” ड्रेस क्या वहीं रखी थीं
( वो बोली ) हां किधर क्या रह जाता है पता नहीं बोलो अब किस पोजिशन में
( मैं ) आप बेड पर जाइए मैं अभी आया ” फिर मैं ड्रिंक्स खत्म करके बेड पर गया और उसके जांघो को सहलाने लगा ” अपने घुटने और कोहनी के बल होकर मजा लीजिए ” वो डॉगी स्टाइल में हुई तो मैं प्लेट में आइस क्रीम रखे हुआ था, अब उसके गांड़ के दरार में उंगली से आइस क्रीम लगाने लगा तो जीभ से चूत चाटने लगा फिर उसकी गुदाज गांड़ मे आइस क्रीम लगाया और छिद्र को फैलाए जीभ से चाटने लगा तो बुर में उंगली डाल रगड़ रहा था, वैसे भी वो एक बार रज स्खलित कर चुकी थी तो जीभ गांड़ से निकाल अब लन्ड पकड़े गांड़ मे घुसाया तो डिंपल चेहरा पीछे करते हुए बोली ” लगता है गांड़ चोदने की इच्छा है
( मैं गांड़ मे लन्ड धंसाया ) काश दो लन्ड होता एक साथ दोनो छिद्र की चूदाई कर देता ” तो उसकी चिकनी गांड़ मे लन्ड खसखसाता हुआ अंदर चला गया और मैं अब उसकी गोल नितम्ब को दे दनादन चोदता हुआ मस्त था, वो साली गाँडू किस्म की औरत थी तो अपने कमर को आगे पीछे करते हुए गांड़ चूदाई का आनंद ले रही थी, मैं उसे
पहले ही चार पांच मिनट तक चोदा था और अब गांड़ की गर्मी में मेरा लन्ड झुलस रहा था तो वो सिसकने लगी ” उह ओह तुम बिना क्रीम लगाएं मेरे गांड़ की हवा निकाल रहे हो ” मैं खुद ही लन्ड बाहर किया फिर उसकी जांघों को पूरी तरह से फैलाकर बुर में जीभ डालने लगा, वो पीछे देखते हुए बोली ” अपनी मां की बुर सिर्फ चाटेगा ही चोदने की ताकत लन्ड में नहीं है क्या
( मैं जीभ निकाल लन्ड को एक ही सांस में अंदर पेल दिया ) अरे मेरी मां यदि तुझे अपने बेटे के लन्ड से मजा नही आता तो तुम कभी मुझसे चूदाई का मजा लेती ” और मेरा पूरा लन्ड उसकी चूत में घुस रहा था तो परमजीत अपनी चूतड को स्प्रिंग की तरह हिलाते हुए मस्त थी और मेरा हाथ उसके सीने से झूलते चूची पर था जिसको पुचकारते हुए चोदे जा रहा था और डिंपल मस्त होते हुए आहें भर रही थी ” उह आह राहुल और तेज तेजी से चोद ना, मेरी बुर आग की भट्टी हो चुकी है
( मैं चोदता हुआ बोला ) तो कुछ देर टांगें चिहारे लेट जाओ फिर बुर की पूजा करता हूं ”
डिंपल लेट गई फिर उसकी जांघों को फैलाकर चूत पर मुंह लगाया और चुम्बन देने लगा साथ ही उसकी जांघों को पकड़ रखा था, उसकी चूत की मोटी मोटी फांकें चूमने लगा फिर वो खुद ही चूत को फैलाई तो जीभ घुसाए चाटता हुआ पेट सहलाने लगा, मेरा लन्ड कुछ देर बाद रस छोड़ देता इसलिए उसकी बुर को चाटने में लगा रहा, एक उंगली से रगड़ता हुआ उनको कामुक कर रहा था तो परमजीत ” अब चोद ना राहुल मेरी बुर खुजली से मरे जा रही है ” मैं जीभ निकाल घुटने के बल हुआ फिर पूरा लन्ड उसकी चूत में डालकर चोदने लगा तो मेरी कमर पुरजोर गति से आगे पीछे हो रही थी, तभी डिंपल के बदन पर सवार हुए उनके गाल चूमने लगा तो वो मेरे कमर को पकड़ चूतड उछलने लगी ” उह आह ओह मजा आ रहा है तेरा लौड़ा मेरी बुर को मस्त कर देता है ” मैं गपागप लन्ड पेलता हुआ हांफने लगा तो वो मेरे बदन को बाहों के घेरे में किए चूतड उछाल उछालकर मस्त थी, ओंठ चूमते हुए बोली ” दो चार मिनट ऐसे ही चोदोगे ना तो फिर से चूत रसीली हो जाएगी ” मैं उसकी ढीली चूत में कभी सीधे तो कभी तिरछा धक्का देता हुआ उसके चिकने बदन का मजा ले रहा था, भले ही ४० – ४१ साल की औरत हो लेकिन कामुकता से भरी पड़ी थी, मैं उनके ओंठ को चूमने लगा तो वो चूतड स्थिर की, मेरा धक्का थोड़ा धीमा हो गया और फिर मेरे लन्ड से वीर्य पात हुआ तो परमजीत मेरे कमर को पकड़े चूतड उछलने लगी और उसकी बुर से भी रस निकल पड़ा, दोनो सुस्त और बेड पर निढाल पड़े हुए थे, कुछ देर बाद दोनो उठे और फ्रेश हुए, आगे रात बाकी बात बाकी, अगले भाग में।

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