जिस्म की गर्मी : भाग-3

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फ्रेंड्स
मैं अब अंबाला से दानापुर शिफ्ट होने वाली थी तो मूवर्स एंड पैकर्स वाले सारे सामान को पैक करते, पहले दिन किचन और डाइनिंग हॉल का सामान पैक हुआ तो याकूब से चुदाई का आनंद लेकर मजा आया, अगले सुबह पति ऑफिस के लिए निकले फिर मैं नाईट गाऊन में ही बैठकर कॉफी पीते हुए उन लोगों के आने का इंतजार करने लगी। सुबह के १०:३० बजे डोर बेल बजा तो मैं उठकर दरवाजा खोली, सामने एक लड़का जोकि २५ साल के आसपास का होगा खड़ा था, मैं पूछी ” बोलो क्या बात है
( वो मेरी छाती की ओर देखते हुए बोला ), जी सामान पैक करने आया हूं
( मैं ) ओह आज याकूब नही आया ” फिर वो डाइनिंग हॉल में आकर अपना एक छोटा सा बैग रखा और बोला ” आज टी वी, फ्रीज पैक करूंगा, कोई दिक्कत मैडम
( मैं सोफा पर बैठी ) हां दिक्कत तो है कल किसी और को भेजा और आज किसी और को
( वो ) दरअसल सबका अपना एरिया है, मेरा नाम मोंटी है
( मैं ) ठीक है तुम टी वी खोलो तब तक मैं फ्रीज से सामान हटाती हूं ” और वो अपने काम में लग गया तो मैं फ्रीज से दूध और कुछ बचे सामान निकाल कर डाइनिंग हॉल में रखी, वो टी वी और उसका केबल खोलने में ब्यस्त था तो उसके पास पहुंची लेकिन नाईट गाऊन की डोरी थोड़ी ढीली कर दी ताकि मेरे बूब्स के कुछ हिस्से उसे देखने को मिले ” तुम क्या अकेले ही काम करोगे
( वो मुड़ा और मेरी बूब्स की गोलाई पर गिद्ध की तरह नजर दिया ) जी दो घंटे में सब काम कर दूंगा फिर बेड कल खोलूंगा, नही तो आपको सोने में दिक्कत होगी
( मैं मुस्कुराई ) तुम एक बेड आज ही खोल दो वैसे भी मैं पति के साथ एक ही दीवान पर सोती हूं ” वो ५’८ इंच लंबा और सांवला रंग का था, मैं अब उसके पास से हटी फिर अपने बेड रूम जाकर फटाफट गाउन उतार फैंकी और नंगे ही डाइनिंग हॉल की ओर निकली, वो काम में लीन था लेकिन उसकी नजर मुझ पर जैसे ही पड़ी वो मानो तड़प उठा और मेरे नग्न खूबसूरत जिस्म को निहारने लगा, मैं काम की मूर्त की तरह खड़ी थी ” क्या सिर्फ देखते ही रहोगे या
( वो मेरी ओर आया ) वाह मैडम अब काम बाद में पहले आपको देखूं ” मैं अपने एक पैर उठाकर सोफा पर रख दी तो मेरी जांघें फैली हुई थी, खुद से बुर को फलकाने लगी ” कल याकूब ने इसकी जुताई की थी और आज तेरी बारी है, इधर आओ ” वो आया तो मैं उसके शर्ट को खोलने लगी और वो फट से पेंट उतार दिया, अब जांघिया और बनियान उतारा तो उसके लंबे लेकिन एक इंच मोटे लन्ड को देख बोली ” तुम्हारा औजार तो छोटा है
( वो हाथ मेरी चूची पर लगाकर दबाने लगा ) कसम से इतनी देर तक ये औजार आपको मजा देगा की आप याकूब को भूल जाएंगी ” और वो बेशर्म औरत के सामने घुटने के बल होकर बुर को सहलाने लगा फिर मेरी जांघों पर चुम्बन देते हुए मेरी बुर को चूमा और मैं जांघें फैलाए खड़ी थी, अब वो बुर को फैलाया और जीभ घुसाकर चाटने लगा, किस्मत वाली औरत की बुर मर्द चाटते हैं तो मोंटी बुर में पूरा जीभ घुसाए चाटने लगा साथ ही मेरे चूतड को सहला रहा था, मेरी नजर उसके लन्ड पर थी जोकि फुंफकारने लगी थी, ये साला टिकने वाला नहीं है ना गाल चूमा और ना ही चूची चूसा सीधे बुर ही चाटने लगा, मैं उसके सर के पीछे हाथ लगाई और मेरे पैर में कंपन भी हो रही थी ” उह ओह मोंटी पहले मेरे चेहरे से चुचियों तक को प्यार करो ना ” वो बुर से जीभ निकाला फिर मेरे सामने खड़ा होकर मेरे गर्दन के पीछे हाथ लगाया और गाल चूमने लगा तो मैं उसके पीठ को सहलाते हुए उसके छाती से बूब्स दबाने लगी और उसके चेहरे से ओंठ तक को चूमकर उससे लिपट गई तो मोंटी सरदार अपने ओंठ मेरे ओंठ पर रखा और चुम्बन दिया की मैं उसके मुंह में जीभ घुसा दी, वो काम कला में मेरे सामने बच्चा था तो जीभ चूसते हुए उसने मेरी चूतड के दरार में उंगली घुमाने लगा और मैं उसके मूसल लन्ड के ठोकर का एहसास बुर पर पा रही थी, बिल्कुल ही काम की दुनिया में उसके संग खो चुकी थी दीपा की आंखें बंद थी तो उसके मुंह में जीभ घुसाए अब बुर की खुजली से परेशान थी और तभी मोंटी गांड़ की ओर से मेरी बुर में उंगली घुसाया और मैं उसके मुख से जीभ निकाल उसके कंधे पर सर रख बोली ” , तुम पहली दफे चोदोगे क्या
( वो बुर में उंगली रगड़ने लगा ) मैडम आप निश्चिंत रहिए आपको जमकर पेलूंगा ” और दोनो नंगे ही बेड पर आ गए। मोंटी लेटा तो मैं वाशरूम जाकर पहले तो मूतने लगी फिर हाथ मुंह धोकर आई, उसका लन्ड लंबा लेकिन पतला था, सीधे उसके कमर के पास बैठी और लन्ड का चमड़ा नीचे करके अपना चेहरा झुकाई, अब उसके ब्राउन रंग के सुपाड़ा को नाक से लगाकर सूंघने लगी फिर सुपाड़ा को अपने चेहरे पर रगड़ रही थी की मोंटी अपना हाथ बढ़ाकर मेरी चूची मसलने लगा, और मैं उसके लन्ड को झट से मुंह में लिए चूसने लगा, सर स्थिर कर मर्द का लौड़ा चूसना मेरी शौख थी तो वो मेरी ३६ सी साइज की बूब्स को दबाए जा रहा था ” उह ओह अब मुख मैथुन तो कर साली ” मैं कुछ पल बाद लन्ड मुंह से निकाली और उसके बदन पर डॉगी स्टाइल में हो गई लेकिन मेरा चेहरा उसके मुंह के ऊपर था तो मेरा मुंह उसके लन्ड के ऊपर, मेरे फैले हुए जांघों के बीच उसका चेहरा था तो मैं उसके लन्ड को जीभ से चाटते हुए जांघ सहला रही थी और मोंटी मेरी कमर पकड़े चेहरा ऊपर किए बुर में जीभ घुसा रहा था ऐसा एहसास मुझे हो रहा था, वैसे भी बुर रस छोड़ने को थी और मैं उसके लन्ड चाटी फिर मुंह खोलकर लन्ड गटक गई, चेहरा को ऊपर नीचे करके मुख मैथुन का आनंद ले रही थी की मोंटी जीभ से बुर चाटना छोड़ दिया और मैं दूसरी दुनिया की सैर कर रही थी, उसका लन्ड मेरी मुंह में अकड़ चुका था लेकिन बुर तो खुजली से परेशान थी, अचानक से वो अपनी उंगली बुर में किए रगड़ने लगा और मैं लन्ड मुंह से निकाल सिसकने लगी ” उह ओह बुर चूस साले मेरी बुर का रस पी ले ” और वो बुर से रस निकलते ही जीभ से बुर चाटने लगा, मैं उसके बदन पर से हटी और पूछी ” दारू पियेगा
( वो बोला ) पहले एक राउंड चोद दूं फिर ” और वो मुझे लिटाकर जांघो के बीच बैठा, रस बुर में गिराए या बाहर चुदवाते वक्त मुझे कभी ध्यान नहीं रहता और उसकी लन्ड मेरी बुर में दाखिल होकर चोदने लगी, मोंटी मेरी जांघों को पकड़े पैर को अपने कंधे पर रखा था और मैं उससे चुदवाते हुए चूतड ऊपर नीचे करने लगी और वो मेरे जांघों को छोड़ मेरे ऊपर ही लेटकर चोद रहा था, मैं उसको बाहों में जकड़े चूतड उछाल उछाल कर चुदाने लगी तो मोंटी मेरे चेहरे को चूमता हुआ बुला ” दीपा रानी तुम तो कमाल की औरत हो
( मैं चूतड उछालते हुए बोली ) एक रण्डी हूं खुद ही मर्दों के सामने नंगी हो कर चुदवाते हुए काम की तड़प कम करती हूं ” और वो मेरे बुर में जमकर लन्ड पेले जा रहा था, मैं चूतड स्थिर की तो वो मेरे बदन पर से उठा फिर वाशरूम चला गया, अभी चुदवाने की क्रिया जारी है… to be continued.

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