काजल और रेखा साथ में

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बहुत दिन हो गए थे और मेरा सेक्स का बहुत मन हो रहा था, मैं अपने ऑफिस में था, इतने में रेखा वहां आ गई, वो मेरे सामने आकर बैठ गई, उसने नीली रंग की कमीज और काले रंग की स्कर्ट पहन रखी थी ” साहिल आपको एक चीज़ दिखाऊं? ” मैं कुछ काम कर रहा था ” हाँ दिखाओ ” , वो खड़ी हुई और उसने अपनी स्कर्ट उठा दी, उसने नीचे कुछ नहीं पहना था और बाल साफ़ करके आई थी ” , मेरा लण्ड उछल पड़ा ” नीचे कर, क्या कर रही है? कोई भी आ सकता है! ” वो मेरे पास आई ” कैसी लग रही हूँ मैं? ” , मेरा लण्ड खड़ा होने लग रहा था ” हाँ बहुत अच्छी लग रही है, अब जा यहाँ से ” , वो खड़ी रही ” साहिल मेरा बहुत मन हो रहा है! ” , मन तो मेरा भी हो रहा था, पर मैंने अपने आप को रोका ” रेखा तेरी माँ ने मना किया है, जानती है ना? ” , वो मन बना के आई थी ” मुझे नहीं पता, आप मुझे प्यार करो ” , मैंने उसे फिर समझाया ” रेखा बता कहाँ करेंगे, रानी ने देख लिया तो मेरे लिए दिक्कत हो जाएगी ” , वो मेरे पास आई इतने दिनों से आप यहाँ हो, आपको कोई जगहा नहीं पता? ” , तभी मेरे ध्यान आया, जहाँ काजल मुझे ले गई थी, चार बज रहे थे, अमीने उसे भेझा ” जा काजल को बुला कर ला ” , वो गई और थोड़ी देर में काजल को लेकर आई ” जी बाबू आपने बुलाया? ” , मैंने काजल को समझाया ” काजल तू इस घुमा ला वहीं जहाँ तू और मैं गए थे! ” , काजल मुस्कुराने लगी ” बाबू मुझे क्या मिलेगा? ” , मुझे पता था वो क्या चाह रही थी ” वही जो इसे मिलेगा ” वो तैयार हो गई ” बाबू बस मैं फटफटा फट नहा के आती हूँ ” वो रेखा को लेकर चली गई, मैं भी अपने कमरे में गया और दो कंडोम जेब में रख लिए ” मैं कमरे से बाहर आ ही रहा था की सामने से रानी आ गई ” साहिल, काजल और रेखा ज़रा जा रही है, तुम भी चले जाओ उनके साथ ” मैंने बहाना मारा पर फिर मान गया, हम तीन चल दिए और दस मिनट बाद, हम उस जगहा पर पहुंचे, रेखा जगहा देख मदमस्त हो गई ” कितनी सुन्दर जगहा है, कितनी शान्ति है यहाँ ” , काजल मेरे साथ आकर बैठ गई, और मैंने उसका दुपट्टा खींच लिया और ऊपर से उसकी कमीज में हाथ डाल दिया और अपनी ज़िप खोल के लण्ड उसे पकड़ा दिया ” काजल खड़ा कर इसे, आज रेखा का बड़ा मन हो रहा है ” , वो हसने लगी ” बाबू जिसका मन है वही खड़ा करे, मैंने किया तो मैं ही करुँगी ” , रेखा भी हमारे पास आ गई मैंने उसे पास बुलाया ” चल रेखा कपड़े उतार ” वो इधर उधर देखने लगी ” यहाँ कोई आ गया तो? ” , काजल ” यहाँ तू नंगी घूमेगी तो भी किसी को पता नहीं चलेगा, पिछली बार मई और बाबू यहाँ आए थे बहुत मज़ा आया था ” , रेखा घबरा रही थी, मैं काजल को उकसाया ” काजल चल तू उतार, ये तो नखरे ज्यादा कर रही है ” , काजल उठी और उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए और मेरे पास आकर लेट गई ” बाबू आप भी उतारो और जल्दी करो शाम हो रही है ” , मैंने भी जल्दी से कपडे उतारे और काजल के पास आकर लेट गया और उसके मुम्मो को सहलाने लगा, रेखा पास में बैठ गई ” आप दोनों को डर नहीं लग रहा?, कोई गया तो? ” , काजल मेरी पीठ पे हाथ फेर रही थी ” यहाँ कोई आया तो तेरी माँ ही आएगी और कोई नहीं ” , काजल गरम हो रही थी, मैंने कंडोम लगा लिया और काजल के ऊपर चढ़ गया, काजल में मेरा लण्ड अपनी छूट पे लगा दिया, और मैं अन्दर डाल दिया, वो आह भरने लगी ” अह्ह्ह्ह बाबू इस पर जो दाने से बने है रगड़ खा रहे है ” , मैं उसे धीरे धीरे चोदने लगा, रेखा हम्हे देख कर बेचैन हो रही थी, थोड़ी देर में मैं काजल को घोड़ी बना कर चोदने लगा अब काजल ज़ोर ज़ोर से अहह भर रही थी ” अह्ह्ह बाबू और अन्दर डालो अह्ह्ह हहहह हहहह ” मैंने आगे बाद कर उसके दोनों मुम्मो को पकड़ लिया और ज़ोर से चोदने लगा ” अह्ह्ह काजल तेरे मुम्मे अलग ही मज़ा देते है ” वो मेरा वज़न संभाल रही थी ” अहह बाबू बस अब आप ऊपर आ जाओ, मुझे हो जाएगा ” , मैं उसके ऊपर लेट गया और उसके होटों को चूमने लगा ” काजल बड़े दिनों बाद तुझे चोदने में इतना मज़ा आ रहा है अह्ह्ह्ह शायद मैं भी झाड़ जाऊंगा ” वो अब बस ख़तम थी ” अह्ह्ह हहहह हहहह बाबू आए माँ ससससस ” वो झड़ने लगी और मैं उसे ज़ोर से चोद रहा था, और मैं भी झड़ गया ” मैं उसपे से हट गया और कंडोम उतार कर फेक दिया और उसकी कच्छी से अपना लण्ड साफ़ किया ” काजल जल्दी कपड़े पहन ले और चलते है ” , रेखा बोल पड़ी ” और मेरा क्या? ” , मैंने कपड़े पहने और उसके पास गया ” तब मान जाती तो हो जाता, अब देर लग जाएगी ” , वो गरम हो चुकी थी, और उसने अपना टॉप और ब्रा उतार दिया ” साहिल ऐसे ना करो, बहुत मन हो रहा है ” , मैंने काजल को इशारा किया ” तुम दोनों को करते हुए देखूंगा तो जल्दी खड़ा हो जाएगा ” मेरे कहते ही काजल ने सलवार उतार दी और लेट गई ” आ रेखा थोड़ी देर तू कर फिर मैं तुझे करुँगी ” रेखा को समझ नहीं आया ” आपके साथ कैसे? ” काजल ने कच्छी उतार दी ” अरे पागल आकर चाट मुझे! ” रेखा बिदक गई ” छी ये न होगा मुझसे! ” मैंने समझाया ” रेखा करके तो देख फिर वो भी तो करेगी तुझे ” , रेखा ” साहिल मैंने ये कभी नहीं किया! ” मने उसे काजल के पैरों के बीच बिठा दिया ” हर चीज़ का पहली बार होता है, चल चाट इसे ” मैंने अपनी पैंट उतारी और काजल को अपने लण्ड थमा दिया, वो भी तैयार थी और चूसने लगी, रेखा को जैसा समझ आ रहा था वो वैसे काजल की चूत चाटने लगी, मैंने रेखा की नंगी पीठ सहलाई ” रेखा कैसा लग रहा है? ” , वो कुछ नहीं बोली, मेरा लण्ड खड़ा होने लगा था, मैंने काजल को रोक दिया ” चल अब तू इसके चाट और इस झाड़ दे ” काजल ने रेखा को लेता दिया और उसके पेअर फैला दिए, रेखा को समझ नहीं आ रहा था और जैसे ही काजल ने उसके चूत को फांको को फैला कर उसके छोले को छेड़ा, वो ज़ोर से अहह भर गई ” अह्ह्ह्ह सससस नहीं रहने दो, मुझे नहीं कराना! ” मैंने अपने लण्ड उसके मुँह के पास कर दिया ” रेखा चल जल्दी से खड़ा कर इसे ” लण्ड देखते ही उसका ध्यान हट गया और वो मेरा लण्ड चूसने लगी और मेरे गोलियों को सेहलाने लगी ” कुछ हे देर में मेरा लण्ड खड़ा होकर सलामी देने लगा. मैंने फटाफट कंडोम चढ़ाया, रेखा चिचियाने लगी ” नहीं साहिल ये मत लगाओ मुझे अच्छा नहीं लगता ” काजल उठ गई ” बाबू अब जल्दी करलो, देर हो रही है ” , वो कपड़े पहनने लगी और मैं रेखा के ऊपर लेट गया, और लण्ड उसकी चूत के द्वार पे लगाया ” रेखा थोड़ा टाइम लगेगा, रोक क्र रखियो अपने आप को ” , उसने मेरा लण्ड पकड़ लिया और छेद पे लगा दिया ” साहिल और देर मत करो डालो जल्दी ” , मैंने ज़ोर लगाया और लण्ड उसकी गीली चूत में घुस गया, उसकी अहह निकल गई ” अह्ह्ह साहिल लग रहा है, इसे उतार दो ” , मैंने और अंदर ठूस दिया ” रेखा कुछ हो गया तो क्या जवाब देगी? बर्दाश कर थोड़ा ” , मैं धीरे धीरे उसे छोड़ने लगा, उसे डॉटेड कंडोम से दर्द हो रहा था पर मैं उसे चोदता रहा, वो ज़ोर ज़ोर से आहे भरने लगी, काजल पास ही बैठी थी ” बाबू उतार दो, छिल गया तो दिक्कत हो जाएगी ” , मैंने लण्ड बाहर खींच लिया ” और ठहर गया तो? ” , काजल पास आई और उसने कॉन्डोम उतार दिया ” बाहर झाड़ देना, और आपको जल्दी भी हो जाएगा, नहीं तो आप लगे रहोगे ” , मैंने लण्ड उसकी गीली दरार में फेरा और उसके छेद पे सत्ता दिया और घुसा दिया, रेखा ज़ोर से सिसकी ” अह्ह्ह साहिल इसका अलग ही मज़ा है सससस ” मैं उसे चोदने लगा, अँधेरा हो रहा था और मैं उसे ज़ोर ज़ोर से चोदने रहा था, वो एक बार झड़ गई, और बस बस करने लगी, पर मैं बस उसकी चूत को नापे जा रहा था, इतने में काजल ने मेरी गोलियों को मसलना शुरू किया, बहुत मज़ा आ रहा था और रेखा दूसरी बार झड़ने के लिए तैयार हो रही थी, उसकी टाँगे हवा में थी और आँखे बंद कर वो चुद रही थी, मैं भी झड़ने के करीब था, और एका एक, रेखा का बदन अकड़ने लगा और वो ज़ोर से चिल्लाई ” आई मम्मी!! साहिल मुझे फिर से हो रहा है ” , मैंने उसके होंठ चूमे, और मैं भी ” अह्ह्ह हहह हहह ” , मैं अपने आप को रोक नहीं पाया और लण्ड पूरा उसकी चूत में वाड दिया और माल छोड़ दिया, हम दो तृप्त होकर पड़े रहे, काजल ने मुझे हिलाया ” बाबू जल्दी कपड़े पहनो चलते है, हमने कपडे पहने और घर की तरफ चल पड़े.

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