पहली बार रानी के साथ (यादें भाग-१)

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रानी किचन में काम कर रही थी, मैं उसके पास गया ” आंटी तुमसे कुछ काम है, काम ख़त्म करकर अंदर आ जाना ” , थोड़ी देर बाद वो कमरे के दरवाज़े पे आई ” हाँ सुहेल बताओ क्या काम था ” , मैंने उसे अंदर बुलाया ” आंटी बहुत सोच समझ कर तुमसे ये बात कर रहा हूँ ” वो थोड़ा सा घबराई ” हाँ हाँ बोलो क्या हुआ? ” मैं थोड़ा हिचकते हुए ” आंटी किसी से कहोगी तो नहीं ” , अब वो भी समझ चुकी थी ” तुम बोलोगे तभी पता चलेगा ” मैंने धीरे से पूछा ” क्या तुम मेरी मालिश करोगी? महीने के हज़ार रुपए दूंगा ” वो थोड़ा सोच कर बोली ” ठीक है पर ये बात किसी से नहीं कहना, मैं ये सब काम नहीं करती, वो तो मैं तुम्हे बचपन से जानती हूँ बस इस लिए हाँ कर रही हूँ ” , मैंने उसे हज़ार रुपए पकड़ा दिए ” आप तेल ले आओ मैं बिछोना बिछाता हूँ, मैंने कपड़े उतारे और वो तेल लेकर आई, उसने मुझे देखा ” हऐ साहिल, तुम तो कच्छे में आ गए, चलो लेट जाओ ” , मैं उलटा होकर लेट गया और जैसे ही उसने मेरी पीठ को छूआ, एक करंट सा दौड़ गया मेरे शरीर में, उसे भी महसूस हुआ ” क्या हुआ काम्पे क्यों? ” , मेरे मुँह से निकल गया ” आंटी पहले बार किसी औरत ने छूआ है, शायद इस लिए ” वो मेरी चौड़ी पीठ की मालिश करने लगी ” काफी अच्छा शरीर बन रखा है तुमने ” , पता नहीं क्या हुआ उसके छूने से मेरा लण्ड खड़ा होने लगा और मैं बेचैन होने लगा, वो मालिश करती रही और लण्ड कैड़ा होता जा रहा था, वो बोली ” चलो घूम जाओ ”

मेरा लण्ड पूरा खड़ा था ” नहीं बस आंटी रहना दो, आज के लिए बहुत है ” , पर शायद उसे भी मेरे सुडौल शरीर पे हाथ फेरने में अच्छा लग रहा था, वो नहीं मानी और मुझे पलट दिया, और कच्छे में मेरे खड़े लण्ड को देख ” हऐ सुहेल ये क्या है? ” , मुझे समझ नहीं आ रहा था, मैंने हाथों से उसे छुपा लिया ” आंटी तभी मना कर रहा था की बस करो ” पता नहीं कैसे हो गया ये सब, वो हलके से मुस्कुराई ” जिसे बचपन से देख रही हूँ वो अब बड़ा हो गया है, चलो सीद्दे लेट जाओ ” , वो मेरे सीने की मालिश करने लगी, वो लग रही थी, उसके काले घने बाल, प्यारा सा चेहरा, उभरे हुए होंठ, मेरी नज़र उसके मोटे मुम्मो पर पड़ी, मेरी मुँह से अहह निकल गई, और मेरा लण्ड तंत मार गया, उसके देख लिया और चुप चाप से अपने दुपट्टा ठीक किया, उसकी भी नज़र बार बार मेरे खड़े लण्ड पे जा रही थी ” सुहेल ज्यादा परेशानी हो रही है? ” मैं समझा नहीं ” क्या मतलब आंटी? ” , उसने मेरे लण्ड की तरफ इशारा किया ” ज्यादा परेशानी हो रही है तो बस करूँ? ” मुझे उसका छूना बहुत अच्छा लग रहा था ” नहीं नहीं आंटी अभी ठीक हो जाएगा, तुम करती रहो ” , वो मेरे जांघो में मालिश कर रही थी और मेरे मन में उसके लिए उत्तेजक ख्याल आने लगे, तभी वो बोल पड़ी ” साहिल क्या सोच रहे हो? ” , मैंने मौके का फ़ायदा उठा लिया ” आंटी तुम्हे कुछ नहीं हो रहा, मुझे तो अजीब सा लग रहा है ” , वो भी समझ रही थी पर पहल नहीं कर रही थी ” अच्छा अजीब लग रहा है या बुरा? ” , मैं उसकी तरफ देख मुस्कुराया ” अच्छा लगा रहा है, इसका ऐसा हाल आज तक नहीं हुआ ” , वो चुप थी, मैंने देखा उसकी नज़र मेरे तनाव पर ही थी, मैंने हिम्मत करके अपना अंडरवियर नीचे सरका दिया और मेरा तना हुआ लण्ड उछल के बाहर आ गया, उसकी नज़र में टमाटर जैसे सुपाडे पे पड़ी वो पीछे हट गई ” हऐ साहिल ये क्या कर रहे हो? अन्दर करो इसे ” मैंने उदरवेअर ऊपर कर लिया ” सॉरी आंटी पता नहीं, तुम्हारे छूने से मुझे क्या हो रहा है, अजीब अजीब ख्याल आ रहे है मन में, एक काम करो अब तुम जाओ ” , उसने मेरे सीने पे हाथ लगाया ” तुम बस लेट जाओ, हो जाता है कभी कभी ” , मैं समझ गया उसके मन में भी उत्तेजना हो रही थी और मैं चुप चाप लेट गया, मैंने उसके हाथ पे हाथ रख दिया ” आंटी एक बात कहूं? आज तुम मुझे बहुत सुन्दर दिख रही हो ” वो मुस्कुराई ” आज ऐसा क्या हो गया ” मैंने उसका हाथ अपने खड़े लण्ड पे रख दिया ” आंटी आज ये हो गया ” उसने झटके से अपना हाथ हटा लिया ” साहिल तुम मेरी आधी उम्र के हो, ये सही नहीं है ” , मैं उठ के बैठ गया ” आंटी मैं कुंवारा हूँ, मेरी ये इच्छा पूरी कर दो प्लीज ” , वो उठने लगी ” बस अब बहुत हो गया ” , मैंने उसका हाथ पकड़ कर बैठा लिया ” आंटी बात तो सुनो! ”

वो हाथ छुड़ाने लगी ” नहीं साहिल, ये नहीं हो सकता मैं शादी शुदा हूँ और तुम मेरी बेटी के उम्र के हो, किसी को पता चल गया तो बहुत बदनामी हो जाएगी ” , मैं उसके सामने बैठ गया ” आंटी किसी को पता नहीं चलेगा, ये बात इस घर के अन्दर ही रहेगी ” वो सोच में पड़ गई ” साहिल ये गलत है ” , मैंने अपने कांपते हुए हाथ उसके हाथो पे रख दिए ” आंटी चलो बस एक बार ” , उसने मेरी आँखों में देखा ” बस एक बार, फिर कभी नहीं! और किसी से कहोगे नहीं ” , मैंने उसके हाथ पकड़ लिए ” वादा आंटी ये बात सिर्फ तुम्हारे और मेरे बीच में रहेगी ” वो उठी ” चलो जाओ नहा कर आओ ” मैं जल्दी से नहा कर आया, वो मेरे बिस्तर पे बैठी हुई थी, मैं उसके पास गया और उसका दुपट्टा हटा दिया, उसके मुम्मो को हाथ लगाया ” आंटी कमीज तो उतारो ” वो सीधी बैठ गई ” साहिल सीधा नहीं, पहले औरत को थोड़ा प्यार करते है, उसे गरम करते है ” , मुझे क्या पता था ” आंटी क्या करूँ बताओ ” वो मुस्कुराई ” फिल्मो में लड़का लड़की पहले क्या करते है? ” , मैं समझ गया और jhuk के उसके उभरे हुए होटों पे एक किस कर दिया ” आंटी तुम्हारे होंठ बहुत रसीले है ” और मैं उसे चूमने लगा, धीरे धीरे उसके हाथ मेरे पीठ पे आ गए और वो भी मेरे होटों को चूमने लगी “ओह्ह्ह साहिल ये मैं क्या कर रही हूँ? ” , मैंने उसे कस के जकड लिया”जो कर रही हो मेरा भला कर रहे हो, मैंने आज तक ऐसा कुछ नहीं किया ” , वो सिसक रही थी ” ससससस साहिल कभी सोचा ना था, की तुम्हारे साथ हम बिस्तर होउंगी ” मैं उसकी छाती चूमने लगा और उसकी कमीज उठा कर उतार दी, उसने सफ़ेद रंग की ब्रा पहनी हुई थी, उसके मोटे मुम्मे देख कर मेरा दिमाग घूम गया, मैंने उसकी ब्रा खोलने की कोशिश की ” आंटी ये कैसे खुलता है? ” वो हंस पड़ी ” रुक जाओ मेरे नौसीखिए ” उसने ब्रा खोल दी और वो नज़ारा देख मैं दंग रह गया ” आंटी इतने बड़े मुम्मे मैंने पहली बार देखे है! ” , वो मेरे सामने खड़ी हो गई, और मेरा मुँह अपने मुम्मो पे लगा दिया ” साहिल चूसो इन्हे ” , मैं उसके निप्पल चूसने लगा, उसके मुम्मो को हाथ में पकड़ने का अलग ही मज़ा आ रहा था, मैं काफी देर उसके मुम्मो को पीता रहा और उसके निप्पल भी तन गए थे, मैंने उसे बिस्तर पे लेटा दिया और उसके गदराए बदन को चूमने लगा, मुझे कुछ नहीं पता था की क्या करना था, वो मेरे लण्ड को टटोल रही थी, मैंने अपनी शॉर्ट्स उतार दी और उसका हाथ मेरे लण्ड पे लगा, उसने हाथ हटा लिया, मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपने लण्ड पे रख दिया ” आंटी शर्माओ मत ” उसने हलके से मेरा लण्ड पकड़ लिया और मेरे सुपाड़ी को सहलाया ” साहिल तुम्हारा टोपा कितना मोटा है ” , मैंने उसकी सलवार का नाडा खोला और उसकी सलवार में हाथ डाल दिया, उसने मेरा हाथ पकड़ लिया ” साहिल मेरे आदमी के अलावा आज तक किसी हो हाथ नहीं लगाने दिया है मैंने ” , मैं उसके पेट को चूमने लगा ” ओह्ह्ह आंटी तुम कितनी सुन्दर हो ” , मैंने उसकी सलवार भी उतार दी, उसने लाल फूलों वाली पैंटी पहनी हुई थी, मैंने उसकी पैंटी भी उतार दी और उसे देख मदमस्त हो गया, उसकी काली घनी झांटे और उसकी मांसल जाँघे क्या नज़ारा था, मैंने उसकी झाटों में हाथ फेरा ” आंटी लगता है अंकल आजकल कुछ करते नहीं ” उसने हाथों से ढांक लिया, मैंने उसके पैर फैलाए और अपने मुँह उसकी चूत पे लगा दिया ” वो बोल पड़ी ” की साहिल वहां मुँह कौन लगाता है हटो ” , मैंने उसकी जांघो को चूमा ” आंटी जाओ धो कर आओ मैं तुम्हारी चाटना चाहता हूँ ” , वो मुझे अचम्बे से देखती रही ” साहिल तुम मेरी चाटोगे? ” , मैंने उसे उठा दिया ” हाँ, जल्दी जाओ और धो कर आओ ” , वो लौट कर आई और लेट गई ” साहिल इतने सालो में मेरे आदमी ने भी ऐसे नहीं किया मेरे साथ ” , मैंने उसे लेटा दिया ” आंटी आज मैं करूँगा ” मैं उसके टांगो के बीच लेट गया और उसकी दरार में अपनी जीब फेरी, वो कराह उठी ” हऐ माँ सससस, बस ीदार हे करते रहो ” मैं जीब से उसके छोले को सहलाने लगा वो तड़प उठी और मेरा मुँह अपनी चूत पे दबाने लगी ” अह्ह्ह साहिल ससससस धीरे धीरे करो ओह्ह्ह्ह माँ ” , मैंने पहली बार असलियत में चूत देखि थी और मैं बहुत उत्तेजित हो चुका था ” आंटी मुझे ऐसा लग रहा है की मेरा छूत जाएगा ” , उसने बड़े प्यार से मेरा चेहरा सहलाया ” पहली बार में हो जाता है, थोड़ा रुक जाओ ” मैं उसके बगल में लेट गया मेरा सुपाड़ा फूल के मोटा हो गया था और लण्ड झनझना रहा था, मैं उसके ऊपर चढ़ गया और उसके रसीले होटों को चूमा ” आंटी इसके आगे मुझे नहीं आता ” , उसने मेरा लण्ड अपनी छूत पे लगाया ” डालो अन्दर ” , मैं ज़ोर लगाया और मेरा मोटा सुपाड़ा उसकी गरम चिकनी चूत में जाने लगा, वो ज़ोर से करहाई ” अह्ह्ह साहिल तुम्हारा टोपा बहुत मोटा है, तकलीफ हो रही है ” और इतने में ज़हर ज़हर करके मैं उसके अन्दर ही झाड़ गया ” ओह्ह्ह्ह आती मैं झाड़ रहा हूँ आए हहहह ”

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साहिल बाहर निकालो अन्दर नहीं छोड़ना ससससस ” , मैं उसके बगल में लेट गया ” आंटी मुझसे रुका नहीं गया ” वो उठ के बैठ गई ” वो तो कोई बात नहीं, पर अन्दर नहीं छोड़ना ” , वो वाशरूम गई और थोड़ी देर में आई, और मेरे पास बैठ गई ” कैसा लग रहा है, कुँवारापन खो के? ” , मैंने उसका मुम्मा पकड़ लिया ” आंटी कुछ समझ नहीं आया ” , उसने मेरे टटो को मसलन शुरू किया ” कोई बात नहीं अब समझ आ जाएगा ” और तुरंत ही मेरा लण्ड खड़ा होने लगा और देखते ही देखते, खड़ा हो गया, वो मेरे साथ लेट गई ” अब जैसा बताती हूँ वैसा करो! ” , आओ ऊपर, उसने मेरा लण्ड अपनी चूत पे लगा दिया और मैंने अन्दर डाल दिया ” ओह्ह आंटी तुम्हारी चूत कितनी गरम है ” , उसने अपने पैर मेरी कमर पे रख दिए ” अब धीरे धीरे आगे पीछे करो ” मैं उसकी चूत मारने लगा, बहुत अच्छा लग रहा था, और जैसा वो बोलती रही वैसे उसे चोदने लगा, वो मदमस्त हो रही थी और मैं उसे चोद रहा था, उसने मेरा चेहरा पकड़ लिया और मेरे होंठ चूसने लगी ” अह्ह्ह ज़ोर से करो मैं झड़ने जा रही हूँ ” ये सुनते ही मैं और ज़ोर से उसे चोदने लगा, और कुछ ही पलों में वो ज़ोर से चिलाई ” हऐ माँ साहिल, कितने अर्सों बाद इतना अछ्हा लगा है मुझे अह्ह्ह्हह ” , मैं उसे देख झड़ने लगा और दो तीन ज़ोर के झटके मार उसकी चूत में अपना बीज गिरा दिया ” वो मुझसे लिपट के काफी देर लेटी रही ” साहिल अबसे ये सब नहीं होगा! ” , मैं भी उसके ऊपर से हट गया ” आंटी तुम्हारे साथ बहुत मज़ा आया ” , उसने कपड़े उठाए और त्यार हो कर चली गई..

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