दीपा – Dirty Sex Tales

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मैं विश्वनाथ धनबाद का रहने वाला हूं और काम के सिलसिले में मुझे अक्सर कोलकाता नहीतो जमशेदपुर जाना होता है। जमशेदपुर में मेरा बचपन का दोस्त अशोक अपने परिवार के साथ रहता है। उसका घर काफी बड़ा होने के साथ साथ अपनपन से भरा है। इसलिए वहां जाने में मुझे कभी कोई संकोच नहीं होता है।

पिछले सोमवार एक काम अचानक आ पड़ा सो मुझे जाना पड़ा। जाकर देखा तो अशोक भी नहीं था। ड्राइंग रूम में कुछ अन्य लोग बैठे थे। वो अशोक का प्रतीक्षा कर रहे थे। दीपा ने मुझे अन्दर बुला ले गई और बैठने को कहा। आइए दीपा से परिचय करवा देता हूं। दीपा अशोक की पत्नी है, जो चाईबासा की लड़की है। सावली है पर सुंदर है। मैंने उसे कभी उस नज़र से देखा भी नहीं।

एक मिनट बैठिए भैया बोलकर मुझे सोफे में बिठाया और अपने भीगे बालों को ड्रायर से सूखा रही थी फिर कंघी करने लगी। आज मै उसे देख रहा था, क्यों की उसकी पीठ मेरे तरफ था। ईश्वर ने उसे फुरसत में बनाया है इसमें कोई संदेह नहीं। 5′-6″ की लंबी कद में उसे बहुत सुन्दर लग रहा था। में चुपचाप उसे देख रहा था। उसके काली लंबी बाल, चौड़ी पीठ, बराबर चौड़ाई लिए गोलाकार कुल्हें, लंबी हाथ और बगल में छोटे छोटे बाल नज़र आ रहा था। आइना से हमारे आंखे मिल गया तो दोनों कैसे हड़बड़ा कर रह गए। फिर वो कुछ लाने के लिए चली गई, मै पीछे से उसे देखता है रहा गया।

उसने चाय ले आई और कुछ इधर उधर की बातें हम करने लगे। अशोक का कोई अफसर आने वाले हैं, और वो उनको लाने अंदाल एयरपोर्ट गया हुआ था और पहुंचने ही वाला है ऐसा जानकारी मिला। मै भी नास्ता कर निकालने का तैयारी करने लगा। इस बीच अशोक आ पहुंचा। बहुत व्यस्त होने से खास कुछ भी बात नहीं हो पाया और शाम को मिलते हैं कहकर अपने लोगों के साथ निकल गया।

दीपा मेरे बगल में सोफे पर बैठी थी और हम इधर उधर की बातें कर रहा था। दिनभर वो अकेली रह जाती है कहकर भावुक हो रही थी। मैं कैसे सांत्वना दूं सोच रहा था। और कर भी क्या सकता! उसके हथेलियों को अपने हाथों पर ले धीरे धीरे सहला रहा था। अब तो उसके धीरज के बांध जैसे टूटने लगा गए। उसकी आंखों से पानी का धार बहने लगा। मै उसके बाहों पर, सर पर हाथ फेरते चला गया, और वो मेरे नज़दीक आती गई। उसके रेशमी बाल मेरे हाथों पर था, उसके कांपते होठों को कैसे रोकुं समझ नहीं पा रहा था। दूसरी ओर निकालना भी है पर ऐसी स्थिति से निकाल भी नहीं पा रहा हूं। दीपा की सर अब मेरे छाती पर और मेरे हाथ कभी उसकी बाजुओं पर कभी कन्धों पर चलने लगा। अब दीपा मेरी ओर आंखे उठाई। लाल आंखे कांपती हुई होठों को देख मै केसा सुन्न पड़ गया। धीरे धीरे मेरे होठ उसके होठों पर उतर गया। वर्षों के प्यासा सा हम एक दूजे को चूमने लगे। अब दोनों के हाथ भी धीरे धीरे दोनों को सहलाने लगा। मैंने कहा बस करो दीपा…, सही नहीं है ये, हम बहक रहे हैं। वो बोली मैं कुछ नहीं जानती, मुझे आप ऐसे ना ठुकराओ! हम फिर एक दुसरे को प्यार करने लगे। दोनों ने दोनों को अपनाने का प्रयास करने लगे। दीपा का पल्लू नीचे गिर गया पर उसे इसका कोई ख्याल नहीं। ब्लाउज के ऊपर से एक गहरा खाई नजर आने लगा। अब भी मुझे संकोच सा होने लग रहा था, पर दीपा मेरे छाती, मेरे पीठ पास सहज ही हाथ फेर रही थी। काली साड़ी हरा ब्लाउज में दीपा आज एक अलग ही रूप में थी। मै अब उसके कपाल, आंख, कान, होठ, छाती में चूमने लगा, और दीपा भी अब मुझे जोर जोर चूम रही थी। उसने मेरा सर्ट का बटन खोल दी, तो मै भी उसकी ब्लाउज के हुक खोल दिया। काली ब्रा में खड़ी परी लग रही थी वो। देखना तो दूर उसे इस रूप में सोचा भी नहीं कभी। हम दोनों का सांसे गर्म हो रही थी। उसके नरम मुलयम पीठ का क्या कहना! खोल दिए ब्रा के हुक को और खुलते ही स्प्रिंग के जैसे दोनों मम्मे बाहर निकाल आया। एक अदा के साथ उसने ब्रा को निकाल फेंका। 36B साईज का गोल गोल संतरा आजाद होकर सामने आ गया। मैं उसके निप्पलों को धीरे धीरे चाटने लगा और हल्का हल्का सहलाने लगा। दीपा आंख बंद कर ली मै उसके सारे बदन को सहलाने लगा और वो मेरे सर को प्यार से सहलाने लगी। अब हम दोनों को अच्छा लगने लगा। दीपा मुझे बेडरूम ले आई। उसने मेरा बनियन, पैंट दोनों धीरे धीरे उतर दी। मैं फिर से उसे चूमना शुरू किया। साया का डोरी भी खोल दिया। साया धीरे से उसके गोरी थाई तक खिसक गया। दीपा का सादा पैंटी मेरे नज़र के सामने चमक रहा था। मै बोला, दीपा वाकेई में तुम बला की खूबसूरत हो। वो बोली,…. सच? मैं उसके शरीर के हर जगह जा सकता था। अचानक उसने मेरा चड्डी उतार दी। मेरा लौड़ा जंप मारकर तन गया। उसने सहलाते हुए बोली बाप रेे! इतना बड़ा सांप पल रखे हैं? उसने चमड़ी को आगे पीछे करके देख ली और चूमने लगी। इसके बाद उसने इसे चूसना शुरू कर दी। उफ़ क्या महसूस हो रहा था कि क्या बताऊं! मेरा लन्ड तो पुरा कड़क हो उठा था, जैसे जिन्दगी में कभी ना हुए था। में भी चार पांच जोरदार झटका मार उसके मुंह के अंदर ही धार छोड़ दिया।

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अब मैंने उसे प्यार से बिस्तर में चित लिटाया। मम्मों को चूस चाटकर नीचे आने लगा। गहरे नाभी के अंदर जिभ डालते ही उसके सारे शरीर कांप उठा। अब मैं चड्डी के ऊपर से ही उसके गर्म बुर में एक गहरा चुम्मा दिया। अब धीरे धीरे चड्डी को नीचे सरकाने लगा तो दीपा ने अपनी भारी गान्ड उठाकर पैन्टी को निकालने का मौका दिया। पुरा चिकनी मुलायम सुंदर सा दीपा के बुर सामने चमक रहा है। कभी सोचा भी नहीं था कि दीपा को ऐसा नंगा देखूंगा। उसके बुर पर एक हल्का सा चुम्मा दिया। फिर एक गहरा सा… अब उसके बुर के line पर चाटना शुरू कर दिया। दीपा को अच्छा लगा, उसने दरवाजा को हल्का सा खोल दी। अब मै आराम से बुर के अंदर तक चाट रहा था। दीपा अपना गान्ड उठा उठाकर अपनी मस्ती का जानकारी दे रही थीं। उसकी कलीट भी कमाल का सुंदर है, जीभ पड़ते ही कड़क हो गया। दीपा की निपल्स भी शख्त हो गया है और अब चिकनी बुर में भी पानी आने लगा। मुझे लगा अब दीपा चुदाने के लिए तैयार है। दीपा, डाल दूं? मैने पूछा। उसने कहा पिछे से डालो, मुझे doggy style फेवरेट है। पर मुझे चेहरा दिखाई नहीं देता। उसने कहा, ठीक है जैसे मर्ज़ी। अब मैंने अपना लन्ड के सुपाड़ा को बुर के ऊपर सेट किया तो पता चला जुगाड लगेगा। सो एक तकिया लगाया। अब दीपा दोनों पांव को खोल दी। एकबार लंबा सा चाटकर अपना लन्ड का सुपाड़ा को धीरे धीरे रगड़ने लगा। दीपा आंखे मूंद मजा ले रही थी। अब सेट करके अंदर डालने लगा तो पता चला कि ये अब भी टाईट है। अब लंद का सुपाड़ा को ठीक छेद के मुंह में सेट किया और हल्का सा दबाया तो पुच्च से अंदर घुस गया। दीपा हल्का सा आह की। फिर मै धीरे धीरे उसे अन्दर डालने लगा। गर्म टाइट मुलायम दीपा की बुर में मेरा लन्ड घुसते जा रहा था। धीरे धीरे मेरे लन्ड का जड़ तक चला गया। अब चोदना शुरु कर दिया। हर झटका बड़ा झटका दे रहा था। फत फथ का आवाज गूंजने लगा। दीपा भी नीचे से झटका दे रही थी। सचमुच बहुत मजा आ रहा था। अब दीपा मुझको रुकने के लिए बोली और ऊपर से मेरे ऊपर बैठ गई। फिर इतना जोरदार मर्द के जैसे मुझे चोदने लगी की मेरा चीख निकाल गया। क्या स्ट्रोक दे रही थी वो! ये होने के बाद फिर वो डोगरी पोज में आ गई। गोल सा चिकना गान्ड बहुत सुंदर है उसका। तो मैंने पीछे से मोर्चा संभाला और उसके बुर में लन्ड को डाल दिया। अब जो कितना ज़बरदस्त चुदाई दीपा की कर दिया, वो कल्पना भी नहीं की थी। हानफ रही थी। बहुत खुश थी अब वो। में भी तक गया था। दोनों ने दोनों का हाल देखकर हंस रहे थे। फिर बाथरूम चलकर उसने मेरा साफ की और माल निकाल दी। हम साफ हो लिए, और अपने अपने काम में बिजी हो गए। दुबारा हैं ये काम और कभी नहीं करने का कसम खाया।

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