पैतृक गांव में मस्ती : भाग-३

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फ्रेंड्स,
पिछले भाग के आगे….. मैं लकड़ी के बेड पर लेटी हुई थी तो मेरे ऊपर सवार हुए विनय चुदाई का मजा दे रहा था और मैं अपने चूतड़ को उपर नीचे करते हुए चुदाने में मस्त थी, मेरे कोमल नग्न जिस्म को एहसास तक नहीं था कि गद्दे की जगह लकड़ी के बेड पर ही मैं मजे ले रही हूं और फ़िर विनय धक्का देना छोड़ दिया, मैं भी उसे बदन पर से उठने को बोली, अब मैं गोदाम में बोरी की ढेर के सामने जाकर खड़ी हुई तो विनय मेरे चूतड़ के सामने खड़ा होकर मेरे बूब्स पकड़ दबाने लगा ” क्या डार्लिंग अब अपने चूत में बोरी घुसाओगी
( मैं बोरी पर हाथ रख घोड़ी बन गई ) अब तो ठीक है खड़े खड़े चोदो ना ” तो विनय मेरे जांघों को फैलाया फिर अपना लंड मेरी चूत में पीछे की ओर से घुसाने लगा, आधा लंड अंदर घुसा होगा की मैं खुद ही अपने चूतड़ को पीछे ठेल कर थोड़ा लंड हजम कर गई और वो तेजी से धक्का देकर मुझे चोदता हुआ चूची पकड़ दबाने लगा तो मैं खड़े खड़े चूतड़ को हिलाने लगी और दीपा की चुदाई अनाज के गोदाम में हो रही थी, पिछले ५-६ मिनट से विनय मेरी बुर को चोद रहा था तो मानो मै भाई और बहन के रिश्ते को भूल गई थी। दीपा अभी बोरों के ढेर पर हाथ रख घोड़ी बने चुदाई का लुफ्त उठा रही थी तो चूतड़ हिलाते हुए मैं विनय को तेजी से चोदने के लिए प्रेरित कर रही थी, मेरे बड़े बड़े बूब्स सीने से लटकते हुए आपस में टकराते या तो विनय मेरे बूब्स पकड़ दबा देता लेकिन मुझे तो लंड कि ही सिर्फ परख है की जहां स्मार्ट और गबरू जवान देखी बस उसे अपने जाल ने फांसकर मजे लेने लगी, २८ साल की उम्र में मुझे दर्जनों लौड़े का स्वाद मिला तो अभी चूतड़ हिलाते हुए मैं हांफने लगी और वही हाल विनय का था उसका लौड़ा मेरी बुर के रस को उड़ाकर आग की भट्टी बना चुका था, अब मैं सिसकने लगी ” उह ओह विनय माई लव जल्दी से बुर को ठंडा करो ना
( वो मेरे गरदन पकड़ मेरे जिस्म को ही आगे पीछे करता हुआ चोदने लगा ) बेबी रात के बारह बजे आऊंगा तो फिर दो घंटे तक तेरे साथ मजे लूंगा
( मैं चूतड़ को दुबारा हिलाने लगी ) वो तो ठीक हैं लेकिन मुझे कुछ हॉट ड्रिंक्स भी चाहिए
( वो बोला ) कल शाम को ले आऊंगा सेक्सी, ओह मेरा झडने पर है ” और उसने आठ दस धक्के मारकर बुर में वीर्य स्खलित कर दिया, कुछ पल खड़ा रहा फिर मैं उसके लंड बुर से निकलते ही सीधा खड़ी हुई ” यार यहां पानी भी नहीं हैं, सफाई केसे करूं ” वो झट से अपना कपड़ा पहना फिर मैं अपने ब्लाऊज़ पहनी तभी वो गोदाम से एक लोटा लिए बाहर गया, मैं नंगे थी कि वो कुछ देर में वापस पानी लेकर आया, अब गोदाम के कोने में जाकर पानी से चूत को धो ली फिर पेटीकोट और साड़ी पहन गोदाम से निकली, दोनों सरला चाची के यहां गए और १५-२० मिनट वहां बैठकर बात की फिर वापस घर।
देर रात ११:४५ बजे मेरे बन्द दरवाजे पर नॉक हुई तो मुझे हलकी नींद लग गई थी, रात के ०९:१५ बजे खाना खाकर मैं बिस्तर पर आईं थी तो बाबू भी सो गया और मुझे भी जल्द ही नींद आ गई, मैं नाईटी पहने नींद में थी लेकिन मुझे मालूम था कि विनय रात को मेरे रूम आएगा और फिर मेरी नींद खुली तो नॉक की आवाज सुनते ही जाकर दरवाजा खोल दी, लाल रंग की नाइट बल्ब जल रही थी और वहां विनय खड़ा था ” क्या दीपा मैं कब से दरवाजा खटखटा रहा हूं लेकिन तुम तो
( दरवाजा बन्द कर उससे लिपट गई ) शाम को तुम जो मजा दिए थे ना थोड़ी थकावट भी हुई थी फिर नींद आ गई, सॉरी यार ” तो मेरे गोल गद्देदार चूतड़ पर वो हाथ फेरने लगा और फिर दोनों एक दूसरे को खड़े खड़े ही चूमने लगे, वो मेरे गरदन को चूम चूमकर मुझे कामुक करने में लगा हुआ था और फिर उसने मेरे गरदन पकड़ चेहरा को सामने किया, अब दोनों एक दूसरे के ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन देने लगे तो आखिर में विनय ने मेरी गुलाबी लेकिन मोटी ओंठो को मुंह में लेकर चूसने लगा तो मुझे भी उसके छाती से बूब्स दबाने में मजा आने लगा लेकिन विनय जल्दी में था और वो मेरे ओंठ चूसकर मुंह से निकाला फिर मेरे नाईटी को उतारने लगा तो मैं भी विरोध नहीं की बल्कि उसके बनियान और पैजामा को खोलकर उसे नंगा कर दी, वसंत ऋतु के मौसम में शारीरिक संबंध बनाना काफी हॉट लगता है तो उसके नंगे लंड देख ही मेरे मुंह में पानी आ गया। दीपा अब बेड के किनारे पर नंगे बैठी तो विनय एक पैर बेड पर रख खड़ा हुआ और उसका अर्ध टाईट लंड पकड़ मैं हिलाना शुरू की तो वो तुंरत ही टाईट हो उठा, अब उसे पकड़ चूमने लगी तो वो मेरे बाल सहला रहा था और उसके लंड के सुपाड़ा को ज्योंहि अपने मुंह में लेकर चूसने लगी वो अपना सब्र खोकर मेरे बाल कसकर पकड़ा फिर मेरे मुंह में ही लंड पेलने लगा, मैं उसके लंड को मुंह में लिए चूसने लगी तो इसका आंनद ही मस्त होता है और मेरे मुंह में उसका लौड़ा पूरी तरह से टाईट हो गया तो सर का झटका देते हुए मुखमैथुन करने लगी लेकिन विनय काफी हॉट था, वो मेरे मुंह में ही लंड का धक्का देते हुए चोदने लगा तो दीपा भी उसका मजा लेने लगी लेकिन जल्द ही मेरे मुंह से लार टपकने लगा तो लंड मुंह से निकाल उसकी ओर देखी ” क्या इरादा है जनाब
( वो बोला ) चाट पहले लंड को फिर तेरी गांड़ चोदूंगा ” मैं लंड चाटने लगी और ये सुनकर मस्त थी कि मेरी गांड़ में उसका लौड़ा घुसकर चुदाई करेगा फिर मैं लंड को आराम से चाट ली फिर बेड पर नंगे ही लेटी और विनय मेरे बगल में लेटकर पहले तो एक बूब्स पकड़ अपने मुंह में लिए चूसने लगा साथ ही मेरे जांघो के बीच हाथ लगाकर बुर को सहलाने लगा तो मैं उसे स्तनपान कराते हुए बुर में उंगली घुस्वा ली….. to be continued.

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