ट्रेन में मेरे साथ सेक्स

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हैलो दोस्तों,
आज मैं आप सबों को एक ऐसी वाकया से वाकिफ कराने जा रही हूं जोकि कभी कभार ही संभव है तो मैं दीपा मल्होत्रा, उम्र २४ वर्ष तो लंबाई ५’६ इंच साथ ही गोरा बदन और शादी के तीन साल हुए होंगे कि बदन में निखार आने लगा, मेरी बूब्स की साईज बढ़ रही थी तो चूतड़ का उभार भी और मेरा पति नमन गान्ड चोदने का बहुत ही शौकीन इंसान तो मेरी टाईट और गद्देदार गान्ड का वो दीवाना मुझे सप्ताह में एक बार जरूर गान्ड चोदता था। मैं दिल्ली से कानपुर आ रही थी तो मेरे पति को छुट्टी की दिक्कत और भाई का एग्जाम चल रहा था साथ ही ये मेरा पहला अकेला यात्रा था तो मैं नई दिल्ली जंक्शन आकर कैफियत एक्सप्रेस में सवार हुई तो पति मुझे मेरे कोच में बिठाकर चले गए, टिकट मिलना मुश्किल था तो किसी तरह थर्ड ए सी में साइड बर्थ मिला और मैं अपने सीट पर चादर डालकर तकिया और कम्बल एक ओर रखकर अर्ध रूप से लेट गई और मेरा ड्रेस साड़ी पेटीकोट और ब्लाऊज़ था तो रात के ००:४५ बजे ट्रेन खुली और फिर टी टी ई टिकट चेक कर चले गए साथ ही मैं बर्थ पर लेटने से पहले अपने सीट के परदे को खींचकर लेटी फिर तन पर चादर ढके सोई हुई पति को याद कर रही थी तो कुछ पल बाद मुझे नींद आ गई और मैं गहरी नींद में सो गई तो सपने में मुझे मेरे पति की छुअन का एहसास होने लगा, मैं सपना देख रही थी और मेरे पति मेरे पैर के पास बैठे मेरे साड़ी के अंदर हाथ डाले पैर को सहला रहा था तो साओबे में भी दोनों ट्रेन की यात्रा में थे और उनका हाथ मेरी जांघों तक आकर जांघ सहलाने लगा तो मैं निर्भीक मन से लेटी रही भले ही ट्रेन हो लेकिन मैं अपने पति के साथ सेक्स का आनंद लेने जा रही थी और पर्दे में दोनों थे तो उनका उपर वाला बर्थ था फिर उनकी छुअन ने मुझे कामुक कर दिया और मैं उसके हाथ को उपर से ही पकड़ ली, उनका हाथ मेरी चूत को सहलाने लगा लेकिन मेरी पेंटी चूत को ढक रखी थी साथ ही उसका हाथ मेरे छाती पर से साड़ी का पल्लू हटाकर चूची को जोर जोर से मसलने लगा और इतने में मेरी नींद खुली तो देखी की सच में मेरे सीने से पल्लू गायब हैं तो एक हाथ मेरी जांघों पर फिसलते हुए चूत को सहला रहा है, लेकिन आंख खुलते ही मेरा दिमाग उड़ गया कि एक सह यात्री जोकि उपर के बर्थ पर लेटा हुआ था मेरे अंग के साथ खेल रहा था और मैं डर से चिल्लाती उससे पहले ही वो मेरे मुंह पर हाथ रख चुप करा दिया ” सॉरी मैडम, आपकी खूबसूरती देख अपने आपको रोक नहीं सका ” लेकिन साला मेरे चूची को अब भी दबाने में लगा हुआ था, उसका हाथ मेरी चूत को पेंटी पर से सहला रहा था तो मैं उसके हाथ पकड़ झटक दी और धीरे से बोली ” सॉरी बोल रहे हो और अब तक गलती कर रहे हो
( वो अपना हाथ मेरी चूची और चूत पर से हटा दिया ) तो चलूं उपर के बर्थ पर
( मैं उठकर बैठी और साड़ी के पल्लू को जगह पर की ) मैं इतनी गहरी नींद में थी कि पता ही नहीं चला कि कब आप मेरे पास बैठ गए, वैसे आपका नाम क्या है
( वो हंसता हुआ बोला ) मेरा नाम राज है, कानपुर में नौकरी करता हूं ” तो साला मुश्किल से २३-२४ साल का था और उसके सांवले रंग के सामने मेरा सेक्सी जिस्म जोकि साड़ी में और हॉट लग रहा था तो मैं उठकर वाशरूम चली गई फिर मूतने के बाद मुंह हाथ धोकर वापस आईं तो वो अब भी मेरे बर्थ पर ही बैठा हुआ था और मैं भी बर्थ पर बैठ गई तो उसके लंड का उभार ट्रैक पैंट में टाईट दिख रहा था और जिस कदर मेरे जिस्म में आग लगी हुई थी, जी कर रहा था कि अपने बदन पर से साड़ी, पेटीकोट और ब्लाउज सहित पेंटी उतार कर चुदवा लूं तो राज मुझे देख बोला ” ओके गुड नाईट आप आराम से सो जाइए
( मैं हाथ बढ़ाकर उसके कलाई को थाम ली ) नहीं, तन की आग बुझाकर ही अपने बर्थ पर जाना ” और वो खुशी से झूम उठा, फिर मेरे करीब होकर मेरे पीठ में हाथ डाले मेरे ओंठ पर जैसे ही अपना ओंह रखा मैं आंखें बंद कर ली फिर उसके चुम्बन के बाद आंखें खोल उसको चूमने लगी तो राज मुझे लिटाकर मेरे साड़ी को खोलने लगा तो मैं उसको रुकने को बोली फिर अपने बैग से नाईटी निकाल बर्थ पर रखी और ज्योंहि वो मेरे साड़ी को खोल मेरे पीठ पर हाथ फेरने लगा, मैं खुद ही पेटीकोट के नाड़े को खोल उसे जांघों से नीचे कर दी और वो मेरे सेक्सी जिस्म पर पेंटी और ब्रा छोड़ मुझे अर्धरूप से नंगा कर दिया तो अब मैं लेट गई, राज मेरे उपर सवार होकर मेरे रसीले ओंठ को मुंह में लिए चूसने लगा साथ ही एक बूब्स पकड़ दबाने लगा तो मेरी चूत में खुजली हो रही थी साथ ही मैं उसके पीठ को सहलाने लगी तो वो मेरी ओंठ चूस लाल कर दिया फिर मैं अपनी लम्बी सी जीभ मुंह से निकाली तो राज उसे मुंह में लिए चूसने लगा साथ ही मेरे एक स्तन को ब्रा पर से ही पकड़ दबाने लगा तो चूत की खुजली के कारण दोनों जांघों को आपस में रगड़ने लगी फिर वो मेरी जीभ निकाल मेरी ब्रा के हुक को खोलना चाहा तो मैं करवट होकर उसे ब्रा खोलने दी साथ ही वो अपना चेहरा मेरी बूब्स पर किए अपना चेहरा उस पर रगड़ने लगा तो मैं उसके बाल सहलाते हुए बोली ” अब प्लीज़ मुंह में लो ना ” , चलती ट्रेन में सेक्स का आनंद ही अलग होता है तो वो मुंह खोल मेरी चूची को अंदर लिया और साला जमकर चूसने लगा तो मेरी हाल जल बिन मछली की तरह होने लगी। दीपा चुदाई में उस्ताद थी तो हम उम्र राज चूची चूसता हुआ मस्त था और फिर दोनों अलग हुए…. to be continued.

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