शॉपिंग मॉल में अजनबी से मुलाकात

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डियर फ्रेंडस,
दीपा अपने जवानी की उफान पर थी तो २७-२८ साल की सेक्सी लड़की/औरत को कौन नहीं घूरता आखिर उसके गोल गुंबदाकार गांड़ तो बड़ी बड़ी बूब्स साथ ही उसका पहनावा और चलने कि अदा तो निश्चित रूप से शादी तक अनुशासन में जिंदगी कटी तो सादगी और पर्दे में रहते हुए मेरी जवानी दहलीज पर कदम रखी फिर शादी और मेरी मौज मस्ती तो पति से छुपकर इधर उधर मुंह मारने लगी तो एक सुबह मैं घर का सामान लेने के लिए अंबाला शहर गई तो मेरे पति ऑफिस के लिए निकले और मैं एक स्कर्ट टॉप्स पहने हाई हिल सैंडल लगाई फिर एक ऑटो रिक्शा लेकर कुछ खरीदारी करने के लिए निकल पड़ी तो इस शहर में अभी नई थी लेकिन ऑटो चालक ने मुझे एक शॉपिंग मॉल के बारे में बताया जिसकी जानकारी मुझे बगल के फ्लैट वाली ने दिया था, तो वक़्त तकरीबन ११:०० बजे होंगे जब मैं शॉपिंग मॉल पहुंची फिर ऑटो रिक्शा वाले का मोबाइल नंबर ले ली ताकि लौटते वक्त उससे ही फ्लैट तक जा सकूं फिर मैं हाथ में एक छोटा सा पर्स सहित उसके अंदर मोबाइल लिए मॉल में घुसी तो ये बिग बाजार का मॉल था फिर अंदर घुसी तो काफी कम लोग वहां थे फिर मैं एक ट्रॉली रिक्शा लिए फूड प्लाज़ा के अंदर सामान लेने गई। दीपा अभी कुछ सामान लिए शैंपू और साबुन के रैक की ओर गई तो वहां एक ३०-३१ साल का मर्द कुछ देख रहा था और मै एक नजर उसको देखी चूंकि उसके कसरती बदन के साथ लम्बा कद और स्मार्ट फिगर कोई भी लड़की या औरत को जरूर पल भर के लिए लुभाता तभी वो बोला ” हैलो मैडम, थोड़ा हेल्प चाहिए
( मैं संकोच करती हुई उसकी ओर बढ़ी ) जी बोलिए
( वो मुझे देख मुस्कुराया ) आप मुझे हेयर रिमूवल क्रीम लेने में मदद करेंगी
( मैं तो शर्मिंदगी महसूस करने लगी ) लेकिन आप अपनी मैडम के साथ भी तो यहां आ सकते थे
( वो मुझे देखते हुए ) सॉरी, आपकी मर्जी
( वो आगे जाने लगा तो दीपा ) हैलो मिस्टर आइए आपके लिए सामान ढूंढ़ देती हूं ” इस अजनबी के लिए हेयर रिमूवल क्रीम देखने लगी, पता नहीं कितना हिम्मत वाला मर्द है कि किसी अजनबी लड़की से ऐसे चीज खरीदने में मदद मांग रहा है जिससे उसकी बीबी अपने चूत की बाल साथ ही कांखों की बाल शेव करती तो एक क्रीम की ट्यूब उसे पकड़ा दी और संयोगवश वहां पर कोई नहीं था तो दोनों की नजरें इस क़दर टकरा गई मानो कुछ खास अभी होनेवाले था। मैं सकपकाई फिर अपने लिए सामान खरीदने लगी तो देखी की वो मर्द मेरे आसपास ही घूम रहा है, फिर सारा सामान खरीद बिलिंग काउंटर पर पहुंची और मॉल के अंदर से बाहर निकली तो देखी की वो मर्द वहीं पर खड़ा है ” हैलो, एक कॉफी साथ में पिएंगे
( मैं मुंह ऐंठते हुए ) आप तो बहुत ही चिपकू किस्म के है ” लेकिन उसके आकर्षक व्यक्तित्व ने मुझे रिझा दिया था, फिर उसकी बात में आकर मैं उसके कार में सारा सामान रखी फिर दोनों मॉल के एक कॉफी शॉप गए और वहां बैठकर बातें करने लगे ” जी मैं आलोक तोमर और आप
( मैं ) दीपा मल्होत्रा लेकिन शादीशुदा हूं मिस्टर
( वो मुस्कुराने लगा ) दोस्ती के लिए क्या शादी और क्या बेचलर, मैं भी शादीशुदा हूं ” फिर दोनों कॉफी पीने लगे तो दोपहर का वक़्त था और दोनों एक दूसरे की ओर आकर्षित हो चुके थे तो कार में उसके बगल में बैठी और फिर वो कार स्टार्ट किया, अब मेरे दिल की धड़कन तेज होने लगी लेकिन आलोक कार को अंबाला छावनी की ओर ही ले जा रहा था जबकि मुझे लगा कि ये रास्ता में जरूर मेरे साथ छेड़ छाड़ करेगा फिर फ्लैट के बाहर कार को वो लगाया तो मेरे सामान को अंदर तक पहुंचाने के लिए वो कार से उतरा फिर मेरे साथ फ्लैट के लॉबी में आया तो मैं दरवाजा का लॉक खोलने लगी और वो ” तो क्या मैं चलूं
( मैं दरवाजा खोल दी ) पहली बार आए हैं कम से कम नाश्ता तो करके जाइए ” तो वो अंदर आया फिर मैं दरवाजा बंद की और सामान को किचन तक आलोक पहुंचा दिया, तभी मेरी नज़र उससे टकरा गई फिर क्या था, मैं बेशरम और बेहया की तरह उससे किचन में ही लिपट गई और वो मेरे पीठ सहलाते हुए बोला ” बेबी, आपकी रजामंदी कहीं आपके लिए खतरा नहीं बन जाए ” मैं बिना कुछ बोले ही उसके गर्दन में हाथ डाले ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन देने लगी तो दोनों की मुलाकात अब काम वासना की ओर बढ़ने लगी। आलोक मेरे रसीले ओंठ मुंह में लिए चूसने लगा तो उसके हाथ का एहसास अपने गद्देदार गान्ड पर पा रही थी और वहीं खड़े खड़े मेरी दोनों नग्न टांगें उसके पैर से लिपट गई तो दीपा खुद से ओंठ निकालकर अपनी जीभ ही आलोक के मुंह में डाल कर उसे चुस्वाने लगी और उसका हाथ मेरी स्कर्ट को ऊपर की ओर करते हुए गद्देदार चूतड़ को सहलाने लगा, एक अनजाने मर्द के साथ सेक्स का आनंद ही अलग होता है तो वो मेरी चूतड के उपरी हिस्से में हाथ लगाए इलास्टिक लॉक पेंटी को नीचे की ओर खडकाने लगा तो मुझे क्या एतराज, फिर उसने मेरी चूत को नंगा कर उससे सहलाने लगा तो दोनों की कामुकता इस क़दर बढ़ चुकी थी कि दोनों किचन से बाहर आए और फिर डायनिंग हॉल में उसको सोफ़ा पर बिठाकर मैं अपने रूम गई। दीपा चुदक्क़ड किस्म की लड़की थी तो वो अपना स्कर्ट और टॉप्स उतार ब्रा को भी खोल फेंकी फिर एक सेक्सी लड़की की तरह नंगे ही डायनिंग हॉल में घुसी तो आलोक मुझे देख उत्सुकता के मारे मेरी ओर बढ़ने लगा लेकिन मैं काम की पुजारन उसे हॉल के बीचोबीच रोक उसके कपड़े खोंलने लगी और वो पल भर बाद नग्न अवस्था में मेरे सामने था, गोरा रंग तो लम्बी और मोटी लंड मेरे आंखों को लुभा रही थी और मैं झट से उसके कमर में हाथ डाले सोफ़ा तक आईं फिर वो मुझे सोफ़ा पर बिठाकर मेरे बूब्स को पकड़ दबाने लगा तो मैंने उसके लंड को पकड़ सहलाना शुरु कर दिया।, फिर क्या हुआ……. आगे पढ़िए।

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