छोटी मौसी स्नेहा की गान्ड चोदी

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हेलो दोस्तो,

मै राहुल मल्होत्रा आपलोगो को एक सच्ची घटना से अवगत कराने जा रहा हूं, मेरी छोटी मौसी स्नेहा कानपुर आई हुई है और हम् दोनों के बीच कई दफे जिस्मानी रिश्ते बन चुके है, शायद इसलिए मौसी मेरे से घुलमिल गई है।स्नेहा की उम्र २७_२८ साल होगी जबकि लंबाई ५’५ फीट के आसपास, गोरा रंग, सुंदर मुखड़ा, सीने से लगे दो चुचक तो पेट थोड़ा मांस्ल, जांघ मोटी_२ तो नितम्ब गोल गुंबदाकार और बुर का क्या कहना, देखते ही मुंह मै लार आ जाएगी।आज रात मौसी मेरे कमरे में आने वाली थी तो मै अपने कमरे में खाना खाकर आराम कर रहा था, वो मेरे मम्मी पापा के सोने के बाद ही आती, कमरे में मौसी के लिए एक तेल की शीशी रखा था और मख्खन का टुकड़ा भी साथ लाया था।

मेरे रूम का दरवाजा सटा हुआ था और लाल रंग के नाइट बल्ब में कमरे कि चमक देखने लायक थी, मै करवट लिए लेटा था कि दरवाजा खुलने की आवाज आई और मै पीछे मुड़ा तो मौसी काले रंग के गाऊन में सेक्सी दिख रही थी, तभी वो दरवाजा बंद करके बेड पर आईं और मै उनको अपने गोद में बिठाकर चूमने लगा जबकि मौसी मेरे गले में बाहें डाले अपने भारी भरकम चुतर को मेरे जांघ पर रखी थी, तभी मै उसके ओंठ को चूसने लगा तो वो अपने स्तन को मेरे छाती से रगड़ रही थी, फिर मै उनके जीभ को मुंह में लेकर चूसने लगा तो वो मेरे पीठ को सहलाने लगी, कुछ देर बाद मै जीभ छोड़ा और फिर स्नेहा को बिस्तर पर सुला दिया।उसके डीप गले के गाऊन से स्तन का ऊपरी हिस्सा दिख रहा था, मै गोलाई को मसलता हुआ उसके गाऊन को कमर तक उठा दिया और धीरे_२ गाऊन को गले से बाहर करके उसको अर्ध रूप से नग्न कर दिया, अब मै झुककर स्नेहा के चूची को दबाने लगा तो वो खुद अपने से ब्रा को खोलकर चूची नंगा कर दी।मै मौसी के स्तन को मुंह में भरकर चुभलाता हुआ दूसरा स्तन मसलने लगा, वो तड़प रही थी, अपने दोनो पैर को आपस में रगड़ रही थी और मै उसके दोनों स्तन को चूसता हुआ लाल कर दिया, अब मौसी के नग्न पेट से कमर तक चुंबन देता हुआ उसके मोटे जांघ को सहलाने लगा और फिर मौसी के पेंटी को खोलकर बुर को सहलाने लगा।स्नेहा के दोनों जांघ को पकड़े चुतर को हवा में कर रखा था और बुर पर चुंबन देने लगा तो वो खुद बुर को फालका दी और मेरा जीभ स्नेहा की बुर को चाटने लगा, लपालप कुत्ते की तरह बुर चाटता हुआ मस्त था तो वो “आह ओह उम राहुल अब बुर चोदो ना

(राहुल) आज तेरी गान्ड मारूंगा मौसी ।” अब स्नेहा को पट लिटा दिया और पीठ से लेकर कमर तक को चूमने लगा, उसके नग्न चिकने पीठ पर चुंबन देता हुआ अब मै गान्ड की और आया और तेल की शीशी….. मख्खन की टिकिया लेकर पास मै बैठा।

मौसी के चुतर के दोनों फांक खरबूजे की तरह थे तो मै गान्ड पर तेल चुवाकर मालिश करने लगा और गान्ड के दरार पर टिकिया रगड़ा, फिर झुककर जीभ से चाटने लगा ।उसके गान्ड के मुहाने पर मख्खन लगाकर जीभ से कुत्ते कि तरह चाटने लगा और स्नेहा….. “आह ओह ऊउम्म राहुल कितनी गुदगुदी गान्ड में हो रही है

(राहुल) कोई बात नहीं स्नेहा अभी सब ठीक करता हूं ।” अब गान्ड के मुहाने को चाटकर उसे कुतिया की तरह ही कर दिया और लंड को गान्ड के मुहाने पर रखकर धीरे से अन्दर की ओर पेल दिया, सुपाड़ा सहित आधा लंड गान्ड में घुसते ही आगे का रास्ता तंग लगा तो मै लंड को थोड़ा बाहर किया और फिर जोर का झटका गान्ड में दे दिया, मेरा ३/४ लंड गान्ड के अंदर था और वो चिहुंक उठी…. “उई मां मेरी गान्ड फ़ाड़ देगा क्या रे आराम से पेलो ना

(राहुल) आप इतने साल से गान्ड का क्या आरती उतरवा रही थी. ” और ये कहकर मै एक और जोर का धक्का गान्ड में दे दिया, पूरा का पूरा लंड गान्ड के अंदर था और मेरा लन्ड गान्ड के अंदर फंसा हुआ लग रहा था, मै अब धीरे से लंड गान्ड में पेलने लगा और वो सिसक रही थी….. “अबे साले मेरी गान्ड फट रही है, आराम से पेल ना. “स्नेहा की मानस्ल गान्ड में मेरा लन्ड अन्दर बाहर हो रहा था तो वो अब अपने चूतड़ को आगे पीछे करने लगी और मै जल्द ही लंड को बाहर निकाला ।

मेरे लंड का हाल बुरा था, टाईट गान्ड में लंड रुक रुककर ५-७ मिनट तक दौड़ लगाया था, तो मै अपने लंड पर तेल की मालिश करने लगा और स्नेहा मेरे सामने पट लेट गई।मै मौसी की गान्ड के दरार से लेकर मुहाने तक तेल चुवाने लगा, फिर उंगली से मालिश करता हुआ गान्ड के छेद में उंगली पेल दिया, अब स्नेहा की गान्ड में तेल पिलाने लगा ।अब स्नेहा के पिछले भाग घुटने के बल था तो मै सुपाड़ा पर मख्खन रगड़ा और गान्ड में लंड घुसाने लगा।स्नेहा की गान्ड में आधा लंड घुस चुका था तो मै उसके कमर को पकड़कर जोर का एक झटका मारा और वो “ओह आह राहुल जरा धीरे से. ” लेकिन मै दुबारा एक जोर का झटका गान्ड मै दे दिया तो मेरा लंड खरंजे कि भांति गान्ड के छिद्र को चीरता हुआ अंदर तक चला गया।मौसी की गान्ड को तेल पिलाया था और अंदर की चिकनाहट की वजह से मेरा लंड गान्ड मै तेजी से दौड़ लगा रहा था जबकि मेरा हाथ उसके सीने से लटकते चूचिं को मसलने लगा तो स्नेहा अपने चूतड़ को हिलाने लगी, कुछ देर बाद मेरा लंड पूरी तरह से गरम हो गया और मै चिंख़ पड़ा…… “ले बे साली रण्डी अपने गान्ड की आग बुझा. ” और लंड से वीर्य स्खलित होकर गान्ड को गीला कर दिया, कुछ देर मौसी मेरे पास आराम करती रही फिर वो अपने कमरे चली गई।

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